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केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पंजाब के किसानों से की बातचीत, पराली प्रबंधन और मधुमक्खी पालन केंद्र का किया दौरा

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किसान चौपाल में किसानों से मिले केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, कृषि मशीनरी का लिया अवलोकन और ‘समन्यू हनी’ मधुमक्खी पालन केंद्र का दौरा किया

पंजाब के दौरे के दौरान केंद्रीय कृषि, किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लुधियाना के नूरपुर बेट गाँव में आयोजित किसान चौपाल में किसानों से संवाद किया, कृषि मशीनरी के लाइव डेमोंस्ट्रेशन का अवलोकन किया और दोराहा गाँव में स्थित ‘समन्यू हनी’ मधुमक्खी पालन केंद्र का दौरा किया।

नूरपुर बेट में शिवराज चौहान ने सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (SSMS) युक्त कॉम्बाइन हार्वेस्टर का लाइव प्रदर्शन देखा, जो धान की कटाई के लिए उपयोग किया जाता है, और हैप्पी स्मार्ट सीडर मशीन का अवलोकन किया, जो गेहूँ की बुआई के लिए डिज़ाइन की गई है।

मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री ने नूरपुर बेट के किसानों की सराहना करते हुए कहा कि यह गाँव 2017 से पराली जलाने से बच रहा है और इसके बजाय सतत् अवशेष प्रबंधन तकनीकों को अपनाया है। उन्होंने बताया कि कॉम्बाइन का उपयोग करने के बाद पराली खेत में समान रूप से फैली रहती है, जिससे उसका प्रबंधन आसान हो जाता है। शिवराज चौहान ने कहा कि हैप्पी स्मार्ट सीडर आधुनिक तकनीक का उदाहरण है, जो पराली को ढकते हुए मिट्टी को संपीड़ित करता है और बीज की सही मात्रा सुनिश्चित करता है। उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक कृषि मशीनों के उपयोग से किसानों का श्रम, समय और लागत बचती है।

केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि सही पराली प्रबंधन और डायरेक्ट सीडिंग तकनीक अपनाने से मिट्टी की उर्वरता समय के साथ बढ़ती है। उन्होंने कहा, “दो वर्षों के भीतर मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ जाएगी, जिससे यूरिया की आवश्यकता घटेगी और प्रति एकड़ फसल की उपज लगभग दो क्विंटल बढ़ जाएगी।” उन्होंने सभी किसानों से अपील की कि वे पराली जलाने से बचें और फसल अवशेष का जिम्मेदारी से प्रबंधन करें।

इसके बाद, केंद्रीय मंत्री ने दोराहा में ‘समन्यू हनी’ मधुमक्खी पालन केंद्र का दौरा किया, जहाँ उन्होंने स्थानीय किसानों से बातचीत की और मधुमक्खी पालन में नई मॉडलों और नवाचारों की समीक्षा की। उन्होंने मधुमक्खी पालन और ग्रामीण आजीविका से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं पर चर्चा की और ऐसे सतत् आय-सृजन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सरकार के निरंतर समर्थन का आश्वासन दिया।


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