Media24Media.com: #संसद का बजट सत्र

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Budget Session 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से शुरू हुआ संसद का बजट सत्र

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 Budget Session 2026 : संसद का बजट सत्र 2026 राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ शुरू हो गया। अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने सरकार की नीतियों, उपलब्धियों और आगामी वर्षों के विकास एजेंडे को सदन के सामने रखा। अभिभाषण के दौरान ‘जी राम जी’ (VB-G RAM G) कानून का उल्लेख होते ही विपक्षी दलों ने हंगामा किया, जिसके चलते सदन में कुछ समय के लिए व्यवधान की स्थिति बनी रही।


राष्ट्रपति ने कहा कि बीते 10–11 वर्षों में देश की बुनियाद मजबूत हुई है और वर्ष 2026 से भारत एक नए युग में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने इसे ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए निर्णायक समय बताया।

अभिभाषण में राष्ट्रपति ने महिला सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में अब 2 करोड़ महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। वहीं ‘स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार’ अभियान के तहत 7 करोड़ महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई है।

युवाओं के लिए भविष्य की तकनीकों पर जोर देते हुए राष्ट्रपति ने बताया कि सरकार 10 लाख युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और 60 हजार युवाओं को सेमीकंडक्टर क्षेत्र में प्रशिक्षण देने की दिशा में कार्य कर रही है।

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को लेकर उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 तक इन योजनाओं का लाभ 25 करोड़ लोगों तक सीमित था, जो अब बढ़कर 95 करोड़ लोगों तक पहुंच चुका है। इसमें दलित, पिछड़े और आदिवासी वर्गों को प्राथमिकता दी जा रही है।

राष्ट्रपति ने स्टार्टअप और मुद्रा योजना का जिक्र करते हुए कहा कि देश में 2 लाख से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हैं, जिनमें 20 लाख से ज्यादा लोग कार्यरत हैं। इन स्टार्टअप्स में लगभग 40 प्रतिशत में महिला निदेशक हैं।

खेलों के क्षेत्र में भारत की प्रगति का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने बताया कि भारत वर्ष 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा और इसके लिए सभी राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील की।

उन्होंने आदिवासी गौरव और राष्ट्रीय महापुरुषों को याद करते हुए भगवान बिरसा मुंडा, सरदार वल्लभभाई पटेल और गुरु तेग बहादुर जी का उल्लेख किया। राष्ट्रपति ने कहा कि अपनी विरासत को याद करना नई पीढ़ी को प्रेरित करता है।

नक्सलवाद पर बोलते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि बस्तर और बीजापुर जैसे क्षेत्रों में माओवादियों के आत्मसमर्पण से शांति का माहौल बन रहा है और कई गांवों में वर्षों बाद विकास पहुंचा है।

अंत में राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई कर रही है और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

अभिभाषण के दौरान ‘जी राम जी’ कानून को लेकर विपक्ष ने विरोध दर्ज कराया, हालांकि सरकार का कहना है कि यह कानून संसद से पारित हो चुका है। राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ ही संसद का बजट सत्र औपचारिक रूप से शुरू हो गया।

संसद का बजट सत्र आज से... राष्ट्रपति के अभिभाषण से होगी शुरुआत, 1 फरवरी को पेश होगा केंद्रीय बजट

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 Budget Session 2026: संसद का बजट सत्र आज से शुरू हो रहा है। सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करने से होगी। इसके बाद राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया जाएगा, जिस पर दोनों सदनों में चर्चा होगी। केंद्रीय बजट 1 फरवरी (रविवार) को संसद में प्रस्तुत किया जाएगा।


बजट सत्र से पहले सरकार की ओर से विधायी एवं अन्य महत्वपूर्ण एजेंडों पर चर्चा के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में बजट सत्र को सकारात्मक, रचनात्मक और सुचारु रूप से संचालित करने पर सहमति बनी।

सर्वदलीय बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष को बोलने की पूरी आजादी है, लेकिन संवाद के लिए सुनना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह वर्ष का पहला सत्र है और सभी राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील की गई है ताकि सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चल सके। बैठक में विभिन्न दलों द्वारा उठाए गए सुझावों को सरकार ने नोट किया है।

केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति के अभिभाषण और बजट पर चर्चा के दौरान सांसद अपने-अपने मुद्दे नियमों के तहत उठा सकते हैं। आम बजट पर चर्चा के दौरान सभी सांसदों को अपने विचार रखने की स्वतंत्रता होगी। बैठक में 39 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

विपक्ष की ओर से बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, मनरेगा, यूजीसी से जुड़े विषयों सहित कई मुद्दों पर चर्चा की मांग रखी गई। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, कांग्रेस सांसद जयराम रमेश सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

बजट चर्चा के दौरान उठ सकते हैं अहम मुद्दे

किरेन रिजिजू ने कहा कि विकसित भारत और नए कानूनों को लेकर विपक्ष की मांगों पर सरकार का स्पष्ट मत है कि संसद द्वारा पारित कानूनों का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है और पीछे लौटना संभव नहीं है। विपक्ष द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों पर राष्ट्रपति के अभिभाषण और बजट चर्चा के दौरान विचार किया जा सकता है।

एजेंडा सामने न रखने पर विपक्ष की आपत्ति

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश और सीपीएम सांसद जॉन ब्रिटास सहित कई विपक्षी नेताओं ने सत्र के लिए सरकारी कामकाज का विस्तृत एजेंडा सामने नहीं रखे जाने पर आपत्ति जताई। इस पर संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि उचित समय पर एजेंडा सार्वजनिक किया जाएगा।

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