Media24Media.com: #BilateralCooperation

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #BilateralCooperation. Show all posts
Showing posts with label #BilateralCooperation. Show all posts

भारत-थाईलैंड संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘मैत्री-XV’ के लिए भारतीय सेना की टुकड़ी थाईलैंड रवाना

No comments Document Thumbnail

18 से 31 अगस्त तक होगा 15वां संस्करण, जंगल और अर्ध-शहरी क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी अभियानों का होगा संयुक्त प्रशिक्षण

नई दिल्ली- भारत-थाईलैंड संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘मैत्री-XV (2026)’ में हिस्सा लेने के लिए भारतीय सेना की टुकड़ी आज थाईलैंड के लिए रवाना हुई। इस अभ्यास का आयोजन 18 से 31 अगस्त 2026 तक थाईलैंड के विभावादी रंगसित कैंप, सूरत थानी में किया जाएगा। इस अभ्यास का पिछला संस्करण सितंबर 2025 में मेघालय के उमरोई स्थित फॉरेन ट्रेनिंग नोड में आयोजित हुआ था।

अभ्यास में भारतीय सेना और रॉयल थाई आर्मी की 85-85 सैनिकों की टुकड़ियां हिस्सा लेंगी। भारतीय दल में मुख्य रूप से 9 गोरखा राइफल्स के जवान शामिल हैं, जबकि रॉयल थाई आर्मी की टुकड़ी 5वीं डिवीजन की 25वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड की 3वीं बटालियन के सैनिकों से बनी है।

जंगल और अर्ध-शहरी क्षेत्र में होगा प्रशिक्षण

मैत्री-XV के दौरान कंपनी स्तर पर संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण दिया जाएगा। अभ्यास का मुख्य फोकस जंगल और अर्ध-शहरी इलाकों में संयुक्त आतंकवाद विरोधी अभियानों को प्रभावी ढंग से अंजाम देने की क्षमता विकसित करना होगा।

यह प्रशिक्षण संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय VII के तहत आतंकवाद विरोधी अभियानों में दोनों सेनाओं की संयुक्त क्षमता को बढ़ाने पर केंद्रित रहेगा।

फील्ड एक्सरसाइज से लेकर आधुनिक तकनीक का प्रदर्शन

अभ्यास के दौरान फील्ड एक्सरसाइज, युद्ध संबंधी चर्चा, व्याख्यान, प्रदर्शन और अंत में एक वैधता परीक्षण अभ्यास (Validation Exercise) आयोजित किया जाएगा। दोनों देशों के सैनिक संयुक्त अभियानों से जुड़े अपने परिचालन अनुभव साझा करेंगे। साथ ही, संयुक्त अभियानों में इस्तेमाल किए जाने वाले आधुनिक उपकरणों और तकनीकों का भी प्रदर्शन किया जाएगा।

2006 में हुई थी अभ्यास की शुरुआत

‘मैत्री’ सैन्य अभ्यास की शुरुआत वर्ष 2006 में हुई थी। यह भारत और थाईलैंड के बीच सैन्य सहयोग बढ़ाने, सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को साझा करने और दोनों सेनाओं की परिचालन क्षमता को मजबूत करने का महत्वपूर्ण मंच है।

अभ्यास के माध्यम से दोनों सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी, आपसी समझ और सौहार्द को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, यह भारत और थाईलैंड के बीच लंबे समय से चले आ रहे मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती प्रदान करेगा।

भारत-अमेरिका नौसेना का 8वां EOD अभ्यास 2026 कोच्चि में संपन्न

No comments Document Thumbnail

विशेषज्ञों ने IED, बारूदी सुरंग निष्क्रिय करने और अंडरवॉटर सिस्टम के इस्तेमाल पर साझा किए अनुभव

कोच्चि- भारत और अमेरिका की नौसेनाओं के बीच आयोजित 8वां Explosive Ordnance Disposal (EOD) अभ्यास 2026 दक्षिणी नौसेना कमान, कोच्चि में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अभ्यास के दौरान दोनों देशों की नौसेनाओं की टीमों ने गहन पेशेवर संवाद, सर्वोत्तम प्रक्रियाओं का आदान-प्रदान और विभिन्न तकनीकों का प्रदर्शन किया।

इस द्विपक्षीय अभ्यास ने EOD अभियानों के विभिन्न पहलुओं पर ज्ञान और अनुभव साझा करने के लिए महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया। विषय विशेषज्ञों के बीच हुए आदान-प्रदान में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) से उत्पन्न वास्तविक समय के खतरों, विस्फोटकों को सुरक्षित बनाने की प्रक्रियाओं, बारूदी सुरंगों को निष्क्रिय करने तथा मानवरहित अंडरवॉटर सिस्टम के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।

डाइविंग ऑपरेशन में भी हुआ संयुक्त प्रशिक्षण

अभ्यास के क्रॉस-ट्रेनिंग चरण में डाइविंग से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया गया। इसमें डूबे हुए जहाजों या संरचनाओं का पता लगाना और उन्हें निकालना, विशेषज्ञ उपकरणों का इस्तेमाल तथा स्लिदरिंग ऑपरेशन शामिल रहे।

संयुक्त प्रशिक्षण से दोनों नौसेनाओं की डाइविंग टीमों की पेशेवर दक्षता और तकनीकी कौशल में वृद्धि हुई। साथ ही, इससे दोनों देशों के बीच बेहतर आपसी समझ और परिचालन क्षमता विकसित करने में भी मदद मिली।

अभ्यास का सफल समापन भारत और अमेरिका की नौसेनाओं की विशेष समुद्री अभियानों में परिचालन तालमेल, सहयोग और आपसी क्षमता को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


न्यूयॉर्क में सामाजिक विकास आयोग के इतर भारत–ग्वाटेमाला वार्ता, द्विपक्षीय सहयोग को नई मजबूती

No comments Document Thumbnail

न्यूयॉर्क में आयोजित सामाजिक विकास आयोग (Commission for Social Development) की बैठक के इतर केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने ग्वाटेमाला की सामाजिक विकास उप-मंत्री महामहिम क्लाउडिया टेरेसा वालेंज़ुएला लोपेज़ से मुलाकात की। इस अवसर पर दोनों देशों के बीच गर्मजोशीपूर्ण और पारस्परिक लाभकारी साझेदारी को और सशक्त करने की भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया गया।

बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने महिला-नेतृत्व वाले और समावेशी विकास के लिए भारत के “समग्र सरकार दृष्टिकोण” (Whole-of-Government Approach) पर प्रकाश डाला। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कौशल विकास, डिजिटल सशक्तिकरण तथा महिलाओं की आर्थिक भागीदारी से जुड़ी प्रमुख पहलों की जानकारी साझा की।

सावित्री ठाकुर ने स्वयं सहायता समूह (SHG), प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT), पीएम-पोषण स्कूल भोजन योजना और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे प्रमुख कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए इन क्षेत्रों में भारत के अनुभव और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने की इच्छा जताई। उन्होंने यह भी कहा कि ग्वाटेमाला का ‘शक्ति-सैट’ (ShakthiSAT) वैश्विक STEM पहल में शामिल होना, विशेष रूप से बालिकाओं के लिए, अत्यंत उत्साहजनक है।

दोनों पक्षों ने लैंगिक समानता, गरीबी उन्मूलन, समावेशी विकास और संयुक्त राष्ट्र में बहुपक्षीय सहयोग के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। साथ ही सामाजिक विकास, महिला सशक्तिकरण और आदिवासी समुदायों के कल्याण जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और विस्तार देने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।

इसके अतिरिक्त, केंद्रीय मंत्री ने भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों से भी संवाद किया। इस दौरान उन्होंने पंखुड़ी पोर्टल की जानकारी साझा की और प्रवासी भारतीयों से आग्रह किया कि वे आंगनवाड़ी केंद्रों और बाल देखभाल गृहों के समर्थन सहित, स्वैच्छिक और परोपकारी योगदान के माध्यम से भारत के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं।

यह मुलाकात भारत और ग्वाटेमाला के बीच सामाजिक विकास और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

भारत की खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय की प्रतिनिधिमंडल ने 'Africa Food 2025' में लिया भाग, अफ्रीका में व्यापार और निवेश के अवसरों पर चर्चा

No comments Document Thumbnail

खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय (MoFPI) के प्रतिनिधिमंडल, जिसका नेतृत्व उप सचिव विवेक कुमार सिंह और उप सचिव अरुणव सेनगुप्ता ने किया, ने 11 से 13 दिसंबर 2025 तक त्यूनीस में आयोजित 'Africa Food 2025' में भाग लिया।

इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने इंडिया पविलियन में उद्योग हितधारकों के साथ सक्रिय बातचीत की और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में व्यापार और निवेश के अवसरों पर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने त्यूनीशिया सरकार के प्रतिनिधियों और विभिन्न औद्योगिक संघों के साथ भी मुलाकात की, जिसका उद्देश्य द्विपक्षीय सहयोग और बाजार तक पहुंच को मजबूत करना था।

यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने त्यूनीस के एक फूड टेस्टिंग लैब का भी दौरा किया और मूल्यवान सुझाव साझा किए, जिससे खाद्य सुरक्षा अवसंरचना और गुणवत्ता आश्वासन प्रणाली को मजबूत करने पर चर्चा में योगदान मिला।

इस भागीदारी से मंत्रालय के अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने, व्यापार संबंधों को सुदृढ़ करने और खाद्य सुरक्षा व प्रसंस्करण में वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने के प्रयासों की पुष्टि होती है।


भारत–ऑस्ट्रेलिया कौशल और शिक्षा सहयोग: 3rd AIESC बैठक में भविष्य के लिए कौशल और खेल अर्थव्यवस्था पर सहमति

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली में आयोजित 3rd ऑस्ट्रेलिया–भारत शिक्षा और कौशल परिषद (AIESC) की बैठक के दौरान भारत और ऑस्ट्रेलिया ने कौशल विकास, कार्यबल गतिशीलता और तेजी से बढ़ती खेल अर्थव्यवस्था में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए सार्थक द्विपक्षीय संवाद किया। इस बैठक की सह-अध्यक्षता कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी और ऑस्ट्रेलिया के शिक्षा एवं कौशल मंत्री एंड्रयू जाइल्स MP ने की।

बैठक में भारत–ऑस्ट्रेलिया संबंधों की मजबूत प्रगति को मान्यता दी गई और यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि इस गतिशीलता को कुशल पेशेवरों के लिए सुव्यवस्थित मार्गों में बदल दिया जाए। दोनों पक्षों ने योग्यता की पारस्परिक मान्यता (Mutual Recognition of Qualifications – MRQ) तंत्र को तेजी से लागू करने और ब्रिज कोर्स विकसित करने पर सहमति व्यक्त की, ताकि कौशल और योग्यता का सामंजस्य स्थापित हो और कार्यबल की गतिशीलता सहज हो सके। विशेष रूप से उन्नत निर्माण क्षेत्र में वैश्विक मानकों के अनुरूप कुशल कार्यकर्ताओं को तैयार करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

बैठक के दौरान भारत की 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की बोली और ऑस्ट्रेलिया के 2032 ब्रिस्बेन ओलंपिक एवं पैरालंपिक की मेजबानी से उत्पन्न रणनीतिक अवसरों पर चर्चा हुई। खेल और शारीरिक स्वास्थ्य क्षेत्र को रोजगार सृजन और भारत के GDP में लगभग 2% योगदान देने वाली ‘सूर्योदय’ उद्योग के रूप में मान्यता दी गई। ऑस्ट्रेलिया की खेल प्रबंधन और खेल तकनीक में वैश्विक नेतृत्व को भारत के तेजी से बढ़ते खेल निर्माण और गिग अर्थव्यवस्था क्षेत्र के साथ पूरक माना गया।

इसके अतिरिक्त, भारत के ITI और राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (NSTI) और ऑस्ट्रेलिया के TAFE नेटवर्क के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। साझेदारी का कार्य खनन, डिजिटल एवं आईटी कौशल, आतिथ्य, हरित रोजगार, नवीकरणीय ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स सहित विभिन्न क्षेत्रों में होगा।

जयंत चौधरी ने भारत की Skilling for AI Readiness (SOAR) पहल के तहत भविष्य-उन्मुख कौशल को बढ़ावा देने पर जोर दिया और डिजिटल अपनाने के लिए नैतिक ढांचे और मानकों पर सहयोग की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने भारत–ऑस्ट्रेलिया वार्षिक कौशल बैठक आयोजित करने का प्रस्ताव रखा, जो भारत और ऑस्ट्रेलिया में बारी-बारी से आयोजित की जाएगी। यह प्लेटफार्म कौशल के मानकीकरण, संस्थागत साझेदारी और प्रशिक्षण पारिस्थितिकी तंत्र को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाए रखने में मदद करेगा।

एंड्रयू जाइल्स ने भारत के साथ साझेदारी की सराहना करते हुए कहा कि कौशल सहयोग दोनों देशों के लोगों के लिए साझा समृद्धि और मापनीय प्रभाव सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

बैठक में MSDE, DG Training, NCVET, NSDC और ऑस्ट्रेलिया के शिक्षा एवं कौशल एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

बैठक का समापन उच्च-स्तरीय जुड़ाव बनाए रखने, सहयोगी मॉडल को तेज़ी से लागू करने और दोनों देशों में भविष्य-तैयार कौशल पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने की साझा प्रतिबद्धता के साथ हुआ।

INS सवित्री सेशेल्स पहुंची: समुद्री सुरक्षा और द्विपक्षीय सहयोग को मिला नया बल

No comments Document Thumbnail

 भारतीय नौसेना का जहाज (INS) सवित्री, एक ऑफ़शोर पेट्रोलिंग वेसल (OPV), भारतीय महासागर क्षेत्र में अपने ऑपरेशनल तैनाती के हिस्से के रूप में पोर्ट विक्टोरिया, सेशेल्स पहुंचा। जहाज का सेशेल्स कोस्ट गार्ड के कर्मियों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया, जो दोनों देशों के बीच गहरे आपसी सम्मान और मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को दर्शाता है।

जहाज ने सेशेल्स कोस्ट गार्ड को महत्वपूर्ण स्पेयर पार्ट्स सौंपे, जिससे भारत की अपने समुद्री साझेदारों की परिचालन तैयारियों और क्षमताओं को बढ़ाने की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया गया, ताकि साझा समुद्री क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

अपने पोर्ट कॉल के दौरान, जहाज ने विभिन्न बंदरगाह गतिविधियों का संचालन किया, जिसमें पेशेवर बातचीत, विशेषज्ञों के बीच अनुभव साझा करना और सेशेल्स कोस्ट गार्ड के साथ सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान शामिल था। जहाज आगंतुकों के लिए भी खोला गया, जिससे भारतीय नौसेना की परिचालन क्षमताओं और समृद्ध समुद्री परंपराओं का प्रदर्शन हुआ।

INS सवित्री सेशेल्स कोस्ट गार्ड के कर्मियों को शामिल करके संयुक्त विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) निगरानी में भाग लेगी। यह सहयोगात्मक प्रयास सेशेल्स के समुद्री क्षेत्रों में समुद्री सुरक्षा और स्थिति जागरूकता को काफी बढ़ाने का उद्देश्य रखता है। INS सवित्री की उपस्थिति भारत की 'क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति' (MAHASAGAR) दृष्टि के अनुरूप है, जो भारतीय महासागर क्षेत्र में भारत की पसंदीदा सुरक्षा भागीदार और फर्स्ट रिस्पॉन्डर के रूप में अडिग भूमिका को मजबूत करती है।


इज़राइल दौरे में पीयूष गोयल की उच्चस्तरीय बैठकों से कृषि, प्रौद्योगिकी और व्यापार सहयोग को नई गति

No comments Document Thumbnail

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अपने आधिकारिक इज़राइल दौरे के दौरान व्यापक बैठकों की एक श्रृंखला आयोजित की, जिससे कृषि, प्रौद्योगिकी, नवाचार और व्यापार के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग और मजबूत हुआ।

अपनी बैठकों के क्रम में, 21 नवंबर 2025 को गोयल ने इज़राइल के कृषि और खाद्य सुरक्षा मंत्री एवी डिक्टर से मुलाकात की और कृषि सहयोग को आगे बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की। मंत्री डिक्टर ने गोयल को इज़राइल की 25-वर्षीय खाद्य सुरक्षा रोडमैप, उन्नत बीज-सुधार रणनीतियों और कृषि के लिए जल-पुन: उपयोग तकनीकों में देश की वैश्विक नेतृत्व क्षमता के बारे में जानकारी दी।

अपने कार्यक्रम के दौरान, गोयल ने ‘पेरिस सेंटर फॉर पीस एंड इनोवेशन’ का दौरा किया, जहाँ उन्हें इज़राइल के अग्रणी तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र से अवगत कराया गया। उन्हें ड्रिप सिंचाई प्रणाली, स्टेंट तकनीक, आयरन डोम सिस्टम सहित कई महत्वपूर्ण नवाचार दिखाए गए, साथ ही भविष्य की उभरती तकनीकों और वर्चुअल रियलिटी समाधान भी प्रस्तुत किए गए। उन्होंने पेरिस सेंटर को एक प्रेरणादायक संस्था बताया, जो इज़राइल की सृजनात्मकता, नवाचार और सामाजिक प्रभाव की यात्रा को दर्शाती है।

मंत्री ने मोबिलआई द्वारा प्रदर्शित स्वचालित-ड्राइव तकनीक के माध्यम से इज़राइल की अगली पीढ़ी की गतिशीलता समाधानों में प्रगति का अनुभव भी किया। उन्होंने किब्बुत्ज़ रमात रचेल का भी दौरा किया, जहाँ उन्होंने सहकारी जीवनशैली, टिकाऊ कृषि पद्धतियों और समुदाय-चालित नवाचार के उनके मॉडल को देखा। इन अनुभवों ने इज़राइल की तकनीकी क्षमता और ग्रामीण विकास व सततता के प्रति उसके दृष्टिकोण की महत्वपूर्ण समझ प्रदान की।

इससे पहले, 20 नवंबर 2025 को,पीयूष गोयल ने इज़राइल के अर्थव्यवस्था मंत्री नीर बरकाट के साथ बैठक से अपने आधिकारिक कार्यक्रम की शुरुआत की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय व्यापार की वर्तमान प्रगति की समीक्षा की और सहयोग के नए क्षेत्रों का पता लगाया। इसके बाद भारत–इज़राइल बिजनेस फोरम आयोजित हुआ, जिसमें दोनों देशों के मंत्रियों और उद्योग जगत के वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। इस फोरम में तकनीकी सत्र और बी2बी बैठकें शामिल थीं, जो प्रौद्योगिकी, नवाचार, कृषि और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्रों में निजी क्षेत्र की मजबूत रुचि को दर्शाती हैं। अपने संबोधन में गोयल ने भारत–इज़राइल संबंधों की विश्वास-आधारित नींव पर जोर दिया और फिनटेक, एग्रीटेक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम कंप्यूटिंग, मशीन लर्निंग, फार्मास्यूटिकल्स, अंतरिक्ष और रक्षा जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाओं का उल्लेख किया।

गोयल ने इज़राइल के वित्त मंत्री बेज़लेल स्मोट्रिच के साथ भी द्विपक्षीय बैठक की, जिसमें निवेश संबंधों को मजबूत करने, वित्तीय प्रौद्योगिकियों में सहयोग बढ़ाने और अधिक प्रभावी आर्थिक आदान–प्रदान के लिए नियामक सहयोग पर चर्चा हुई।

अपने उद्योग संवाद के तहत, मंत्री ने इज़राइल की अग्रणी कंपनियों—चेक पॉइंट (साइबर सुरक्षा), आईडीई टेक्नोलॉजीज (जल समाधान), एनटीए (मेट्रो परियोजनाएँ) और नेटाफिम (प्रिसिजन कृषि)—के वरिष्ठ नेतृत्व से मुलाकात की। चर्चाएँ साइबर सुरक्षा, जल एवं सीवेज प्रबंधन, शहरी गतिशीलता समाधान और उन्नत सिंचाई तकनीकों पर केंद्रित रहीं—जो भारत की विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप हैं।

दौरे का एक महत्वपूर्ण पड़ाव था भारत–इज़राइल मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लिए टर्म्स ऑफ़ रेफ़रेंस पर हस्ताक्षर। दोनों मंत्रियों ने द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई और विश्वास व्यक्त किया कि वार्ताएँ संतुलित और परस्पर लाभकारी एफटीए की दिशा में सफल होंगी।

गोयल ने प्रमुख इज़राइली मीडिया से भी संवाद किया और डायमंड समुदाय के सदस्यों से मुलाकात की, जो भारत–इज़राइल व्यापार संबंधों का एक प्रमुख स्तंभ है। बाद में उन्होंने मंत्री बरकाट के साथ भारत–इज़राइल सीईओ फोरम में भाग लिया, जहाँ उन्होंने द्विपक्षीय आर्थिक साझेदारी की मजबूती, गहराई और बढ़ती संभावनाओं को रेखांकित किया।

पीयूष गोयल की इन गतिविधियों ने भारत और इज़राइल की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाया, जिसमें दोनों देश आर्थिक संबंधों को गहरा करने, तकनीकी सहयोग बढ़ाने और रणनीतिक महत्व के क्षेत्रों में साझेदारी मजबूत करने के लिए तत्पर हैं।


Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.