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IDPA द्वारा MIFF 2026 में ओपन फोरम: “क्या AI रचनात्मकता का भविष्य है?” पर गहन चर्चा

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भारतीय डॉक्यूमेंट्री प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IDPA) ने 19वें मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (MIFF) के दौरान “क्या AI रचनात्मकता का भविष्य है?” विषय पर एक ओपन फोरम का आयोजन किया। इस सत्र में फिल्म निर्माण और कंटेंट क्रिएशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका, अवसरों, चुनौतियों और प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई।

इस चर्चा में सनाथ पी.सी. (Firefly Creative Studio Pvt. Ltd के सह-संस्थापक), उज्ज्वल निर्गुडकर (SMPTE अध्यक्ष), अधिवक्ता हेतल देसाई सोलिया और फिल्म निर्माता सुबोध मेनन (Fanboy Pictures) शामिल रहे।

AI बन रहा है फिल्म निर्माण का नया उपकरण

सत्र में वक्ताओं ने माना कि AI तेजी से क्रिएटिव इकोसिस्टम में अपनी जगह बना रहा है। यह कहानी कहने, प्रोडक्शन प्रक्रिया और तकनीकी सुधारों को प्रभावित कर रहा है, लेकिन मानव रचनात्मकता और भावनात्मक समझ अभी भी केंद्र में बनी हुई है।

फिल्म तकनीक में AI की भूमिका

उज्ज्वल निर्गुडकर ने कहा कि AI फिल्म निर्माण के विकास का अगला चरण है। उन्होंने बताया कि पोस्ट-प्रोडक्शन जैसे साउंड एन्हांसमेंट, कलर करेक्शन, विजुअल सुधार और फिल्म रिस्टोरेशन में AI का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है।

कहानी कहने में मानव तत्व जरूरी

फिल्म निर्माता सुबोध मेनन ने कहा कि AI कंटेंट जेनरेट कर सकता है, लेकिन कहानी की आत्मा हमेशा मानव अनुभव और भावनाओं से जुड़ी होती है। उन्होंने इसे विचार निर्माण और विश्लेषण का सहायक उपकरण बताया।

AI एक सहायक तकनीक

सनाथ पी.सी. ने कहा कि AI इमेज क्वालिटी, साउंड और ऑडियंस एक्सपीरियंस को बेहतर बना सकता है, लेकिन इसे पूरी तरह निर्भरता के बजाय एक सपोर्ट टूल के रूप में इस्तेमाल करना चाहिए।

कानूनी और कॉपीराइट पहलू

अधिवक्ता हेतल देसाई सोलिया ने AI-जनरेटेड कंटेंट में लाइसेंस डेटा और मानव भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कॉपीराइट अधिकार मानव रचनाकारों के पास ही रहते हैं।

निष्कर्ष

सभी वक्ताओं ने सहमति जताई कि AI एक शक्तिशाली तकनीक है, जो रचनात्मकता को बढ़ावा देती है, लेकिन कहानी कहने का मूल आधार मानव कल्पना, भावना और कला ही रहेगा।

सत्र के बाद दर्शकों के साथ संवाद भी हुआ, जिसमें AI अपनाने, नैतिक मुद्दों, कॉपीराइट और रचनात्मक पेशों के भविष्य पर चर्चा की गई।

भारत का AVGC-XR सेक्टर: वैश्विक क्रिएटिव इकोनॉमी में नया मुकाम

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प्रमुख बिंदु (Key Takeaways)

  • भारत का मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर एक उभरता हुआ उद्योग है, जो डिजिटल नवाचार और क्रिएटिव-टेक विकास से संचालित होकर 2030 तक USD 100 बिलियन पार करने का अनुमान है।

  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज (IICT) वैश्विक साझेदारी जैसे Netflix, Google, Microsoft, NVIDIA आदि के माध्यम से रचनात्मक शिक्षा को नया आकार दे रहा है, और विश्व-स्तरीय टैलेंट इकोसिस्टम तैयार कर रहा है।

  • भारतीय VFX और एनीमेशन स्टूडियो अब वैश्विक सिनेमा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, जैसे Avatar, Thor: The Dark World, Game of Thrones।

भारत की क्रिएटिव इकॉनमी का उत्कर्ष

भारत का मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर देश के सबसे तेजी से बढ़ते उद्योगों में से एक बन गया है। यह डिजिटल नवाचार, युवा-प्रेरित मांग, और क्रिएटिव उद्यमिता में वृद्धि से संचालित है। सरकार ने इसे सेवा अर्थव्यवस्था के उच्च संभावित क्षेत्रों में मान्यता दी है।

  • यह सेक्टर लगभग 7% वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ रहा है और 2027 तक लगभग ₹3,067 अरब तक पहुँचने का अनुमान है।

  • राष्ट्रीय दृष्टिकोण इसे 2030 तक USD 100 बिलियन तक बढ़ाने की योजना रखता है, जिससे भारत एक कंटेंट उपभोक्ता से वैश्विक क्रिएटर और आईपी निर्यातक में बदल सके।

मुख्य स्तंभ:

  1. एनिमेशन, VFX, गेमिंग, और एक्सटेंडेड रियलिटी (XR) में घरेलू क्षमता को मजबूत करना।

  2. प्रशिक्षण, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और नवाचार-चालित संस्थानों में निवेश।

  3. क्षेत्रीय और भाषाई सीमाओं के पार समान भागीदारी सुनिश्चित करना।

आर्थिक योगदान

  • मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर ने वैल्यू एडिशन और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

  • भारत में एनिमेशन और VFX सेवाओं में 40-60% लागत लाभ है, जो बड़ी संख्या में कुशल श्रमिकों द्वारा समर्थित है।

  • लगभग 25% भारतीय OTT सामग्री का व्यूअरशिप विदेशों से आता है, जो भारत की वैश्विक सांस्कृतिक और वाणिज्यिक उपस्थिति को दर्शाता है।

AVGC-XR क्रांति

AVGC-XR सेक्टर (Animation, Visual Effects, Gaming, Comics और Extended Reality) में तकनीक, कहानी और नवाचार का संगम भारत की मीडिया और एंटरटेनमेंट वृद्धि के अगले अध्याय को परिभाषित कर रहा है।

संस्थागत ढांचा और IICT

  • AVGC-XR सेक्टर को राष्ट्रीय विकास का प्रमुख चालक मानते हुए 2022 में AVGC प्रोमोशन टास्क फोर्स का गठन किया गया।

  • टास्क फोर्स ने राष्ट्रीय AVGC-XR मिशन की स्थापना की सिफारिश की और भारत को डिजिटल कंटेंट क्रिएशन के लिए वैश्विक केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा।

  • इस सेक्टर में अगले दस वर्षों में लगभग 20 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है।

IICT की प्रमुख उपलब्धियाँ:

  • मई 2025: IICT को सेक्शन 8 कंपनी के रूप में औपचारिक रूप दिया गया।

  • मई 2025: Google, YouTube, Meta, Adobe, Microsoft, NVIDIA, Wacom, और JioStar के साथ साझेदारी।

  • जुलाई 2025: प्रथम शैक्षणिक सत्र के लिए प्रवेश शुरू।

  • जुलाई 18, 2025: मुंबई के NFDC कॉम्प्लेक्स में पहला IICT कैंपस उद्घाटित।

  • अगस्त 30, 2025: WaveX Media-Tech स्टार्टअप इनक्यूबेटर लॉन्च।

  • अक्टूबर 7, 2025: FICCI और Netflix के साथ MoU, ग्लोबल कंटेंट विशेषज्ञता को शिक्षा प्रणाली में जोड़ने हेतु।

राष्ट्रीय AVGC-XR सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (NCoE):

  • 2024 में सरकार द्वारा मंजूरी।

  • प्रशिक्षण, शोध, और उद्योग सहयोग के लिए apex बॉडी।

राज्य-स्तरीय पहल

  • कर्नाटक AVGC-XR नीति 2024–2029: स्किलिंग, इनक्यूबेशन, वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर केंद्रित।

  • महाराष्ट्र AVGC-XR नीति 2025: ₹3,268 करोड़ बजट के साथ, लंबी अवधि का रोडमैप 2050 तक।

नीति सुधार और बुनियादी ढांचा

  1. Cinematograph (Amendment) Act, 2023: डिजिटल पायरेसी रोकने के लिए सख्त प्रावधान।

  2. National Broadcasting Policy: आधुनिक, समावेशी और विकासोन्मुख ढांचा।

  3. India Cine Hub: फिल्म निर्माण प्रक्रिया में एकल-खिड़की सुविधा।

WAVES – ग्लोबल प्लेटफ़ॉर्म

  • World Audio Visual and Entertainment Summit (WAVES) 1–4 मई 2025, मुंबई।

  • PM द्वारा उद्घाटन।

  • WAVES Declaration on Global Media Cooperation अपनाई गई।

  • ₹1,328 करोड़ का बिज़नेस पाइपलाइन और ₹50 करोड़ का निवेश पूल स्टार्टअप्स के लिए।

उपलब्धियाँ और प्रभाव

  • भारतीय VFX और एनीमेशन स्टूडियो Avatar, Thor, Game of Thrones, RRR जैसे वैश्विक प्रोजेक्ट्स में शामिल।

  • गेमिंग इंडस्ट्री: BGMI, FAU-G।

  • कॉमिक्स और लोककथाएँ डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर।

  • स्टार्टअप्स और नए IPs के माध्यम से स्वदेशी नवाचार बढ़ा।

अकादमिक–इंडस्ट्री इंटीग्रेशन

  • AVGC हब और IICT ने लंबे समय तक शिक्षा–उद्योग सहयोग को संभव बनाया।

  • WaveX Media-Tech स्टार्टअप एक्सेलेरेटर और T-Hub, हैदराबाद ने नवाचार हब स्थापित किया।

भारत की AVGC-XR सेक्टर के लिए रोडमैप

  1. एनिमेशन और VFX: Centres of Excellence और वित्तीय प्रोत्साहन।

  2. गेमिंग और eSports: संरचित इकोसिस्टम, स्टार्टअप्स और निवेश।

  3. XR और उभरती तकनीकें: शिक्षा, पर्यटन, रक्षा और स्वास्थ्य में अनुप्रयोग।

  4. कॉमिक्स और डिजिटल IPs: भारतीय कथाओं का डिजिटलीकरण और ट्रांसमीडिया फ्रेंचाइजी।

  5. रणनीतिक प्राथमिकताएँ: शिक्षा में AVGC-XR को एकीकृत करना, IP सुरक्षा, ग्लोबल मार्केट तक पहुँच।

इस पूरे ढांचे का उद्देश्य भारत को वैश्विक AVGC-XR पावरहाउस के रूप में स्थापित करना है, जो प्रतिभा, तकनीक और रचनात्मक उद्यमिता द्वारा संचालित हो।


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