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उपभोक्ता संरक्षण और गुणवत्ता परीक्षण सेवाओं की पहुंच मजबूत करने के लिए NTH और डाक विभाग ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

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उपभोक्ता मामलों, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अधीन नेशनल टेस्ट हाउस (NTH) और डाक विभाग, संचार मंत्रालय, भारत सरकार ने देशभर में नमूनों के संग्रहण और उन्हें सुरक्षित, विश्वसनीय एवं समय पर NTH प्रयोगशालाओं तक पहुँचाने के लिए मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।


इस MoU के तहत, डाक विभाग ग्राहकों से उनके दरवाजे पर नमूने उठाने और उन्हें कोलकाता, गाजियाबाद, मुंबई, जयपुर, गुवाहाटी, वाराणसी और चेन्नई में स्थित NTH प्रयोगशालाओं तक पहुँचाने की सुविधा प्रदान करेगा। यह सुविधा डाक विभाग के व्यापक और भरोसेमंद नेटवर्क का उपयोग करेगी, जो भारत के शहरी, ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों तक फैला हुआ है।

MoU पर 24 दिसंबर 2025 को राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस के अवसर पर भारत मंडपम, नई दिल्ली में हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर प्रल्हाद जोशी, माननीय केंद्रीय मंत्री, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण और बी. एल. वर्मा, राज्य मंत्री, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण उपस्थित थे।

इस रणनीतिक सहयोग से NTH की परीक्षण सेवाओं की सुलभता, किफायती और दक्षता में काफी वृद्धि होगी। यह पहल लॉजिस्टिक चुनौतियों को हल करेगी और परीक्षण की प्रक्रिया का समय कम करेगी। इसका लाभ उपभोक्ता, निर्माता, MSME, स्टार्टअप और व्यवसायों, विशेषकर दूर-दराज और पिछड़े क्षेत्रों में स्थित लोगों को मिलेगा। यह पहल व्यवसाय करने में आसानी, उपभोक्ता संरक्षण तंत्र को मजबूत करने और मानक और गुणवत्ता संस्कृति को बढ़ावा देने में भी सहायक होगी।

यह साझेदारी आत्मनिर्भर भारत के विजन के अनुरूप है, जो उपभोक्ता विश्वास बढ़ाने, वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सुधार और एक मजबूत, आत्मनिर्भर भारत बनाने में गुणवत्ता और मानकीकरण की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करती है। यह पहल जन-केंद्रित सेवा और मंत्रालयों के बीच प्रभावी सहयोग को भी दर्शाती है, जिसमें सार्वजनिक अवसंरचना का सर्वोत्तम उपयोग किया गया है।

इस सहयोग के माध्यम से भारत के हर नागरिक तक गुणवत्ता परीक्षण सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित होगी, जिससे बाजार में विश्वास, पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत होगी।

डाक विभाग की नागरिक-केंद्रित सेवाओं और नवाचारों से 2025 में व्यापक प्रभाव

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भारत सरकार के डाक विभाग (Department of Posts) ने वर्ष 2025 के दौरान नागरिक सेवाओं, डिजिटल समावेशन, वित्तीय समावेशन, निर्यात सुविधा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। डाक नेटवर्क को बहुउद्देशीय सेवा मंच के रूप में विकसित करते हुए कई नई पहलें लागू की गईं।

पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र (POPSK):

विदेश मंत्रालय के सहयोग से देशभर में लोकसभा क्षेत्रों में POPSK स्थापित किए जा रहे हैं। 30 नवंबर 2025 तक 452 POPSK संचालित हो चुके हैं। जनवरी–नवंबर 2025 के दौरान 29 लाख से अधिक पासपोर्ट आवेदनों (1.54 लाख PCC सहित) का निपटान हुआ, जिससे डाक विभाग को ₹114.88 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। इसी अवधि में 10 नए POPSK शुरू किए गए।

पोस्ट ऑफिस आधार सेवाएं:

देशभर के डाकघरों में 13,352 आधार केंद्र स्थापित किए गए हैं। मोबाइल/लैपटॉप किट के माध्यम से कैंप मोड में सेवाएं देकर दूरदराज़ क्षेत्रों तक पहुंच बनाई गई। जनवरी–नवंबर 2025 में 2.35 करोड़ से अधिक आधार नामांकन/अपडेट किए गए और ₹129.13 करोड़ का राजस्व अर्जित हुआ। सियाचिन में देश का सबसे ऊंचा आधार केंद्र भी संचालित है।

हर घर तिरंगा अभियान 2025:

डाक विभाग ने हर घर तिरंगा 4.0 के तहत 28.13 लाख राष्ट्रीय ध्वजों का वितरण किया। पोस्ट ऑफिसों और ई-पोस्टऑफिस पोर्टल के माध्यम से बिक्री/वितरण हुआ, साथ ही जनभागीदारी के लिए रैलियां और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

PMEGP इकाइयों का भौतिक सत्यापन:

KVIC के साथ समझौते के तहत जनवरी–नवंबर 2025 में 1.69 लाख PMEGP इकाइयों का सत्यापन किया गया, जिससे लाभार्थियों को समय पर सब्सिडी समायोजन में मदद मिली।

KYC सत्यापन और म्यूचुअल फंड पहल:

डाक विभाग ने UTI, SUUTI, Nippon India MF, SBI MF और AMFI के साथ समझौते कर लगभग 5 लाख KYC सत्यापन पूरे किए। अगस्त 2025 में AMFI के साथ समझौते के बाद डाकघरों के जरिए म्यूचुअल फंड वितरण की नई शुरुआत हुई, जिससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में निवेश पहुंच बढ़ी।

BSNL सिम बिक्री व रिचार्ज:

सितंबर 2025 में BSNL के साथ MoU के बाद 1.64 लाख डाकघरों को BSNL सेवाओं के पॉइंट ऑफ सेल के रूप में सक्षम किया गया, जिससे डिजिटल डिवाइड कम करने में मदद मिलेगी।

आगामी पहलें:

  • TRAI के साथ ग्रामीण डिजिटल कनेक्टिविटी सर्वे

  • MSME उद्यम पंजीकरण सत्यापन

  • SIDBI के साथ उद्यम असिस्ट क्रेडिट पायलट

डिजिटल और वित्तीय सेवाएं:

जनवरी 2025 से आधार-आधारित e-KYC लागू, जिसके तहत 1.09 लाख खाते खुले और 24.45 लाख लेनदेन हुए। साथ ही ATM नेटवर्क का आधुनिकीकरण कर 1,000 एटीएम साइट्स अपग्रेड की गईं।

DIGIPIN – डिजिटल पता प्रणाली:

ISRO और IIT हैदराबाद के सहयोग से विकसित DIGIPIN को मार्च 2025 में लॉन्च किया गया। यह 4×4 मीटर ग्रिड आधारित स्थायी डिजिटल पता है, जिसे कई सरकारी प्लेटफॉर्म्स में एकीकृत किया गया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग और निर्यात:

डाक घर निर्यात केंद्र (DNK) के जरिए 762 जिलों में 1,013 केंद्रों से 12.31 लाख निर्यात शिपमेंट (₹287 करोड़ मूल्य) सुगम बनाए गए। UPU मंचों पर भारत की सक्रिय भूमिका रही और रूस के साथ International Tracked Packet Service समझौता भी हुआ।

डाक टिकट और फिलैटली:

2025 में 42 स्मारक डाक टिकट और 47 कस्टमाइज़्ड ‘माय स्टैम्प’ जारी किए गए, जिनमें राष्ट्रीय उपलब्धियों, ऐतिहासिक व्यक्तित्वों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को दर्शाया गया।

कुल मिलाकर, 2025 में डाक विभाग ने नागरिक सुविधा, डिजिटल समावेशन, वित्तीय सशक्तिकरण और वैश्विक सहयोग को मजबूत करते हुए अपनी भूमिका को एक आधुनिक, बहुआयामी सेवा संस्थान के रूप में सुदृढ़ किया है।

छत्तीसगढ़ में जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र प्रक्रिया हुई पूरी तरह ऑनलाइन

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रायपुर- छत्तीसगढ़ राज्य में जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और सुगम बनाते हुए इसे पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है। राज्य में अब जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जारी किए जा रहे हैं। भारत सरकार के महापंजीयक कार्यालय, नई दिल्ली द्वारा वर्ष 2023 में संशोधित ऑनलाइन पोर्टल के सफल क्रियान्वयन से यह व्यवस्था प्रभावी हुई है।

संशोधित जन्म-मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अनुसार अक्टूबर 2023 के बाद जन्म लेने वाले सभी बच्चों के लिए जन्म तिथि के प्रमाण के रूप में जन्म प्रमाण पत्र ही एकमात्र वैध दस्तावेज होगा। इससे पहचान से जुड़ी प्रक्रियाओं में स्पष्टता और एकरूपता आई है। अक्टूबर 2023 से पहले जन्मे बच्चों के मामलों में पूर्व की तरह अन्य वैकल्पिक दस्तावेज भी मान्य रहेंगे। साथ ही, पहले जारी किए गए ऑफलाइन प्रमाण पत्रों को भी अब पोर्टल के माध्यम से डिजिटल रूप में सुरक्षित किया जा सकता है।

राज्य में अक्टूबर 2023 के बाद से सभी जन्म प्रमाण पत्र ऑनलाइन जारी किए जा रहे हैं। प्रारंभिक चरण में आई तकनीकी चुनौतियों का समाधान समयबद्ध तरीके से किया गया, जिससे वर्तमान में पोर्टल पूरी तरह सुचारु और तकनीकी रूप से सक्षम हो गया है। भारत सरकार के महापंजीयक कार्यालय द्वारा समय-समय पर आवश्यक तकनीकी सहयोग और मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

इस व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए राज्य के सभी रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) को पोर्टल संचालन संबंधी आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। आवश्यकता अनुसार जिला स्तर पर भी नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि आम नागरिकों को प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

राज्य सरकार ने आधार कार्ड निर्माण से संबंधित प्रक्रियाओं में भी एकरूपता लाने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है। इससे नागरिकों को समय पर और सही दस्तावेज उपलब्ध हो सकेंगे।

यह पहल राज्य में डिजिटल सेवाओं के विस्तार, प्रशासनिक दक्षता और नागरिक सुविधा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे आमजन को तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद सेवाएं मिल रही हैं।

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