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सुव्यवस्थित धान खरीदी से बढ़ा किसानों का भरोसा, कांकरिया उपार्जन केंद्र की व्यवस्था बनी मिसाल

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रायपुर- पूरे छत्तीसगढ़ सहित धमतरी जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया को पूरी तरह  सुव्यवस्थित, पारदर्शी और किसान-हितैषी ढंग से संचालित किया जा रहा है। किसानों की सुविधा और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिले के सभी धान उपार्जन केंद्रों में नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है, जो लगातार निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। इसका सकारात्मक परिणाम यह है कि किसान बिना किसी परेशानी के अपना धान बेच पा रहे हैं और शासकीय योजनाओं का सीधा लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

धान खरीदी प्रक्रिया में तुंहर टोकन ऐप ने किसानों के लिए व्यवस्था को और अधिक सरल व सुगम बना दिया है। समय पर टोकन उपलब्ध होना, केंद्रों में व्यवस्थित तौल, बैठने की सुविधा, पेयजल एवं छाया जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं ने किसानों का शासन-प्रशासन पर भरोसा और मजबूत किया है। धमतरी जिले के किसान इन व्यवस्थाओं से संतुष्ट होकर खुशी व्यक्त कर रहे हैं।

ऐसी ही एक प्रेरक सफलता की कहानी है ग्राम पोटियाडीह के किसान नरेन्द्र कांकरिया की। कांकरिया ने खरीफ मौसम में अपने 8 एकड़ 15 डिस्मिल रकबे में धान की खेती की। उन्हें तुंहर टोकन ऐप के माध्यम से पहले टोकन में 80 क्विंटल धान बेचने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि उपार्जन केंद्र पर पहुंचने से लेकर तौल और रसीद प्राप्त होने तक पूरी प्रक्रिया सहज, पारदर्शी और परेशानी-मुक्त रही।

किसान कांकरिया ने बताया कि पिछले वर्ष समर्थन मूल्य पर धान विक्रय से प्राप्त राशि से उन्होंने ट्रैक्टर खरीदा था, जिससे खेती के कार्य में सुविधा हुई और उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई। ट्रैक्टर पर लिया गया ऋण अभी चल रहा है, जिसे वे इस वर्ष धान विक्रय से प्राप्त राशि से चुकाने की योजना बना रहे हैं। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) का बकाया भुगतान करने की भी उनकी तैयारी है। उनका कहना है कि समय पर भुगतान मिलने से आर्थिक दबाव कम होता है और खेती में पुनः निवेश करने का आत्मविश्वास बढ़ता है।

नरेन्द्र कांकरिया ने बेहतर व्यवस्थाओं के लिए शासन-प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि धान उपार्जन केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं और सुचारू व्यवस्था के कारण किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है। उन्होंने इसे किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

धमतरी जिले में धान खरीदी की यह सुव्यवस्थित और पारदर्शी व्यवस्था न केवल किसानों की मेहनत को सम्मान दे रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है। यह शासकीय पहल किसानों के जीवन में स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन लाने का सशक्त उदाहरण बन रही है।

घर बैठे धान विक्रय का नया दौर: तुंहर टोकन ऐप से किसानों को मिली बड़ी राहत

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मोबाइल से काट रहे टोकन, धान खरीदी प्रक्रिया हुई पारदर्शी और तेज

रायपुर- खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा धान उपार्जन को सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए शुरू किया गया तुंहर टोकन मोबाइल ऐप किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है। धान खरीदी तिहार के बीच इस डिजिटल नवाचार ने उपार्जन केंद्रों में लगने वाली भीड़, समय की बर्बादी और पारंपरिक जटिलताओं को काफी हद तक कम कर दिया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार प्रदेशभर में लागू की गई इस व्यवस्था से किसान अब अपने मोबाइल से कुछ ही मिनटों में धान विक्रय हेतु टोकन निकाल पा रहे हैं और निर्धारित समय पर आसानी से केंद्र पहुंचकर धान बेच रहे हैं।

शुक्रवार को 52 किसानों ने मोबाइल से काटा टोकन

अम्बिकापुर जिले के उपार्जन केंद्रों में शुक्रवार को 52 किसानों ने तुंहर टोकन ऐप का उपयोग कर घर बैठे धान का टोकन काटा। बढ़ती लोकप्रियता यह दर्शाती है कि डिजिटल सुविधा ने किसानों का विश्वास तेजी से जीता है।

अम्बिकापुर विकासखंड के आदिमजाति सेवा सहकारी समिति मेड्राकला में पहुंचने वाले ग्राम भिट्ठीकला के कृषक श्याम राजवाड़े और मिलन राम ने बताया कि मोबाइल ऐप से टोकन काटने के बाद केंद्र में किसी तरह की परेशानी नहीं हुई।

श्याम राजवाड़े ने कहा कि उन्होंने 26 क्विंटल धान का टोकन कुछ ही मिनटों में घर बैठे निकाल लिया। पूर्व में केंद्र में जाकर टोकन लेने में समय और श्रम दोनों लगते थे, पर अब आते ही बारदाना मिला और धान की तौल भी तत्काल हो गई। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य देने के निर्णय की सराहना की।

इसी तरह किसान मिलन राम ने बताया कि उन्होंने 62 क्विंटल धान का टोकन मोबाइल ऐप से काटा। बार-बार केंद्र नहीं आना पड़ा और पहुंचते ही बारदाना व तौल की प्रक्रिया बिना किसी बाधा पूरी हुई। उन्होंने कहा कि इस बार की खरीदी व्यवस्था पूरी तरह किसान-मित्र साबित हो रही है।

डिजिटल नवाचार से बढ़ी पारदर्शिता और सुविधा

तुंहर टोकन ऐप के जरिए किसानों को अब लंबी लाइनों से मुक्ति,समय और श्रम की बचत,टोकन प्रक्रिया में पारदर्शिता,भीड़-भाड़ और अव्यवस्था में कमी

जैसे सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। किसानों की संतुष्टि यह साबित करती है कि राज्य सरकार की यह डिजिटल पहल सफल रही है और धान विक्रय को अधिक सरल, तेज और भरोसेमंद बनाकर किसानों को बड़ी राहत दी है।

Kisaan School : रायगढ़ जिले के किसानों को जिंदल ने कराया किसान स्कूल का भ्रमण, छत्तीसगढ़ की 36 भाजियों को देख गदगद हुए किसान

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जांजगीर-चाम्पा- रायगढ़ जिले के अलग-अलग एफपीओ के 35 प्रगतिशील किसानों को जिंन्दल पॉवर प्लांट ने बहेराडीह में स्थित देश के पहले किसान स्कूल का भ्रमण कराया, जहां किसानों ने यहां पर वर्ष 2012 से छत्तीसगढ़ की 36 भाजियों पर किए जा रहे अनुसन्धान को देखकर खूब प्रभावित हुए, वहीं घर की छत पर विकसित किए गए टेरिस गार्डन को देख किसान स्कूल के क़ृषि क्षेत्र में किए जा रहे नवाचार की खूब सराहना की.

जिंदल फाउंडेशन तमनार रायगढ़ के सुरेश कुमार डड़सेना ने बताया कि जिंदल द्वारा रायगढ़ जिले में किसानों का एफपीओ बनाया गया है और एफपीओ से जुड़े किसानों को क़ृषि क्षेत्र सहायता, प्रशिक्षण और भ्रमण कराया जाता है. इसी कड़ी में वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल बहेराडीह का भ्रमण कराया गया, जहां पर किसानों ने पहली बार छत्तीसगढ़ की 36 भाजियों के देशी बीजों, भाजियों और उसके अवशेष से बनी रंग बिरंगी राखी, कपड़ा को देख खूब प्रभावित हुए. भ्रमण के दौरान यहां के किसानों के द्वारा उगाई गई 6 फीट ऊंचाई की धनिया को देख खूब प्रभावित हुए. किसानों ने पशुपालन, गोमूत्र इकाई, गोबर गैस प्लांट, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, केंचुआ पालन इकाई, अंजोला इकाई, नाडेप इकाई, वर्मी कम्पोस्ट इकाई, अक्षय चक्र क़ृषि बाड़ी मॉडल, केले समेत भिंडी, चेच भाजी, अमारी भाजी व अलसी के रेशे से निर्मित कपड़ा तथा विलुप्त चीजों को बड़े पैमाने पर सहेजकर रखे गए संग्रहालय एवं देशी बीजों के संरक्षण केंद्र का अवलोकन किया. यहां पशु सखी पुष्पा यादव ने डेयरी पशुपालन और वर्मीवाश के बारे में एफपीओ के किसानों को जानकारी दी.

भ्रमण में सुरेन्द्र कुमार साहू, गोपी पटेल, प्रहलाद सिदार, लक्ष्मी राठिया, गनपति राठिया, गुड्डी राठिया, सुकमती राठिया, मालती राठिया, दुर्गेश राठिया, कृष्णा निषाद, संतु राम सिदार, रविशंकर पटेल, सारंगधर राठिया, घुराऊ राम राठिया, कार्तिक राम, भोजराम साहू, सालिराम राठिया, गुरु कुमार राठिया राकेश कुमार,विद्यावती केरकेटा, तमा यादव और अन्य किसान प्रमुख रूप से शामिल रहे.

प्राकृतिक खेती का मॉडल है किसान स्कूल

सरकार ने भले ही राष्ट्रीय प्राकृतिक मिशन की शुरुआत अभी की है, लेकिन वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल बहेराडीह में सालों से प्राकृतिक खेती के मॉडल को विकसित किया जा चुका है. किसान स्कूल के संचालक दीनदयाल यादव ने अब तक प्राकृतिक खेती को लेकर भारत के विभिन्न राज्यों और जिले के हजारों किसानों तथा बिहान की क़ृषि सखी, पशु सखी, महिला स्व सहायता समूहों के महिलाओं तथा क़ृषि विभाग के आत्मा अंतर्गत प्रत्येक पंचायतों में कार्यरत कृषक मित्रो को सरकार की ओर से विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रशिक्षण दे चुके हैं. इस समय छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में अलग-अलग बैंको द्वारा संचालित ग्रामीण स्व रोजगार प्रशिक्षण संस्थान तथा लाईवलीहुड कॉलेज में प्रशिक्षण दिया जा रहा है



ब्लॉक स्तरीय किसान मेला: बहेराडीह के किसान ने छत्तीसगढ़ की 36 भाजियों का लगाया प्रदर्शनी स्टॉल, कृषि सखी और पशु सखी दीदियों की रही उत्साहपूर्ण भागीदारी

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जांजगीर-चाम्पा- छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती वर्ष के अवसर पर प्रदेश के क़ृषि प्रधान जिले के जैविक क़ृषि ब्लॉक बलौदा में क़ृषि क्षेत्र के वैज्ञानिक सोंच को प्रोत्साहित करने और आधुनिक तकनिकों के प्रसार के लिए क़ृषि विभाग परिसर में ब्लॉक स्तरीय किसान मेला का आयोजन किया गया, जिसका प्रमुख उद्देश्य किसानों को विभागीय योजनाओं की देना है. यह मेला एक्सटेंशन रिफार्म्स आत्मा योजना के अंतर्गत क़ृषि, पशुपालन, उद्यानिकी, मत्स्य, क्रेड़ा विभाग व क़ृषि विज्ञान केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजन किया गया, जहां जिले के जैविक क़ृषि ग्राम बहेराडीह में स्थापित देश के पहले वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल के संचालक दीनदयाल यादव, रामाधार देवांगन और उनकी टीम द्वारा छत्तीसगढ़ की 36 प्रमुख भाजियों तथा देशी बीजो एवं जैविक खाद व अन्य उत्पादों का  जीवंत प्रदर्शनीय स्टॉल लगाकर प्रस्तुत किया. इस अवसर में किसान स्कूल के टीम ने ब्लॉक स्तरीय किसान मेले में शामिल किसानों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियो को 10 दिसंबर को वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल परिसर में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय भाजी महोत्सव में शामिल होने का निमंत्रण दिया. इस मौके पर क़ृषि सखी और पशु सखी दीदियों ने स्टॉल में उद्यान विभाग के अधिकारी प्रियंका सेंगर के साथ खुमरी पहनकर अपनी सेल्फी भी लीं.

ब्लॉक स्तरीय क़ृषि मेला को सफल बनाने में चारपारा कलस्टर के पशु सखी दुर्गा अनंत, क़ृषि सखी काजल डहरिया डोंगरी समेत धनेश्वरी भारद्वाज, मनीषा तिवारी कोरबी, लक्ष्मीन बरेठ, सुन्दर बाई कंवर बछोद, कविता यादव, माहेश्वरी यादव जूनाडीह, अनुपा बैनर्जी, अनू बैनर्जी हरदी विशाल, पहरिया कलस्टर से देवकुमारी खूंटे, रामबाई साहू पहरिया, लक्ष्मीन यादव, बचन बाई केवट बोकरामुड़ा, उषा यादव, कला बाई यादव पूरेना, अनुपा बर्मन, सविता कश्यप परसदा, संतोषी केवट, ममता कुम्भकार पंतोरा, जर्वे ब कलस्टर से दूरपती केवट, त्रिवेणी पटेल औराईकला, पूजा यादव,किरण सराफ जर्वे ब, रेखा साहू, फेकन बाई बिंझवार करमन्दा, शिवरात्रि मिलन, राजेश्वरी राठौर पोंच, गायत्री खांडेय, लता यादव नवगंवा, कुरदा कलस्टर से पुष्पा यादव बहेराडीह, शशि कर्ष जाटा, रुखमणि पाण्डेय सिवनी आदि क़ृषि सखी और पशु सखी दीदियों का सराहनीय योगदान रहा.



छत्तीसगढ़ की कृषि उन्नति में उड़िसा की भी अहम भूमिका – मंत्री यादव

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रायपुर-अखिल भारतीय उड़िसा समाज द्वारा आयोजित नुआखाई महोत्सव का गरिमामय आयोजन भिलाई महिला महाविद्यालय, सेक्टर-9 के ऑडिटोरियम में किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव शामिल हुए।

मंत्री यादव ने अपने संबोधन में कहा कि उड़िसा विद्यावान भूमि है और छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य के रूप में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की कृषि उन्नति में उड़िसा की भी अहम भूमिका रही है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बच्चों की शिक्षा ही समाज की प्रगति और उज्जवल भविष्य की कुंजी है। शिक्षा किसी भी समाज की असली शक्ति है। मंत्री ने कहा कि चाहे उड़िसा की सरकार हो या केंद्र और राज्य सरकार, सभी की प्राथमिकता है कि हर बच्चा पढ़े और आगे बढ़े। उन्होंने समाज के लोगों से अपील की कि वे अपने बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

कार्यक्रम में मंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना का उल्लेख करते हुए लोगों से आग्रह किया कि वे सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि हर परिवार के पास पक्का मकान हो और इसके लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। उपस्थित जनता से उन्होंने इन योजनाओं में भागीदारी करने का अनुरोध किया।

महोत्सव के अवसर पर लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दी गईं। कार्यक्रम में विधायक वैशाली नगर रिकेश सेन, उड़िसा समाज महासचिव तरूण निहाल, भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन अध्यक्ष इन्द्रजीत सिंह छोटू सहित समाज के कई जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


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