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आयुष को सशक्त बनाने वाला बजट, समग्र स्वास्थ्य व्यवस्था की दिशा में ऐतिहासिक कदम : प्रतापराव जाधव

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माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं माननीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आयुष पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने वाले परिवर्तनकारी बजट घोषणाओं के लिए हृदय से आभार व्यक्त करते हुए, केंद्रीय आयुष एवं स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)प्रतापराव जाधव ने इन घोषणाओं को भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन बताया।

आयुष मंत्री ने बजट को “दूरदर्शी और भविष्य उन्मुख” बताते हुए कहा कि ये उपाय एक समग्र, समावेशी और वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी स्वास्थ्य प्रणाली के निर्माण के लिए सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं, जिसमें आयुष एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में उभर रहा है।

अपने बजट भाषण में माननीय वित्त मंत्री ने आयुष क्षेत्र में शिक्षा, अनुसंधान, गुणवत्ता आश्वासन, वैश्विक नेतृत्व, मेडिकल वैल्यू टूरिज़्म तथा कुशल मानव संसाधन विकास को विस्तार देने हेतु कई ऐतिहासिक पहलों की घोषणा की। ये कदम पारंपरिक चिकित्सा को निवारक स्वास्थ्य सेवा, आर्थिक विकास और वैश्विक वेलनेस नेतृत्व का प्रमुख चालक बनाने की भारत की आकांक्षा को सुदृढ़ करते हैं।

बजट का एक ऐतिहासिक पहलू तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों (AIIA) की स्थापना का प्रस्ताव है, जिससे उच्च गुणवत्ता वाली स्नातक एवं स्नातकोत्तर शिक्षा, उन्नत अनुसंधान और तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा। मौजूदा राष्ट्रीय संस्थानों की सफलता के आधार पर, ये संस्थान शैक्षणिक मानकों को ऊंचा उठाने और साक्ष्य-आधारित एकीकृत चिकित्सा को सुदृढ़ करने में सहायक होंगे।

बजट में आयुष फार्मेसियों एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं को उच्च प्रमाणन मानकों के अनुरूप उन्नत करने का भी प्रस्ताव है। इससे उत्पाद गुणवत्ता, उपभोक्ता विश्वास और निर्यात क्षमता को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही औषधीय पौधों की खेती करने वाले किसानों और प्रसंस्करण एवं विनिर्माण से जुड़े एमएसएमई को समर्थन मिलेगा।

भारत के वैश्विक नेतृत्व को और मजबूत करते हुए, जामनगर स्थित डब्ल्यूएचओ वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र को उन्नत किया जाएगा, जिससे अनुसंधान सहयोग, अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण और नीति संवाद को गहराई मिलेगी। इससे भारत पारंपरिक चिकित्सा के लिए वैश्विक ज्ञान केंद्र के रूप में स्थापित होगा।

आर्थिक एकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, प्रस्तावित पाँच क्षेत्रीय मेडिकल वैल्यू टूरिज़्म हब में आयुष केंद्रों को शामिल किया जाएगा। ये केंद्र उन्नत चिकित्सा उपचार के साथ पारंपरिक उपचार, वेलनेस सेवाओं और पुनर्वास सहायता को जोड़ते हुए एकीकृत स्वास्थ्य गंतव्य के रूप में विकसित होंगे। इससे आयुष चिकित्सकों, थैरेपिस्टों, योग प्रशिक्षकों और संबद्ध पेशेवरों के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

इसके अतिरिक्त, एनएसक्यूएफ से संरेखित केयरगिवर प्रशिक्षण कार्यक्रमों में योग और वेलनेस कौशल को शामिल किया गया है, जिसके तहत आगामी वर्ष में 1.5 लाख केयरगिवरों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इससे आयुष से जुड़े कौशल केयर इकॉनमी में मुख्यधारा में आएंगे और निवारक तथा जेरियाट्रिक देखभाल सेवाएं सशक्त होंगी।

प्रतापराव जाधव ने कहा कि पिछले एक दशक में माननीय प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आयुष क्षेत्र ने अभूतपूर्व संस्थागत विस्तार, वैश्विक मान्यता, डिजिटल विस्तार और अनुसंधान प्रगति देखी है। उन्होंने कहा, “यह बजट उसी मजबूत आधार पर आगे बढ़ते हुए विस्तार से समेकन, गुणवत्ता संवर्धन और वैश्विक एकीकरण की ओर ले जाता है। यह एक निर्णायक क्षण है, जहां पारंपरिक चिकित्सा को पूरक नहीं, बल्कि भारत के स्वास्थ्य भविष्य का अभिन्न अंग माना जा रहा है।”

आर्थिक प्रभाव पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा कि ये घोषणाएं स्वास्थ्य नीति को ग्रामीण आजीविका, निर्यात वृद्धि, युवा रोजगार और उद्यमिता से जोड़ती हैं, जिससे भारत के साक्ष्य-आधारित समग्र स्वास्थ्य देखभाल के वैश्विक केंद्र के रूप में उभरने को बल मिलता है।

उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री और माननीय वित्त मंत्री के प्रति उनके निरंतर समर्थन और दूरदर्शी दृष्टिकोण के लिए पुनः आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट एक स्वस्थ, आत्मनिर्भर और वैश्विक रूप से सम्मानित भारत के लिए एकीकृत स्वास्थ्य सेवा को संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में निर्णायक कदम है।


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