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विद्यालय भवन केवल ईंट-गारे का ढांचा नहीं, बच्चों के भविष्य की नींव : अरुण साव

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रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव आज कोंडागांव में सेंट जेवियर्स स्कूल के नवनिर्मित भवन के उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने विधिवत रूप से भवन का उद्घाटन कर विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक-शिक्षिकाओं, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि विद्यालय भवन केवल ईंट-गारे से बना ढांचा नहीं होता, बल्कि यहीं से बच्चों के चरित्र, संस्कार और भविष्य का निर्माण होता है। साव ने कहा कि उन्होंने स्वयं अपने बचपन में सीमित संसाधनों और मिट्टी से बने विद्यालय भवन में प्राथमिक शिक्षा प्राप्त की, जबकि आज के समय में बच्चों को सर्वसुविधायुक्त विद्यालय भवन उपलब्ध हैं। यह समय का सकारात्मक परिवर्तन है, जिसका सही उपयोग कर बच्चों को आगे बढ़ना चाहिए।

साव ने कहा कि सेंट जेवियर्स स्कूल समूह देशभर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए जाना जाता है और शिक्षा जगत में उसकी एक विशिष्ट पहचान है। इस नवनिर्मित भवन से कोण्डागांव जिले में शिक्षा को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच अत्यंत आवश्यक है। कमजोर और निराश व्यक्ति कभी सफलता प्राप्त नहीं कर सकता। ऊर्जावान और सकारात्मक सोच रखने वाला व्यक्ति हमेशा आगे बढ़ता है। 

साव ने कहा कि असफलता से घबराने के बजाय उससे सीख लेकर नए उत्साह और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य से पहले जीवन की सही दिशा तय करने की सलाह दी और कहा कि नई ऊर्जा, अनुशासन और संकल्प के साथ पढ़ाई में स्वयं को झोंक दें, सफलता अवश्य मिलेगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोण्डागांव विधायक सुश्री लता उसेण्डी ने नवनिर्मित विद्यालय भवन के शुभारंभ पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जब सरकार और समाज मिलकर कार्य करते हैं, तो सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं। इस भवन के शुभारंभ से कोण्डागांव जिले में शिक्षा सुविधाओं का विस्तार होगा। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

छत्तीसगढ़ बेवरेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, नगर निगम जगदलपुर के महापौर संजय पाण्डेय, खेम सिंह देवांगन, पूर्व विधायक सेवकराम नेताम, नगर पालिका अध्यक्ष नरपति पटेल, उपाध्यक्ष जसकेतु उसेण्डी, दीपेश अरोरा, जितेन्द्र सुराना, सेंट जेवियर्स स्कूल समूह के डॉ. जी.एस. पटनायक, विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकगण, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य हेतु अंतर-विभागीय कार्ययोजना पर उच्च स्तरीय बैठक संपन्न

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रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य के संरक्षण, संवर्धन एवं समग्र कल्याण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गठित राज्य स्तरीय समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक रायपुर में आयोजित की गई। यह बैठक लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) के संचालक ऋतुराज रघुवंशी की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें विभिन्न शासकीय विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

मानसिक स्वास्थ्य को शिक्षा का अभिन्न अंग बनाने पर जोर

बैठक का मुख्य उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को एक अनिवार्य एवं अभिन्न घटक के रूप में स्थापित करना रहा। इस अवसर पर संचालक रघुवंशी ने कहा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास तभी संभव है, जब वे मानसिक रूप से स्वस्थ, सशक्त एवं तनावमुक्त हों।

अंतर-विभागीय समन्वय से एकीकृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश

बैठक में अंतर-विभागीय समन्वय पर विशेष बल देते हुए रघुवंशी ने निर्देशित किया कि सभी संबंधित विभाग विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को अपनी कार्यसूची में प्राथमिकता दें। प्रत्येक विभाग को अपनी-अपनी विस्तृत एवं विशिष्ट कार्ययोजना तैयार कर उसे तत्काल प्रभाव से धरातल पर क्रियान्वित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन की मंशा के अनुरूप विभिन्न विभागों की संसाधनों एवं विशेषज्ञता को समन्वित करते हुए एक एकीकृत कार्ययोजना तैयार करने पर बल दिया।

राज्य स्तरीय समिति निभाएगी सेतु की भूमिका

उल्लेखनीय है कि यह राज्य स्तरीय समिति प्रदेश के छात्र-छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से गठित की गई है। समिति विभिन्न विभागों के बीच समन्वयक सेतु के रूप में कार्य करेगी, ताकि विद्यार्थियों को समय पर परामर्श, सहयोगात्मक सहायता एवं एक सकारात्मक, सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

चिकित्सा शिक्षा विभाग का बड़ा निर्णय:अब 10 परसेंटाइल वाले अभ्यर्थी भी ले सकेंगे बी.एससी. नर्सिंग में दाखिला

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में बी.एससी. नर्सिंग पाठ्यक्रम के सत्र 2025-26 में प्रवेश लेने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने प्रवेश नियमों में बड़ी शिथिलता देते हुए अब 10 परसेंटाइल या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को भी प्रवेश के लिए पात्र घोषित कर दिया है।

भारतीय उपचर्या परिषद (INC), नई दिल्ली द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के संदर्भ में यह निर्णय लिया गया है। दरअसल, कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET) 2025 में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए पहले निर्धारित अंक अनिवार्य थे, लेकिन रिक्त सीटों को भरने के उद्देश्य से परिषद ने पात्रता मानदंडों में छूट देने पर अपनी सहमति जताई है।

31 दिसंबर है प्रवेश की अंतिम तिथि

शासन द्वारा नियमों में दी गई यह छूट केवल शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए प्रभावी होगी। प्रवेश प्रक्रिया की समय-सीमा को ध्यान में रखते हुए विभाग ने आदेश जारी किया है कि जिन अभ्यर्थियों ने प्रवेश परीक्षा में 10 परसेंटाइल या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं, वे रिक्त सीटों पर प्रवेश ले सकते हैं।प्रवेश की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई है।

चिकित्सा शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ नर्सिंग पाठ्यक्रम प्रवेश नियम 2019 के प्रावधानों के तहत यह रियायत दी जा रही है। सभी संबंधित नर्सिंग कॉलेजों और संस्थानों को निर्देशित किया गया है कि वे निर्धारित अंतिम तिथि तक योग्य अभ्यर्थियों का प्रवेश सुनिश्चित करें।

मड़ई 2025: सांस्कृतिक समागम सहभागियों के लिए आनंद के क्षण : चार दिवसीय युवा महोत्सव मड़ई 2025 का रंगा-रंग समापन

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रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में आयोजित चार दिवसीय अंतर महाविद्यालयीन सांस्कृतिक युवा महोत्सव मड़ई 2025 का पुरस्कार वितरण एवं प्रो. (डॉ.) लवली शर्मा, कुलपति इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ के मुख्य आतिथ्य में एवं डॉ. गिरीश चंदेल, कुलपति इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता कॉलेज टीम्स तथा विद्यार्थियों को अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया। 

मड़ई 2025 युवा महोत्सव का ओवर ऑल चैम्पियन कृषि महाविद्यालय रायपुर को घोषित किया गया। कृषि महाविद्यालय अम्बिकापुर मड़ई 2025 का ओवर ऑल रनरअप रहा। शोभा यात्रा में प्रस्तुत झांकियों में कृषि महाविद्यालय राजनांदगांव को प्रथम तथा कृषि महाविद्यालय कांकेर को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। संगीत स्पर्धाओं में राजनांदगांव विजेता तथा कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय रायपुर उप विजेता रहे। इसी प्रकार नृत्य प्रतियोगिता में कृषि महाविद्यालय रायपुर विजेता तथा कृषि महाविद्यालय कांकेर उप विजेता रहे। इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के निर्णायकों, टीम मैनेजर्स तथा विभिन्न आयोजन समितियों को अध्यक्षों एवं सदस्यों को भी सम्मानित किया गया। 

समापन समारोह के मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) लवली शर्मा, कुलपति इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ ने कहा कि यह एक चार दिवसीय सांस्कृतिक समागम है जो समस्त सहभागियों के लिए आनंद का अवसर है। उन्होंने इस अवसर पर सस्वर गणेश वंदना का भी प्रस्तुतिकरण किया। कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ की आदिवासी कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। यह सांस्कृतिक प्रदर्शन विद्यार्थी जीवन का एक स्वर्णिम पल है जिसे हर व्यक्ति आजीवन मन में संजोए रहता है। 

यह आयोजन हार या जीत तक सीमित नहीं है परंतु प्रतिभा, व्यक्तित्व विकास एवं टीम के रूप में संगठित कार्य सीखने का सुअवसर है। डॉ. संजय शर्मा, अधिष्ठाता छात्र कल्याण ने कहा कि इस सांस्कृतिक समारोह का मुख्य उद्धेश्य विद्यार्थियों की सृजन एवं अभिव्यक्ति की कला का विकास करना है। कला और कृषि एक-दूसरे के पूरक है क्योंकि हमारे समस्त त्यौहारों का संबंध मूल रूप से कृषि से ही जुड़ा है। डॉ. शर्मा ने मड़ई 2025 के अंतर्गत विगत चार दिनों में आयोजित कार्यक्रम एवं गतिविधियों की जानकारी दी। आयोजन सचिव डॉ सुनील नाग ने अतिथियों एवं सफल आयोजन के लिए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री साय से शासकीय आदर्श पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में शासकीय आदर्श पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री साय को शहीद वीर नारायण सिंह जयंती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया।

शहीद वीर नारायण सिंह जयंती के अवसर पर यह भव्य समारोह 15 दिसंबर 2025 को रायपुर में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन आदिवासी छात्र-छात्राओं द्वारा शासकीय आदर्श पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास, पेंशन बाड़ा, रायपुर में शाम 7 बजे से किया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आयोजन की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं और कार्यक्रम के सफल आयोजन की कामना की। इस अवसर पर छात्रावास अध्यक्ष पुरुषोत्तम नेताम सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

आखिर पहुंची उम्मीद की रोशनी, पतुरियाडाँड़ हाई स्कूल में अंग्रेजी व्याख्याता मिलने से छात्रों के सपनों को मिली नई उड़ान

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रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की युक्तियुक्तकरण योजना से स्कूलों में शैक्षणिक सुविधा बढ़ने से विद्यार्थियों को फायदा हो रहा है। कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के अंतिम छोर पर बसे छोटे से गाँव पतुुरियाडाँड़ के लिए हाई स्कूल खुलना किसी वरदान से कम नहीं था। वर्षों तक आसपास के गांवों के बच्चे सिर्फ इसलिए आगे की पढ़ाई से वंचित हो जाते थे क्योंकि हाई स्कूल की दूरी अधिक थी। लेकिन जब गाँव में हाई स्कूल प्रारंभ हुआ, तो यह न सिर्फ गांववासियों के लिए खुशी का क्षण था, बल्कि उन बच्चों के लिए नई उम्मीद की किरण थी जो उच्च शिक्षा का सपना मन में लिए बैठे थे।

हाई स्कूल खुलने के बावजूद छात्रों के सामने एक बड़ी चुनौती थी कि अंग्रेजी विषय का नियमित शिक्षक उपलब्ध नहीं था। गांव के अधिकांश बच्चे अंग्रेजी और गणित को कठिन विषय मानते थे। अंग्रेजी शिक्षक न होने के कारण खासकर छात्राओं के सपनों पर असर पड़ने लगा था, क्योंकि इस स्कूल में उच्च शिक्षा का सपना देखने वाली अधिकांश विद्यार्थी लड़कियां ही थीं। सरकार की युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया इस विद्यालय के लिए किसी सौभाग्य की तरह साबित हुई। इसी प्रक्रिया के तहत यहाँ अंग्रेजी विषय के व्याख्याता श्री विजय कुमार राठौर की नियुक्ति हुई। व्याख्याता के रूप में उन्होंने चार-पांच महीने पहले ज्वाइनिंग दी और तभी से छात्रों के लिए अंग्रेजी का डर धीरे-धीरे कम होता गया।

अब बच्चे बताते हैं कि “सर के आने के बाद अंग्रेजी पढ़ना मुश्किल नहीं लगता। अब हमें समझ में भी आता है और नियमित क्लास भी होती है।”

कक्षा 9वीं की छात्राएँ कुमार धन कुंवर, सुनती, सरिता, सपना, विक्रम और 10वीं के विद्यार्थी आकांक्षा, अमृता, राजकुमारी, विजय, विष्णु, अशोक सभी एक ही बात कहते हैं “अगर शिक्षक नहीं होते तो हम कठिन विषय में फेल भी हो सकते थे। अब हमें अपने भविष्य पर भरोसा है।”

गांव के लोगों के चेहरे पर भी खुशी झलकती है। वर्षों से जिस योग्य शिक्षक की कमी महसूस होती थी, वह अब पूरी हो गई है। आज गांव के बच्चे अंग्रेजी में मजबूत हो रहे हैं, परीक्षा के लिए तैयार हो रहे हैं और अपने सपनों को उड़ान देने के लिए आत्मविश्वास से भर चुके हैं।

छत्तीसगढ़ सरकार की युक्तियुक्तकरण नीति ने पतुरियाडाँड़ के इस विद्यालय का भविष्य ही नहीं बदला है, बल्कि उन सैकड़ों बच्चों की जिंदगी में नई रोशनी भरी है, जो कल अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन करेंगे।

ज्ञान का खुल रहा द्वार - विद्यार्थियों की सोच बदल रही अखबार

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रायपुर। कोरबा जिले के स्कूलों में अब एक नई सुबह की शुरुआत होती है- हाथों में किताबों के साथ-साथ अखबार भी। यह बदलाव आया है जिला प्रशासन की पहल से, जिन्होंने विद्यार्थियों को समसामयिक घटनाओं से जोड़ने और करियर निर्माण में सहयोग देने के उद्देश्य से एक अभिनव कदम उठाया है। उन्होंने डीएमएफ फंड से सभी हाई और हायर सेकंडरी स्कूलों में न्यूज़ पेपर स्टैंड लगवाया है।

पहले स्कूलों में बच्चे केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित रहते थे, लेकिन अब जब वे स्कूल के गेट से भीतर प्रवेश करते हैं, तो सबसे पहले न्यूज़ पेपर स्टैंड में सजे अखबारों पर उनकी नज़र जाती है। देश-दुनिया, राज्य और अपने जिले की खबरें पढ़ते हुए उनमें एक नई जिज्ञासा, नई दृष्टि और आत्मविश्वास का संचार होता है। पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के दूरस्थ ग्राम लेंगी के हाईस्कूल की छात्रा समीना कहती है कि “अब हमें सिर्फ किताबों से ही नहीं, बल्कि अखबार से भी बहुत कुछ सीखने को मिलता है। देश-विदेश की खबरें पढ़कर समझ आता है कि बाहर की दुनिया कितनी बड़ी है और हम उसमें क्या बन सकते हैं।” समीना की सहपाठी सोनी मार्काे और कल्याणी भी हर सुबह स्टैंड पर लगे अखबार को पढ़ती हैं। 

वे बताती हैं कि इससे उन्हें परीक्षा की तैयारी में मदद मिलती है और उनका सामान्य ज्ञान भी बढ़ता है। वहीं, कोरबा ब्लॉक के ग्राम अजगरबहार के हायर सेकेंडरी स्कूल में 12वीं की छात्रा आरती, ममता, सुनीता और लक्षमनिया बताती हैं कि “हम कॉलेज की पढ़ाई करना चाहती हैं। अखबार पढ़कर हमें पता चलता है कि आगे कौन-कौन से कोर्स हैं, कौन-से कॉलेज अच्छे हैं और देश में क्या नई योजनाएं चल रही हैं। यह हमारे लिए बहुत उपयोगी है।” इस छोटे से प्रयास ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के विद्यार्थियों में जागरूकता, आत्मविश्वास और भविष्य की सोच को जगाया है।‘‘ अब सुबह की घंटी सिर्फ स्कूल शुरू होने का संकेत नहीं देती वह यह भी बताती है कि ज्ञान का नया द्वार खुल चुका है।

जिला प्रशासन की यह पहल कोरबा जिले के विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ विचार और दृष्टिकोण को समृद्धि भी दे रही है। यह कहानी बताती है कि अगर अवसर और संसाधन सही दिशा में लगाए जाएं, तो हर बच्चे में समाज को बदलने की ताकत होती है। यह केवल अखबार पढ़ने की पहल नहीं है, यह भविष्य गढ़ने की शुरुआत है।

‘उम्मीद’ एवं ‘मनोदर्पण’ आधारित मानसिक स्वास्थ्य नीति होगी लागू

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रायपुर। विद्यार्थियों में बढ़ते मानसिक तनाव एवं आत्महत्या की घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थानों के लिए मानसिक स्वास्थ्य संबंधी निर्देश जारी किए गए हैं। यह पहल सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में की गई है।

स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों, महाविद्यालयों, कोचिंग संस्थानों, प्रशिक्षण केन्द्रों एवं छात्रावासों में ‘उम्मीद’ एवं ‘मनोदर्पण’ से प्रेरित मानसिक स्वास्थ्य नीति को अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा। सुकमा जिला कलेक्टर देवेश कुमार धु्रव ने कहा कि विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच, भावनात्मक संतुलन और आत्मविश्वास विकसित करने की दिशा में यह नीति महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। 

उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के तहत 100 या अधिक विद्यार्थियों वाले संस्थानों में प्रशिक्षित परामर्शदाता अथवा मनोवैज्ञानिक की नियुक्ति अनिवार्य होगी, वहीं इससे कम संख्या वाले संस्थान आवश्यकता अनुसार पंजीकृत मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का सहयोग प्राप्त किया जाएगा। कलेक्टर ने यह भी कहा कि शासन की यह पहल विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य के संरक्षण, आत्महत्या जैसी घटनाओं की रोकथाम तथा संवेदनशील एवं सहयोगी शैक्षणिक वातावरण निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सार्थक कदम सिद्ध होगी।

विद्या भारती संस्था का भारत की संस्कृति और परंपरा को आगे बढ़ाने में विशिष्ट योगदान : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि विद्या भारती संस्था भारत की संस्कृति और परंपरा को आगे बढ़ाने में विशिष्ट योगदान दे रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे राष्ट्र गौरव निर्माण में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएँ।

मुख्यमंत्री साय आज बिलासपुर के कोनी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में नव-निर्मित सरस्वती महाविद्यालय भवन का लोकार्पण करने पहुँचे। इस अवसर पर विद्या भारती द्वारा आयोजित भव्य सम्मान समारोह में प्रदेश के 33 जिलों के सरस्वती स्कूलों से चयनित 24 मेधावी छात्र-छात्राओं को तथा विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों एवं महोत्सवों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने की। विशिष्ट अतिथियों के रूप में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा तथा स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव उपस्थित रहे। इस अवसर पर बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक और तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह भी विशेष रूप से शामिल हुए।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित सभी अतिथियों ने सरस्वती स्कूल परिसर, कोनी में नव-निर्मित महाविद्यालय भवन का विधिवत पूजा-अर्चना कर लोकार्पण किया। तत्पश्चात सरस्वती स्कूल परिसर स्थित लखीराम सभा भवन में आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि मेधावी छात्र-छात्राएँ अपनी मेहनत, अनुशासन और संस्कारों से प्रदेश का गौरव बढ़ा रहे हैं। विद्यालय का यह नया भवन शिक्षा और ज्ञान के विस्तार का प्रतीक है, जो समाज को नई दिशा देगा।

उन्होंने कहा कि सरस्वती महाविद्यालय के द्वारा गुरु घासीदास विश्वविद्यालय तथा इसरो, बेंगलुरु के साथ एमओयू किए हैं, जिससे विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी क्षेत्र में अधिक अवसर मिलेंगे। साथ ही पं. सुंदरलाल शर्मा विश्वविद्यालय का स्टडी सेंटर भी यहाँ प्रारंभ होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्थानीय भाषा में शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण, हाइटेक लाइब्रेरी, रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी सुविधाएँ विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे दृढ़ संकल्प और परिश्रम के साथ समाज और राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान दें।

विशिष्ट अतिथि उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि विद्या भारती शिक्षा के साथ संस्कार देने का कार्य कर रही है। उन्होंने संस्था द्वारा ज्ञान परंपरा और भारतीय संस्कृति को सहेजने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

विद्या भारती के प्रांतीय संगठन मंत्री देव नारायण ने संस्था के सिद्धांतों, विचारधारा और कार्य-प्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरस्वती संस्थान द्वारा अब तक छत्तीसगढ़ में तीन महाविद्यालयों की स्थापना की गई है और सात प्रकल्प संचालित हैं। ग्राम भारती के अंतर्गत 1,100 से अधिक विद्यालय कार्यरत हैं। इन संस्थानों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुँचाया जा रहा है, जिससे योग्य और राष्ट्र के प्रति समर्पित विद्यार्थियों का निर्माण हो रहा है।

कार्यक्रम में नन्हे बच्चों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देकर सभी का मन मोह लिया।

इस अवसर पर नगर निगम महापौर पूजा विधानी, क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, सरस्वती शिक्षा संस्थान छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष राम भरोसा सोनी, सरस्वती ग्राम शिक्षा समिति के अध्यक्ष रतन चंद्राकर, सरस्वती शिशु मंदिर कोनी के अध्यक्ष मुनेश्वर कौशिक, सरस्वती ग्राम शिक्षा समिति के सचिव संतोष तिवारी, बृजेंद्र शुक्ला, पुरनंदन कश्यप, रामपाल, सुजीत मित्रा, सुदामा राम साहू, प्रांत प्रमुख दिव्या चंदेल, संचालकगण, प्राचार्य/आचार्यगण तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।


विकासखंड स्तरीय विज्ञान क्विज प्रतियोगिता का हुआ आयोजन, प्रतियोगिता में भाग लेना ही बड़ी बात है - वर्मा

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आरंग। शनिवार को विकासखंड शिक्षा अधिकारी दिनेश शर्मा एवं विकासखंड स्रोत समन्वयक मातलीनंदन वर्मा के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय आविष्कार अभियान अंतर्गत विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि व जागरूकता लाने शासकीय अरूंधति देवी उच्चतर माध्यमिक उत्कृष्ट विद्यालय आरंग में विकासखंड स्तरीय विज्ञान क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। 

जिसमें पूरे विकासखंड के विद्यालयों के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस प्रतियोगिता का आयोजन हाई स्कूल व हायर सेकेंडरी स्तर पर किया गया।जिसमें भाग लेने वाले समस्त प्रतिभागियों को बीआरसीसी मातलीनंदन द्वारा प्रतीक चिन्ह व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। सभी विजयी प्रतिभागी

विकासखंड का प्रतिनिधित्व जिला स्तरीय प्रतियोगिता में करेंगे।इस अवसर पर बीआरसीसी वर्मा ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि मेरे नजर में प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागी विजयी हैं।अर्थात प्रतियोगिता में भाग लेना ही अपने आप में बहुत बड़ी बात होती है। इसलिए हमें समय - समय पर आयोजित होने वाले ऐसे आयोजनों में अवश्य भाग लेते रहना चाहिए‌। जिससे हमारे ज्ञान में सतत् वृद्धि होती रहे।

प्रतियोगिता का नेतृत्व प्रभारी व्याख्याता श्रीमती अपर्णा तिवारी व्याख्याता शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला मंदिर हसौद तथा शिक्षक रवि वर्मा व्याख्याता महात्मा गांधी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रीवा ने किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में संकुल समन्वयक सुरेंद्र सिंह चंद्रसेन, शेख मोहम्मद, युवराम साहू, उगेश साहू, गिरजा शंकर अग्रवाल, लोकनाथ साहू , शिक्षक कमलेश साहू, विक्रम चंद वर्मा, खेमराज कुंभकार,  रेखा चक्रधारी की अहम् भूमिका रही।


छात्रों की बात, जनप्रतिनिधि के साथ: संस्कृति मंत्री ने की मेडिकल छात्रों से चर्चा

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रायपुर। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने अंबिकापुर स्थित राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंह देव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में आयोजित छात्रों की बात, जनप्रतिनिधि के साथ कार्यक्रम में सम्मिलित होकर चिकित्सा छात्रों से सीधा संवाद किया। मंत्री से खुले संवाद कर विद्यार्थियों ने अपनी बातें साझा कीं और उनके सकारात्मक दृष्टिकोण और समाधान के आश्वासन पर प्रसन्नता व्यक्त की।

इस अवसर पर छात्रों ने अपनी शैक्षणिक व बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी कई समस्याएँ एवं सुझाव मंत्री अग्रवाल के समक्ष रखे। सामने आए मुद्दों में कॉलेज परिसर में शेड निर्माण की आवश्यकता, अध्ययन हेतु बेहतर संसाधन, तथा छात्र-हित से जुड़ी मूलभूत आवश्यकताओं पर प्रमुखता से चर्चा की गई। मंत्री अग्रवाल ने सभी समस्याओं व सुझावों को गंभीरता से सुना और कहा कि चिकित्सा महाविद्यालय के विद्यार्थी समाज के स्वास्थ्य तंत्र की मज़बूत रीढ़ हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि छात्रहित सर्वाेपरि है और समाधान के लिए शीघ्र कदम उठाए जाएंगे।

इस अवसर पर छात्रों द्वारा उठाई गई शेड निर्माण की मांग पर अग्रवाल ने कार्यक्रम के बाद तत्काल ही कॉलेज के डीन सहित अधिकारियों के साथ स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यार्थियों की आवश्यकता को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र कार्रवाई की जाए। 

मंत्री अग्रवाल ने कहा कि मेडिकल की पढ़ाई कर रहे युवा कर रहे युवा ही भविष्य में प्रदेश व देश को स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे। उनका उत्साह, जिज्ञासा और समर्पण ही उन्हें एक कुशल चिकित्सक बनाकर समाज सेवा हेतु तैयार करेगा।


जाति प्रमाण-पत्र बनाने का विशेष अभियान, 34 हजार से अधिक बच्चों का बना जाति प्रमाण-पत्र

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में कलेक्टर तुलिका प्रजापति के निर्देशन में जिले में जाति प्रमाण पत्र बनाने वृहद स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत जिले के स्कूलों में विद्यार्थियों का दस्तावेज संकलन कर शिविर आयोजित कर जाति प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं। जिसमें 49 हजार 874 लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 34 हजार 271 बच्चों के जाति प्रमाण पत्र बनाए जा चुके हैं। वहीं जिले के 34 विद्यालयों ने अपने शत प्रतिशत विद्यार्थियों जाति प्रमाण पत्र बनाए हैं।

जिले के तीनों विकासखंड मोहला, मानपुर और अंबागढ़ चौकी के स्कूलों में जाति प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं। जिसमें कक्षा पहली से बारहवीं तक के छात्रों के जाति प्रमाण पत्र बनाने का कार्य किया जा रहा है। जिसके तहत 15 सितंबर 2025 की स्थिति में 34 हजार 271 जाति प्रमाण पत्र बनाए जा चुके हैं। जिसमें विकास खंड मोहला में 10 हजार 413 जाति प्रमाण पत्र, इसी तरह विकासखंड मानपुर में 10 हजार 396 एवं विकासखंड अंबागढ़ चौकी में 13 हजार 262 जाति प्रमाण पत्र बनाए गए हैं। कलेक्टर प्रजापति जिले के शत-प्रतिशत बच्चों के जाति प्रमाण पत्र बनने तक आयोजित किए जाने बात कही। बच्चों का स्कूल में ही जाति प्रमाण पत्र बन जाने से पालकों को बड़ी राहत मिल रही है।

37 विद्यालयों ने बनाए शत-प्रतिशत जाति प्रमाण पत्र’

जिले के कुल 34 विद्यालय ऐसे हैं, जहां शत-प्रतिशत छात्रों के जाति प्रमाण पत्र बनाए जा चुके हैं। इनमें विकासखंड मोहला के 5, मानपुर के 14 और अंबागढ़ चौकी के 15 विद्यालय शामिल हैं। जिसमें मोहला विकासखंड के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला डंडासुर, हर्राटोला, भालापुर, दनगढ़ और शासकीय पूर्व प्राथमिक शाला कोला टोला शामिल हैं। इसी प्रकार अंबागढ़ चौकी अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला दूर्रेटोला, संसारगढ़, बालक प्राथमिक शाला दाऊटोला, कन्या प्राथमिक शाला दाऊटोला, बीरूटोला, डूमरघुचा, पूर्व माध्यमिक शाला देवरसुर, हाड़ीटोला, कन्या शिक्षा परिसर अंबागढ़ चौकी, हाई स्कूल देवरसुर, बूटाकसा, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रेंगाकटेरा, छछनपहरी, भड़सेना और चिखली।

इसी तरह विकासखंड मानपुर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला सेजेश खडगांव, हाई स्कूल डोकला, बोरिया ठेकेदारी, सिवनी, कोराचा, माध्यमिक शाला तेरेगांव कोराचा, संबलपुर, ढाब्बा, बिरजूटोला, प्राथमिक शाला कुंडकल, बोरिया ठेकेदारी, बोरिया पटेलपारा और संबलपुर शामिल है। इसके अतिरिक्त 3 अशासकीय विद्यालयों ने भी शत-प्रतिशत जाति प्रमाण पत्र बनाए है। जिसमें हाई स्कूल सरस्वती शिशु मंदिर औंधी, संदीपनी इंग्लिश मीडियम स्कूल मानपुर, विद्याश्री विस्डम ठाकुर टोला खड़गांव शामिल है।


खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित ‘बिहान’ केंद्र का किया भ्रमण

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रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत संचालित स्व-सहायता समूह केंद्र का खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा शैक्षणिक भ्रमण किया गया। इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को ग्रामीण उद्यमिता, लघु उद्योगों की कार्यप्रणाली तथा महिला सशक्तिकरण की जमीनी हकीकत से अवगत कराना था।

विद्यार्थियों ने भ्रमण के दौरान स्व-सहायता समूह की महिलाओं से बातचीत की और उनकी कार्यशैली को का अध्ययन किया। यह समूह ‘बिहान’ मिशन के अंतर्गत संगठित होकर विभिन्न उद्यमों का संचालन कर रहा है। इस दौरान विद्यार्थियों ने मिलेट प्रोसेसिंग यूनिट, बेकरी यूनिट तथा चिप्स निर्माण इकाई का भी अवलोकन किया। इन इकाइयों की संचालन प्रणाली भी सीखा।

मिलेट प्रोसेसिंग यूनिट में विद्यार्थियों ने कोदो, कुटकी जैसे मोटे अनाजों की सफाई, ग्रेडिंग, पैकेजिंग तथा मूल्य संवर्धन की प्रक्रिया को देखा। वहीं बेकरी यूनिट में केक, कुकीज़ तथा ब्रेड आदि के निर्माण की जानकारी प्राप्त की। चिप्स निर्माण इकाई में कच्चे माल की तैयारी से लेकर पैकेजिंग तक की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया।

महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. एस.एस. सेंगर ने बताया कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त होता है और वे ग्रामीण स्तर पर उद्यमिता की संभावनाओं को भी पहचान पाते हैं। साथ ही, यह भ्रमण महिला सशक्तिकरण, खाद्य प्रसंस्करण तथा आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों को समझने की दिशा में भी एक प्रभावी कदम है।


शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति अब मोबाइल एप्प के माध्यम से

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रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, अनुशासित एवं तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। विभाग ने "विद्या समीक्षा केन्द्र" के अंतर्गत शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए एक विशेष मोबाइल एप्प विकसित किया है। यह एप्प अब गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है और इसे प्रत्येक शिक्षक द्वारा डाउनलोड कर पंजीयन करना तथा प्रतिदिन अपनी उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। इस व्यवस्था से शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति का रिकॉर्ड वास्तविक समय पर उपलब्ध रहेगा, जिससे विद्यालयीन अनुशासन और शिक्षा की गुणवत्ता दोनों में उल्लेखनीय सुधार होगा।

माननीय मंत्री जी स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य विभाग, छत्तीसगढ़ शासन गजेंद्र यादव ने दिनांक 04 सितम्बर 2025 को आयोजित समग्र शिक्षा की समीक्षा बैठक में इस एप्प को तत्काल लागू करने के निर्देश दिए थे। हाल ही में मंत्रीजी गुजरात अध्ययन दौरे पर भी गए, जहाँ उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने हेतु अपनाई जा रही तकनीकी व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। गुजरात मॉडल से प्रेरणा लेते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ में भी आधुनिक तकनीक आधारित उपस्थिति प्रणाली लागू करने पर बल दिया।

छत्तीसगढ़ का यह एप्प गुजरात की व्यवस्था से भी अधिक उन्नत है, क्योंकि इसमें जियो-फेंसिंग फीचर शामिल किया गया है। इस तकनीक के माध्यम से शिक्षक तभी उपस्थिति दर्ज कर सकते हैं जब वे विद्यालय के निश्चित दायरे में उपस्थित हों। इससे यह सुनिश्चित होगा कि उपस्थिति केवल स्कूल परिसर के भीतर से ही दर्ज हो। गुजरात में प्रयुक्त एप्प में यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी, जिसके कारण वहाँ कई बार शिक्षकों द्वारा घर से ही उपस्थिति दर्ज करने जैसी गड़बड़ियाँ सामने आती थीं। छत्तीसगढ़ शासन ने इस अनुभव से सीख लेते हुए इस एप्प को और अधिक सुरक्षित तथा विश्वसनीय बनाया है।

इस संदर्भ में जिला शिक्षा अधिकारियों महासमुंद, बेमेतरा, दंतेवाड़ा, सूरजपुर एवं रायगढ़ को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने जिलों में इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें और सभी विद्यालयों के शिक्षकगण को एप्प के प्रयोग हेतु आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान करें। यह नई व्यवस्था न केवल उपस्थिति प्रणाली को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाएगी, बल्कि विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति और विद्यालयीन गतिविधियों की निगरानी भी सरल और प्रभावी होगी। शासन का विश्वास है कि इस तकनीकी पहल से छत्तीसगढ़ के विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में सकारात्मक सुधार होगा तथा अनुशासन और कार्यकुशलता और अधिक सुदृढ़ होगी।


सरगुजा अंचल के विद्यार्थियों को मिल रहा एडवांस ड्रोन का प्रशिक्षण

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जैसे दूरस्थ अंचल के विद्यार्थियों को ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने आज लखनपुर के पीएम स्कूल में आज प्रशिक्षण की शुरूआत की। इस प्रशिक्षण में विद्यार्थियों को एडवांस्ड ड्रोन टेक्नोलॉजी पर 30 घंटे का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान से जोड़ना है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री अग्रवाल ने प्रशिक्षण सत्र के शुभारंभ समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शिक्षा, संस्कृति और युवाओं के कौशल विकास से जुड़ी नई योजनाओं पर काम कर रहे हैं, जिससे प्रदेश का आने वाला भविष्य और अधिक उज्ज्वल होगा। उन्होंने कहा कि ड्रोन प्रौद्योगिकी का प्रशिक्षण विद्यार्थियों को नई दिशा देकर रोजगार और नवाचार के अवसरों से जोड़ेगा। उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर व प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

पर्यटन मंत्री अग्रवाल ने कार्यक्रम में सरस्वती साइकिल योजना अंतर्गत 53 बालिकाओं को निःशुल्क साइकिल प्रदान की। इस मौके पर उन्होंने उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया और विद्यालय में नए वाटर कूलर का भी लोकार्पण किया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।


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