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भारत में पर्यटन में अभूतपूर्व वृद्धि: 11 वर्षों में अवसंरचना और कनेक्टिविटी ने दी नई दिशा

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केंद्रीय पर्यटन मंत्री, गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज कहा कि स्वतंत्रता के बाद के दशकों में भारत में सड़क और रेल अवसंरचना में क्रमिक विकास देखने को मिला, लेकिन पिछले 11 वर्षों में सड़क परिवहन, रेलवे और जलमार्गों में क्रांतिकारी परिवर्तन हुआ है। इस विशाल उन्नति ने न केवल राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को सशक्त किया है, बल्कि पर्यटन क्षेत्र में अभूतपूर्व वृद्धि भी सुनिश्चित की है।

गजेंद्र सिंह शेखावत ने नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि भारत का पर्यटन क्षेत्र पिछले दशक में ऐतिहासिक विस्तार का अनुभव कर रहा है। यह वृद्धि लक्षित नीति हस्तक्षेप, व्यापक अवसंरचना निर्माण और निरंतर वैश्विक ब्रांडिंग प्रयासों के माध्यम से संभव हुई है। इन उपलब्धियों ने भारत को अंतरराष्ट्रीय और घरेलू यात्रियों दोनों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित किया है।

पर्यटकों की संख्या में तेज़ी

  • 2014–2024 के दौरान भारत ने 161.16 मिलियन अंतरराष्ट्रीय पर्यटक आगमन (ITAs) दर्ज किए।

  • विदेशी पर्यटक आगमन (FTAs) 2014–2024 के दौरान 86.22 मिलियन तक बढ़ा, जो 2004–2013 में 52.99 मिलियन था।

  • विदेशी मुद्रा आय (FEEs) 2014–2024 में ₹18.85 लाख करोड़ रही, जो 2004–2013 में ₹6.01 लाख करोड़ थी।

  • घरेलू पर्यटक यात्राएँ (DTVs) 2014–2024 में 18,639.35 मिलियन हुईं, जबकि 2004–2013 में यह 6,779.10 मिलियन थी।

पर्यटन अवसंरचना का विशाल विस्तार

स्वदेश दर्शन योजना (2015 onwards)

  • 76 परियोजनाएँ स्वीकृत, ₹5,290.33 करोड़ का बजट; 75 परियोजनाएँ पूर्ण।

स्वदेश दर्शन 2.0 – सतत एवं गंतव्य-केंद्रित पर्यटन

  • 53 परियोजनाएँ स्वीकृत, ₹2,208.27 करोड़ का बजट।

चैलेंज-बेस्ड डेस्टिनेशन डेवलपमेंट (CBDD)

  • 36 परियोजनाएँ स्वीकृत, ₹648.11 करोड़ का बजट, जिनमें शामिल हैं:

    • आध्यात्मिक पर्यटन

    • संस्कृति और धरोहर

    • जीवंत गांव कार्यक्रम

    • इकोटूरिज्म और अमृत धरोहर स्थल

प्रतीकात्मक पर्यटन केंद्रों का विकास (SASCI – 2024–25)

  • 40 परियोजनाएँ 23 राज्यों में स्वीकृत, ₹3,295.76 करोड़ के 50-वर्षीय ब्याज-मुक्त ऋण के तहत।

केंद्रीय एजेंसियों को सहायता

  • 57 परियोजनाएँ स्वीकृत, ₹845.51 करोड़ का बजट (ASI, पोर्ट ट्रस्ट, ITDC, रेलवे आदि के लिए)।

  • 34 परियोजनाएँ पूरी, 9 परियोजनाएँ बंद।

कनेक्टिविटी में सुधार: राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क का विस्तार

  • भारत के राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क का विस्तार 2014 से 60% हुआ, 91,287 किमी से बढ़कर 1,46,195 किमी।

  • तुलना के लिए, 2004 में राष्ट्रीय राजमार्ग 65,569 किमी था।
    (स्रोत: सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, वार्षिक रिपोर्ट 2024–25)

भारत की समेकित दृष्टि – अवसंरचना विकास, सतत पर्यटन और बेहतर कनेक्टिविटी – ने बड़े सामाजिक-आर्थिक लाभ सुनिश्चित किए हैं, स्थानीय आजीविका सशक्त हुई है और भारत को एक वैश्विक पर्यटन महाशक्ति के रूप में स्थापित किया है। पिछले दशक की ये उपलब्धियाँ सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं, जो पर्यटन को राष्ट्रीय विकास का महत्वपूर्ण चालक बना रही है।


भरतपुर में नई ग्रामीण बस सेवा शुरू

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मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा से ग्रामीणों में खुशी की लहर

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की जनहितकारी सोच एवं मंशानुरूप परिवहन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के भरतपुर ब्लॉक में ग्रामीण बस सेवा के तहत नई बसों का शुभारंभ किया गया। 

ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था उपलब्ध है कराना

उल्लेखनीय है कि परिवहन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर, सुगम और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराने का लक्ष्य लगातार साकार हो रहा है। उनकी प्राथमिकता हमेशा से अंतिम व्यक्ति तक शासकीय सुविधाएं पहुँचाना रही है। ग्रामीण बस सेवा इसी संकल्प का प्रभावी उदाहरण है, जिसने गांवों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में नई ऊर्जा प्रदान की है।

विद्यार्थियों, महिलाओं और आमजनों को बड़ी सुविधा

नई बस सेवा शुरू होने से भरतपुर एवं आसपास के गांवों के विद्यार्थियों, महिलाओं, मजदूरों तथा आम लोगों को अब नियमित और सुरक्षित परिवहन सुविधा मिल सकेगी। अब विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज पहुँचने में आसानी होगी, महिलाएं बिना परेशानी अस्पताल, बाज़ार और आवश्यक कामों के लिए अपने गंतव्य तक सुगमता से यात्रा कर सकेंगी, वहीं मजदूर वर्ग को रोजगार स्थलों तक पहुंचने में समय और सुविधा दोनों मिलेंगी।

इस अवसर पर सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति में बसों को हरी झंडी दिखाकर उनके निर्धारित मार्गों पर रवाना किया गया। बसों के प्रस्थान के साथ ही ग्रामीणों में उत्साह और प्रसन्नता का माहौल रहा। लोगों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सेवा उनकी वास्तविक जरूरतों को पूरा करती है।

ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल

यह बस सेवा केवल परिवहन व्यवस्था का विस्तार नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, गांव और शहर के बीच संपर्क बढ़ेगा तथा विकास की गति और तेज होगी। मुख्यमंत्री साय की प्रतिबद्धता और प्रशासनिक टीम के समन्वित प्रयासों का परिणाम है कि ग्रामीण क्षेत्र अब सुविधाओं और विकास के नए मानक स्थापित कर रहे हैं।

इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष माया प्रताप सिंह, उपाध्यक्ष हीरालाल मौर्य, जनपद सदस्य सुखलाल मरावी, नगर पंचायत अध्यक्ष कौशल पटेल, उपाध्यक्ष निलेश मिश्रा, जनपद सीईओ, परिवहन अधिकारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

बिहार को मिली नई सौगात: साहेबगंज-अरेराज-बेतिया NH-139W परियोजना को मिली मंजूरी

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आज आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने बिहार में राष्ट्रीय राजमार्ग-139W के साहेबगंज-अरेराज-बेतिया खंड को 4-लेन बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह परियोजना हाइब्रिड एन्‍युइटी मोड (HAM) पर विकसित की जाएगी, जिसकी कुल लंबाई 78.942 किमी और कुल पूंजी लागत ₹3,822.31 करोड़ होगी।

प्रस्तावित 4-लेन ग्रीनफील्ड परियोजना का उद्देश्य राज्य की राजधानी पटना को बेतिया से जोड़ते हुए उत्तर बिहार के जिलों वैशाली, सारण, सिवान, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण और पश्चिम चंपारण तक, भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र तक बेहतर संपर्क प्रदान करना है। यह परियोजना लंबी दूरी के माल परिवहन को समर्थन देगी, प्रमुख अवसंरचना तक पहुँच को सुगम बनाएगी और कृषि क्षेत्रों, औद्योगिक क्षेत्रों एवं सीमा-पार व्यापार मार्गों से संपर्क सुधारकर क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति देगी।

यह परियोजना 7 पीएम गति शक्ति आर्थिक नोड्स, 6 सामाजिक नोड्स, 8 लॉजिस्टिक नोड्स और 9 प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक केंद्रों को जोड़ेगी। इसके माध्यम से बिहार की प्रमुख धरोहरों और बौद्ध पर्यटन स्थलों तक पहुँच सुधरेगी, जिनमें केसरिया बुद्ध स्तूप (साहेबगंज), सोमेश्वरनाथ मंदिर (अरेराज), जैन मंदिर और विश्व शांति स्तूप (वैशाली) तथा महावीर मंदिर (पटना) शामिल हैं। इससे बौद्ध परिपथ (Buddhist Circuit) और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन की संभावनाएँ मजबूत होंगी।

एनएच-139W को उच्च गति वाले कनेक्टिविटी मार्ग के रूप में विकसित किया जाएगा, जो वर्तमान में जामग्रस्त और ज्यामितीय रूप से कमजोर वैकल्पिक मार्गों का स्थान लेगा। यह परियोजना एनएच-31, एनएच-722, एनएच-727, एनएच-27 और एनएच-227A से महत्वपूर्ण संपर्क प्रदान करेगी।

प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एलाइनमेंट औसतन 80 किमी/घंटा की वाहन गति को समर्थन देगा (डिजाइन गति 100 किमी/घंटा है)। इससे साहेबगंज से बेतिया के बीच की यात्रा अवधि 2.5 घंटे से घटकर मात्र 1 घंटा रह जाएगी। यह यात्री और माल वाहनों के लिए तेज, सुरक्षित और निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा।

78.94 किमी लंबी इस प्रस्तावित परियोजना से करीब 14.22 लाख मानव-दिवस का प्रत्यक्ष रोजगार और 17.69 लाख मानव-दिवस का अप्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न होगा। परियोजना के आस-पास आर्थिक गतिविधि बढ़ने से अतिरिक्त रोजगार अवसर भी पैदा होंगे।

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