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बिहार विधानसभा चुनाव 2025: मतदान 67.13% के रिकॉर्ड के साथ संपन्न, 14 नवंबर को मतगणना

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चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का सफल आयोजन किया, जिसमें मतदान प्रतिशत 67.13% रहा, जो 1951 के बाद से सबसे अधिक है। आयोग ने मतगणना के लिए भी सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की है, जो 14 नवंबर 2025 को होगी।

मुख्य तथ्य:

  • बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में शून्य पुन: मतदान

    • 2,616 उम्मीदवारों द्वारा कोई पुन: मतदान नहीं मांगा गया।

    • 12 मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों द्वारा कोई पुन: मतदान नहीं मांगा गया।

  • SIR में शून्य अपील और अंतिम मतदाता सूची में कुल 7,45,26,858 मतदाता शामिल।

  • 12 मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों द्वारा किसी भी जिले में कोई अपील दर्ज नहीं की गई।

मतगणना की व्यवस्था:

  • राज्य के सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों में मतगणना की व्यवस्था की गई।

  • प्रत्येक क्षेत्र में 243 रिटर्निंग ऑफिसर (ROs) और 243 काउंटिंग ऑब्जर्वर मौजूद रहेंगे।

  • 4,372 काउंटिंग टेबल्स पर प्रत्येक टेबल पर एक काउंटिंग सुपरवाइजर, काउंटिंग असिस्टेंट और माइक्रो ऑब्जर्वर तैनात रहेंगे।

  • उम्मीदवारों द्वारा 18,000 से अधिक काउंटिंग एजेंट्स नियुक्त किए गए हैं।

मतगणना का क्रम:

  • मतगणना सुबह 8:00 बजे शुरू होगी।

  • पहले पोस्टल बैलेट की गिनती, फिर EVM की गिनती सुबह 8:30 बजे से होगी।

  • EVM गिनती के दौरान कंट्रोल यूनिट्स को काउंटिंग एजेंट्स के समक्ष दिखाया जाएगा और सील एवं फॉर्म 17C की जांच की जाएगी।

  • यदि कोई असंगति मिले तो VVPAT स्लिप की गिनती अनिवार्य रूप से की जाएगी।

  • EVM गिनती पूरी होने के बाद प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के पांच मतदान केंद्रों का यादृच्छिक चयन कर VVPAT मिलान किया जाएगा।

परिणाम:

  • परिणाम राउंड-वार और विधानसभा क्षेत्र-वार संबंधित ROs द्वारा आधिकारिक ECI परिणाम पोर्टल पर उपलब्ध कराए जाएंगे: https://results.eci.gov.in

  • सभी से अनुरोध है कि केवल इस पोर्टल से ही सटीक और प्रमाणित जानकारी प्राप्त करें।

इस प्रकार बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना पूरी पारदर्शिता और प्रभावी व्यवस्था के साथ आयोजित की जा रही है।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में ऐतिहासिक 64.66% मतदान, रिकॉर्ड तोड़ उत्साह के साथ शांतिपूर्ण मतदान सम्पन्न

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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण का मतदान आज शांतिपूर्ण और उत्सवपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ। राज्य के इतिहास में यह अब तक का सबसे अधिक मतदान रहा, जिसमें 64.66% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

इस चरण में 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ, जिसमें 3.75 करोड़ से अधिक मतदाता शामिल थे। चुनाव प्रक्रिया की निगरानी चुनाव आयोग द्वारा पूरी तरह लाइव वेबकास्टिंग के माध्यम से की गई — यह पहली बार है जब बिहार के सभी मतदान केंद्रों पर 100% लाइव वेबकास्टिंग सुनिश्चित की गई।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने आयोग के नियंत्रण कक्ष से सीधे प्रेसीडिंग ऑफिसर और जिला निर्वाचन अधिकारियों से संवाद कर मतदान की सुचारू प्रगति का जायजा लिया।

इस बार चुनाव आयोग ने कई नए और मतदाता-अनुकूल नवाचार किए, जिनमें उम्मीदवारों के रंगीन फोटो वाले बैलेट पेपर, मतदान केंद्रों पर मोबाइल जमा सुविधा, और नए डिज़ाइन की वोटर सूचना पर्ची (VIS) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रत्येक केंद्र पर अधिकतम 1,200 मतदाताओं की सीमा तय की गई ताकि भीड़भाड़ से बचा जा सके।

सभी मतदान केंद्रों पर व्हीलचेयर और स्वयंसेवक टैगिंग की सुविधा दी गई, जिससे दिव्यांग मतदाताओं (PwD) को सहायता मिली। इसके अलावा, उन्हें मतदान केंद्र तक पहुंचाने के लिए ई-रिक्शा सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।

महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 90,000 से अधिक जीविका दीदियों और महिला स्वयंसेवकों को हर मतदान केंद्र पर तैनात किया गया।

एक और उपलब्धि के रूप में, बिहार में पहली बार अंतरराष्ट्रीय चुनाव पर्यवेक्षक कार्यक्रम (IEVP) के तहत 6 देशों — दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया, थाईलैंड, फिलीपींस, बेल्जियम और कोलंबिया — के 16 प्रतिनिधियों ने मतदान प्रक्रिया का निरीक्षण किया। उन्होंने बिहार चुनाव को दुनिया के सबसे सुव्यवस्थित, पारदर्शी और सहभागी चुनावों में से एक बताया।

चुनाव आयोग ने बताया कि 45,341 मतदान केंद्रों पर आज सुबह 7 बजे से ही मतदान शांतिपूर्वक आरंभ हुआ, जबकि मॉक पोलिंग समय पर पूरी की गई। लगभग 4 लाख चुनावकर्मी रात 11:20 बजे तक अपने केंद्रों पर पहुंच चुके थे।

यह ऐतिहासिक मतदान दर बिहार में लोकतंत्र के प्रति जनता की गहरी आस्था और जागरूकता को दर्शाती है।


बिहार विधानसभा चुनाव 2025: निर्वाचन आयोग ने जारी किया कार्यक्रम — अब तक ₹108 करोड़ से अधिक की अवैध वस्तुएं जब्त, C-Vigil पर शिकायतों की निगरानी सख्त

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भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार विधानसभा के आम चुनाव 2025 और 8 विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनाव की तिथि की घोषणा कर दी है। आयोग ने राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को निर्देश दिया है कि वे आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct – MCC) के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।

चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए बिहार में 824 फ्लाइंग स्क्वाड्स (उड़न दस्ते) तैनात किए गए हैं, ताकि C-VIGIL ऐप पर प्राप्त शिकायतों का निपटारा 100 मिनट के भीतर किया जा सके।

3 नवंबर, 2025 तक, ₹108.19 करोड़ मूल्य की अवैध वस्तुएं जब्त की जा चुकी हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • नकद: ₹9.62 करोड़

  • शराब: ₹42.14 करोड़ (9.6 लाख लीटर)

  • मादक पदार्थ: ₹24.61 करोड़

  • कीमती धातुएं: ₹5.8 करोड़

  • अन्य मुफ्त वस्तुएं (फ्रीबीज़): ₹26 करोड़ से अधिक

यह कार्रवाई विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बहु-एजेंसी समन्वित प्रयासों के तहत की गई है।

निर्वाचन आयोग ने सभी प्रवर्तन एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे चुनाव के दौरान नकदी, मादक पदार्थ, शराब और अन्य प्रलोभनों की आवाजाही पर सख्त निगरानी रखें और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को रोकें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि जांच और तलाशी की कार्रवाई के दौरान आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा या उत्पीड़न का सामना न करना पड़े।

नागरिक और राजनीतिक दल C-Vigil ऐप के माध्यम से आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

इसके अतिरिक्त, शिकायतों की निगरानी के लिए कॉल सेंटर नंबर 1950 भी स्थापित किया गया है, जहां कोई भी नागरिक या राजनीतिक दल संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) या रिटर्निंग अधिकारी (RO) के पास अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। यह प्रणाली 24x7 सक्रिय है।

निर्वाचन आयोग ने बिहार में अंतर्राज्यीय सीमा से जुड़े मुद्दों पर समन्वय बैठक आयोजित की

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भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने आज बिहार में अंतर्राज्यीय सीमा से जुड़े मुद्दों पर एक समन्वय बैठक आयोजित की। इस बैठक में बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिवों, पुलिस महानिदेशकों (DGPs) और गृह विभाग के प्रमुख सचिवों के साथ-साथ गृह मंत्रालय, रेल मंत्रालय और सभी प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारी शामिल हुए।

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर, बिहार और इसके पड़ोसी राज्यों में कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में पुरुषों, सामग्री और धन के साथ-साथ हथियार, असामाजिक तत्व, शराब, नशीले पदार्थ और उपहारों की आवाजाही पर विशेष निगरानी रखने और नेपाल के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा सहित अंतर्राज्यीय सीमाओं की प्रभावी सीलिंग सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, ताकि शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।

बैठक के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि आयोग स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और प्रलोभन-मुक्त चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से अपील की कि वे चुनाव प्रक्रिया की पवित्रता बनाए रखने के लिए पूर्ण समन्वय और सहयोग के साथ कार्य करें।

आयोग ने मतदाताओं को सुगम और सुविधाजनक मतदान अनुभव प्रदान करने के लिए जारी निर्देशों के अनुपालन की भी समीक्षा की। बिहार विधानसभा के आम चुनाव 2025 को शांतिपूर्ण और प्रलोभन-मुक्त बनाने के लिए मुख्य सचिवों, पुलिस महानिदेशकों और केंद्रीय एजेंसियों के प्रमुखों को सख्त निर्देश दिए गए।

झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों, साथ ही सशस्त्र सीमा बल (SSB) के महानिदेशक को निर्देश दिया गया कि वे बिहार की सीमाओं से सटे इलाकों में सतर्कता बढ़ाएं और अंतर्राज्यीय चौकियों पर सघन जांच सुनिश्चित करें।

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), आयकर विभाग, केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) और राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) जैसी केंद्रीय एजेंसियों को चुनाव से पहले अपनी कार्रवाई तेज करने और ठोस खुफिया जानकारी के आधार पर अधिकतम जब्ती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025: मतदान और विज्ञापन संबंधी अहम निर्देश जारी

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भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार विधान सभा चुनाव 2025 और 8 सीटों के उपचुनाव (bye-elections) का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। चुनाव की तारीखें निम्नलिखित हैं:

  • चरण-1: 6 नवंबर 2025 (गुरुवार)

  • चरण-2: 11 नवंबर 2025 (मंगलवार)

प्रिंट मीडिया में राजनीतिक विज्ञापनों पर रोक

निर्वाचन अभियान के दौरान निष्पक्ष माहौल सुनिश्चित करने के लिए:

  • किसी भी राजनीतिक पार्टी, प्रत्याशी, संगठन या व्यक्ति को मतदान दिवस और मतदान से एक दिन पहले बिना पूर्व-स्वीकृति के प्रिंट मीडिया में कोई विज्ञापन प्रकाशित करने की अनुमति नहीं होगी।

  • विज्ञापन की पूर्व-स्वीकृति Media Certification and Monitoring Committee (MCMC) द्वारा राज्य/जिला स्तर पर दी जानी चाहिए।

बिहार के लिए प्रतिबंधित दिन:

  • चरण-1: 5 और 6 नवंबर 2025

  • चरण-2: 10 और 11 नवंबर 2025

 पूर्व-स्वीकृति (Pre-Certification) प्रक्रिया

  • जो भी व्यक्ति या पार्टी प्रिंट मीडिया में राजनीतिक विज्ञापन प्रकाशित करना चाहते हैं, उन्हें प्रस्तावित प्रकाशन तिथि से कम से कम दो दिन पहले MCMC में आवेदन करना होगा।

  • राज्य/जिला स्तर पर सक्रिय MCMC टीमें इस आवेदन की जांच करके त्वरित निर्णय देंगी, ताकि विज्ञापन समय पर स्वीकृत हो सके।


बिहार चुनाव: मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लागू, सोशल मीडिया पर निगरानी तेज

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6 अक्टूबर 2025 को बिहार विधान सभा के आम चुनाव और 8 विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनावों की घोषणा के साथ मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (MCC) लागू हो गया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह प्रावधान सोशल मीडिया और इंटरनेट पर उम्मीदवारों और पार्टियों द्वारा साझा किए जाने वाले सभी कंटेंट पर भी लागू होगा।

आयोग ने कहा कि अन्य पार्टियों की आलोचना केवल नीतियों, कार्यक्रमों, पिछले रिकॉर्ड और किए गए कार्यों तक सीमित होनी चाहिए और निजी जीवन से जुड़े पहलुओं पर टिप्पणी से बचना होगा। असत्यापित आरोप या तथ्य-विकृति पर आधारित आलोचना नहीं की जानी चाहिए।

साथ ही, आयोग ने AI-जनित कंटेंट के दुरुपयोग से सावधानी बरतने का आग्रह किया है। सभी राजनीतिक पार्टियों, उम्मीदवारों और प्रचारकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी AI-जनित या सिंथेटिक सामग्री पर स्पष्ट लेबलिंग हो, जैसे “AI-Generated”, “Digitally Enhanced” या “Synthetic Content”।

आयोग ने कहा कि सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और MCC का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


बड़ी खबर-बिहार विधानसभा चुनाव और उपचुनावों के लिए निर्वाचन आयोग ने प्रेक्षकों को दी ब्रीफिंग

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नई दिल्ली- भारत निर्वाचन आयोग ने आज आगामी बिहार विधानसभा आम चुनाव और विभिन्न राज्यों में होने वाले उपचुनावों के लिए नियुक्त किए जाने वाले केन्द्रीय प्रेक्षकों की ब्रीफिंग आयोजित की। यह बैठक नई दिल्ली स्थित भारतीय निर्वाचन प्रबंधन संस्थान (IIIDEM) में हुई।

कुल 425 अधिकारी इस ब्रीफिंग में शामिल हुए, जिनमें 287 आईएएस, 58 आईपीएस और 80 अधिकारी आईआरएस/आईआरएएस/आईसीएएस व अन्य सेवाओं से थे।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार, निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी ने प्रेक्षकों को संबोधित किया। सीईसी ज्ञानेश कुमार ने प्रेक्षकों को "लोकतंत्र का प्रकाशस्तंभ" बताते हुए कहा कि वे आयोग की “आंख और कान” हैं।

प्रेक्षकों को निर्देश दिया गया कि वे—

  • चुनावी कानूनों, नियमों और दिशा-निर्देशों से पूरी तरह परिचित हों।

  • निष्पक्षता और सख्ती के साथ नियमों का पालन कराएं।

  • राजनीतिक दलों, प्रत्याशियों और मतदाताओं की शिकायतों के समाधान के लिए सुलभ रहें।

  • मतदान केंद्रों का दौरा कर हाल ही में आयोग द्वारा मतदाताओं की सुविधा हेतु उठाए गए कदमों के क्रियान्वयन की निगरानी करें।

निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्छेद 324 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 20B के तहत केंद्रीय प्रेक्षकों की नियुक्ति करता है। ये प्रेक्षक आयोग की मदद से चुनावों को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के साथ-साथ मैदान स्तर पर चुनाव प्रक्रिया के प्रभावी प्रबंधन की देखरेख करते हैं।


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