Media24Media.com: #CelebratingHeritage

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #CelebratingHeritage. Show all posts
Showing posts with label #CelebratingHeritage. Show all posts

आयुष मंत्रालय ने ‘वन्दे मातरम्’ के 150 वर्षों का उत्सव मनाते हुए आयोजित सामूहिक गायन कार्यक्रम में दी श्रद्धांजलि

No comments Document Thumbnail

आयुष मंत्रालय ने आज भारत के राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम्’ के 150 वर्षों के अवसर पर आयुष भवन के केंद्रीय आँगन में एक सामूहिक गायन कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम संस्कृति मंत्रालय की देशव्यापी पहल के अनुरूप आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य इस ऐतिहासिक मील के पत्थर को चिन्हित करना था।

इस अवसर पर प्रतापराव जाधव, केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आयुष एवं राज्य मंत्री, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, भारत सरकार, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर वन्दे मातरम् गीत का सामूहिक गायन किया।

अपने संबोधन में मंत्री ने कहा:

"वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाते हुए हम उस गीत का सम्मान कर रहे हैं, जो राष्ट्रीय जागृति का प्रतीक और ब्रिटिश शासन के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम का प्रेरक उद्घोष बन गया। यह देशभक्ति की भावना, जिसने 1857 की क्रांति के दौरान भारत में पहली बार आग भड़काई थी, वन्दे मातरम् में स्पष्ट रूप से झलकती है। इसके हर शब्द में हमारे देशवासियों के मातृभूमि के प्रति गहरे प्रेम और भक्ति का प्रतिबिंब मिलता है। जैसा कि हम इसे पूरे देश में समूह गायन, सभाओं, सेमिनार और विशेष सत्रों के माध्यम से मनाते हैं, हम यह दोहराते हैं कि भारत की प्रगति हमारे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण के साथ ही संभव है। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा यह कहा है कि विकास के साथ-साथ हमारी विरासत का भी संरक्षण आवश्यक है। मुझे विश्वास है कि पूरे देश में लोगों की सक्रिय भागीदारी 2047 तक विकसित भारत के विज़न को साकार करने में हमारी साझा प्रतिबद्धता को मजबूत करेगी।"

इस सामूहिक गायन ने एकता और राष्ट्रीय भावना का प्रतीक प्रस्तुत किया और वन्दे मातरम् के सांस्कृतिक और भावनात्मक महत्व को उजागर किया।

गायन समारोह के पश्चात प्रतिभागियों ने कौटिल्य कॉन्फ्रेंस हॉल में संस्कृति मंत्रालय द्वारा तैयार विशेष प्रस्तुति देखी, जिसमें वन्दे मातरम् की इतिहासिक यात्रा और विरासत को दर्शाया गया। कार्यक्रम का समापन प्रधानमंत्री के संबोधन के लाइव प्रसारण के साथ हुआ, जिसने देशव्यापी आयोजन का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर विशेष अभियान वेबसाइट https://vandemataram150.in/ भी लॉन्च की गई।

वन्दे मातरम् ने दशकों में आनंदमठ में साहित्यिक रूप से प्रकट होने से लेकर राष्ट्रीय जागृति की एक शक्तिशाली अभिव्यक्ति के रूप में विकास किया। जैसे-जैसे भारत में सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक परिवर्तन हुए, यह गीत मातृभूमि को शक्ति, समृद्धि और दिव्यता का प्रतीक मानते हुए लोगों में गहरी छाप छोड़ गया। एकता और आत्म-सम्मान का संदेश इसने स्वतंत्रता आंदोलन में व्यापक भागीदारी को प्रेरित किया और यह आज भी राष्ट्र की सामूहिक स्मृति और सार्वजनिक जीवन में अपनी स्थायी जगह बनाए हुए है।

आयुष मंत्रालय की इस पहल ने राष्ट्रीय सांस्कृतिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी और देशभक्ति की साझा अभिव्यक्ति को बढ़ावा देने में इसके योगदान को रेखांकित किया। इस कार्यक्रम ने मंत्रालय के कर्मचारियों को राष्ट्र के सबसे प्रिय प्रतीकों में से एक को सम्मानित करने का एक सार्थक अवसर प्रदान किया।


Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.