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वाणिज्य और उद्योग मंत्री पियुष गोयल ने वेनेजुएला के खनन विकास मंत्री से की द्विपक्षीय बैठक

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विजयवाड़ा- वाणिज्य और उद्योग मंत्री पियुष गोयल ने 14–15 नवंबर 2025 को विशाखापत्तनम में आयोजित 30वें CII पार्टनरशिप समिट के अवसर पर वेनेजुएला के मंत्री ऑफ इकोलॉजिकल माइनिंग डेवलपमेंट, Mr. Hector Silva के साथ द्विपक्षीय बैठक की।

बैठक के दौरान, वेनेजुएला की ओर से भारत के साथ तेल क्षेत्र से परे आर्थिक सहयोग बढ़ाने में रुचि दिखाई गई, जिसमें महत्वपूर्ण खनिजों में सहयोग और भारतीय निवेश आकर्षित करना शामिल है।

मंत्री गोयल ने इंडिया–वेनेजुएला जॉइंट कमिटी मैकेनिज्म को पुनः सक्रिय करने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिसकी पिछली बैठक एक दशक पहले हुई थी। उन्होंने कहा कि ONGC के वेनेजुएला में चल रहे संचालन खनन और अन्वेषण में गहन सहयोग की संभावना प्रदान करते हैं।

इसके अतिरिक्त, उन्होंने सुझाव दिया कि वेनेजुएला भारतीय फार्माकोपिया को स्वीकार कर सकता है, ताकि फार्मास्यूटिकल ट्रेड को सुगम बनाया जा सके।मंत्री गोयल ने ऑटोमोबाइल क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर भी प्रकाश डाला और कहा कि भारत वेनेजुएला में निवेश की संभावनाओं का पता लगाने वाले व्यवसायों के साथ सक्रिय रूप से संवाद करेगा।

न्यूजीलैंड में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की ऐतिहासिक यात्रा के दौरान भारत–न्यूजीलैंड व्यापार मंच ने द्विपक्षीय आर्थिक साझेदारी को दी नई गति

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केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की न्यूजीलैंड की ऐतिहासिक यात्रा के अवसर पर, जहाँ वे अब तक के सबसे बड़े भारतीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ पहुँचे, भारत–न्यूजीलैंड व्यापार मंच (India–New Zealand Business Forum) का आयोजन ऑकलैंड चैंबर ऑफ कॉमर्स और भारतीय उच्चायोग, वेलिंगटन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

इस मंच में दोनों देशों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, प्रमुख उद्योगपति, और व्यापारिक जगत के प्रतिनिधि एक साथ आए। इसका उद्देश्य भारत–न्यूजीलैंड के आर्थिक संबंधों की गहराई को प्रदर्शित करना और साझेदारी एवं सहयोग के नए अवसरों की खोज करना था।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण था एक “फायरसाइड चैट” — जिसमें पीयूष गोयल और टॉड मॅक्ले, न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री, के बीच विचार-विमर्श हुआ। इस संवाद ने दोनों देशों की सरकारों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दोहराया और भारत–न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की चल रही वार्ताओं के महत्व को रेखांकित किया। यह चर्चा मार्च 2025 में भारत में हुए उस उच्चस्तरीय बैठक की भावना को आगे बढ़ाती है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने एक समग्र और प्रगतिशील व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई थी।

ऑकलैंड और रोटोरुआ प्रवास के दौरान, गोयल ने न्यूजीलैंड के कई प्रमुख उद्योग नेताओं से मुलाकात की, जिनमें कारमेन विसेलिच (सीईओ, Valocity),]रंजय सिक्का (सीईओ, Slumberzone), नाथन गाय (अध्यक्ष, Meat Industry Association), और टोनी क्लिफर्ड (प्रबंध निदेशक, Pan Pac) शामिल थे। इन बैठकों में कृषि, पर्यटन, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, खेल, गेमिंग, और ड्रोन तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।

भारत की अंतरिक्ष क्षेत्र में प्रगति—विशेषकर हालिया चंद्र अभियानों—के चलते स्पेस सहयोग को भी भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण साझेदारी क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया।

रोटोरुआ में गोयल ने एक सीईओ राउंडटेबल को संबोधित किया, जिसमें भारतीय प्रतिनिधिमंडल और न्यूजीलैंड के अग्रणी उद्योगों के सीईओ शामिल हुए। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) दोनों देशों के बीच मित्रता, विश्वास और रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक है। उन्होंने भारत को एक वैश्विक निवेश गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करते हुए नवाचार और मूल्यवर्धन के व्यापक अवसरों पर प्रकाश डाला।

गोयल और टॉड मॅक्ले ने ऑकलैंड और रोटोरुआ दोनों स्थानों पर भारतीय प्रवासी समुदाय से भी संवाद किया। ऑकलैंड में इस अवसर पर न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने भी कार्यक्रम में भाग लिया और भारतीय समुदाय को संबोधित किया। उन्होंने भारतीय प्रवासियों को भारत और न्यूजीलैंड के बीच “जीवंत सेतु (Living Bridge)” बताया, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भावना को प्रतिध्वनित करता है।

गोयल ने प्रवासी भारतीयों से आग्रह किया कि वे न्यूजीलैंड — अपनी “कर्मभूमि” — के विकास में योगदान देते हुए भारत से अपने सांस्कृतिक और भावनात्मक जुड़ाव को बनाए रखें और दोनों देशों के समुदायों को सशक्त बनाने में नेतृत्वकारी भूमिका निभाएँ।

भारतीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल ने भी न्यूजीलैंड की कई प्रमुख कंपनियों के साथ व्यापारिक और निवेश संभावनाओं पर चर्चा की।  उन्होंने रेड स्टैग (न्यूजीलैंड की सबसे बड़ी सॉमिल), फॉनटेरा कोऑपरेटिव ग्रुप के डेयरी और फूड इनोवेशन मुख्यालय, और ऑकलैंड यूनिवर्सिटी इनोवेशन हब का दौरा किया, जहाँ द्विपक्षीय सहयोग के नए अवसरों पर सार्थक बातचीत हुई।

इस यात्रा ने भारत–न्यूजीलैंड संबंधों में नए युग की शुरुआत को चिह्नित किया और इस बात को पुनः स्थापित किया कि भारत, न्यूजीलैंड को अपनी विकास यात्रा में एक रणनीतिक भागीदार के रूप में देखता है। दोनों देशों ने लंबी अवधि के आर्थिक सहयोग और आपसी समृद्धि को आगे बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता को मजबूत किया।


मंत्री पीयूष गोयल ने निर्यात संवर्धन परिषदों और उद्योग संघों के साथ बैठक की अध्यक्षता की

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केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 29 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली स्थित वाणिज्य भवन में निर्यात संवर्धन परिषदों (EPCs) और उद्योग संघों के साथ बैठक की अध्यक्षता की।

बैठक में वाणिज्य विभाग, राजस्व विभाग, उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT), निर्यात संवर्धन परिषदों और विभिन्न उद्योग संघों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक के दौरान विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) और वाणिज्य विभाग ने वित्त वर्ष 2025–26 की पहली छमाही में की गई प्रमुख सुधार पहलों, निर्यात सुगमता के लिए प्रस्तावित आगामी सुधार उपायों तथा इस अवधि के दौरान निर्यात प्रदर्शन पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिए।

चर्चा का मुख्य केंद्र उद्योग द्वारा सामना की जा रही चुनौतियाँ, निर्यात विविधीकरण में प्राप्त उपलब्धियाँ, और देश से निर्यात को और बढ़ावा देने के लिए हितधारकों के विचार व अपेक्षाएँ रहीं।

बैठक में फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस (FIEO), वस्त्र, परिधान, इंजीनियरिंग, रत्न एवं आभूषण, चिकित्सा उपकरण, औषधि, सेवा क्षेत्र, EPCH, दूरसंचार, चमड़ा, CII, FICCI, PHDCCI, SIAM, ASSOCHAM और NASSCOM सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और भारतीय निर्यातकों के लिए अनुकूल व्यापारिक वातावरण तैयार करने तथा वैश्विक बाज़ारों में अवसरों का विस्तार करने में केंद्रीय मंत्री और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के प्रयासों की सराहना की।

पीयूष गोयल ने यह दोहराया कि सरकार ‘व्यवसाय करने में सुगमता’ (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देने और भारतीय निर्यातकों के लिए वैश्विक बाज़ार तक बेहतर पहुँच सुनिश्चित करने हेतु एक सक्षम व्यापार पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने के प्रति प्रतिबद्ध है।

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