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दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण नियंत्रण पर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव की उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक

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आज नई दिल्ली में दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण की समीक्षा के लिए आयोजित उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सभी संबंधित राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की प्राधिकरणों को अपने-अपने क्षेत्रों में वायु प्रदूषण प्रबंधन से संबंधित किए गए ठोस कार्यों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। यह दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण के उपायों की समीक्षा के लिए आयोजित चौथी बैठक थी। इस बैठक में दिल्ली सरकार के पर्यावरण, वन और वन्यजीव मंत्री सरदार मंजींदर सिंह सिरसा भी उपस्थित थे।

बैठक के दौरान  भूपेंद्र यादव ने फसल अवशेष प्रबंधन (Crop Residue Management) के लिए जिला-वार योजना तैयार करने और पराली जलाने के मामलों की सालभर निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने जिला अधिकारियों से कहा कि वे किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन मशीनों के संचालन के लिए प्रशिक्षित करें और इन मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें।

 भूपेंद्र यादव ने नगर ठोस अपशिष्ट (Municipal Solid Waste – MSW) के खुले में जलाने के खिलाफ शून्य-सहनशीलता (Zero-Tolerance) अपनाने पर बल दिया और एनसीआर के नगर निकायों से कहा कि वे लेगेसी वेस्ट मैनेजमेंट (Legacy Waste Management) में मौजूद कमियों को दूर करने के लिए ठोस समयसीमा तय करें और इसके शीघ्र निपटान को सुनिश्चित करें। उन्होंने विभिन्न नगर निगमों से अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने की अपील की।

केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि दिल्ली-एनसीआर की “रेड कैटेगरी” उद्योगों में ऑनलाइन कंटीन्यूस एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम (OCEMS) और एयर पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइसेस (APCD) की स्थापना मिशन मोड में की जानी चाहिए। सड़कों की धूल को कम करने के लिए उन्होंने शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों में सड़कों के पुनर्विकास योजनाओं की समीक्षा की और गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निर्माण कार्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

 भूपेंद्र यादव ने निर्माण और ध्वंस (Construction & Demolition – C&D) अपशिष्ट के प्रभावी प्रबंधन पर बल देते हुए सरकारी एवं निजी क्षेत्र दोनों को सक्रिय भूमिका निभाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने सड़क किनारे हरियाली (Roadside Greening) के कार्यों को मिशन मोड में संचालित करने और नगर निगमों को वन विभागों के सहयोग से नर्सरी विकसित करने का सुझाव दिया, ताकि अधिकाधिक पौधरोपण कर क्षेत्र के हरित आवरण को बढ़ाया जा सके।

इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस से यातायात जाम के हॉटस्पॉट्स के लिए ट्रैफिक प्रबंधन योजना तैयार करने और इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) को शीघ्र लागू करने का आग्रह किया, जिससे वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम किया जा सके।

भूपेंद्र  यादव ने सभी हितधारकों, जिनमें नागरिक भी शामिल हैं, के साथ समन्वित प्रयासों के माध्यम से क्षेत्र की वायु गुणवत्ता में सुधार लाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। इस बैठक में सीएक्यूएम (CAQM), सीपीसीबी (CPCB), दिल्ली, हरियाणा, पंजाब की राज्य सरकारों, एनसीआर नगर निगमों के आयुक्तों और अन्य संबंधित एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

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