Media24Media.com: #मां महालक्ष्मी पूजन#मुख्यमंत्री साय

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मुख्यमंत्री साय बसना सलखण्ड में मां महालक्ष्मी पूजन कार्यक्रम में हुए शामिल, मां महालक्ष्मी से प्रार्थना कर राज्य सहित क्षेत्रवासियों के सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना

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 महासमुंद। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज बसना तहसील अंतर्गत ग्राम सलखण्ड के दौरे पर रहे। इस दौरान ग्राम वासियों ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने यहां ग्रामीणों द्वारा आयोजित महालक्ष्मी देवी पूजन कार्यक्रम में पहुंचकर विधि-विधान से दर्शन किया तथा विशेष पूजा-अर्चना में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने मां लक्ष्मी से प्रार्थना करते हुए राज्य सहित क्षेत्रवासियों के सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।


पूजन कार्यक्रम के दौरान पुजारियों द्वारा पारंपरिक मंत्रोच्चार किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया। इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात कर उनकी समस्याओं और स्थानीय विकास कार्यों की जानकारी ली। इस अवसर पर कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की धर्म पत्नी कौशल्या साय एवं रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्र भी साथ थे।


कार्यक्रम में बसना विधायक सम्पत अग्रवाल, महिला आयोग की सदस्य सरला कोसरिया, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, जिला स्काउट एवं गाइड के जिलाध्यक्ष येतराम साहू, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक आशुतोष सिंह एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने ग्राम सलखंड में महतारी सदन की बनाने की घोषणा की। साथ ही यहां एनीकेट बनाने के लिए जल संसाधन विभाग को आवश्यक जानकारी जुटाकर प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कहा कि आज पवित्र अगहन मास के अवसर पर मां महालक्ष्मी की पूजा में शामिल होकर हृदय से अत्यंत आनंद और सौभाग्य की अनुभूति हो रही है। बसना और सलखंड के ग्रामवासियों ने वर्षों से जिस भक्ति और परंपरा को जीवित रखा है, वह छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का गौरवपूर्ण उदाहरण है।


अगहन मास हमारे अंचल के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। यह मास अन्न, धन और समृद्धि का प्रतीक है। इसी समय नई फसल खेतों में लहलहाती है, और घर-परिवार में सम्पन्नता के द्वार खुलते हैं। मां महालक्ष्मी जीवन में केवल धन ही नहीं, बल्कि सुख, शांति, उत्तम स्वास्थ्य और सदभाव का आशीर्वाद भी प्रदान करती हैं। इसी भावना के साथ हम सभी इस पूजन में शामिल होते हैं।

मैं मां लक्ष्मी से राज्य के प्रत्येक नागरिक के लिए सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, सुरक्षित वातावरण और उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ। हमारी सरकार गांव, गरीब, किसान, महिला और युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। हम जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए संकल्पित हैं। सलखंड गांव की यह 25 वर्षों से चल रही परंपरा न केवल श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता, भाईचारे और सामुदायिक जागरूकता का भी उदाहरण है। यहां आयोजित मेला ग्रामीण संस्कृति, लोकाचार और पारंपरिक विरासत को आगे बढ़ाने का माध्यम बन चुका है। मैं इस आयोजन समिति और सभी ग्रामवासियों को इस अनुकरणीय परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए हृदय से बधाई देता हूं। आप सभी का यह स्नेह और विश्वास हमारी शक्ति है। आपके सहयोग से हम एक बेहतर, समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में निरंतर आगे बढ़ते रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने संविधान की गरिमा, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रनिर्माण में जनभागीदारी के महत्व को बताते हुए कहा कि संविधान हमारे अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की भी याद दिलाता है और यही दस्तावेज भारत को एक सशक्त, एकजुट और प्रगतिशील राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ने की दिशा देता है। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ निर्माण समिति के सदस्यों के ऐतिहासिक योगदान का सम्मानपूर्वक उल्लेख किया और कहा कि समिति की दूरदृष्टि एवं प्रयासों ने आज के मजबूत और विकसित होते छत्तीसगढ़ की नींव रखी है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत के अग्रसर लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। जिससे छत्तीसगढ़ को नई दिशा और गति दी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और आवास निर्माण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को 18 लाख आवासों की स्वीकृति इसी संकल्प की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत राज्य की 70 लाख महिलाओं को लाभ प्रदान किया गया है, जो महिलाओं के सम्मान और आर्थिक मजबूती की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री ने संविधान के प्रति निष्ठा, समरसता, समानता और राष्ट्रीय विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की अपील की और कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की संयुक्त प्रतिबद्धता से छत्तीसगढ़ भी विकसित भारत के निर्माण में प्रमुख भूमिका निभाएगा। इस अवसर पर पूर्व विधायक श्री त्रिलोचन पटेल, हरिदास भारद्वाज, महालक्ष्मी समिति के अध्यक्ष प्राण नाथ साहू, सरपंच श्रीमती अंजू साहू मौजूद थे।

उल्लेखनीय है कि अगहन मास अंचल में पवित्र एवं शुभ माना जाता है। इस मास में ग्रामीण परिवार मां महालक्ष्मी प्रतीक स्वरूप बिठाकर श्रद्धापूर्वक पूजन करते हैं। ऐसी मान्यता है कि अगहन मास कृषि सम्पन्नता, अन्न उत्पादन और परिवार की समृद्धि का प्रतीक है। इस अवसर पर की गई लक्ष्मी पूजा से घर-परिवार में धन-धान्य की वृद्धि, सुख-शांति और रोगों से रक्षा होती है। ग्राम सलखंड में पिछले 25 वर्षों से महालक्ष्मी समिति एवं समस्त ग्रामवासियों द्वारा निरंतर सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपराओं का संरक्षण करते हुए महालक्ष्मी पूजन किया जा रहा है। गांव में प्रतिवर्ष 5 दिवसीय मेला भी आयोजित होता है, जिसमें आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं आगंतुक शामिल होते हैं।

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