Media24Media.com: #मोर गांव मोर पानी महाभियान

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मुख्यमंत्री ने ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान पर आधारित पुस्तिका का किया विमोचन

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रायपुर- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा परिसर स्थित अपने कक्ष में ‘मोर गांव मोर पानी’ महाअभियान पर आधारित पुस्तिका का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पंचायती राज दिवस के अवसर पर प्रारंभ किए गए इस विशेष अभियान ने जल संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में अभूतपूर्व चेतना उत्पन्न की है। विमोचन कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, प्रमुख सचिव पंचायत श्रीमती निहारिका बारीक, विशेष सचिव श्री तारण प्रकाश सिन्हा सहित अनेक अधिकारी उपस्थित थे।

ग्राम पंचायतों की सक्रियता और स्वप्रेरित जनभागीदारी से हो रहे जल संरक्षण के प्रयास प्रशंसनीय : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ग्राम पंचायतों की सक्रियता और जनता की स्वप्रेरित भागीदारी के चलते यह अभियान अब एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। लोग स्वेच्छा से जल संरक्षण जैसे पुनीत कार्यों से जुड़ रहे हैं, जो सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि पुस्तिका में राज्य की विभिन्न पंचायतों द्वारा जल संरक्षण के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों और नवाचारों को संकलित किया गया है, जो अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अभियान के अंतर्गत सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) गतिविधियों के माध्यम से जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रदेश की 11,000 से अधिक ग्राम पंचायत भवनों की दीवारों पर भूजल स्तर अंकित किया गया है, जिससे लोगों में जल के महत्व को लेकर व्यावहारिक चेतना जागृत हुई है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों की भूमिका जल संरक्षण को जन-भागीदारी से जोड़ने में महत्वपूर्ण रही है, और यह चेतना आने वाले समय में और भी व्यापक स्वरूप लेगी।

उल्लेखनीय है कि ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान के तहत रैली, दीवार लेखन जैसे माध्यमों से व्यापक स्तर पर जनसामान्य को जल संरक्षण के प्रति संवेदनशील और जागरूक किया गया है। 626 क्लस्टर्स में आयोजित प्रशिक्षणों के माध्यम से 56,000 से अधिक प्रतिभागियों को जल प्रबंधन और संरक्षण के लिए तैयार किया गया है।

अभियान में GIS तकनीक का उपयोग कर जल संरक्षण कार्यों की प्रभावी योजना बनाई जा रही है, जबकि जलदूत ऐप के माध्यम से खुले कुओं का जल स्तर मापा जा रहा है। इसके अतिरिक्त, परकोलेशन टैंक, अर्दन डैम, डिफंक्ट बोरवेल रिचार्ज स्ट्रक्चर जैसे संरचनात्मक उपायों के माध्यम से जल पुनर्भरण और संरक्षण के स्थायी प्रयास किए जा रहे हैं। ग्राम पंचायतों के यह प्रयास छत्तीसगढ़ को जल संरक्षण के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में स्थापित करेंगे।


मोर गांव मोर पानी महाभियान के तहत जल संरक्षण की अनूठी पहल

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 रायपुर : सरगुजा जिले में मोर गांव मोर पानी महाभियान के तहत जल संरक्षण और भू.जल स्तर को बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। कलेक्टर विलास भोसकर और जिला मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन में मनरेगा योजना के तहत जल संवर्धन के लिए विभिन्न संरचनाओं का निर्माण तेज गति से जारी है।


जनपद पंचायत उदयपुर के पांच पंचायतों में पलकाए फुलचूहीए रिखीए ललाती और केसमा इस महाभियान का केंद्र बनी हैं। यहां पहाड़ी ढलानों पर कुल 125 संरचनाएं बनाई जा रही हैंए जिनमें स्ट्रेगर ट्रेंचए कंटूर ट्रेंचए वाटर एब्जॉरप्शन ट्रेंचए लूज बोल्डर चेक डैमए गली प्लग और डबरी शामिल हैं। इन संरचनाओं का मुख्य उद्देश्य बरसात के मौसम में नालों के माध्यम से बहकर व्यर्थ जाने वाले पानी को रोकना और उसे धरती में समाहित कर भू.जल स्तर को बढ़ाना है।

GIS तकनीक से वैज्ञानिक प्लानिंग

इन कार्यों की योजना बनाने और कार्यान्वयन में आधुनिक GIS तकनीक ;जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टमद्ध का उपयोग किया जा रहा है। GIS तकनीक की मदद से रिज टू वैली ;पहाड़ी की चोटी से घाटी तकद्ध सिद्धांत पर आधारित स्ट्रक्चर्स की प्लानिंग की गई है ताकि बारिश का पानी व्यवस्थित तरीके से संरचनाओं में एकत्र हो और अधिकतम जल संचयन हो सके।

मिट्टी कटाव पर भी लगेगा अंकुश

पूर्व में इन क्षेत्रों में वर्षाजल के बहाव से बड़े पैमाने पर मिट्टी कटाव की समस्या उत्पन्न होती थी। अब इन संरचनाओं के निर्माण से न केवल जल संरक्षण होगा बल्कि मिट्टी कटाव की समस्या पर भी स्थायी समाधान मिलेगा। इन संरचनाओं से नालों का बहाव धीमा होगा और पानी धीरे.धीरे भूमि में रिसकर भू.जल भंडार को समृद्ध करेगा।

ग्रामीणों में उत्साहए प्रशासन को धन्यवाद

इस महाभियान से ग्रामीणों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्य उनके गांवों की जल समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि इन कार्यों से आने वाले वर्षों में सिंचाईए पीने के पानी और पर्यावरण संरक्षण में बड़े बदलाव दिखेंगे।

प्रशासन की प्राथमिकताः जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा

कलेक्टर विलास भोसकर ने मार्गदर्शन में मोर गांव मोर पानी महाभियान के तहत जिले में जल संरक्षण की दिशा में हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि यह अभियान जिले में जल संकट दूर करने में मील का पत्थर साबित हो। जिला मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण जनसहभागिता से किया जा रहा है ताकि लोगों में भी जल के प्रति जागरूकता बढ़े और वे अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

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