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पीपला फाउंडेशन ने रीवा में 5000 लीटर की टंकी स्थापित की,ग्रामीणों को जल संकट से मिली राहत

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आरंग- भीषण गर्मी और गहराते जल संकट के बीच आरंग क्षेत्र के लोरिक नगर (गढ़रीवां) के ग्रामीणों के लिए राहत भरी खबर आई है। स्वयंसेवी संस्था पीपला वेलफेयर फाउंडेशन ने सामाजिक सरोकार की मिसाल पेश करते हुए ग्राम पंचायत के सहयोग से गांव में 5000 लीटर क्षमता वाली पानी की टंकी स्थापित की है। 

इस पहल से न केवल पानी की बर्बादी रुकी है, बल्कि राहगीरों और पशुओं के लिए भी पेयजल सुलभ हो गया है। दरअसल, गांव के ट्यूबवेल के पास भंडारण की व्यवस्था न होने के कारण रोजाना हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा था। ग्रामीणों को अपनी बारी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था। समस्या को देखते हुए पीपला फाउंडेशन के सदस्यों ने सरपंच घसियाराम साहू के समक्ष टंकी लगाने का प्रस्ताव रखा। पंचायत ने तत्काल सहमति देते हुए टंकी के लिए पक्का चबूतरा, पाइपलाइन और नलों की व्यवस्था कराई। शनिवार को आयोजित  कार्यक्रम में टंकी का विधिवत शुभारंभ किया गया। अब इस सुविधा का लाभ रीवा के साथ-साथ लखौली और कुकरा के ग्रामीणों को भी मिल रहा है। मुख्य मार्ग पर स्थित होने के कारण यहां से गुजरने वाले राहगीरों के लिए भी यह प्यास बुझाने का केंद्र बन गया है। गांव के सरपंच घसियाराम साहू का कहना है कि गांव में पानी की समस्या गंभीर थी। संस्था और पंचायत के इस तालमेल से अब पानी सहेजने में मदद मिलेगी। हम पीपला फाउंडेशन के इस सेवाभावी कार्य का आभार व्यक्त करते हैं। इस शुभारंभ अवसर पर सरपंच घसियाराम साहू, उपसरपंच सूरज साहू और फाउंडेशन के संयोजक महेन्द्र कुमार पटेल ने इस कार्य को जनहित में मील का पत्थर बताया। इस दौरान कोषाध्यक्ष कोमल लाखोटी, सचिव अभिमन्यु साहू, संयुक्त सचिव संजय मेश्राम सहित सक्रिय सदस्य सीताराम साहू, ईश्वरी साहू, पोखराज साहू, हीराधर धीवर पंच वेदप्रकाश साहू, रमेश चंद्राकर, मीरा चंद्राकर, समाजसेवी अश्वनी चंद्राकर ,पी के चंद्राकर,  सहित ग्रामीण उपस्थित थे।


सभी समाजों के सहयोग से ही विकसित छत्तीसगढ़ का सपना होगा साकार – मुख्यमंत्री साय

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रायगढ़ में उत्कल दिवस एवं वार्षिकोत्सव स्नेह सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायगढ़ के बाबा प्रियदर्शी राम ऑडिटोरियम, पंजरी प्लांट में उत्कल सांस्कृतिक सेवा समिति द्वारा आयोजित ‘उत्कल दिवस एवं वार्षिकोत्सव स्नेह सम्मेलन’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्यमंत्री साय द्वारा भगवान जगन्नाथ स्वामी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं ‘वंदे उत्कल जननी’ के मधुर गायन के साथ हुआ।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को आत्मीयतापूर्वक संबोधित करते हुए  कहा कि वे यहां अतिथि के रूप में नहीं, बल्कि अपने परिवार के बीच आए हैं। उन्होंने कहा कि रायगढ़ की जनता ने उन्हें 20 वर्षों तक सांसद के रूप में अपना भरपूर आशीर्वाद दिया है और वही स्नेह एवं अपनापन उन्हें आज भी प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने ओडिशा और छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दोनों राज्यों के बीच ‘रोटी-बेटी’ का अटूट रिश्ता है। उन्होंने कहा कि जशपुर के कुनकुरी से लेकर छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्रों तक बड़ी संख्या में लोग उड़िया भाषा बोलते हैं। देवभोग-गरियाबंद क्षेत्र में आज भी महाप्रसाद के रूप में भात मिलता है और छत्तीसगढ़ के कोने-कोने में रथ यात्रा का आयोजन होता है। 

मुख्यमंत्री साय ने समाज की  पत्रिका ‘सुविधा’ का विमोचन किया, जिसमें समाज के रीति-रिवाज, उपलब्धियां एवं संपर्क विवरण संकलित किए गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जगन्नाथ रथ यात्रा के आयोजन हेतु 5 लाख रुपये की राशि प्रदान करने की घोषणा की। 

मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुरूप छत्तीसगढ़ में ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 8 लाख आवास रिकॉर्ड समय में पूर्ण किए जा चुके हैं। किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है तथा लगभग 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है, जिससे प्रदेश खुशहाली की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा रामलला दर्शन योजना प्रारंभ की गई है, जिसके अंतर्गत अब तक लगभग 42 हजार श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर भगवान रामलला के दर्शन कर चुके हैं। इस योजना के माध्यम से आम नागरिकों को सुगम एवं व्यवस्थित रूप से तीर्थ दर्शन का अवसर प्राप्त हो रहा है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है, जिसके अंतर्गत विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन हेतु श्रद्धालुओं को सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि धर्मांतरण कराने वालों के विरुद्ध कठोर कानून पारित किया गया है, जिसमें कड़ी सजा एवं जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि इससे अवैध धर्मांतरण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह एवं जवानों के अदम्य साहस से नक्सलवाद के प्रभाव को समाप्त करने में सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि अब ‘नियद नेल्लानार’ के तहत बस्तर में सड़कों, बिजली, शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंचाई जा रही हैं, जिससे क्षेत्र में विकास की नई धारा प्रवाहित हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में विभिन्न विभागों में 20 से 25 हजार भर्तियां की गई हैं। चयन मंडल का गठन कर पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जिससे युवाओं को बिना किसी भेदभाव के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि पीएससी गड़बड़ी की उच्च स्तरीय जांच कराई गई है तथा ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से प्रशासन में पारदर्शिता लाते हुए भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लिए सभी समाजों का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य वन एवं खनिज संपदा से समृद्ध है और वन उत्पादों के वैल्यू एडिशन के माध्यम से स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा दिया जा रहा है।उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार द्वारा बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 प्रारंभ की गई है। इस योजना के तहत बकाया बिजली बिलों के भुगतान हेतु आसान किस्तों का विकल्प उपलब्ध कराया गया है तथा सरचार्ज में राहत या छूट दी जा रही है। 

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्कल समाज की 8 प्रतिभाओं को उनकी विशेष उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया।कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। 

इस अवसर पर झारसुगुड़ा विधायक टंकाधर त्रिपाठी, रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

पीपला की जलदान मुहिम की नया रायपुर में हो रही है सराहना

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जगह-जगह जलपात्र रखकर किया जा रहा है जलदान के लिए आग्रह

आरंग- विगत चार वर्षों से गर्मी में स्वयंसेवी संस्था पीपला वेलफेयर फाउंडेशन गौ माता के लिए जगह-जगह जलपात्र रखकर लोगों से जलदान की अपील करते हैं।इसी कड़ी में इस वर्ष भी फाऊंडेशन के सदस्यों द्वारा आरंग, महासमुंद, तुमगांव, अभनपुर,नया रायपुर, रायपुर, मंदिरहसौद, धरसीवां, तिल्दा सहित ग्रामीण क्षेत्रों में जलपात्र रखा जा रहा है। जिससे कि मूक पशुओं को गर्मी में पानी के लिए भटकना न पड़े।

फाऊंडेशन के संयोजक महेन्द्र कुमार पटेल ने बताया इस मुहिम के तहत् इस वर्ष भी शनिवार को नया रायपुर के सेक्टर 29 एवं 27 में 21 जलपात्र रखकर लोगों को जलदान का आग्रह किया गया। फाउंडेशन की इस पहल को नया रायपुर वासियों ने स्वागत करते हुए मुक्त कंठ से सराहा और गर्मी में सहर्ष जलपात्र में जल भरने का भरोसा दिलाया।नया रायपुर में इस मुहिम को आगे बढ़ाने में मंत्रालय के सहायक अनुभाग अधिकारी लोकेश्वर साहू अहम् भूमिका निभा रहे हैं। वहीं लोकेश्वर  साहू ने बताया कि इस धर्माथ कार्य के लिए सेक्टर वासियों द्वारा स्वेच्छा से सहयोग  प्रदान कर रहें है। मानवीय संवेदना का यह कार्य आगे चलकर एक वृहत रूप ले सकता है।


पीपला फाउंडेशन ने जताया डॉ पाणिग्राही का आभार

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महानदी में बने पुल का नाम "रानी पद्मावती" के नाम पर रखने किए थे मांग 

आरंग। स्वयंसेवी संस्था पीपला वेलफेयर फाउंडेशन ने संबलपुर डीविजन के डीआर यू सी सी मेम्बर डॉ  विश्वनाथ पाणीग्रही के माध्यम से रेलवे द्वारा आयोजित डी आर यू सी सी मीटिंग में महानदी पर बने नए  रेल पुल का नामकरण महादानी राजा मोरध्वज की धर्मपत्नी  "रानी पद्मावती"  के नाम पर रखने की मांग किए थे।  फाउंडेशन व क्षेत्र की जनता से जुड़ी इस मांग को डॉ विश्वनाथ ने  बैठक में प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया फांऊडेशन और आरंग क्षेत्र की जनता की जनभावनाओं के अनुरूप महानदी पर बने पुल का नामकरण"रानी पद्मावती " के नाम पर करने का प्रस्ताव रखा था जिसे रेलवे ने स्पष्टीकरण देते हुए अस्वीकार कर दिया‌। रेलवे ने स्पष्टीकरण दिया है कि इस तरह का पौराणिक या ऐतिहासिक व्यक्ति विशेष के नाम पर कोई पुल का नामकरण का प्रावधान रेलवे में नहीं  है । डॉ पाणीग्राही  ने कहा कि  डिविजनल अधिकारियों के द्वारा अस्वीकार किए जाने के बाद भी मैं निराश नहीं हूं तथा इस मांग को रेलवे के उच्चाधिकारियों एवं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जी के समक्ष रखूंगा ।   पीपला फाउंडेशन ने डीआर यू सी सी मेंबर डॉ विश्वनाथ पाणिग्राही का उनके द्वारा फाउंडेशन व क्षेत्र की जनता की मांग को डी आर यू सी सी की मीटिंग में प्रमुखता से रखने के लिए आभार जताया है। वहीं फाउंडेशन के सदस्यों का कहना है महादानी राजा मोरध्वज की धर्मपत्नी महादानी रानी पद्मावती के नाम को अधिकांश लोग जानते भी नहीं है जिन्होंने अपने एकलौते पुत्र ताम्रध्वज को आरा में चिरकर भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन को अर्पित कर दी थी। उनके नाम पर आज तक कहीं कोई अस्पताल,स्कूल, कालेज, धर्मशाला, कोई पुल नहीं है। जिससे कि लोग रानी पद्मावती को स्मरण कर सके। ज्ञात हो कि यह संस्था महादानी राजा मोरध्वज व रानी पद्मावती से जुड़ी गाथा को स्कूली बच्चों के पाठ्यक्रम में शामिल करने लगातार मांग कर रहे हैं।



अखबार वितरकों को किया कैप और दस्ताने वितरण,ठंड से बचाव के लिए पीपला फाउंडेशन द्वारा अभिनव पहल

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आरंग- मंगलवार को स्वयंसेवी संस्था पीपला वेलफेयर फाउंडेशन ने लगातार बढ़ रही कंपकंपाती ठंड को देखते हुए नगर के अखबार वितरकों को सिर व कान ढकने वाले  विशेष टोपी एवं हाथों के लिए दस्ताना वितरण किया। जिससे उन्हें ठंड से राहत मिल सके।इस अवसर पर फाऊंडेशन के पदाधिकारियों ने कहा मीडिया देश का चौथा स्तंभ है।हर क्षेत्र में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण है।अखबार वितरण करने वाले युवा सर्दी,गर्मी, बरसात,सभी मौसम में प्रातः से ही उठकर अखबारों का वितरण करते हैं। घर घर   जाकर सुबह-सुबह अखबार पहुंचाते है‌। लोगों को भी सुबह-सुबह अखबारो का इंतजार रहता है। वितरकों को अखबारों को समय पर लोगों तक पहुंचाना चुनौती भरा कार्य होता है। इसलिए उन्हें ठंड से बचाव के लिए विशेष टोपी व दस्ताना वितरण किया गया। ज्ञात हो कि यह संस्था ठंड को देखते हुए वस्त्र दान अभियान चला रहे हैं। जिसके तहत् जरूरत मंदों को कंबल वितरण किया जा रहा है।जिसे काफी सराहा जा रहा है। वहीं पीपला की पहल का वरिष्ठ पत्रकार पवन साहू सहित सभी अखबार वितरकों ने सराहना करते हुए आभार जताया है। वितरण में प्रमुख रूप से फाउंडेशन से दूजेराम धीवर, महेन्द्र कुमार पटेल,कोमल लाखोटी, संजय मेश्राम,अभिमन्यु साहू, प्रतीक टोंड्रे, दुर्गेश निर्मलकर सहित नगर के अखबार वितरक उपस्थित थे।


आत्मसमर्पित एवं नक्सल पीड़ित 79 युवाओं को मिली नई राह

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कौशल प्रशिक्षण पूर्ण करने पर 10.33 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित

रायपुर- जिला प्रशासन द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति, पुनर्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में उठाए गए प्रयासों के अंतर्गत आज एक महत्वपूर्ण पहल को मूर्त रूप दिया गया। नक्सलवादी आत्मसमर्पित, पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति 2025 के तहत जिला कौशल विकास प्राधिकरण एवं लाइवलीहुड कॉलेज नारायणपुर द्वारा प्रशिक्षित 79 प्रशिक्षणार्थियों को कौशल प्रशिक्षण पूर्ण करने पर कुल 10 लाख 33 हजार 965 रुपये की प्रोत्साहन राशि चेक के रूप में वितरित की गई।

जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर ने आत्मसमर्पित युवाओं को ड्राइविंग, प्लंबिंग, सिलाई एवं अन्य आजीविका उन्मुख trades में प्रशिक्षण पूरा करने पर शुभकामनाएँ दीं। ये सभी प्रशिक्षणार्थी जिले के अत्यंत सुदूर एवं दुर्गम क्षेत्रों—सोनपुर, अबूझमाड़ एवं कोंडागांव—से संबंधित है। प्रोत्साहन राशि का सदुपयोग सुनिश्चित करने पर विशेष बल देते हुए कलेक्टर ने

कहा कि धनराशि को परिवार की आवश्यक जरूरतों, बच्चों की शिक्षा तथा कृषि व आजीविका संबंधी कार्यों में लगाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अब सभी को अपने गांवों में रहकर खेती-किसानी, मकान निर्माण तथा अपने कौशल के अनुरूप रोजगार गतिविधियों को आगे बढ़ाना चाहिए।

महिला प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कलेक्टर ने स्व-सहायता समूहों से जुड़कर सिलाई कार्य को संगठित रूप से बढ़ाने, उत्पादन क्षमता विकसित करने और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वहीं प्लंबिंग प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को ग्रामीण क्षेत्रों में नलकूप स्थापना, मरम्मत और जलसुविधा से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का सुझाव दिया, ताकि गांवों को बेहतर सेवाएँ प्राप्त हो सकें। आधुनिक समय में बढ़ते ऑनलाइन धोखाधड़ी मामलों पर सतर्क रहने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि किसी भी अज्ञात कॉल, लिंक या संदेश पर भरोसा न करें तथा ओटीपी, एटीएम पिन या बैंक संबंधी जानकारी किसी से साझा न करें। किसी संदिग्ध स्थिति में तत्काल बैंक या प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित करने की सलाह दी।

कार्यक्रम के अंत में सभी 79 प्रशिक्षणार्थियों को चेक वितरित किए गए और उन्हें मुख्यधारा में सक्रिय भागीदारी तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। यह पहल आत्मसमर्पित नक्सलियों को सम्मानजनक जीवन देने और आर्थिक मजबूती प्रदान करने की दिशा में जिला प्रशासन का सराहनीय प्रयास है, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त कर रहा है। इस अवसर पर जिला प्रशासन के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने होशियारपुर जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा

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केंद्रीय राज्य मंत्री, महिला एवं बाल विकास,सावित्री ठाकुर ने पंजाब के होशियारपुर जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया, जहाँ उन्होंने स्थिति का अवलोकन किया और प्रभावित किसानों, छोटे व्यवसायियों तथा ग्रामीणों से बातचीत की।

अपने दौरे के दौरान उन्होंने गंधुवाल, फाटकुल्ला, अब्दुल्लापुर, हालेड़ जनार्दन, सालोवाल, मोतला, कौलियां-418, मेहताबपुर में किसान प्रतिनिधिमंडलों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय निवासियों के साथ बैठकें कीं। उन्होंने बीस नदी पर स्थित राडा ब्रिज (मेंडेरीया) का निरीक्षण भी किया।सावित्री ठाकुर ने लोगों को आश्वासन दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार बाढ़ से निपटने के लिए राहत और दीर्घकालिक समाधान प्रदान करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।

सावित्री ठाकुर ने बताया कि सरकार ने पहले ही पीएम-किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त 26 सितंबर को पंजाब, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के किसानों के लिए जारी की है, ताकि बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित किसानों को तत्काल वित्तीय सहायता प्रदान की जा सके।

दौरे का समापन करते हुए उन्होंने जोर दिया कि केंद्र सरकार बाढ़ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के प्रयास जारी रखेगी और इस क्षेत्र में बाढ़ संबंधी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए काम करेगी।



पक्के घर और नई उम्मीद: सेवा पखवाड़े में हितग्राहियों के चेहरे खिले

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सफलता की कहानी

पक्का आशियाना मिलने से खिले चेहरे, भवन अनुज्ञा और वय वंदन कार्ड सहित कई योजनाओं का लाभ

रायपुर-छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित सेवा पखवाड़े में हितग्राहियों को राज्य एवं केंद्र सरकार की योजनाओं का भरपूर लाभ मिल रहा है। अपनी जरूरतें पूरी होने और परेशानियों से मुक्ति मिलने से हितग्राहियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। बिलासपुर में हुए कार्यक्रम में जरूरतमंद परिवारों को पक्के आशियाने की चाबी, भवन अनुज्ञा, पहले किश्त की राशि और वय वंदन कार्ड प्रदान किए गए। इसके साथ ही लखपति दीदियों को सम्मानित किया गया।

प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी से लाभान्वित कुदुदन निवासी ममता दुबे को आवास स्वीकृत हुआ और भवन का नक्शा मिलने पर उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब उन्हें किराए के घर से निजात मिल गई है। इसी तरह हेमूनगर की गोटीवाड़ा विजया और बिजौर निवासी ओम साहू को घर की चाबी मिलने पर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। विजय ने बताया कि पति ड्राइविंग का काम करते हैं, आमदनी इतनी नहीं कि खुद का घर बना सकें, पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आवास योजना से अब उनका पक्का घर का सपना साकार हो गया और कच्चे घर से निजात मिल गई।

इसी तरह अशोक नगर निवासी संतोषी श्रीवास और पूनम टंडन लिंगियाडीह निवासी को खमतराई और बहतराई में मकान आवंटित हुआ और उन्हें पहले किश्त का चेक प्राप्त हुआ। उन्होंने खुशी से बताया कि अब उनका अपने खुद के घर में रहने का सपना साकार होने जा रहा है। वहीं रानी यादव सरकंडा थाना के सामने बेजा कब्जा कर परिवार के साथ रह रही थी, जिसके कभी टूटने की आशंका थी। उन्होंने बताया कि घर तोड़े जाने का नोटिस भी जारी किया गया था, पर अब आवास स्वीकृत होने से उनकी बड़ी चिंता दूर हो गई।

बहुत से हितग्राहियों को इस अवसर पर जहां गृह प्रवेश के लिए आवास की चाबी सौंपी गई, वहीं लखपति दीदियों का सम्मान भी किया गया। तालापारा, ख्वाजा नगर निवासी अब्दुल नईम को आवास स्वीकृत हुआ। मैकेनिक का कार्य करने वाले नईम ने बताया कि अब उनके परिवार को सुरक्षित छत मिल सकेगी।

बिलासपुर के ही हरनारायण पटेल, शांति देवी और विद्या परिहार को वय वंदन कार्ड के अंतर्गत पांच लाख रुपये की स्वास्थ्य सहायता का लाभ मिला। सभी हितग्राहियों ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन योजनाओं से उनके जीवन को एक नई उम्मीद और संबल मिला है।


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