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नए विश्वास के साथ आगे बढ़ रहे पुनर्वासित युवा: विधानसभा में समझी जनतांत्रिक प्रणाली

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मुख्यधारा की ओर बढ़ते कदम — पुनर्वासित युवाओं ने विधानसभा में देखी जनतांत्रिक प्रक्रिया

संविधान और कानून के दायरे में रहकर समाज के विकास में निभाएंगे सक्रिय भूमिका: लोकतांत्रिक व्यवस्था को निकट से देखने का मिला प्रेरणादायी अवसर

मुख्यधारा में लौटे युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार कर रही सतत प्रयास — मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

पुनर्वासितों की सुरक्षा और सम्मान का सरकार रखेगी विशेष ध्यान – मुख्यमंत्री

‘गन’तंत्र छोड़कर गणतंत्र में आने वाले युवाओं का स्वागत – उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा

रायपुर- माओवाद की विचारधारा त्यागकर संविधान की राह अपनाने वाले 120 पुनर्वासित युवाओं के दल ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा पहुंचकर जनतांत्रिक प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। युवाओं ने सदन की कार्यवाही को करीब से देखा तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली को समझा। विधानसभा का यह शैक्षणिक भ्रमण उनके लिए प्रेरणादायी और मार्गदर्शक अनुभव साबित हुआ।


विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आत्मीय मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने सभी का ‘जय जोहार’ के साथ स्वागत करते हुए कहा कि पुनर्वास का निर्णय लेने वाले सभी साथियों का राज्य सरकार हृदय से अभिनंदन करती है। उन्होंने कहा कि सरकार पुनर्वासित युवाओं की सुरक्षा और सम्मान का विशेष ध्यान रखेगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि सभी पुनर्वासित युवा समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें और आत्मनिर्भर बनें। इसी उद्देश्य से पुनर्वास नीति को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिंसा का मार्ग छोड़कर आज संविधान के मंदिर में खड़े होकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया का साक्षी बनना इस बात का प्रमाण है कि बदलाव संभव है। मुख्यमंत्री साय ने युवाओं को शिक्षा, स्वरोजगार और शासन की विभिन्न योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि जो युवा ‘गन’तंत्र का रास्ता छोड़कर गणतंत्र की मुख्यधारा में लौटे हैं, उनका राज्य सरकार हृदय से स्वागत करती है। उन्होंने कहा कि संविधान का मार्ग ही शांति, विकास और समृद्धि का मार्ग है। राज्य सरकार पुनर्वासित युवाओं के सम्मानजनक जीवन, रोजगार और कौशल विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि ये युवा समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनेंगे और अन्य लोगों को भी मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित करेंगे।

इस अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी, वन मंत्री केदार कश्यप, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक किरण देव तथा सुशांत शुक्ला ने भी पुनर्वासित युवाओं से मुलाकात कर उन्हें आश्वस्त किया कि शासन उनके साथ दृढ़ता से खड़ा है।


पुनर्वासित युवाओं ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को निकट से देखने का यह अवसर उनके लिए अत्यंत प्रेरणादायी रहा। उन्होंने संकल्प व्यक्त किया कि वे अब संविधान और कानून के दायरे में रहकर समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

उल्लेखनीय है कि 120 सदस्यीय इस दल में 66 पुरुष एवं 54 महिला प्रतिभागी शामिल हैं। पुनर्वासित युवाओं का यह समूह तीन दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण के तहत रायपुर पहुंचा है, जहां वे शासन-प्रशासन की विभिन्न व्यवस्थाओं, कार्यप्रणालियों एवं विकासात्मक पहलों से अवगत हो रहे हैं।

सबसे बड़ा संविधान जागरूकता अभियान: ‘हमारा संविधान हमारा सम्मान’

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  • एक करोड़ से अधिक नागरिकों की भागीदारी

  • 13,700+ कार्यक्रम पूरे भारत में

  • संविधान के 75वें वर्ष पर इतिहास में सबसे व्यापक जनभागीदारी

स्थानीय स्तर से डिजिटल जुड़ाव तक

यह अभियान 2.5 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों, आकांक्षी जिलों और दूरस्थ समुदायों तक पहुंचा। MyGov के माध्यम से लाखों लोगों ने प्रतिज्ञा, क्विज़ और रचनात्मक प्रतियोगिताओं में भाग लिया।

जागरूकता से गौरव तक

इस पहल ने कानूनी साक्षरता, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, और जन-नियंत्रित आयोजनों को एक साथ लाकर संविधान की समझ और सम्मान को नागरिकों के भीतर गहराई से स्थापित किया।

परिचय

DISHA योजना

वर्ष 2021 में डिज़ाइनिंग इनोवेटिव सॉल्यूशंस फॉर होलिस्टिक एक्सेस टू जस्टिस इन इंडिया (DISHA) नामक एक समग्र, राष्ट्रीय योजना शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य है:

  • आसान, सुलभ और किफायती कानूनी सेवाएँ देना

  • टेली-लॉ

  • न्याय बंधु (प्रो बोनो सेवाएँ)

  • कानूनी साक्षरता और जागरूकता

हर वर्ष 26 नवंबर को भारत संविधान दिवस मनाता है—वह दिन जब 1949 में संविधान को अपनाया गया था।

भारत के गणतंत्र के 75 वर्ष पूरे होने पर हमारा संविधान – हमारा सम्मान नामक वर्ष-भर चलने वाला राष्ट्रव्यापी अभियान लागू किया गया। इसे 24 जनवरी 2024 को उपराष्ट्रपति द्वारा लॉन्च किया गया।

यह अभियान DISHA योजना से एकीकृत है और इसका लक्ष्य है—
संवैधानिक मूल्यों को समझना, अपनाना और व्यवहार में लाना।

वर्षभर के अभियान के बाद 24 जनवरी 2025 को यह अभियान अपने अगले चरण
"हमारा संविधान – हमारा स्वाभिमान" में परिवर्तित किया गया।
इसका उद्देश्य है— संविधान के प्रति गर्व और गहरी चेतना विकसित करना।

अभियान के उद्देश्य

  • संविधान के प्रति एक दृश्य पहचान बनाना

  • नागरिकों में संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ाना

  • संविधान निर्माण में हुए अद्भुत परिश्रम को सामने लाना

  • भारतवासियों में संविधान के प्रति गौरव की भावना उत्पन्न करना

देशभर में 13,700+ कार्यक्रम और 1 करोड़+ नागरिकों की सहभागिता हुई।

यह केवल एक स्मरण नहीं, बल्कि विकसित भारत 2047 की दिशा में नागरिक सहभागिता को उत्प्रेरित करने वाला आंदोलन बन गया।

अभियान के तीन मुख्य उप-अभियान

1. सबको न्याय – हर घर न्याय

न्याय को सुलभ, सस्ती, और नागरिक-केंद्रित बनाना।

प्रमुख पहल:

(a) पंच प्रण प्रतिज्ञा

जिसमें शामिल है:

  • विकसित भारत

  • गुलामी की मानसिकता से मुक्ति

  • विरासत पर गर्व

  • एकता और अखंडता

  • कर्तव्यनिष्ठ नागरिक

लोग MyGov पर प्रतिज्ञा लेकर ई-सर्टिफिकेट प्राप्त कर सकते हैं।

(b) न्याय सेवा मेला (स्टेट लेवल)

25 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में आयोजन।

  • Voice of Beneficiaries

  • टेली-लॉ प्रोफाइल

  • फील्ड कर्मियों का सम्मान
    84 लाख+ लोगों तक पहुंच।

(c) न्याय सहायक (Nyaya Sahayak)

  • घर-घर कानूनी जागरूकता

  • 14,598+ मामलों का पंजीकरण

  • गाँव/ब्लॉक स्तर पर "विधि बैठकें"

2. नव भारत नव संकल्प

युवाओं को संविधान और पंच प्राण से जोड़ने के लिए MyGov आधारित इंटरैक्टिव अभियान।

3. विधि जागृति अभियान

ग्रामीण एवं वंचित वर्गों में कानूनी अधिकारों की जागरूकता बढ़ाना।

प्रमुख पहल:

(a) ग्राम विधि चेतना

10,000+ लाभार्थियों तक पहुंच।

(b) वंचित वर्ग सम्मान अभियान

IGNOU और दूरदर्शन के साथ वेबिनार
विषय:

  • बच्चों, महिलाओं, दिव्यांगजनों, SC, ट्रांसजेंडर, वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार

  • सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ

(c) नारी भागीदारी

महिलाओं के अधिकारों पर वेबिनार और गांव-स्तर के कार्यक्रम।

विशेष आयोजन

1. बीकानेर – 9 मार्च 2024

पहला क्षेत्रीय कार्यक्रम

  • न्याय सहायक पहल लॉन्च

  • 900 प्रतिभागी

2. प्रयागराज – 16 जुलाई 2024

दूसरा कार्यक्रम

  • ‘हमारा संविधान हमारा सम्मान’ पोर्टल लॉन्च

  • 800 प्रतिभागी

3. गुवाहाटी – 19 नवंबर 2024

तीसरा कार्यक्रम

  • पॉडकास्ट, कॉमिक बुक, संविधान कट्टा लॉन्च

  • 1400 प्रतिभागी

4. कुंभ, प्रयागराज – 24 जनवरी 2025

समापन कार्यक्रम

  • उपलब्धि पुस्तिका जारी

  • 2000 प्रतिभागी

निष्कर्ष

हमारा संविधान – हमारा सम्मान और हमारा संविधान – हमारा स्वाभिमान
भारत के इतिहास में सबसे व्यापक संविधान जागरूकता अभियानों में से हैं।

इस अभियान ने—

  • न्याय, स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व

  • कानूनी साक्षरता

  • जनभागीदारी

  • डिजिटल और जमीनी जुड़ाव

को देशभर में मजबूती से स्थापित किया।

13,700+ कार्यक्रम
1 करोड़+ प्रतिभागी

यह अभियान केवल जागरूकता नहीं, बल्कि
संविधान के प्रति गर्व और नागरिक सशक्तिकरण का राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है।


देशभर की पंचायतों में संविधान दिवस 2025: प्रस्तावना वाचन, जन-जागरूकता कार्यक्रम और राष्ट्रीय ‘प्रीएंबल रिले’ का आयोजन

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केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय पूरे देश में 26 नवंबर 2025 को संविधान दिवस (संविधान दिवस/ Samvidhan Diwas) के अवसर पर व्यापक कार्यक्रमों का समन्वय कर रहा है। यह आयोजन तीन-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) और ग्रामीण स्थानीय निकायों (RLBs) में देशभर में मनाया जाएगा। इसमें राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के पंचायती राज विभाग, SIRD&PRs, PESA Mobilizers, Panchayati Raj Associates, NIRD&PR के SoEPR और अन्य साझेदार संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी शामिल है। व्यापक वर्चुअल परामर्शों के माध्यम से तैयारी को मजबूती दी गई है, ताकि जमीनी स्तर पर अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

मंत्रालय में संविधान दिवस का आयोजन

26 नवंबर को सुबह 11:00 बजे सचिव विवेक भारद्वाज वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में प्रीएंबल (संविधान की प्रस्तावना) का वाचन करेंगे। इसी अवसर पर कर्मचारियों के लिए ‘Know Your Constitution’ विषय पर निबंध और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही हैं।

देशभर की पंचायतों में समारोह

देश की सभी पंचायतें स्थानीय भाषाओं में संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन करेंगी। साथ ही संविधान मूल्यों पर चर्चाएं, सेमिनार और क्विज प्रतियोगिताएं भी आयोजित होंगी।
एक राष्ट्रव्यापी Constitution Connect – Preamble Reading Relay सुबह 10:00 बजे से शाम 6:45 बजे तक चलेगा, जिसमें प्रत्येक राज्य और केंद्रशासित प्रदेश 15 मिनट के स्लॉट में शामिल होगा। यह कार्यक्रम मंत्रालय के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर लाइव प्रसारित किया जाएगा।

जन भागीदारी को बढ़ावा

राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से अनुरोध किया गया है कि वे पंचायतों और ग्रामीण निकायों को Preamble Walls (समुदायिक कला के माध्यम से प्रस्तावना भित्ति) बनाने तथा "हमारा गांव, हमारा संविधान" कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रेरित करें। इन आयोजनों में युवाओं, स्वयं सहायता समूहों (Self-Help Groups), और सामुदायिक संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर है।

विशेष रूप से PESA क्षेत्रों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए राज्य-स्तरीय समन्वय प्रकोष्ठ बनाए गए हैं, जो सभी गतिविधियों को निरंतर सहयोग प्रदान कर रहे हैं।

यह राष्ट्रव्यापी पहल संविधान के प्रति जन-जागरूकता, नागरिक मूल्यों के संवर्धन और लोकतांत्रिक भागीदारी को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

'लोकतंत्र में लोक की भूमिका' पर महासमुंद में संगोष्ठी कल

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पीपला वेलफेयर फाउंडेशन छत्तीसगढ़ का आयोजन 

महासमुंद- स्वयंसेवी सामाजिक संगठन पीपला वेलफेयर फाउंडेशन छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में रविवार 5 अक्टूबर को “लोकतंत्र में लोक की भूमिका” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन स्वाध्याय केंद्र महासमुंद में किया गया है।

फाउंडेशन के सदस्यों ने बताया कि संगोष्ठी पूर्वान्ह साढ़े 11 बजे से आयोजित है। जिसमें स्वर्णिम छत्तीसगढ़ के निर्माण में जनता, साहित्यकारों, विद्वानों और सामाजिक संगठनों की भूमिका पर चर्चा एवं चिंतन किया जाएगा।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे -डॉ. चितरंजन कर, नामित सदस्य, राजभाषा हिन्दी सलाहकार समिति  रेल मंत्रालय भारत सरकार,अशोक शर्मा, सेवानिवृत्त सहायक प्रबंधक (विद्युत विभाग) एवं वरिष्ठ साहित्यकार,सौरिन चंद्रसेन, सेवानिवृत्त उपसंचालक (शिक्षा विभाग) एवं वरिष्ठ साहित्यकार,मुरलीमनोहर देवांगन, शिक्षाविद् एवं डायरेक्टर- थिंक आईएएस रायपुर, वरिष्ठ पत्रकार, चिंतक एवं समाजसेवी आनंदराम पत्रकारश्री। 

संगोष्ठी का संचालन दूरदर्शन- आकाशवाणी रायपुर के एंकर  वरिष्ठ पत्रकार शशांक खरे करेंगे।

आयोजन की तैयारियों में फाउंडेशन के संरक्षक पारसनाथ साहू, अध्यक्ष दूजेराम धीवर, मार्गदर्शक सदस्य योगेश्वर चंद्राकर, शेखर चंद्राकर, संयोजक महेन्द्र कुमार पटेल, कोषाध्यक्ष कोमल लाखोटी, सचिव अभिमन्यु साहू, प्रतीक टोंड्रे सहित अन्य सदस्य सक्रिय रूप से जुटे हैं।

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