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पीएम विश्वकर्मा योजना 2025: कौशल प्रशिक्षण, ऋण सुविधा और विपणन समर्थन से लाभार्थियों को सशक्त बनाने की पहल

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राष्ट्रीय संचालन समिति (NSC) पीएम विश्वकर्मा योजना के कार्यान्वयन की सर्वोच्च संस्था है। इस समिति की बैठकें कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) और वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के सचिव द्वारा सह-अध्यक्षता में आयोजित की जाती हैं।

10 अक्टूबर 2025 को हुई पिछली NSC बैठक में कई प्रस्ताव और नीतिगत उपाय स्वीकृत किए गए। इनमें शामिल हैं:

  • उन्नत कौशल प्रशिक्षण के लिए पात्रता मानदंड का निर्धारण

  • ऋण स्वीकृति और वितरण में सुधार जैसे लंबित आवेदन पुनः देखना, छोटे ऋण (₹50,000–₹1,00,000) उपलब्ध कराना ताकि EMI बोझ कम हो, 716 जिलों में जागरूकता शिविरों में बैंक अधिकारियों की भागीदारी सुनिश्चित करना, और कौशल प्रशिक्षण केंद्रों में वित्तीय सलाह हेतु एक दिन बैंक अधिकारियों की उपस्थिति

ऋण आवेदनों की समीक्षा और पुनर्विचार

  • शाखा स्तर पर अस्वीकृत आवेदनों के लिए अपील और पुनः समीक्षा की व्यवस्था है

  • DFS ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वे उन लाभार्थियों से लिखित पुष्टि लें जो ऋण लेने से इंकार करते हैं

  • बैंकों को जिला/राज्य स्तर पर समितियाँ बनाने का निर्देश भी दिया गया है, ताकि असंपर्क या अस्वीकृति वाले मामलों को पुनः सम्पर्क किया जा सके

  • लाभार्थियों तक संदेश 12 क्षेत्रीय भाषाओं में भेजे जा रहे हैं और कॉल सेंटर के माध्यम से संपर्क किया जा रहा है

  • जो लाभार्थी प्रारंभ में ऋण विकल्प नहीं चुनते, वे PM Vishwakarma पोर्टल या नजदीकी CSC के माध्यम से ऋण ले सकते हैं

तीन-स्तरीय सत्यापन प्रक्रिया

  1. ग्राम पंचायत/शहरी स्थानीय निकाय स्तर पर सत्यापन

  2. जिला कार्यान्वयन समिति (DIC) द्वारा सत्यापन और सिफारिश, जिसका अध्यक्ष जिला कलेक्टर

  3. MSME DFO, SLBC सदस्य और MSDE सदस्य की अध्यक्षता में स्क्रीनिंग समिति द्वारा अनुमोदन

योजना के तहत 30 लाख लाभार्थियों को 5 वर्षों (FY 2023-24 से FY 2027-28) के लिए कवर करने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। इसके माध्यम से लाभार्थियों को कौशल प्रशिक्षण, ऋण, टूलकिट, प्रोत्साहन और विपणन सहायता प्रदान की जा रही है।

बाजार एवं विपणन समर्थन

  • राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लाभार्थियों के लिए ट्रेड फेयर्स और राज्य स्तर के प्रदर्शनियों में भागीदारी

  • ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स (ONDC, Fabindia, Meesho, GeM) के माध्यम से ऑनलाइन विपणन सहायता

  • दिल्ली हाट में राष्ट्रीय स्तर की ट्रेड फेयर/प्रदर्शनी आयोजित

  • उत्पादों के डिज़ाइन, विविधीकरण, ब्रांडिंग और पैकेजिंग के लिए NID, IIP, IRMA जैसी संस्थाओं के माध्यम से मूल्य संवर्धन

  • प्रमुख शहरों में PM Vishwakarma एम्पोरियम/हाट स्थापित करने की योजना

यह जानकारी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री राज्य मंत्री (सुश्री शोभा करंदलाजे) ने लोकसभा में लिखित उत्तर में दी।

जशपुर जिले में शिल्पकारों के लिए स्थापित होगा ग्लेज़िंग यूनिट: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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कुम्हारों को 100 इलेक्ट्रॉनिक चाक का वितरण

कुम्हार समाज के मंगल भवन के विस्तार के लिए 25 लाख रुपए की घोषणा

श्री विष्णु महायज्ञ चक्र पूजा कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के ग्राम नारायणपुर में कुम्हार समाज द्वारा आयोजित श्री विष्णु महायज्ञ एवं चक्र पूजा कार्यक्रम में शामिल हुए और पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने इस अवसर पर ग्राम गोरिया में माटी कला बोर्ड के माध्यम से कुम्हारों के लिए ग्लेज़िंग यूनिट स्थापित करने तथा कुम्हार समाज के मंगल भवन के विस्तार के लिए 25 लाख रुपए की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में सरगुजा संभाग के 100 कुम्हारों को इलेक्ट्रॉनिक चाक का भी वितरण किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कुम्हार समाज द्वारा आयोजित श्री विष्णु महायज्ञ का यह पवित्र आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण है। चक्र पूजा केवल मिट्टी के चाक की आराधना नहीं, बल्कि सृष्टि के निर्माण, परिश्रम, रचनात्मकता और मानव जीवन की निरंतरता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कुम्हार समाज छत्तीसगढ़ी संस्कृति का अभिन्न अंग है। आप सभी मिट्टी की कला में सिद्धहस्त हैं। आपकी रचनात्मक मेहनत हमारे तीज-त्योहारों और धार्मिक अनुष्ठानों को जीवंत और पूर्णता प्रदान करती है। हमारी सरकार आपकी इस अनमोल विरासत के संरक्षण, संवर्धन और सशक्तिकरण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक चाक (इलेक्ट्रिक पॉटर व्हील) का वितरण किया जा रहा है, जिससे मेहनत कम होगी, उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और उत्पादों को बेहतर फिनिशिंग मिलेगी। इससे बाजार में ऊँचा मूल्य मिलेगा और वर्षभर स्थिर आमदनी सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि कारीगरों के प्रशिक्षण के लिए नई डिजाइन, आधुनिक तकनीक और उद्यमिता से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं। हमारी सरकार कुम्हारों को वित्तीय सहायता भी प्रदान कर रही है, जिससे आप नए उपकरण खरीदकर अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकें। मार्केटिंग के लिए मेलों, प्रदर्शनियों और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म्स का उपयोग बढ़ाया जा रहा है, जिससे आपकी कला पूरे देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों तक पहुँच सके। उन्होंने छत्तीसगढ़ की माटी कला को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की अपील की।

कार्यक्रम में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, विधायक गोमती साय और रायमुनी भगत, पद्मश्री जागेश्वर यादव, माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष शंभूराम चक्रवर्ती, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका अध्यक्ष जशपुर अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका जशपुर उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, कृष्ण कुमार राय, विजय आदित्य प्रताप सिंह जूदेव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक बंधु और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।


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