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830 करोड़ से अधिक के विकास परियोजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास, पीएम मोदी ने सिंगुर में रेल व जलमार्ग से जुड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर को बताया देश की नई धड़कन

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 पश्चिम बंगाल- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सिंगुर, हुगली जिले में 830 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और ट्रेन सेवाओं का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि पूर्वी भारत के विकास के बिना विकसित भारत का सपना पूरा नहीं हो सकता और केंद्र सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों में पश्चिम बंगाल में रेल और जलमार्ग से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्टों का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया गया है, जिससे राज्य की कनेक्टिविटी और आर्थिक संभावनाएं मजबूत होंगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कल वे मालदा में थे और आज हुगली में लोगों के बीच आने का सौभाग्य मिला। उन्होंने यह भी कहा कि इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल के विकास से जुड़े सैकड़ों करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया है। पीएम मोदी ने बताया कि कल देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन पश्चिम बंगाल से शुरू हुई और लगभग आधा दर्जन नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें भी राज्य को मिलीं। आज तीन और अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें शुरू की गईं, जिनमें से एक ट्रेन उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी और बंगाल के बीच कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि इन नई ट्रेन सेवाओं से दिल्ली और तमिलनाडु के लिए भी कनेक्टिविटी बढ़ेगी और बीते 24 घंटे पश्चिम बंगाल के लिए रेल कनेक्टिविटी के लिहाज से अभूतपूर्व रहे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल में जलमार्गों की अपार संभावनाएं हैं और केंद्र सरकार इस पर भी काम कर रही है। उन्होंने बताया कि बंदरगाह-आधारित विकास के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण में मदद दी जा रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में जलमार्ग और बंदरगाह से संबंधित परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया है, जो पश्चिम बंगाल और भारत के विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। पीएम मोदी ने कहा कि ये परियोजनाएं पश्चिम बंगाल को विनिर्माण, व्यापार और लॉजिस्टिक्स का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में आधारशिला साबित होंगी।

इस मौके पर केंद्रीय मंत्री सरबानंद सोनोवाल ने कहा कि 830 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का समर्पण पश्चिम बंगाल में जलमार्ग और रेल-आधारित परिवहन को बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से माल ढुलाई में सुधार, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी मजबूत होगी और आधुनिक, सुरक्षित एवं ऊर्जा-प्रभावी परिवहन प्रणाली के माध्यम से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधि और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

जलमार्ग और बंदरगाह क्षेत्र में 552 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया, जिससे पारंपरिक माल मार्गों पर दबाव कम होगा और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी बढ़ेगी। इस क्षेत्र की प्रमुख परियोजना के रूप में श्याम प्रसाद मुखर्जी पोर्ट अथॉरिटी (SMPA) द्वारा विकसित बालागरह में एक्सटेंडेड पोर्ट गेट सिस्टम का उद्घाटन किया गया। कोलकाता डॉक सिस्टम से लगभग 45 समुद्री मील ऊपर स्थित यह सुविधा कोलकाता डॉक सिस्टम में जाम कम करने और जलमार्गों के जरिए माल के सुचारू आवागमन में मदद करेगी।

बालागरह सुविधा में दो बर्थ वाली आधुनिक बार्ज टर्मिनल है, जो कंटेनरीकृत और कोयला माल के परिवहन में सक्षम है। इसकी वार्षिक क्षमता 2.7 मिलियन टन अनुमानित है। यह टर्मिनल नेशनल वॉटरवे-1 (गंगा–भागीरथी–हुगली) से जुड़ा है और सड़क व रेल कनेक्टिविटी के साथ मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स को मजबूत करेगा। साइट पर नए रोड ओवरब्रिज और उन्नत ड्रेजिंग सुविधाएं भी बनाई गई हैं, जिससे साल भर नौवहन संभव होगा और माल वाहनों की turnaround time में सुधार होगा।

स्वच्छ परिवहन पहल के तहत प्रधानमंत्री ने 50 यात्री क्षमता वाले हाइब्रिड इलेक्ट्रिक एल्यूमिनियम कैटमरण का भी शुभारंभ किया। 12 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस वाहन में उन्नत लिथियम-टाइटेनेट बैटरी तकनीक का उपयोग किया गया है, जो कोलकाता के जलमार्गों पर यात्रियों के लिए ऊर्जा-प्रभावी और पर्यावरण-हितैषी विकल्प प्रदान करेगा।

सरबानंद सोनोवाल ने कहा कि पश्चिम बंगाल भारत के समुद्री व्यापार का प्रवेश द्वार रहा है और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राज्य फिर से पूर्वी भारत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मजबूत बंदरगाह, जलमार्ग और रेल कनेक्टिविटी के साथ बंगाल देश के मुख्य भूमि और पूर्वोत्तर के बीच महत्वपूर्ण लिंक बन रहा है।

रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री ने 280 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं का उद्घाटन किया और नई यात्री सेवाओं का शुभारंभ किया। प्रमुख पहलों में 15 किमी की जयरामबती–बारोगोपीनाथपुर–मयनापुर रेल खंड का कमीशनिंग शामिल है, जो 83 किमी की तारकेश्वर–बिश्नुपुर रेल परियोजना का हिस्सा है और बैंकुरा जिले के सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देने की उम्मीद है। जयरामबती और मयनापुर के बीच नई यात्री ट्रेन भी शुरू की गई, जिससे दैनिक आवागमन और छात्रों को लाभ होगा। इसके अलावा, तीन अमृत भारत एक्सप्रेस सेवाओं का शुभारंभ किया गया—संतोरा गाची-तमबारम, हावड़ा-अनंद विहार टर्मिनल और सियालदाह-बनारस, जिससे देश के विभिन्न हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी और यात्रा सुविधाएं बढ़ेंगी।

यह उद्घाटन कार्यक्रम सिंगुर से वर्चुअल रूप से आयोजित किया गया, जो पश्चिम बंगाल और पूर्वी क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स, गतिशीलता और कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस, केंद्रीय मंत्री सरबानंद सोनोवाल, शांतनु ठाकुर, सुकांत मजूमदार सहित अन्य गणमान्य अतिथि कार्यक्रम में मौजूद रहे।

इन परियोजनाओं से यह संदेश मिलता है कि मोदी सरकार का इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास दृष्टिकोण एकीकृत और भविष्य उन्मुख है, जो स्वच्छ और टिकाऊ जलमार्ग परिवहन को आधुनिक रेल कनेक्टिविटी के साथ जोड़ता है। इनसे लॉजिस्टिक्स लागत कम होने, जाम घटने, यात्री सुविधाओं में सुधार और पश्चिम बंगाल को भारत के मुख्य भूमि और पूर्वोत्तर के बीच एक महत्वपूर्ण द्वार के रूप में मजबूत करने में मदद मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने असम को दी बड़ी सौगात: काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर का भूमि पूजन, विकास और संरक्षण का अद्भुत संगम

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज असम के कालियाबोर में लगभग ₹6,950 करोड़ की लागत से बनने वाले काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना (एनएच-715 के कालियाबोर–नुमालीगढ़ खंड के 4-लेनिंग कार्य) का भूमि पूजन किया। इस अवसर पर विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने लोगों के स्नेह और आशीर्वाद के लिए आभार व्यक्त किया तथा कहा कि काजीरंगा की यात्रा हमेशा उन्हें विशेष आनंद और आत्मीयता से भर देती है।

प्रधानमंत्री ने काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में अपने पूर्व प्रवास को याद करते हुए कहा कि यहां बिताया गया समय उनके जीवन के सबसे यादगार क्षणों में से एक रहा है। हाथी सफारी के दौरान उन्होंने काजीरंगा की प्राकृतिक सुंदरता को बहुत निकट से अनुभव किया था। उन्होंने असम को वीरों की धरती बताते हुए कहा कि यहां के लोग हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने हाल ही में गुवाहाटी में आयोजित बागुरुंबा द्वौ उत्सव का उल्लेख करते हुए कहा कि 10,000 से अधिक कलाकारों की ऊर्जा, खाम की लय और सिफुंग की मधुर ध्वनि ने पूरे देश को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने बोडो समाज की बेटियों सहित सभी कलाकारों को इस ऐतिहासिक प्रस्तुति के लिए बधाई दी और सोशल मीडिया व मीडिया के योगदान की भी सराहना की।

विकास भी, विरासत भी का सशक्त उदाहरण

प्रधानमंत्री ने कहा कि असम में लगातार हो रहे विकास कार्य सरकार के “विकास भी, विरासत भी” के संकल्प को सशक्त करते हैं। उन्होंने हाल ही में गुवाहाटी एयरपोर्ट के नए टर्मिनल और नामरूप में अमोनिया-यूरिया संयंत्र की आधारशिला का भी उल्लेख किया।

कालियाबोर के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह वही भूमि है जहां से वीर योद्धा लाचित बोरफुकन ने मुगलों के विरुद्ध रणनीति बनाई थी। आज वही कालियाबोर आधुनिक कनेक्टिविटी और विकास का केंद्र बन रहा है।

काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर: पर्यावरण और प्रगति का संतुलन

प्रधानमंत्री ने बताया कि 86 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में 35 किलोमीटर का एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर शामिल है, जिससे वाहन ऊपर से गुजरेंगे और नीचे वन्यजीवों की निर्बाध आवाजाही बनी रहेगी। यह परियोजना गैंडों, हाथियों और बाघों के पारंपरिक मार्गों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष कम होगा, सड़क सुरक्षा बढ़ेगी और यात्रा समय घटेगा।

यह परियोजना नागांव, कार्बी आंगलोंग और गोलाघाट जिलों से होकर गुजरेगी तथा अपर असम, विशेषकर डिब्रूगढ़ और तिनसुकिया की कनेक्टिविटी को मजबूती देगी। जाखलबंधा और बोकाखाट में बाइपास निर्माण से शहरी यातायात सुगम होगा और लोगों के जीवन की गुणवत्ता बेहतर होगी।

रेल कनेक्टिविटी को नई गति

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई—गुवाहाटी (कामाख्या)–रोहतक और डिब्रूगढ़–लखनऊ (गोमती नगर)। इसके साथ ही गुवाहाटी–कोलकाता वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की घोषणा भी की गई। इन सेवाओं से उत्तर पूर्व और उत्तर भारत के बीच संपर्क मजबूत होगा, व्यापार, शिक्षा और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।

प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले वर्षों में असम के लिए रेल बजट में पांच गुना वृद्धि की गई है, जिससे नई रेल लाइनें, दोहरीकरण और विद्युतीकरण संभव हुआ है।

प्रकृति संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार के प्रयासों से 2025 में एक भी गैंडे के अवैध शिकार की घटना नहीं हुई, जो असम की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने “वन दुर्गा” जैसी पहलों और आधुनिक निगरानी व्यवस्था की सराहना की। साथ ही कहा कि प्रकृति के संरक्षण से पर्यटन बढ़ा है और स्थानीय युवाओं को होमस्टे, गाइड सेवा और हस्तशिल्प के माध्यम से रोजगार मिल रहा है।

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री ने कहा कि असम और पूरा उत्तर पूर्व अब विकास की मुख्यधारा में मजबूती से जुड़ चुका है। काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं यह प्रमाण हैं कि भारत आज दुनिया को दिखा रहा है कि अर्थव्यवस्था और पारिस्थितिकी साथ-साथ आगे बढ़ सकती हैं। अंत में उन्होंने असमवासियों को इन ऐतिहासिक परियोजनाओं के लिए बधाई दी।

इस अवसर पर असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, पबित्र मार्गेरिटा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

मालदा में 3,250 करोड़ रुपये की रेल–सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन और वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का झंडा फहराया

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज पश्चिम बंगाल के मालदा में 3,250 करोड़ रुपये की कई रेल एवं सड़क बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं का उद्घाटन और भूमि-पूजन किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत करना और विकास को गति प्रदान करना है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि “आज मालदा से पश्चिम बंगाल की प्रगति को तेज करने का अभियान और मजबूत हुआ है।” उन्होंने कहा कि राज्य के विकास से जुड़ी कई परियोजनाओं का उद्घाटन एवं समर्पण इसी अवसर पर किया गया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल के लिए नई रेल सेवाएँ शुरू की गई हैं, जो लोगों की यात्रा को आसान बनाने के साथ-साथ व्यापार और वाणिज्य को भी बढ़ावा देंगी। उन्होंने यह भी बताया कि यहां स्थापित नई ट्रेन मेंटेनेंस सुविधाएँ बंगाल के युवाओं के लिए नए अवसर प्रदान करेंगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल की पवित्र भूमि से भारतीय रेल के आधुनिकीकरण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। उन्होंने घोषणा की कि आज से भारत में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत हो रही है। इस नई ट्रेन से लंबी यात्राएँ और अधिक आरामदायक और शानदार होंगी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत में ट्रेनों का स्वरूप कैसा होना चाहिए, यह दृष्टि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। प्रधानमंत्री ने मालदा स्टेशन पर यात्रियों से बातचीत का उल्लेख करते हुए कहा कि यात्रियों ने इस ट्रेन में यात्रा को “असाधारण अनुभव” बताया। उन्होंने कहा कि पहले लोग विदेश की ट्रेनों की तस्वीरें देखकर भारत में ऐसी ट्रेन की कामना करते थे, और आज यह सपना साकार हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल के दिनों में विदेशी पर्यटक भारतीय रेल के परिवर्तन की वीडियो बना रहे हैं। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह वंदे भारत ट्रेन मेक इन इंडिया है, जिसे भारतीयों की मेहनत और समर्पण से बनाया गया है।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन माँ काली की भूमि को माँ कामाख्या की भूमि से जोड़ रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह आधुनिक ट्रेन पूरे देश में फैलेगी और बंगाल, असम तथा पूरे देश को इस आधुनिक स्लीपर ट्रेन के लिए बधाई दी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय रेल परिवर्तन के दौर से गुजर रही है—रेल लाइन का विद्युतीकरण और स्टेशनों का आधुनिकीकरण जारी है। उन्होंने कहा कि आज देशभर में 150 से अधिक वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। साथ ही एक आधुनिक एवं उच्च-गति ट्रेनों का पूरा नेटवर्क विकसित किया जा रहा है, जिससे बंगाल के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ा लाभ मिल रहा है।

प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि बंगाल को चार और आधुनिक अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें मिली हैं—

• न्यू जलपाईगुड़ी–नागरिकोइल अमृत भारत एक्सप्रेस
• न्यू जलपाईगुड़ी–तिरुचिरापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस
• अलिपुर्दुआर–बेंगलुरु अमृत भारत एक्सप्रेस
• अलिपुर्दुआर–मुंबई अमृत भारत एक्सप्रेस

उन्होंने कहा कि ये ट्रेनें बंगाल, विशेषकर उत्तर बंगाल को दक्षिण और पश्चिम भारत से जोड़कर कनेक्टिविटी को और मजबूत करेंगी। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि ये ट्रेनें गंगासागर, दक्षिणेश्वर और कालीघाट जैसे तीर्थस्थलों की यात्रा को आसान बनाएंगी, साथ ही तमिलनाडु और महाराष्ट्र की यात्राओं में भी सुविधा देंगी।

प्रधानमंत्री ने कहा, “भारतीय रेल न केवल आधुनिक बन रही है, बल्कि आत्मनिर्भर भी बन रही है।” उन्होंने कहा कि भारत की रेल इंजन, कोच और मेट्रो कोच अब भारत की तकनीक के प्रतीक बन रहे हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि आज भारत अमेरिका और यूरोप से अधिक लोकोमोटिव बनाता है और कई देशों को यात्री ट्रेन और मेट्रो कोच निर्यात करता है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत को जोड़ना प्राथमिकता है और दूरी घटाना मिशन है, जो आज के कार्यक्रम में स्पष्ट रूप से दिखा।

इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल C.V. आनंद बोस, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, शांतनु ठाकुर, सुकांत मजूमदार सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

पृष्ठभूमि:

प्रधानमंत्री ने मालदा टाउन रेलवे स्टेशन का दौरा किया और हावड़ा–गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को झंडा दिखाया। उन्होंने वर्चुअल रूप से गुवाहाटी (कामाख्या)–हावड़ा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को भी झंडा दिखाया। यह पूरी तरह वातानुकूलित ट्रेन आधुनिक भारत की बढ़ती यात्री आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है और यह यात्रियों को एयरलाइन जैसी यात्रा अनुभव, कम किराये पर प्रदान करेगी। यह लंबी दूरी की यात्रा को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएगी। हावड़ा–गुवाहाटी (कामाख्या) मार्ग पर यात्रा समय में लगभग 2.5 घंटे की कमी आएगी, जिससे धार्मिक यात्रा और पर्यटन को भी बड़ा लाभ मिलेगा।

प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल में चार प्रमुख रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी—

• बालुरघाट–हिली नई रेल लाइन
• न्यू जलपाईगुड़ी में नेक्स्ट-जेन फ्रेट मेंटेनेंस सुविधाएँ
• सिलीगुड़ी लोको शेड का उन्नयन
• जलपाईगुड़ी जिले में वंदे भारत ट्रेन मेंटेनेंस सुविधाओं का आधुनिकीकरण

ये परियोजनाएँ यात्री एवं माल परिवहन को मजबूत करेंगी, उत्तर बंगाल में लॉजिस्टिक्स क्षमता बढ़ाएंगी और क्षेत्र में रोजगार सृजन को बढ़ावा देंगी।

प्रधानमंत्री ने न्यू कूचबिहार–बामनहाट और न्यू कूचबिहार–बॉक्सिरहाट रेल लाइनों के विद्युतीकरण का समर्पण भी किया, जिससे तेज, स्वच्छ और ऊर्जा-कुशल ट्रेन संचालन संभव होगा।

प्रधानमंत्री ने चार नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें का वर्चुअल रूप से भी झंडा दिखाया—

• न्यू जलपाईगुड़ी–नागरकोइल
• न्यू जलपाईगुड़ी–तिरुचिरापल्ली
• अलिपुर्दुआर–SMVT बेंगलुरु
• अलिपुर्दुआर–मुंबई (पनवेल)

इनसे लंबी दूरी की किफायती और भरोसेमंद रेल कनेक्टिविटी बढ़ेगी, जो आम नागरिकों, छात्रों, प्रवासी मजदूरों और व्यापारियों की आवाजाही को सहज बनाएगी और अंतर-राज्यीय आर्थिक व सामाजिक संबंधों को मजबूत करेगी।

प्रधानमंत्री ने दो नई ट्रेन सेवाओं का भी झंडा दिखाया, जिनमें LHB कोच हैं—

• राधिकापुर–SMVT बेंगलुरु एक्सप्रेस
• बालुरघाट–SMVT बेंगलुरु एक्सप्रेस

ये ट्रेनें क्षेत्र के युवाओं, छात्रों और आईटी पेशेवरों को बेंगलुरु जैसे बड़े आईटी और रोजगार हब तक सीधी, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा प्रदान करेंगी।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग-31D के धूपगुड़ी–फलाकाटा सेक्शन के पुनर्वास और चौड़ीकरण की आधारशिला भी रखी, जो उत्तर बंगाल में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगी और यात्रियों व माल के आवागमन को सुगम बनाएगी।

ये परियोजनाएँ आधुनिक अवसंरचना निर्माण और बेहतर कनेक्टिविटी के माध्यम से पूर्वी एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों को राष्ट्र के विकास के प्रमुख इंजन के रूप में सशक्त बनाएंगी।

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