Media24Media.com: #शीतलहर

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #शीतलहर. Show all posts
Showing posts with label #शीतलहर. Show all posts

शीतलहर का असर: 15 जनवरी तक बदला स्कूलों का समय, कलेक्टर का आदेश जारी

No comments Document Thumbnail

 रायपुर । छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पिछले कई दिनों से जारी शीतलहर का सीधा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। बढ़ती ठंड और गिरते तापमान को देखते हुए दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने जिले के सभी सरकारी, अशासकीय एवं निजी स्कूलों के समय में बदलाव का आदेश जारी किया है।


कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह नया समय 15 जनवरी 2026 तक लागू रहेगा, और मौसम की स्थिति को देखते हुए आवश्यकता पड़ने पर इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है। यह निर्णय बच्चों को ठंड से होने वाली परेशानी से बचाने के उद्देश्य से लिया गया है।

स्कूलों का बदला हुआ समय

दो पाली में संचालित शालाओं के लिए नई समय-सारणी इस प्रकार होगी—

 प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक (प्रथम पाली):

सोमवार से शुक्रवार: प्रातः 08:00 बजे से 11:45 बजे तक

शनिवार: अपरान्ह 12:15 बजे से सायं 04:15 बजे तक

 हाई स्कूल / उच्च माध्यमिक (द्वितीय पाली):

सोमवार से शुक्रवार: अपरान्ह 12:00 बजे से सायं 04:45 बजे तक

शनिवार: प्रातः 08:00 बजे से 12:00 बजे तक

प्रशासन ने सभी स्कूल प्रबंधन को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

10 दिन में 83 हार्ट प्रक्रियाएँ, हृदय रोगियों की सेवा के लिए कार्डियोलॉजी विभाग हाई अलर्ट पर

No comments Document Thumbnail

रायपुर। छत्तीसगढ़ में इन दिनों शीतलहर का दौर जारी है, जिसके कारण हृदयघात (हार्ट अटैक) के मामलों में संभावित वृद्धि को देखते हुए अम्बेडकर अस्पताल का कार्डियोलॉजी विभाग हाई अलर्ट पर है। पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने बताया कि ठंड के मौसम में बुजुर्गों, हृदय रोगियों सहित अन्य किसी को भी हार्ट अटैक का जोखिम अधिक रहता है, ऐसे में किसी भी प्रकार के असामान्य लक्षण होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

डॉ. सोनकर ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए हृदय रोग विभाग में 24 घंटे त्वरित एवं निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। गंभीर हृदयघात के मरीजों के लिए आपात एंजियोप्लास्टी की व्यवस्था भी निरंतर जारी है।

तीन ज़िंदगियाँ बचीं

एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट (एसीआई) के प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष कार्डियोलॉजी डॉ. स्मित श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि विगत 10 दिनों में आपातकालीन अवस्था में आए 3 गंभीर हृदयघात मरीजों की आपात एंजियोप्लास्टी कर सफलतापूर्वक जान बचाई गई है।

01 से 11 दिसंबर 2025 के बीच कार्डियोलॉजी विभाग में की गई प्रमुख प्रक्रियाओं का विवरण निम्नानुसार है :-

एंजियोग्राफी – 52, एंजियोप्लास्टी – 24, पेसमेकर प्रत्यारोपण – 04, टावी (TAVI) प्रक्रिया – 01, आपात एंजियोप्लास्टी – 03 कुल मिलाकर 83 हृदय संबंधी प्रक्रियाएं संपन्न की गईं।

अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने नागरिकों से आग्रह किया है कि शीत ऋतु में अत्यधिक ठंड से बचें, नियमित स्वास्थ्य की जांच कराते रहें और हृदय से संबंधित किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें।


Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.