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रायपुर साहित्य उत्सव–2026 के लिए आम जनता हेतु सुगम यातायात व्यवस्था : 23 से 25 जनवरी तक पुरखौती मुक्तांगन, नवा रायपुर में होगा साहित्य, संस्कृति और विचारों का संगम

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रायपुर- छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक परंपरा को राष्ट्रीय पटल पर सशक्त रूप से प्रस्तुत करने के उद्देश्य से रायपुर साहित्य उत्सव–2026 का भव्य आयोजन 23 से 25 जनवरी 2026 तक नवा रायपुर अटल नगर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में किया जा रहा है। आम नागरिकों, साहित्य प्रेमियों, विद्यार्थियों एवं युवाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शासन द्वारा उत्सव स्थल तक सुगम एवं निःशुल्क यातायात की विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि अधिक से अधिक लोग बिना किसी बाधा के इस तीन दिवसीय साहित्यिक महोत्सव में सहभागिता कर सकें।

इस व्यवस्था के अंतर्गत रायपुर शहर के विभिन्न क्षेत्रों से पुरखौती मुक्तांगन, नवा रायपुर तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए कुल 6 विशेष बस रूट निर्धारित किए गए हैं। ये बसें तीनों दिन सुबह 9 बजे, 10.30 बजे, दोपहर 12 बजे, 1.30 बजे, 3 बजे तथा शाम 4.30 बजे निर्धारित समय-सारणी के अनुसार संचालित होंगी। 

रूट क्रमांक 1 टाटीबंध से प्रारंभ होकर सरोना, रायपुरा चौक, कुशालपुर, भाठागांव चौक, संतोषी नगर चौक, पचपेड़ी नाका, एमएमआई, देवपुरी, डूमरतराई, माना मोड़, टेमरी, माना कैंप और नवा रायपुर होते हुए पुरखौती मुक्तांगन पहुंचेगा। 

रूट क्रमांक 2 रेलवे स्टेशन से फाफाडीह चौक, डी. नगर, मेकाहारा, शास्त्री चौक, कालीबाड़ी, सिद्धार्थ चौक, पचपेड़ी नाका, एमएमआई, देवपुरी, डूमरतराई, माना मोड़, टेमरी, माना कैंप और नवा रायपुर होते हुए उत्सव स्थल तक जाएगा। 

रूट क्रमांक 3 रेलवे स्टेशन से फाफाडीह चौक, मेकाहारा, घड़ी चौक, गांधी उद्यान, भगत सिंह चौक, तेलीबांधा, अवंतीबाई चौक, पं. दीनदयाल चौक, वीआईपी चौक, कृषि विश्वविद्यालय, लाभांडी, जोरा, नवा रायपुर एवं कैपिटल कॉम्प्लेक्स के मार्ग से पुरखौती मुक्तांगन पहुंचेगा।

इसी प्रकार रूट क्रमांक 4 यूनिवर्सिटी गेट से साइंस कॉलेज, आयुर्वेदिक कॉलेज, आश्रम, आमापारा, आज़ाद चौक, कालीबाड़ी, सिद्धार्थ चौक, पचपेड़ी नाका, एमएमआई, देवपुरी, डूमरतराई, माना मोड़, टेमरी, माना कैंप और नवा रायपुर होते हुए उत्सव स्थल तक संचालित होगा। 

रूट क्रमांक 5 कचना से मोवा, लोधीपारा, पंडरी, शास्त्री चौक, कालीबाड़ी चौक, सिद्धार्थ चौक, पचपेड़ी नाका, महावीर नगर, तेलीबांधा, अवंतीबाई चौक, पं. दीनदयाल चौक, वीआईपी चौक, कृषि विश्वविद्यालय, लाभांडी, जोरा, नवा रायपुर एवं कैपिटल कॉम्प्लेक्स के रास्ते पुरखौती मुक्तांगन पहुंचेगा।

रूट क्रमांक 6 भाठागांव से पचपेड़ी नाका, एमएमआई, देवपुरी, डूमरतराई, माना मोड़, टेमरी, माना कैंप और नवा रायपुर होते हुए उत्सव स्थल तक संचालित किया जाएगा।

तीन दिवसीय रायपुर साहित्य उत्सव–2026 छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा, लोक परंपराओं और साहित्यिक चेतना को नई पीढ़ी से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा। इस अवसर पर देशभर से प्रतिष्ठित साहित्यकार, कवि, कथाकार, विचारक, कलाकार, पत्रकार, रंगकर्मी एवं साहित्य प्रेमी सहभागिता करेंगे। उत्सव के दौरान साहित्यिक संवाद, विचार-मंथन, समकालीन विषयों पर परिचर्चाएँ, कविता पाठ, कथा सत्र, पुस्तक विमोचन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ एवं कला-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे, जो साहित्यिक और वैचारिक विमर्श को नई दिशा देंगे।

उत्सव के अंतर्गत ओपन माइक सत्र का भी आयोजन किया जाएगा, जिसके माध्यम से आम नागरिकों, युवाओं एवं नवोदित रचनाकारों को कविता, कहानी, गीत, विचार अथवा नाट्य अंश के रूप में अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, राज्य के विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में उत्सव की जानकारी व्यापक रूप से साझा की जा रही है, ताकि विद्यार्थियों और युवाओं में साहित्य, भाषा और संस्कृति के प्रति रुचि विकसित हो सके। 

आयोजन के दौरान देश के ख्यातिनाम प्रकाशन समूहों की पुस्तक स्टॉल भी लगाई जाएंगी, जहां पाठकों को विविध विषयों, भाषाओं और विधाओं की पुस्तकों से रूबरू होने और उन्हें खरीदने का अवसर मिलेगा।

रायपुर साहित्य उत्सव–2026 में सहभागिता के लिए इच्छुक नागरिक, विद्यार्थी एवं साहित्य प्रेमी आधिकारिक वेबसाइट www.raipursahityautsav.org के माध्यम से पंजीयन कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का दूसरा चरण शुरू, 180 नए गांव जुड़े बस सुविधा से

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ग्रामीण परिवहन को नई रफ्तार: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया योजना के द्वितीय चरण का शुभारंभ

बस्तर और सरगुजा में परिवहन क्रांति, ग्रामीण बस योजना का विस्तार

रायपुर- छत्तीसगढ़ के बस्तर और सरगुजा अंचल के सुदूर वनांचलों में ग्रामीण परिवहन को नई दिशा देने वाली मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना ने आज एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से योजना के द्वितीय चरण का औपचारिक शुभारंभ किया तथा वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर बसों को रवाना किया।

दूसरे चरण में बस्तर और सरगुजा संभाग के 10 जिलों के 23 मार्गों पर 24 नई बसों का संचालन प्रारंभ हुआ है, जिससे 180 गांव सीधे बस सुविधा से जुड़ गए हैं।

कार्यक्रम के द्वितीय चरण में शामिल अनेक ग्रामीण उसी बस में सवार होकर पहुंचे, जिसे योजना के प्रथम चरण में प्रारंभ किया गया था। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से आत्मीय चर्चा करते हुए बताया कि अब दूरस्थ इलाकों से ब्लॉक मुख्यालयों तक पहुंचना पहले की तुलना में काफी सहज और सुगम हो गया है। 

सुकमा–दोरनापाल–कोंटा मार्ग से पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि वे लगभग 110 किलोमीटर की यात्रा बस से कर कार्यक्रम तक पहुंचे, जबकि पूर्व में यह यात्रा बेहद कठिन और समयसाध्य थी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि छत्तीसगढ़ का कोई भी गांव विकास की मुख्यधारा से अलग न रहे। यह योजना न केवल परिवहन सुविधा बढ़ा रही है, बल्कि ग्रामीणों को शहरों और सेवा संस्थानों से जोड़ते हुए सामाजिक एवं आर्थिक समानता को भी मजबूती प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में यह योजना एक मील का पत्थर सिद्ध हो रही है, जिससे लोगों को सुरक्षित, समयबद्ध और सुविधाजनक यात्रा का अवसर मिल रहा है। 

मुख्यमंत्री साय ने योजना से लाभान्वित होने वाले 180 गांवों के सभी ग्रामीणों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बेहतर यातायात सुविधाएँ अब उनके जीवन को पहले से अधिक सुगम बनाएंगी और तरक्की के नए मार्ग खोलेंगी।

परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि जिन दुर्गम और वनांचल क्षेत्रों तक कभी यातायात की सुविधा नहीं पहुंची थी, वहाँ भी अब बस सेवाएँ प्रारंभ हो रही हैं। यह योजना विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा के जनजातीय बहुल इलाकों के लिए एक वरदान के रूप में उभर रही है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के प्रथम चरण की शुरुआत 04 अक्टूबर 2025 को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा की गई थी, जिसके अंतर्गत 250 गांवों को बस सेवाओं से जोड़ा गया था। अब द्वितीय चरण की शुरुआत के साथ इस संख्या में और वृद्धि हुई है तथा 180 गांव और जुड़ गए हैं।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री अरुण साव सहित मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, परिवहन विभाग के सचिव एस. प्रकाश सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

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