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मुंबई में शुरू हुआ BRICS WAVES Bazaar 2026, रचनात्मक अर्थव्यवस्था को मिलेगा वैश्विक मंच

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BRICS WAVES Bazaar का शुभारंभ आज मुंबई में हुआ। दो दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में BRICS सदस्य एवं साझेदार देशों के 500 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इसका उद्देश्य ऑडियो-विजुअल और रचनात्मक उद्योगों में संवाद, व्यापारिक सहयोग, ज्ञान के आदान-प्रदान तथा सीमा-पार साझेदारियों को बढ़ावा देना है।

इस आयोजन में विभिन्न देशों के सरकारी प्रतिनिधि, उद्योग संगठन, फिल्म निर्माता, कंटेंट क्रिएटर्स, प्रोड्यूसर्स, निवेशक, ब्रॉडकास्टर्स, OTT प्लेटफॉर्म, टेक्नोलॉजी कंपनियां, स्टार्टअप्स, सांस्कृतिक संस्थान और रचनात्मक उद्यम शामिल हो रहे हैं।

मुंबई वैश्विक क्रिएटिव इकोसिस्टम का केंद्र: आशीष शेलार

उद्घाटन समारोह में मुख्य वक्तव्य देते हुए महाराष्ट्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, एआई एवं संस्कृति मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार ने सभी प्रतिनिधियों का स्वागत किया। उन्होंने मुंबई को भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था का केंद्र बताते हुए कहा कि कला और प्रौद्योगिकी के बीच की सीमाएं तेजी से समाप्त हो रही हैं।

उन्होंने कहा कि BRICS WAVES Bazaar केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि वैश्विक रचनात्मक अर्थव्यवस्था के भविष्य को आकार देने वाला उच्च स्तरीय मंच है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक बार फिर 'विश्वगुरु' के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। इस दिशा में 'ऑरेंज इकोनॉमी' महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, जहां भारत की सांस्कृतिक विरासत, रचनात्मकता और आधुनिक व्यापार का संगम होता है।

प्रधानमंत्री की सांस्कृतिक दृष्टि का विस्तार: चंचल कुमार

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव चंचल कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार संस्कृति और रचनात्मकता को देशों और समाजों को जोड़ने का प्रभावी माध्यम बताते रहे हैं। इसी दृष्टि से भारत का BRICS देशों के साथ सिनेमा सहयोग लगातार मजबूत हुआ है।

उन्होंने बताया कि मुंबई में आयोजित BRICS WAVES Bazaar और नवंबर 2026 में भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) के साथ आयोजित होने वाला BRICS फिल्म फेस्टिवल रचनात्मक उद्योगों को दो अलग-अलग लेकिन पूरक मंच उपलब्ध कराएंगे। एक मंच व्यापार, साझेदारी और बाजार तक पहुंच के लिए होगा, जबकि दूसरा फिल्मों, फिल्मकारों और दर्शकों को जोड़ने का कार्य करेगा।

उन्होंने कहा कि BRICS देशों के पास कहानियों, प्रतिभा, दर्शकों, तकनीक और उद्यमिता का विशाल भंडार है। WAVES Bazaar का उद्देश्य इन सभी क्षमताओं को एक साझा मंच पर लाना है, जहां नई परियोजनाएं, सह-निर्माण (Co-production), निवेश और नए बाजारों के अवसर विकसित हो सकें।

BRICS देशों के कंटेंट को मिले व्यापक पहुंच

चंचल कुमार ने कहा कि BRICS देशों की फिल्मों, वेब सीरीज, एनीमेशन, संगीत और डिजिटल कंटेंट की सदस्य देशों के भीतर बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत इस दिशा में अपने अनुभव साझा करने और संस्थागत एवं व्यावसायिक सहयोग को मजबूत करने के लिए तैयार है।

उन्होंने बताया कि भारत WAVES, WAVES Bazaar, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज, इंडिया सिने हब तथा क्रिएटर स्किलिंग एवं स्टार्टअप्स जैसी पहलों के माध्यम से वैश्विक सहयोग को बढ़ावा दे रहा है।

साथ ही उन्होंने सभी BRICS सदस्य एवं साझेदार देशों को 2027 में मुंबई में आयोजित होने वाले अगले WAVES संस्करण में सक्रिय भागीदारी के लिए आमंत्रित किया।

IFFI 2026 में दिखाई जाएंगी 250 फिल्में

प्रसिद्ध फिल्म निर्माता एवं IFFI के फेस्टिवल डायरेक्टर आशुतोष गोवारिकर ने सभी प्रतिभागियों को IFFI 2026 में शामिल होने का निमंत्रण दिया। उन्होंने बताया कि महोत्सव में 8 क्यूरेटेड सेक्शनों में लगभग 250 फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि किसी भी देश की संस्कृति और समाज को समझने का सबसे प्रभावी माध्यम उसका सिनेमा होता है। BRICS WAVES Bazaar जैसे मंच फिल्म निर्माताओं, लेखकों और निवेशकों को एक साथ लाकर नए सहयोग और नई फिल्मों का मार्ग प्रशस्त करते हैं।

वैश्विक अर्थव्यवस्था में रचनात्मक उद्योगों की बढ़ती भूमिका

विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (MER-III) राजीव बोडवाडे ने कहा कि भारत की अध्यक्षता में आयोजित BRICS WAVES Bazaar 2026 का विषय "Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability" है।

उन्होंने बताया कि रचनात्मक अर्थव्यवस्था वैश्विक GDP का लगभग 3.1 प्रतिशत योगदान देती है और अंतरराष्ट्रीय सेवा निर्यात में 1.4 ट्रिलियन डॉलर से अधिक का योगदान करती है। उन्होंने कहा कि BRICS देश अपनी डिजिटल क्षमता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के माध्यम से इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

दो दिनों तक होंगे सम्मेलन और बिजनेस मीटिंग्स

नेशनल फिल्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (NFDC) के प्रबंध निदेशक प्रकाश मगदूम ने बताया कि दो दिवसीय आयोजन में उच्च स्तरीय सम्मेलन, मुख्य व्याख्यान, पैनल चर्चा, बिजनेस नेटवर्किंग और बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) बैठकें आयोजित की जाएंगी।

इन चर्चाओं में अंतरराष्ट्रीय सह-निर्माण, कंटेंट फाइनेंसिंग, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, बौद्धिक संपदा (IP), महिला उद्यमिता, उभरती तकनीक, सार्वजनिक नीति और दक्षिण-दक्षिण सहयोग जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

समापन पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के संयुक्त सचिव सेंथिल राजन ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि BRICS WAVES Bazaar भारत की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसके तहत रचनात्मक अर्थव्यवस्था को नवाचार, उद्यमिता, रोजगार और आर्थिक विकास का प्रमुख आधार बनाया जा रहा है।

यह आयोजन BRICS सदस्य एवं साझेदार देशों के बीच व्यापार, निवेश और सांस्कृतिक सहयोग के नए अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

भारत का AVGC-XR सेक्टर: वैश्विक क्रिएटिव इकोनॉमी में नया मुकाम

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प्रमुख बिंदु (Key Takeaways)

  • भारत का मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर एक उभरता हुआ उद्योग है, जो डिजिटल नवाचार और क्रिएटिव-टेक विकास से संचालित होकर 2030 तक USD 100 बिलियन पार करने का अनुमान है।

  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज (IICT) वैश्विक साझेदारी जैसे Netflix, Google, Microsoft, NVIDIA आदि के माध्यम से रचनात्मक शिक्षा को नया आकार दे रहा है, और विश्व-स्तरीय टैलेंट इकोसिस्टम तैयार कर रहा है।

  • भारतीय VFX और एनीमेशन स्टूडियो अब वैश्विक सिनेमा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, जैसे Avatar, Thor: The Dark World, Game of Thrones।

भारत की क्रिएटिव इकॉनमी का उत्कर्ष

भारत का मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर देश के सबसे तेजी से बढ़ते उद्योगों में से एक बन गया है। यह डिजिटल नवाचार, युवा-प्रेरित मांग, और क्रिएटिव उद्यमिता में वृद्धि से संचालित है। सरकार ने इसे सेवा अर्थव्यवस्था के उच्च संभावित क्षेत्रों में मान्यता दी है।

  • यह सेक्टर लगभग 7% वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ रहा है और 2027 तक लगभग ₹3,067 अरब तक पहुँचने का अनुमान है।

  • राष्ट्रीय दृष्टिकोण इसे 2030 तक USD 100 बिलियन तक बढ़ाने की योजना रखता है, जिससे भारत एक कंटेंट उपभोक्ता से वैश्विक क्रिएटर और आईपी निर्यातक में बदल सके।

मुख्य स्तंभ:

  1. एनिमेशन, VFX, गेमिंग, और एक्सटेंडेड रियलिटी (XR) में घरेलू क्षमता को मजबूत करना।

  2. प्रशिक्षण, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और नवाचार-चालित संस्थानों में निवेश।

  3. क्षेत्रीय और भाषाई सीमाओं के पार समान भागीदारी सुनिश्चित करना।

आर्थिक योगदान

  • मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर ने वैल्यू एडिशन और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

  • भारत में एनिमेशन और VFX सेवाओं में 40-60% लागत लाभ है, जो बड़ी संख्या में कुशल श्रमिकों द्वारा समर्थित है।

  • लगभग 25% भारतीय OTT सामग्री का व्यूअरशिप विदेशों से आता है, जो भारत की वैश्विक सांस्कृतिक और वाणिज्यिक उपस्थिति को दर्शाता है।

AVGC-XR क्रांति

AVGC-XR सेक्टर (Animation, Visual Effects, Gaming, Comics और Extended Reality) में तकनीक, कहानी और नवाचार का संगम भारत की मीडिया और एंटरटेनमेंट वृद्धि के अगले अध्याय को परिभाषित कर रहा है।

संस्थागत ढांचा और IICT

  • AVGC-XR सेक्टर को राष्ट्रीय विकास का प्रमुख चालक मानते हुए 2022 में AVGC प्रोमोशन टास्क फोर्स का गठन किया गया।

  • टास्क फोर्स ने राष्ट्रीय AVGC-XR मिशन की स्थापना की सिफारिश की और भारत को डिजिटल कंटेंट क्रिएशन के लिए वैश्विक केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा।

  • इस सेक्टर में अगले दस वर्षों में लगभग 20 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है।

IICT की प्रमुख उपलब्धियाँ:

  • मई 2025: IICT को सेक्शन 8 कंपनी के रूप में औपचारिक रूप दिया गया।

  • मई 2025: Google, YouTube, Meta, Adobe, Microsoft, NVIDIA, Wacom, और JioStar के साथ साझेदारी।

  • जुलाई 2025: प्रथम शैक्षणिक सत्र के लिए प्रवेश शुरू।

  • जुलाई 18, 2025: मुंबई के NFDC कॉम्प्लेक्स में पहला IICT कैंपस उद्घाटित।

  • अगस्त 30, 2025: WaveX Media-Tech स्टार्टअप इनक्यूबेटर लॉन्च।

  • अक्टूबर 7, 2025: FICCI और Netflix के साथ MoU, ग्लोबल कंटेंट विशेषज्ञता को शिक्षा प्रणाली में जोड़ने हेतु।

राष्ट्रीय AVGC-XR सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (NCoE):

  • 2024 में सरकार द्वारा मंजूरी।

  • प्रशिक्षण, शोध, और उद्योग सहयोग के लिए apex बॉडी।

राज्य-स्तरीय पहल

  • कर्नाटक AVGC-XR नीति 2024–2029: स्किलिंग, इनक्यूबेशन, वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर केंद्रित।

  • महाराष्ट्र AVGC-XR नीति 2025: ₹3,268 करोड़ बजट के साथ, लंबी अवधि का रोडमैप 2050 तक।

नीति सुधार और बुनियादी ढांचा

  1. Cinematograph (Amendment) Act, 2023: डिजिटल पायरेसी रोकने के लिए सख्त प्रावधान।

  2. National Broadcasting Policy: आधुनिक, समावेशी और विकासोन्मुख ढांचा।

  3. India Cine Hub: फिल्म निर्माण प्रक्रिया में एकल-खिड़की सुविधा।

WAVES – ग्लोबल प्लेटफ़ॉर्म

  • World Audio Visual and Entertainment Summit (WAVES) 1–4 मई 2025, मुंबई।

  • PM द्वारा उद्घाटन।

  • WAVES Declaration on Global Media Cooperation अपनाई गई।

  • ₹1,328 करोड़ का बिज़नेस पाइपलाइन और ₹50 करोड़ का निवेश पूल स्टार्टअप्स के लिए।

उपलब्धियाँ और प्रभाव

  • भारतीय VFX और एनीमेशन स्टूडियो Avatar, Thor, Game of Thrones, RRR जैसे वैश्विक प्रोजेक्ट्स में शामिल।

  • गेमिंग इंडस्ट्री: BGMI, FAU-G।

  • कॉमिक्स और लोककथाएँ डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर।

  • स्टार्टअप्स और नए IPs के माध्यम से स्वदेशी नवाचार बढ़ा।

अकादमिक–इंडस्ट्री इंटीग्रेशन

  • AVGC हब और IICT ने लंबे समय तक शिक्षा–उद्योग सहयोग को संभव बनाया।

  • WaveX Media-Tech स्टार्टअप एक्सेलेरेटर और T-Hub, हैदराबाद ने नवाचार हब स्थापित किया।

भारत की AVGC-XR सेक्टर के लिए रोडमैप

  1. एनिमेशन और VFX: Centres of Excellence और वित्तीय प्रोत्साहन।

  2. गेमिंग और eSports: संरचित इकोसिस्टम, स्टार्टअप्स और निवेश।

  3. XR और उभरती तकनीकें: शिक्षा, पर्यटन, रक्षा और स्वास्थ्य में अनुप्रयोग।

  4. कॉमिक्स और डिजिटल IPs: भारतीय कथाओं का डिजिटलीकरण और ट्रांसमीडिया फ्रेंचाइजी।

  5. रणनीतिक प्राथमिकताएँ: शिक्षा में AVGC-XR को एकीकृत करना, IP सुरक्षा, ग्लोबल मार्केट तक पहुँच।

इस पूरे ढांचे का उद्देश्य भारत को वैश्विक AVGC-XR पावरहाउस के रूप में स्थापित करना है, जो प्रतिभा, तकनीक और रचनात्मक उद्यमिता द्वारा संचालित हो।


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