Media24Media.com: #AtalBihariVajpayee

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #AtalBihariVajpayee. Show all posts
Showing posts with label #AtalBihariVajpayee. Show all posts

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर दी श्रद्धांजलि, कहा—सुशासन और राष्ट्रनिर्माण के प्रतीक थे अटल जी

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती के अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी ने अपना संपूर्ण जीवन सुशासन, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण को समर्पित कर दिया। उनका व्यक्तित्व और विचार आज भी देश को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर अपने संदेश में कहा कि अटल जी न केवल एक प्रखर वक्ता और दूरदर्शी नेता थे, बल्कि वे एक ओजस्वी कवि भी थे, जिनकी रचनाओं में राष्ट्रप्रेम, संवेदना और मानवीय मूल्यों की गहरी झलक मिलती है। उनका नेतृत्व देश के चहुंमुखी विकास के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।

अटल बिहारी वाजपेयी जी भारतीय राजनीति के उन विरले नेताओं में से थे, जिन्हें पक्ष और विपक्ष—दोनों में समान सम्मान प्राप्त था। वे तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे और उनके कार्यकाल में भारत ने सुशासन, आर्थिक सुधार, बुनियादी ढांचे के विकास और वैश्विक मंच पर सशक्त पहचान की दिशा में ऐतिहासिक प्रगति की। पोखरण परमाणु परीक्षण, स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना और ग्राम सड़क योजना जैसे निर्णय उनके दूरदर्शी नेतृत्व के उदाहरण हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अटल जी का जीवन और विचार आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे और उनका योगदान भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा।

प्रधानमंत्री का संदेश:

“देशवासियों के हृदय में बसे पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी को उनकी जयंती पर सादर नमन। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन सुशासन और राष्ट्र निर्माण को समर्पित कर दिया। वे एक प्रखर वक्ता के साथ-साथ ओजस्वी कवि के रूप में भी सदैव स्मरणीय रहेंगे। उनका व्यक्तित्व, कृतित्व और नेतृत्व देश के चहुंमुखी विकास के लिए पथ-प्रदर्शक बना रहेगा।”


सांसद खेल महोत्सव के समापन की तैयारियों की समीक्षा: डॉ. जितेंद्र सिंह ने जिलाधिकारियों और विधायकों के साथ की वर्चुअल बैठक

No comments Document Thumbnail

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज उधमपुर–कठुआ–डोडा लोकसभा क्षेत्र के उपायुक्तों (DCs) और विधायकों (MLAs) के साथ एक वर्चुअल बैठक कर सांसद खेल महोत्सव के समापन कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। यह समापन कार्यक्रम 25 दिसंबर 2025 को आयोजित किया जाएगा, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअली संबोधित करेंगे।

बैठक में विभिन्न जिलों और विधानसभा क्षेत्रों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया ताकि समापन कार्यक्रम का सफल आयोजन सुनिश्चित किया जा सके। डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि 25 दिसंबर को होने वाला यह समापन कार्यक्रम सभी विधानसभा क्षेत्रों में एक साथ आयोजित किया जाएगा, जिसमें जिला प्रशासन, विधायक और सांसद सक्रिय रूप से भाग लेंगे। यह आयोजन 25 अगस्त 2025 को शुरू हुए सांसद खेल महोत्सव के सफल समापन का प्रतीक होगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सांसद खेल महोत्सव को एक पैन-इंडिया, बड़े स्तर की पहल के रूप में परिकल्पित किया गया है, जिसका उद्देश्य जमीनी स्तर की खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना और फिट इंडिया मूवमेंट के तहत एक स्वस्थ, फिट और खेलोन्मुख भारत की दृष्टि को सशक्त करना है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने निर्देश दिए कि सभी जिले विभिन्न संभावित आयोजन मॉडलों—जैसे जिला स्तर और संसदीय क्षेत्र स्तर—के लिए पूरी तरह तैयार रहें। उन्होंने प्रधानमंत्री के वर्चुअल संबोधन को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त स्थलों, सुनिश्चित कनेक्टिविटी और आवश्यक बुनियादी ढांचे की पहचान करने पर बल दिया।

सांसद खेल महोत्सव की दीर्घकालिक सोच पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि यह पहल केवल एक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य देशभर में एक स्थायी खेल पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है। उन्होंने निर्देश दिया कि पंचायत, ब्लॉक, जिला और उच्च स्तर पर विजेताओं का विवरण निर्धारित पोर्टलों पर समयबद्ध तरीके से अपलोड किया जाए, ताकि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें आगे के प्रशिक्षण, अवसर और उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए समर्थन दिया जा सके।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 25 दिसंबर का दिन सुशासन दिवस (सुषासन दिवस) तथा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। इस अवसर को शासन, युवा सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण के विषयों से जोड़ने का अवसर बताते हुए उन्होंने जिलों से स्थानीय कार्यक्रमों को इन राष्ट्रीय आयोजनों के साथ समन्वित करने का आग्रह किया।

बैठक में यह भी बताया गया कि समापन कार्यक्रमों में स्थानीय युवा, खिलाड़ी, सामुदायिक प्रतिनिधि और खेल जगत की प्रतिष्ठित हस्तियां भाग लेंगी। ये कार्यक्रम “MY Bharat” प्लेटफॉर्म के अंतर्गत आयोजित किए जाएंगे, जिन्हें युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय तथा जिला प्रशासन का सहयोग प्राप्त होगा, जिससे व्यापक जनभागीदारी और जनसंपर्क सुनिश्चित किया जा सकेगा।

बैठक के अंत में डॉ. जितेंद्र सिंह ने सभी हितधारकों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान किया और कहा कि सांसद खेल महोत्सव का समापन कार्यक्रम एक आदर्श राष्ट्रीय आयोजन के रूप में उभरना चाहिए, जो खेल संस्कृति को बढ़ावा देने, युवा प्रतिभाओं को निखारने और फिट इंडिया मूवमेंट को मजबूत करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाए। उन्होंने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे और समयबद्ध तैयारी को कार्यक्रम की सफलता की कुंजी बताया।

छत्तीसगढ़ विधानसभा का 25 साल का इंतजार खत्म, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नए विधानसभा भवन को राज्य को किया समर्पित

No comments Document Thumbnail

रजत जयंती वर्ष में छत्तीसगढ़ को मिला अपना भव्य और आधुनिक विधानसभा भवन

परंपरा और आधुनिकता का संगम छत्तीसगढ़ विधानसभा का नया भवन

रायपुर-प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आज नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन के लोकार्पण के साथ ही विधानसभा के खुद के भवन का 25 साल का इंतजार खत्म हो गया। राज्य निर्माण के रजत जयंती वर्ष में राज्योत्सव के मौके पर छत्तीसगढ़ को अपना भव्य और आधुनिक विधानसभा भवन मिला। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मुख्य आतिथ्य में नए विधानसभा परिसर में आयोजित लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि यह हम सबके लिए बहुत गौरव का क्षण है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सदैव लोकतांत्रिक परंपराओं पर गहरा विश्वास रहा है। राज्य की समृद्धि और खुशहाली के फैसले अब इस भवन में होंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि यहां राज्य के हित से जुड़े विधेयकों व मुद्दों पर सार्थक चर्चा से जनता की आकांक्षाएं और अपेक्षाएं पूर्ण होंगी। यह नया भवन छत्तीसगढ़ विधानसभा की परंपरा तथा लोकतंत्र की भावनाओं को और मजबूत करेगी एवं इनका गौरव बढ़ाएंगी। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन भगवान श्रीराम के ननिहाल और माता कौशल्या की धरती छत्तीसगढ़ के लिए स्वर्णिम है। छत्तीसगढ़ विधानसभा का पिछले 25 वर्षों में गौरवशाली इतिहास रहा है। राज्य सरकार पिछले 21-22 महीनों से मोदी की गारंटी को पूरा करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को अटलजी ने बनाया है और मोदी जी इसे संवारने का काम कर रहे हैं। 

छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज प्रदेश के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण है। आज यह भवन, भूमि और मंच अभूतपूर्व समय का साक्षी बन रहा है। छत्तीसगढ़ के इतिहास में आज का दिन स्वर्णिम अक्षरों में अंकित रहेगा। आज के दिन ही 25 वर्ष पहले स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी ने राज्य का निर्माण किया था और आज ही यह अपने निर्माण से विधान तक का सफर पूरा कर रहा है। उन्होंने बताया कि नया विधानसभा भवन 80 प्रतिशत स्वदेशी मटेरियल से बना है। सदन में बस्तर के सागौन से निर्मित फर्नीचर और दरवाजे हैं, सीलिंग में धान की बालियों की कलाकारी है। छत्तीसगढ़ को यहां समाहित किया गया है। राज्यपाल रमेन डेका, केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्रीद्वय अरुण साव और विजय शर्मा, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और सांसद बृजमोहन अग्रवाल भी विधानसभा भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए।   

खूबसूरत इमारत ही नहीं, छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक

छत्तीसगढ़ के इतिहास में आज 1 नवम्बर के दिन एक नया अध्याय जुड़ा। वर्ष 2000 में राज्य गठन के बाद रायपुर के राजकुमार कॉलेज से शुरू हुई छत्तीसगढ़ विधानसभा को 25 वर्षों के बाद रजत जयंती वर्ष में अपना भव्य, आधुनिक और पूर्ण सुविधायुक्त स्थायी भवन मिल गया है। यह भवन केवल एक खूबसूरत इमारत ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक भी है।

कृषि-प्रधान संस्कृति और बस्तर के काष्ठ शिल्प की झलक

‘धान का कटोरा’ कहलाने वाले छत्तीसगढ़ की पहचान को इस भवन की वास्तुकला में बखूबी पिरोया गया है। विधानसभा के सदन की सीलिंग पर धान की बालियों और पत्तियों को उकेरा गया है, जो प्रदेश की कृषि-प्रधान संस्कृति का प्रतीक है। भवन के ज्यादातर दरवाजे और फर्नीचर बस्तर के पारंपरिक काष्ठ शिल्पियों द्वारा बनाए गए हैं। इस तरह नया विधानसभा भवन आधुनिकता और परंपरा का एक जीवंत संगम बन गया है।

भविष्य की जरूरतों के अनुरूप अत्याधुनिक भवन

नए विधानसभा भवन को वर्तमान और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। यह पूरी तरह सर्वसुविधायुक्त और सुसज्जित भवन है, जिसके सदन को 200 सदस्यों तक के बैठने के लिए विस्तारित किया जा सकता है। पेपरलेस विधानसभा संचालन के लिए आवश्यक तकनीकी सुविधाओं का समावेश भी किया गया है, जिससे यह भवन ‘स्मार्ट विधानसभा’ के रूप में विकसित होगा।

324 करोड़ की लागत से बना 51 एकड़ में फैला परिसर

कुल 51 एकड़ में फैले इस परिसर का निर्माण 324 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है। भवन को तीन मुख्य हिस्सों—विंग-ए, विंग-बी और विंग-सी—में विभाजित किया गया है। विंग-ए में विधानसभा का सचिवालय, विंग-बी में सदन, सेंट्रल हॉल, मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय, तथा विंग-सी में मंत्रियों के कार्यालय स्थित हैं।

हरित तकनीक से निर्मित पर्यावरण अनुकूल भवन

यह भवन पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल और हरित निर्माण तकनीक से बनाया गया है। परिसर में सोलर प्लांट की स्थापना के साथ वर्षा जल संचयन हेतु दो सरोवर भी बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा, भवन में पर्यावरण-संरक्षण के सभी मानकों का पालन किया गया है।

500 सीटर ऑडिटोरियम और 200 सीटर सेंट्रल हॉल

विधानसभा भवन में 500 दर्शक क्षमता वाला अत्याधुनिक ऑडिटोरियम और 200 सीटर सेंट्रल हॉल बनाया गया है। भवन की वास्तुकला आधुनिकता और पारंपरिक शैलियों का उत्कृष्ट मेल है।

तीन करोड़ जनता की आकांक्षाओं का प्रतीक

छत्तीसगढ़ की संस्कृति और शिल्प से सजे-संवरे इस नए विधानसभा भवन में राज्य के तीन करोड़ नागरिकों की उम्मीदें, आकांक्षाएं और आत्मगौरव साकार होता दिखेगा। यह भवन न केवल लोकतांत्रिक व्यवस्था का, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान, प्रगति और परंपरा का प्रतीक भी बनेगा।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.