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किसानों का सम्मान और 31 सौ रुपए समर्थन मूल्य देने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य : कैबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव

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रायपुर। किसानों के सम्मान और हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाली छत्तीसगढ़ सरकार ने आज धान खरीदी खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 का ऐतिहासिक शुभारंभ किया। स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य विभाग के मंत्री गजेन्द्र यादव आज रायगढ़ जिले के पुसौर विकासखण्ड स्थित ग्राम कोड़ातराई पहुंचे, जहाँ उन्होंने धान उपार्जन केंद्र में धान खरीदी सीजन का विधिवत शुभारंभ किया। मंत्री यादव ने इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन का पूजन किया और अन्न माता के प्रतीक के रूप में किसानों द्वारा लाए गए धान का विधि-विधान से पूजन कर शुभकामनाएँ दीं।

कैबिनेट मंत्री  यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों के गौरव और भविष्य को सुरक्षित करते हुए धान का समर्थन मूल्य 3,100 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, जो पूरे देश में सबसे अधिक है और यह गौरव छत्तीसगढ़ को किसानों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के कारण प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि किसानों का सम्मान हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। देश में सबसे अधिक समर्थन मूल्य देकर किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने वाला पहला राज्य छत्तीसगढ़ है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किसानों की जरूरतों, समस्याओं और आकांक्षाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। किसान समृद्ध होंगे तो छत्तीसगढ़ और भारत दोनों विकसित बनेंगे।

मंत्री यादव ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि प्रत्येक किसान आर्थिक रूप से सक्षम, आधुनिक कृषि तकनीक से सशक्त और आत्मनिर्भर बने। सरकार किसानों को खाद, बीज, ऋण, कृषि उपकरण, प्रशिक्षण और डिजिटल सुविधाएँ सरलता से उपलब्ध करा रही है, ताकि खेती अधिक उत्पादक और लाभकारी हो सके। उन्होंने कहा कि आज अपने गृह क्षेत्र से लगभग 300 किलोमीटर की दूरी तय कर रायगढ़ पहुंचना उनके लिए सौभाग्य की बात है, क्योंकि वे यहां के मेहनतकश किसानों से सीधे संवाद कर उनकी स्थिति, आवश्यकताओं और उम्मीदों को नजदीक से समझ पा रहे हैं।

रायगढ़ जिले में धान खरीदी की प्रक्रिया आज से शुरू होकर 31 जनवरी 2026 तक चलेगी। जिले के सभी पंजीकृत और पात्र किसान निर्धारित उपार्जन केंद्रों में प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान विक्रय कर सकेंगे। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने बताया कि खरीदी प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए सभी व्यवस्थाएँ पूरी कर ली गई हैं। कर्मचारियों का प्रशिक्षण संपन्न हो चुका है, केंद्रवार अधिकारियों की ड्यूटी लगा दी गई है और धान उपार्जन केंद्रों में आवश्यक सभी सुविधाएँ सुनिश्चित कर दी गई हैं। जिले में कुल 105 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से धान खरीदा जाएगा, जिनमें 15 केंद्रों को संवेदनशील और 4 केंद्रों को अति-संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। अवैध धान की आवाजाही रोकने के लिए 24 चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं, जहाँ तीन पालियों में टीमें तैनात रहकर लगातार जांच और निगरानी कर रही हैं। धान खरीदी प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने और किसानों को पारदर्शी सुविधा प्रदान करने के लिए “तुंहर टोकन” मोबाइल ऐप लागू किया गया है। इस ऐप में प्रतिदिन सुबह 8 बजे टोकन उपलब्ध होंगे और सोसायटी संचालक सुबह 9.30 बजे से टोकन जारी कर सकेंगे। टोकन सात दिनों तक वैध रहेंगे और आधार आधारित ओटीपी प्रमाणीकरण अनिवार्य किया गया है, जिससे बिना किसान की सहमति कोई टोकन जारी नहीं हो सकेगा।

अब किसानों को ऋण पुस्तिका लाने की जरूरत नही

राज्य शासन ने किसानों के लिए एक और बड़ी राहत दी है। अब किसानों को उपार्जन केंद्र में ऋण पुस्तिका लाने की आवश्यकता नहीं है। एग्रीस्टेक पोर्टल के माध्यम से किसान का संपूर्ण डेटा स्वचालित रूप से सत्यापित हो जाएगा, जिससे खरीदी प्रक्रिया और तेज व पारदर्शी बनेगी। इस वर्ष संस्थागत पंजीयन, भूमिहीन श्रेणी, डुबान क्षेत्र, वन अधिकार पट्टा धारक और ग्राम कोटवार वर्ग को विशेष अनुमति प्रदान की गई है। खरीदी की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा होगी।

कार्यक्रम के दौरान किसान बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और सरकार की किसान हितैषी नीतियों की सराहना की। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक सिदार, जिला पंचायत सदस्य सुषमा खलखो, गोपाल अग्रवाल, ब्रजेश गुप्ता, लक्ष्मी जीवन पटेल, रजनी राठिया, जनपद अध्यक्ष हेमलता चौहान, अरुण धर दीवान, विकास केडिया, पवन शर्मा, पावन अग्रवाल, जतिन साव, सतीश बेहरा, अशोक अग्रवाल, ज्योति भगत, साहनू पैकरा, मानी मोहित सतपथी, महेश उरांव, संजय अग्रवाल, शैलेश माली, जैमिनी गुप्ता, कमल पटेल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और पंजीकृत किसान उपस्थित थे। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी तथा पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल ने कैबिनेट मंत्री यादव का आत्मीय स्वागत किया।

स्वतंत्रता दिवस 2025 पर छत्तीसगढ़ के 25 पुलिसकर्मियों के नाम पदक सूची में घोषित

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रायपुर- स्वतंत्रता दिवस 2025 के अवसर पर गृह मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ के 25 पुलिसकर्मियों के नाम गैलेंट्री मेडल (जीएम), प्रेसिडेंट्स मेडल फॉर डिस्टिंग्विश्ड सर्विस (पीएसएम) और मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस (एमएसएम) के लिए घोषित किए हैं। यह सम्मान आंतरिक सुरक्षा को मजबूत बनाने और वामपंथी उग्रवाद से निपटने में राज्य की अहम भूमिका को रेखांकित करता है।

गैलेंट्री मेडल (GM)

असाधारण साहस और उत्कृष्ट परिचालन क्षमता के लिए छत्तीसगढ़ के 14 पुलिसकर्मियों के नाम गैलेंट्री मेडल के लिए घोषित किए गए हैं। इनमें आईपीएस अधिकारी सुनील शर्मा (पुलिस अधीक्षक), संदीप कुमार मडिले (उप निरीक्षक) और आरक्षक मदकम पांडु, मदकम हदमा, मदकम देव, बरसे हुंगा, रोशन गुप्ता सहित अन्य शामिल हैं। तीन पुलिसकर्मियों – स्वर्गीय रामुराम नाग (सहायक उप निरीक्षक), स्वर्गीय कुंजाम जोगा (आरक्षक) और स्वर्गीय वंजाम भीमा (आरक्षक) – को कर्तव्य-पालन के दौरान सर्वोच्च बलिदान के लिए मरणोपरांत सम्मानित किया गया है। ये घोषणाएं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में राज्य पुलिस के जोखिमपूर्ण अभियानों और अदम्य साहस को दर्शाती हैं।

प्रेसिडेंट्स मेडल फॉर डिस्टिंग्विश्ड सर्विस (PSM)

लंबे समय तक उच्च कोटि की उत्कृष्ट सेवा के लिए छत्तीसगढ़ के एक अधिकारी का नाम पीएसएम सूची में शामिल किया गया है। छत्तीसगढ़ के निदेशक हिमांशु गुप्ता को उनके नेतृत्व, पेशेवर ईमानदारी और राज्य में पुलिसिंग व जनसुरक्षा में निरंतर योगदान के लिए सम्मानित किया गया है।

मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस (MSM)

लगन, अनुकरणीय सेवा और निरंतर योगदान के लिए छत्तीसगढ़ के 10 पुलिसकर्मियों को एमएसएम के लिए चुना गया है। इनमें पुलिस महानिरीक्षक ध्रुव गुप्ता, पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार ठाकुर, कमांडेंट श्वेता राजमणि, पुलिस अधीक्षक रवी कुमार कुर्रे, निरीक्षक (एमआईएन) कौशल्या भट्ट, सहायक पुलिस महानिरीक्षक रोहित कुमार झा, निरीक्षक (एमआईएन) कमलेश कुमार मिश्रा, प्लाटून कमांडर दल सिंह नामदेव, कंपनी कमांडर दिलीप कुमार साहू और सहायक उप निरीक्षक सुशील कुमार बरुआ शामिल हैं। इनका योगदान अभियान संचालन, प्रशासनिक दक्षता और सामुदायिक पुलिसिंग के क्षेत्रों में रहा है।

समग्र उपलब्धि

14 गैलेंट्री मेडल, एक प्रेसिडेंट्स मेडल फॉर डिस्टिंग्विश्ड सर्विस और 10 मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस के साथ छत्तीसगढ़ पुलिस ने स्वतंत्रता दिवस 2025 के सम्मानों में शानदार प्रदर्शन किया है। ये घोषणाएं राज्य के पुलिसकर्मियों के साहस, नेतृत्व और समर्पण को सलाम करती हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा में छत्तीसगढ़ की अहम भूमिका को रेखांकित करती हैं।


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