Media24Media.com: #समर्थन मूल्य

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #समर्थन मूल्य. Show all posts
Showing posts with label #समर्थन मूल्य. Show all posts

समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में अनियमितता, 38 कर्मचारियों पर हुई कार्रवाई, 31 कर्मचारी निलंबित, तीन पर एफआईआर, एक की सेवा समाप्ति

No comments Document Thumbnail

रायपुर। राज्य में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर की जा रही धान खरीदी में अनियमितता बरतने के फलस्वरूप समिति प्रबंधकों तथा धान खरीदी से जुड़े 38 कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। इनमें 31 कर्मचारियों के विरूद्ध निलंबन तथा निलंबित, एक की सेवा समाप्ति, दो को सेवा से पृथक, एक को कार्य से पृथक और तीन कर्मचारियों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराया गया है। ये कार्रवाईयां प्रदेश के 12 जिलों दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, सक्ती, जगदलपुर, रायपुर, गरियाबंद, महासमुंद तथा बलौदाबाजार-भाटापारा में की गई हैं। 

खाद्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार धान खरीदी कार्य के निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण में स्कंध में कमी के 5 मामले, स्कंध अधिक एवं अव्यवस्थित स्टेकिंग के 3 मामले, नीति विपरीत कार्य-निर्देशों का उल्लंघन के 4 मामले, अमानक धान खरीदी के 5 मामले, धान खरीदी में अनियमितता के 11 मामले, अवकाश के दिन धान खरीदी के 3 मामले सहित फर्जी खरीदी, अनियमितता, टोकन अनियमितता, बिना आवक पर्ची, अवैध वसूली, अव्यवस्था के एक-एक तथा बारदाना वितरण में अनियमितता के 2-2 मामलों पर कार्रवाई की गई है। 

दुर्ग जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य के भौतिक सत्यापन में स्कंध गड़बड़ी पाए जाने के फलस्वरूप झीट धान उपार्जन केन्द्र के समिति प्रबंधक सौरभ यादव तथा गोढ़ी के समिति प्रबंधक शेखर सिंह कश्यप, खिलोराकला के समिति प्रभारी देवदत पटेल, कन्हारपुर के समिति प्रभारी सेवाराम पटेल, ठेंगाभाट के समिति प्रभारी ईश्वर कुमार साहू, मुरमुंदा के समिति प्रभारी टिकेन्द्र कुर्रे को निलंबित किया गया है। इसी प्रकार सेलूद के सहायक समिति प्रबंधक रोमनदास वैष्णव और भृत्य हरिशंकर साहू को नीति के विपरित कार्य व उल्लंघन के मामले में निलंबित किया गया है। 

बेमेतरा जिले में अमानक धान खरीदी के मामले में धान उपार्जन केन्द्र बोरतरा के प्रभारी सहायक प्रबंधक टिकेश्वर निषाद, फड प्रभारी (लिपिक) किशन जंघेल, गाडाडी धान उपार्जन केन्द्र के प्रभारी समिति प्रबंधक भुनेश्वर वर्मा तथा फड प्रभारी गेंदलाल वर्मा को निलंबित किया गया है। वहीं मऊ के सहायक समिति प्रबंधक उमेश कुमार साहू के विरूद्ध फर्जी धान खरीदी के मामले में निलंबित तथा एफआईआर की कार्रवाई की गई है। कबीरधाम जिले में धान उपार्जन केन्द्र कुकदूर के समिति प्रबंधक अनिल बाजपेयी के विरूद्ध भौतिक सत्यापन स्कंध में कमी पाए जाने के कारण निलंबन के साथ-साथ एफआईआर दर्ज किया गया है। बारदाना वितरण में अनियमितता के कारण चपोरा उपार्जन केन्द्र प्रभारी नरेश यादव को निलंबित किया गया है।

बिलासपुर जिले के धान उपार्जन केन्द्र पीपरतराई के प्रभारी तेजुराम को खराब धान खरीदी के मामले में निलंबित किया गया है। वहीं धान खरीदी केन्द्र एरमसाही के प्रभारी कामीराम खुंटे के विरूद्ध 920 बोरों की कमी पाए जाने पर एफआईआर दर्ज कराया गया है। जांजगीर-चांपा जिले में धान खरीदी केन्द्र बोड़सरा के भृत्य हरिहर यादव, कम्प्यूटर ऑपरेटर अमित कुमार तिवारी, चौकीदार निरंजन साहू को छुट्टी के दिन आवक लेने के फलस्वरूप निलंबित कर दिया गया है। धान उपार्जन केन्द्र कोसमंदा के कम्प्यूटर ऑपरेटर छविलाल मन्नेवार को टोकन में अनियमितता के कारण निलंबित किया गया है।  

रायगढ़ जिले में धान खरीदी में अनियमितता के फलस्वरूप मुकडेगा के सहायक समिति प्रबंधक तेलूराम सिदार, कोडसिया के सहायक समिति प्रबंधक प्रहलाद बेहरा, छाल के सहायक समिति प्रबंधक ठंडाराम बेहरा और जमरगीडीह के सहायक समिति प्रबंधक कृपाराम राठिया को निलंबित किया गया है। सक्ती जिले के धान उपार्जन केन्द्र कांसा के प्रभारी एकलव्य चंद्राकर को बिना आवक पर्ची धान खरीदी के मामले में सेवा से पृथक कर दिया गया है। जगदलपुर जिले में कोलचूर प्रभारी समिति प्रबंधक गौतम तिवारी और रेटावण्ड के प्रभारी समिति प्रबंधक दीनबंधु पाणीग्रही को धान खरीदी में अनियमितता के फलस्वरूप निलंबित किया गया है। रायपुर जिले में नरदहरा के लिपिक-ऑपरेटर राकेश जांगड़े को किसानों से अवैध वसूली के मामले में सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गई है। 

गरियाबंद जिले में धान खरीदी में लापरवाही एवं अनियमितता के लिए लोहरसी के कर्मचारी संतोष कुमार साहू, मैनपुर के गोपी राम मरकाम को निलंबित तथा शोभा के भीखम मरकाम को कार्य से पृथक किया गया है। महासमुंद जिले में धान खरीदी में अनियमितता के मामले में पिरदा के उपार्जन केन्द्र प्रभारी रोहित पटेल और सिंगबहाल के उपार्जन केन्द्र प्रभारी बुध्दिवंत प्रधान के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराया गया है। साथ ही धान खरीदी में अव्यवस्था के कारण तोषगांव के उपार्जन केन्द्र प्रभारी नकुल साहू को निलंबित किया गया है।

बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में धान खरीदी केन्द्र सकरी के प्रभारी समिति प्रबंधक सतीष कुमार महिलांग द्वारा नीति के विपरित कार्य करने के फलस्वरूप निलंबित किया गया है तथा बारदाना प्रभारी कुमारी थानेश्वरी साहू को नीति के विपरीत कार्य करने के फलस्वरूप सेवा से पृथक किया गया है। करमदा के प्रभारी समिति प्रबंधक राजकमल साहू को धान स्कंध में कमी पाए जाने के फलस्वरूप निलंबित किया गया है।

ऑनलाइन 24×7 टोकन सुविधा से धान खरीदी हुई सरल : 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और पारदर्शी व्यवस्था से बढ़ा किसानों का भरोसा

No comments Document Thumbnail

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में संचालित समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन रही है। योजना के अंतर्गत 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही धान खरीदी तथा धान उपार्जन केंद्रों पर लागू सरल, सुव्यवस्थित और पारदर्शी व्यवस्थाओं ने किसानों का भरोसा और आत्मविश्वास बढ़ाया है।

प्रदेशभर में ऑनलाइन 24×7 टोकन प्रणाली लागू होने से धान विक्रय की प्रक्रिया अधिक सहज और परेशानी-मुक्त हो गई है। किसान अब घर बैठे टोकन प्राप्त कर निर्धारित समय पर उपार्जन केंद्र पहुंच रहे हैं, जिससे भीड़, लंबी कतारों और अनावश्यक प्रतीक्षा की समस्या समाप्त हो गई है।

इसी क्रम में जांजगीर जिले के ग्राम सुकली के किसान भीम गोंड़ ने धान उपार्जन केंद्र पेंड्री में 116 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन टोकन व्यवस्था के कारण पूरी प्रक्रिया आसान हो गई। निर्धारित समय पर केंद्र पहुंचते ही नमी परीक्षण, तौल और विक्रय की सभी प्रक्रियाएं सहजता और पारदर्शिता के साथ पूर्ण हुईं।

किसान भीम गोंड़ ने बताया कि समय पर भुगतान मिलने से किसानों का शासन की व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि अब किसान अपनी उपज पूरे आत्मसम्मान और निश्चिंतता के साथ बेच पा रहे हैं, जो किसान-हितैषी सुशासन का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि शासन की पारदर्शी व्यवस्था और आधुनिक तकनीक के उपयोग से खेती अब केवल आजीविका का साधन नहीं रह गई है, बल्कि यह सम्मानजनक आय और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन रही है।

प्रदेश में धान खरीदी कार्य प्रशासनिक निगरानी और डिजिटल व्यवस्थाओं के साथ निरंतर संचालित किया जा रहा है, जिससे प्रत्येक पात्र किसान को समर्थन मूल्य का पूरा लाभ मिल रहा है और राज्य में कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है।


महासमुंद : सुचारू रूप से धान खरीदी व्यवस्था जारी

No comments Document Thumbnail

महासमुंद। राज्य सरकार द्वारा किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने हेतु समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जा रही है। इसी कड़ी में ग्राम झालखम्हरिया सेवा सहकारी समिति में सुव्यवस्थित धान खरीदी व्यवस्था के कारण किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। समिति में आफ लाइन और ऑनलाइन टोकन व्यवस्था नियमित रूप से लागू की गई है, जिससे धान विक्रय के दौरान न तो भीड़ है और न ही भगदड़ की स्थिति। किसान पूरी सुविधा और संतोष के साथ अपना धान विक्रय कर रहे हैं।

समिति प्रबंधक भोज राम साहू ने बताया कि आज कुल 24 किसानों के टोकन काटे गए, जिनके माध्यम से 1090 क्विंटल धान की खरीदी की गई। अब तक समिति में 27,482 क्विंटल धान की सफलतापूर्वक खरीदी हो चुकी है। वर्तमान में लगभग 50 प्रतिशत किसान धान विक्रय कर चुके हैं, जिसमें 535 किसान शामिल हैं। समिति में कुल 1077 किसान पंजीकृत हैं। धान उठाव की व्यवस्था भी सुचारू रूप से संचालित हो रही है। अब तक लगभग 50 प्रतिशत धान का उठाव हो चुका है और परिवहन या भंडारण में किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है।

धान विक्रय के लिए पहुँचे युवा किसान देव कुमार साहू ने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन टोकन के माध्यम से बिना किसी परेशानी के 105 कट्टा (लगभग 42 क्विंटल) धान विक्रय हेतु लाया है। उनकी लगभग 2 एकड़ कृषि भूमि है। उन्होंने कहा कि समिति में पर्याप्त मात्रा में हमाल उपलब्ध हैं, जिससे धान तौल एवं उठाव में समय की कोई बर्बादी नहीं होती। पूरी प्रक्रिया शासन के निर्देशानुसार सुव्यवस्थित ढंग से संचालित हो रही है।

समिति प्रबंधक ने यह भी बताया कि धान विक्रय के पश्चात किसानों के बैंक खातों में राशि का तत्काल अंतरण किया जा रहा है, जिससे किसानों में खुशी और संतोष दिखाई दे रहा है।

यूपी व झारखंड का 175 बोरी धान और 03 पिकअप वाहन जब्त

No comments Document Thumbnail

रायपुर। बलरामपुर जिले में धान के अवैध परिवहन के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए रामानुजगंज और कुसमी क्षेत्रों में कुल 175 बोरी धान के साथ 3 पिकअप वाहनों को जब्त किया है। कलेक्टर राजेंद्र कटारा निर्देशानुसार समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान धान के अवैध परिवहन एवं भंडारण पर के मामले लगातार जांच पड़ताल और कार्रवाई की जा रही है। 

अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, रामानुजगंज आनंद राम नेताम के नेतृत्व में राजस्व टीम ने ग्राम रामचंद्रपुर क्षेत्र में उत्तरप्रदेश से आ रहे एक पिकअप वाहन को पकड़ा। वाहन में 70 बोरी धान लदा हुआ था। टीम ने लगभग 4 से 5 किलोमीटर तक पीछा कर वाहन को ग्राम विमलापुर के जंगल में रोककर जब्ती की कार्रवाई की। इसी प्रकार अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, कुसम करुण डहरिया के नेतृत्व में ग्राम अमटाही में 2 पिकअप वाहनों को पकड़ा गया, जिनमें झारखंड से लाए जा रहे 105 बोरी अवैध धान लोड था। दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर संबंधित थानों को सुपुर्द कर दिया गया है।

गौरतलब है कि राज्य के सीमावर्ती जिलों में धान की अवैध आवक पर रोक लगाने के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं और कोचियों एवं बिचौलियों कड़ी निगरानी रखी जा रही है। नागरिकों से अपील की गई है कि धान खरीदी में किसी भी प्रकार की अनियमितता या अवैध गतिविधि की सूचना प्रशासन को दें। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।


रायगढ़ के बिजना में 951 बोरी अवैध धान जब्त, एसडीएम घरघोड़ा के नेतृत्व में बड़ी कार्रवाई

No comments Document Thumbnail

रायपुर। जिले में अवैध धान भंडारण पर प्रभावी रोक लगाने के अभियान के तहत आज एसडीएम घरघोड़ा के नेतृत्व में राजस्व एवं खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की। 

तहसील तमनार के ग्राम बिजना में की गई इस औचक जांच में टीम ने माखन गुप्ता के घर से कुल 951 बोरी अवैध रूप से संग्रहित धान जब्त किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने हेतु जिला प्रशासन लगातार सघन निगरानी और कार्रवाई की जा रही है।

औचक निरीक्षण के दौरान अवैध भंडारण की पुष्टि होने पर धान को जब्त किया गया। एसडीएम ने स्पष्ट कहा कि शासन की धान खरीदी नीति को प्रभावित करने वाली किसी भी अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अवैध भंडारण और नियम विरुद्ध गतिविधियों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। 

समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रारंभ: पहले दिन 19464 क्विंटल धान का उपार्जन

No comments Document Thumbnail

रायपुर। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत प्रदेश के किसानों से समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन का शुभारंभ किया गया। उपार्जन केन्द्रों में धान बेचने आए किसानों का स्वागत तिलक एवं पुष्प भेंट कर आत्मीयता से किया गया। खरीदी केन्द्रों का माहौल आज उत्सव और गहमा–गहमी से भरा दिखाई दिया। मौके पर उपस्थित किसानों के चेहरे पर उत्साह, संतोष और शासन के प्रति आभार स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुआ। विभिन्न जिलों में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में कांटा- बांट एवं धान की पूजा-अर्चना कर तौल प्रक्रिया का विधिवत आरंभ किया गया।

प्रदेश में आज कुल 195 उपार्जन केन्द्रों में 19464 क्विंटल धान का उपार्जन किसानों से किया गया। शासन द्वारा राज्य के 2,739 उपार्जन केन्द्रों में खरीदी संचालन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ पूर्ण कर ली गई हैं। उल्लेखनीय है कि सहकारी समितियों के कर्मचारियों द्वारा आंशिक रूप से अवैध हड़ताल पर जाने से उपार्जन प्रभावित होने की संभावना उत्पन्न हुई थी, जिसे शासन के निर्देश पर विपणन संघ द्वारा आउटसोर्सिंग के माध्यम से 2,739 डेटा एंट्री ऑपरेटरों की व्यवस्था कर सुचारू रूप से धान उपार्जन सुनिश्चित किया गया। कई जिलों में सहकारिता विभाग के कर्मचारियों ने भी धान उपार्जन की जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए खरीदी कार्य को निरंतर बनाए रखा।

शासन द्वारा धान खरीदी में संलग्न कर्मचारियों को अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 (ESMA) के तहत अधिसूचित कर तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है, जिससे उपार्जन प्रक्रिया निर्बाध रूप से संचालित रहे।

इस वर्ष धान उपार्जन को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी एवं किसान–उन्मुख बनाने के लिए उपार्जन केन्द्रों में ऑनलाइन टोकन एवं तुंहर टोकन प्रणाली को व्यापक रूप से लागू किया गया है। आज प्रदेश में जारी हुए कुल 2,029 टोकन में से 1,912 किसानों द्वारा तुंहर टोकन के माध्यम से आवेदन किया गया। इसके अतिरिक्त, किसान समिति स्तर पर भी टोकन हेतु आवेदन कर सकते हैं। लघु एवं सीमांत किसानों को अधिकतम 02 टोकन, तथा दीर्घ किसानों को अधिकतम 03 टोकन की सुविधा प्रदान की गई है।

किसानों के विश्राम हेतु छाया, पीने के पानी तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सभी उपार्जन केन्द्रों में उपलब्ध कराई गई है। जिला अधिकारियों को किसानों की सुविधा और खरीदी संचालन से संबंधित आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र में केंद्र प्रभारी के अतिरिक्त नोडल अधिकारी की भी ड्यूटी लगाई गई है, जिनके नाम और फोन नंबर केन्द्रों में प्रदर्शित कर दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की असुविधा की स्थिति में किसान नोडल अधिकारी से तुरंत संपर्क कर सकते हैं, और समस्याओं का समाधान तत्काल किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश स्तर पर हेल्पलाइन 1800 233 3663 के माध्यम से भी शिकायतें एवं जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

इस वर्ष धान खरीदी पूर्णतः आधार-आधारित है, जिसके अंतर्गत किसानों को बायोमेट्रिक पहचान के माध्यम से धान विक्रय करने की सुविधा दी गई है। प्रक्रिया को अधिक दक्ष एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से खाद्य विभाग द्वारा राज्य स्तरीय उड़नदस्ते गठित किए गए हैं, जो सतत् औचक निरीक्षण करते हुए उपार्जन में संभावित अनियमितताओं पर नियंत्रण रखेंगे तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

सभी उपार्जन केन्द्रों में स्थानीय स्तर पर निगरानी समितियों का गठन किया गया है तथा पीने के पानी, प्रसाधन, प्राथमिक उपचार पेटी आदि की व्यवस्थाएँ सुचारू रूप से उपलब्ध हैं। धान की तौल इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीनों से की जा रही है, ताकि किसानों को उनके हर एक दाने का उचित मूल्य मिल सके।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी कलेक्टरों एवं धान उपार्जन से संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उपार्जन कार्य को व्यवस्थित, समयबद्ध और पारदर्शी रूप से संचालित किया जाए।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश के किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का सिलसिला शुरू

No comments Document Thumbnail

रायपुर। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का महाअभियान आज से औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। यह अभियान राज्य के सभी जिलों में 31 जनवरी तक चलेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में धान खरीदी के लिए सम्पूर्ण चाक-चौबंद और पारदर्शी व्यवस्था की गई है।

समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए इस साल राज्य में 2739 धान खरीदी केंद्र बनाए गए हैं, जहां किसानों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। वहीं, भुगतान की सुविधा सुगम बनाने हेतु माइक्रो एटीएम भी स्थापित किए गए हैं। खरीदी के पहले दिन प्रदेश में 18639 क्विंटल धान की खरीदी की गई।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के सभी किसानों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि किसानों की मेहनत से ही प्रदेश में समृद्धि और खुशहाली का वातावरण निर्मित हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेती-किसानी को बढ़ावा देने के लिए निष्ठा, संवेदनशीलता और सजगता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि धान खरीदी को पूरी तरह व्यवस्थित, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संचालित किया जाएगा। किसानों की किसी भी प्रकार की असुविधा को रोकने के लिए सभी जिलों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। इस वर्ष धान खरीदी को तकनीक-सक्षम बनाते हुए तुँहर टोकन ऐप, जीपीएस आधारित परिवहन, सतर्क ऐप और कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर जैसी व्यवस्थाएँ मजबूत की गई हैं।

धान खरीदी के पहले दिन राज्यभर के खरीदी केंद्रों में किसानों का स्वागत फूल-मालाओं के साथ किया गया। विभिन्न जिलों में मंत्रिगणों, सांसदों, विधायकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने धान खरीदी का विधिवत् शुभारंभ किया। उपमुख्यमंत्री अरूण साव ने बिलासपुर जिले के सेंदरी धान खरीदी केंद्र में खरीदी की शुरुआत की, वहीं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के महाराजपुर धान खरीदी केंद्र में धान खरीदी का शुभारंभ किया।

इसी प्रकार, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने सूरजपुर जिले के चंद्रपुर धान खरीदी केंद्र में विधि-विधान के साथ खरीदी प्रारंभ की और किसानों का फूल-मालाओं से अभिनंदन किया। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने बलरामपुर जिले के डौरा-कोचली धान खरीदी केंद्र में पहुँचकर किसानों का आत्मीय स्वागत करते हुए खरीदी प्रक्रिया की शुरुआत की।

सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने बस्तर जिले के पल्ली धान खरीदी केंद्र में पूजा-अर्चना कर खरीदी अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। इसी क्रम में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कांकेर जिले के मालगांव धान खरीदी केंद्र में इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन और किसानों द्वारा लाए गए धान की पारंपरिक रीति से पूजा-अर्चना कर खरीदी का आरंभ किया। कौशल विकास मंत्री गुरू खुशवंत साहेब ने महासमुंद जिले के झालखमरिया धान खरीदी केंद्र में धान खरीदी की औपचारिक शुरुआत की।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि हर किसान बिना किसी परेशानी के अपना धान बेच सके, समय पर भुगतान पाए और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी एवं सम्मानजनक हो। आज प्रदेशभर में जिस उत्साह और विश्वास के साथ किसानों ने खरीदी केंद्रों का रुख किया, वह छत्तीसगढ़ की कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था की मजबूती का प्रतीक है। आगामी दिनों में खरीदी प्रक्रिया और अधिक सुगमता के साथ चले, इसके लिए सभी जिला प्रशासन सतर्क और प्रतिबद्ध हैं। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि सरकार का ध्येय केवल धान खरीदना नहीं, बल्कि किसान के श्रम का सम्मान सुनिश्चित करना है और यही भावना इस पूरे अभियान की सबसे बड़ी शक्ति है।

महासमुंद : जिले में आज से धान खरीदी शुरू, झालखम्हरिया केंद्र में कैबिनेट मंत्री खुशवंत साहेब एवं विधायक द्वय योगेश्वर राजू सिन्हा, एवं संपत अग्रवाल की उपस्थिति में हुआ शुभारंभ

No comments Document Thumbnail

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवंबर 2025 से पूरे प्रदेश में विधिवत रूप से शुरू कर दिया गया है। इसी क्रम में जिला महासमुंद के धान खरीदी केंद्र झालखमहरिया में आज खरीदी कार्य का औपचारिक शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में केबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि आज किसानों के लिए उत्सव का दिन है। हमारा राज्य किसानों से ही समृद्ध है।यहां तक कि अयोध्या में राम लला के लिए भोग यही छत्तीसगढ़ से चांवल भेजा गया था। 

आज से धान खरीदी की शुरुवात हो गई है पिछले साल भी रिकॉर्ड धान खरीदी किया गया था, इस साल भी रिकॉर्ड धान खरीद की जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरप धान खरीदी की जा रही है। किसानों को बोनस एवं सभी समितियों में एटीम की सुविधा कराई जा रही है। ताकि किसानो को किसी प्रकार की समस्या न हो। अधिकारी कर्मचारी भी पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रहे है। हमारी सरकार किसानों की हितों का पूरा ध्यान रख रही है। उन्होंने कहा कि आज राज्य को 25 वर्ष पूरे हो गए है। आज राज्य प्रगति पथ पर अग्रसर है। तकनीकी रूप से भी क्षमता बढ़ी है। आने वाला 2047 तक राज्य को विकसित बनाना है। हमारा राज्य देश का पहला विकसित राज्य बनेगा। उन्होंने किसानों को बधाई दी।

इस अवसर पर महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा एवं विधायक बसना संपत अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनकी मौजूदगी में गांव के कृषक दुर्गेश साहू के 40 क्विंटल धान की तुलाई कर खरीदी प्रक्रिया की शुरुआत की गई। इससे केंद्र में खरीदी का वातावरण और अधिक उत्साहपूर्ण हो गया। धान खरीदी केंद्र में किसानों की सुविधा, पारदर्शिता और सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गई हैं। प्रशासनिक अमले एवं समिति के कर्मचारियों द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर किसान को समय पर, व्यवस्थित और बिना किसी परेशानी के धान बेचने की सुविधा मिले। 

विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि इस जिले में पूरे राज्य में सबसे अधिक धान खरीदी की जाती है। सिंचाई क्षमता को बढ़ाने कार्य जारी है। सिकासेर और सिरपुर बैराज का काम भी पूर्ण हो गया है। इससे सिंचाई क्षमता में वृद्धि होगी। उन्होंने विश्वाश व्यक्त किया कि इस वर्ष भी धान खरीदी में जिला इतिहास दर्ज करेगा।

बसना के विधायक संपत अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप धान खरीदी कि जा रही है। लक्ष्य के अनुरूप खरीदी कि जा रही है। सुचारू रूप से धान खरीदी जा रही है। किसानों को किसी तरह परेशानी नहीं होगी। इस बात का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। यहां के किसानों का लाभ हो ,यह सुनिश्चित हो। अवैध धान की खरीदी बिक्री में नजर रखे और प्रशासन का सहयोग करें। आइए इसे एक उत्सव के रूप में मनाएं।

कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कहा कि जिले में 130 समिति के 182 उपार्जन केंद्रों में खरीदी की जा रही है।किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। आज 34 समितियों में 50 किसानों का टोकन कट गया है। आज शाम 5 बजे तक टोकन काट सकते है और धान खरीदी की जा सकती है। यहां जिले में 16 चेक पोस्ट स्थापित किए गए है। अभी तक 23 प्रकरण दर्ज किए गया है जिसमें 3000 किवंटल अवैध धान जप्त की गई है।

इस अवसर पर नगर पालिका उपाध्यक्ष देवी चंद राठी, जनपद सदस्य विजय लक्ष्मी जांगड़े, संदीप दीवान,पीयूष साहू,प्रकाश शर्मा,राहुल चंद्राकर, पंकज चंद्राकर, संदीप घोष, सरपंच अनेश्वरी चंद्राकर , ग्रामीण अध्यक्ष श्याम साकरकर,अपर कलेक्टर रवि साहू, एसडीएम अक्षा गुप्ता,आसपास के किसान बड़ी संख्या में मौजूद थे।



मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में लिए गए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय

No comments Document Thumbnail

रायपुर। मंत्रिपरिषद द्वारा खरीफ एवं रबी विपणन मौसम में दलहन-तिलहन फसल के उपार्जन हेतु पूर्व वर्ष की भांति ‘‘प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान‘‘ प्राईस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) के तहत उपार्जन किए जाने का निर्णय लिया गया। 

यहां यह उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान अंतर्गत खरीफ विपणन मौसम में अरहर, मूंग, उड़द, मंूगफली एवं सोयाबीन तथा रबी मौसम में दलहन-तिलहन फसल जैसे चना, सरसों, मसूर का उपार्जन समर्थन मूल्य पर किया जाता है। दलहन-तिलहन का समर्थन मूल्य पर उपार्जन की व्यवस्था प्रदेश की मंडियों में होने से बाजार में प्रतिस्पर्धा बनी रहती है, जिसके कारण कृषकों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त होने की संभावना होती है।  

मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन करते हुए सार्वजनिक उपक्रम विभाग को वाणिज्य और उद्योग विभाग में और बीस सूत्रीय कार्यान्वयन विभाग का संविलियन योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। 

यह निर्णय शासकीय कार्य में सुशासन को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य ‘‘मिनिमम गवर्मेंट मैक्सिमम गवर्नेंस‘‘ का क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।  

मंत्रिपरिषद ने राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु बैंकों तथा वित्तीय संस्थाओं हेतु स्वीकृत 15 हजार करोड़ रूपए की शासकीय प्रत्याभूति को खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए पुनर्वेधीकरण करने के साथ ही विपणन संघ को अतिरिक्त शासकीय प्रत्याभूति राशि रूपये 11,200 करोड़ प्रदाय किए जाने का निर्णय लिया। 

मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य प्रवर्तित दीनदयाल आवास योजना, अटल आवास योजना, अटल विहार योजना एवं नवा रायपुर मुख्यमंत्री आवास योजना हेतु पूर्व में जारी नियम एवं शर्तों में पात्रता हेतु निम्नलिखित अतिरिक्त प्रावधानों का समावेश कर विक्रय की अनुमति प्रदान की गई। 

ईडब्ल्यूएस एवं एलआईजी भवनों, फ्लैटों के विक्रय हेतु 03 बार विज्ञापन होने के पश्चात अविक्रित भवनों को, पात्र हितग्राही के अतिरिक्त किसी भी आय वर्ग के हितग्राही को विक्रय किया जा सकता है, परन्तु ऐसे हितग्राहियों को शासन द्वारा स्वीकृत अनुदान की पात्रता नही होगी। अनुदान की पात्रता केवल निर्धारित आय वर्ग के हितग्राही को ही होगी।

ईडब्ल्यूएस एवं एलआईजी भवनों, फ्लैटों के विक्रय हेतु 03 बार विज्ञापन होने के पश्चात अविक्रित भवनों को एकल व्यक्ति या शासकीय/अर्धशासकीय अथवा निजी संस्थाओं द्वारा एक से अधिक संपत्ति क्रय करने का (Bulk Purchase) प्रस्ताव दिया जाता है, तो एकल व्यक्ति या शासकीय/अर्धशासकीय अथवा निजी संस्था के नाम पर एक से अधिक भवनों को मांग अनुसार विक्रय किया जा सकेगा, परन्तु इन्हें शासन द्वारा स्वीकृत अनुदान की पात्रता नही होगी। इस निर्णय का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक हितग्राहियों को इसका लाभ मिले।

शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम नवा रायपुर अटल नगर को दीर्घ कालीन पूर्णतः संचालन और विकास कार्याें हेतु छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ को अनुबंध के अनुसार लीज पर देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इस निर्णय से राज्य के उदीयमान क्रिकेट खिलाड़ियों को उच्च स्तर का प्रशिक्षण और तकनीकी सुविधाएं प्राप्त होगी। इस निर्णय से छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के और अधिक क्रिकेट मैच का आयोजन सुनिश्चित होगा। 


एग्रीस्टेक और एकीकृत किसान पोर्टल में होगा किसानों का पंजीकरण

No comments Document Thumbnail

रायपुर। खाद्य मंत्री दयालदास बघेल की अध्यक्षता में धान खरीदी एवं कस्टम मिलिंग की नीति निर्धारण से संबंधित निर्णय लेने हेतु गठित मंत्रिमंलीय उप समिति की बैठक आज मंत्रालय महानदी भवन में संपन्न हुई। बैठक में कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी तथा राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा उपस्थित थे।

बैठक में आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में पंजीकृत किसानों से भारत सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य पर धान खरीदी किए जाने के लिए समुचित एवं पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। खरीफ वर्ष 2025-26 में किसानों का पंजीकरण एग्रीस्टेक पोर्टल के साथ-साथ एकीकृत किसान पोर्टल में किया जाएगा। किसान पंजीकरण का कार्य निर्धारित समय-सीमा में संपन्न करने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि किसानों को उनके द्वारा समर्थन मूल्य पर बेचे गए धान का भुगतान समय पर प्राप्त हो, इसके लिए आवश्यक प्रबंध किए जाएँ। धान उपार्जन के लिए आवश्यक नये एवं पुराने जूट बारदाने की व्यवस्था समयानुसार सुनिश्चित करने की जानकारी दी गई। धान की रिसाइक्लिंग रोकने हेतु प्रभावी प्रबंध करने और सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध धान की रोकथाम के लिए विशेष जाँच दल गठित करने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार, उपार्जित धान की मिलिंग हेतु आवश्यक तैयारियाँ करने पर भी बल दिया गया।

इस अवसर पर बैठक में सचिव खाद्य विभाग रीना बाबा साहेब कंगाले, सचिव वित्त विभाग मुकेश बंसल, सचिव वाणिज्य एवं उद्योग विभाग रजत कुमार, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ  किरण कौशल, संयुक्त सचिव कृषि विभाग  राहुल देव तथा प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक के. एन. कांडे उपस्थित थे।


Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.