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भिलाई में CBI की बड़ी कार्रवाई: CGPSC भर्ती घोटाले में पूर्व सचिव जे.के. ध्रुव के घर छापा, दस्तावेजों की जांच जारी

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 भिलाई। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती अनियमितता मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बुधवार सुबह भिलाई में बड़ी कार्रवाई की। CBI की टीम ने आयोग के पूर्व सचिव जीवन किशोर (जे.के.) ध्रुव के सेक्टर-10 स्थित निवास पर दबिश देकर दस्तावेजों की जांच शुरू की।


जानकारी के अनुसार, सुबह तड़के CBI की दो अलग-अलग टीमें ध्रुव के घर पहुंचीं। टीम के अधिकारियों ने परिवार के सदस्यों से पूछताछ की तथा मामले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच की। ध्रुव की गिरफ्तारी के बाद यह दूसरा अवसर है जब जांच एजेंसी उनके निवास पर पहुंची है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चर्चित CGPSC भर्ती मामले में अब तक 29 लोगों को आरोपी बनाया जा चुका है। इनमें पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव, परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक सहित कई अधिकारी और अभ्यर्थी शामिल हैं।

यह मामला वर्ष 2020 से 2022 के बीच आयोजित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं और साक्षात्कार प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। आरोप है कि प्रभावशाली व्यक्तियों के रिश्तेदारों और परिचितों को लाभ पहुंचाने के लिए योग्य अभ्यर्थियों की अनदेखी की गई। इसके चलते डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर हुए चयन सवालों के घेरे में आ गए थे।

राज्य में सरकार परिवर्तन के बाद जुलाई 2023 में मामले की जांच CBI को सौंपी गई थी। इसके बाद एजेंसी ने जांच तेज करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया और विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की कार्रवाई की।

CBI की जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी ने कथित रूप से नियमों में बदलाव कर अपने परिजनों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया। जांच एजेंसी के अनुसार, चयन प्रक्रिया में "रिश्तेदार" शब्द को "परिवार" से बदलने सहित अन्य अनियमितताओं के आरोप जांच के दायरे में हैं। प्रश्नपत्र लीक कर परीक्षा में लाभ पहुंचाने संबंधी आरोपों की भी जांच की जा रही है।

मामले में तत्कालीन सचिव जीवन किशोर ध्रुव, परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, उप नियंत्रक ललित गणवीर सहित अन्य अधिकारियों पर पद के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए हैं। फिलहाल मामले के कई प्रमुख आरोपी रायपुर सेंट्रल जेल में निरुद्ध हैं।

CBI द्वारा गिरफ्तार किए गए लोगों में टामन सिंह सोनवानी के अलावा बजरंग पावर एंड इस्पात कंपनी के निदेशक श्रवण कुमार गोयल, उनके पुत्र शशांक गोयल, बहू भूमिका कटियार, उप नियंत्रक ललित गणवीर, निशा कोसले, दीपा आदिल, सुमित ध्रुव समेत कई अन्य नाम शामिल हैं। इनमें से कुछ आरोपियों को न्यायालय से जमानत भी मिल चुकी है।

फिलहाल CBI की जांच और छानबीन जारी है तथा एजेंसी मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।

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