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CGPSC भर्ती घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई, पूर्व CM के OSD चेतन बोरघरिया गिरफ्तार

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रायपुर- छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की राज्य सेवा परीक्षा 2020 और 2021 में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और चयन में हेरफेर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED ने तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में OSD रहे और वर्तमान में बलरामपुर-रामानुजगंज के अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया को 11 सितंबर 2026 को धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया। विशेष PMLA अदालत ने उन्हें छह दिन की ED हिरासत में भेजा है।

2020 और 2021 की CGPSC परीक्षाएं जांच के घेरे में

ED के अनुसार, जांच का संबंध CGPSC राज्य सेवा परीक्षा 2020 और 2021 में कथित भ्रष्टाचार, पेपर लीक, वित्तीय लेन-देन और चयन प्रक्रिया में हेरफेर से है। एजेंसी का आरोप है कि कुछ अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने और चयन में मदद का भरोसा दिया गया था। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय में बोरघरिया के पद और प्रभाव का कथित तौर पर किस तरह इस्तेमाल किया गया।

3 करोड़ रुपये से अधिक की कथित वसूली

ED का दावा है कि उत्कर्ष चंद्राकर, अनिल चंद्राकर और डॉ. विकास चंद्राकर ने 2021 CGPSC परीक्षा के कुछ अभ्यर्थियों से कथित तौर पर 3 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध रकम वसूली। एजेंसी के अनुसार, अभ्यर्थियों को पहले से प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने और चयन सुनिश्चित कराने का भरोसा दिया गया था। इन दावों की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं।

170 लेन-देन में 66.64 लाख रुपये की जांच

जांच में चेतन बोरघरिया के बैंक खाते में 170 अलग-अलग लेन-देन के जरिए करीब 66.64 लाख रुपये जमा होने का ED ने दावा किया है। एजेंसी इन लेन-देन के स्रोत और कथित CGPSC नेटवर्क से उनके संबंधों की जांच कर रही है।

मोबाइल चैट और डिजिटल सबूत भी जांच में

ED ने इससे पहले 1 सितंबर को बोरघरिया के परिसरों पर तलाशी ली थी। इस दौरान मोबाइल फोन समेत कई डिजिटल उपकरण जब्त किए गए। एजेंसी के मुताबिक, डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच में बोरघरिया और उत्कर्ष चंद्राकर के बीच कथित बातचीत सामने आई, जिसमें वित्तीय लेन-देन तथा रकम के भुगतान या वापसी से संबंधित संदेश होने की बात कही गई है।

ED ने Figurecave E-Com (OPC) Private Limited से जुड़े वित्तीय लेन-देन की भी जांच की है। एजेंसी को आशंका है कि कंपनी का इस्तेमाल कथित तौर पर धन के आवागमन और लेयरिंग के लिए किया गया हो सकता है।

जांच अभी जारी

ED का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों, बैंकिंग लेन-देन और PMLA के तहत दर्ज बयानों से बोरघरिया की कथित भूमिका से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। हालांकि, ये सभी एजेंसी के जांच संबंधी आरोप और दावे हैं; मामले में अंतिम दोषसिद्धि अदालत के निर्णय पर निर्भर करेगी। जांच एजेंसी कथित धन के स्रोत, उसके लेन-देन और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।

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