Media24Media.com: #महतारीवंदनयोजना

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #महतारीवंदनयोजना. Show all posts
Showing posts with label #महतारीवंदनयोजना. Show all posts

दीपावली से पहले महिलाओं के खाते में आएंगे 632 करोड़, कल जारी होगी महतारी वंदन की 33वीं किस्त

No comments Document Thumbnail

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए दीपावली से पहले बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त 3 नवंबर 2026 को जारी की जाएगी। राज्योत्सव समारोह के दौरान आयोजित विशेष कार्यक्रम में प्रदेश की 67 लाख 40 हजार 410 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 632 करोड़ 63 लाख 67 हजार 750 रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी। त्योहार से ठीक पहले मिलने वाली इस आर्थिक सहायता से लाखों महिलाओं को राहत मिलेगी।


राजधानी रायपुर में आयोजित राज्योत्सव समारोह के मुख्य मंच से केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मुख्य आतिथ्य और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राशि अंतरण का कार्यक्रम संपन्न होगा। योजना के तहत हितग्राहियों के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से राशि भेजी जाएगी।

67 लाख से अधिक महिलाओं को मिलेगा लाभ

महतारी वंदन योजना की इस किस्त के तहत ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर चुकीं प्रदेश की 67 लाख 33 हजार 502 महिला हितग्राहियों को नियमित मासिक सहायता मिलेगी। वहीं, नियद नेल्ला नार योजना के कैंप क्षेत्रों की 6,908 महिलाओं को 13वीं किस्त की राशि प्रदान की जाएगी। इस तरह कुल 67 लाख 40 हजार 410 महिलाओं के खातों में सहायता राशि पहुंचेगी।

32 किस्तों में अब तक 20,717 करोड़ रुपये का भुगतान

छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना की शुरुआत 1 मार्च 2024 को की गई थी। योजना की पहली किस्त 10 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जारी की थी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में अब तक 32 किस्तों के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं को कुल 20,717.87 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।

अब 33वीं किस्त के 632.63 करोड़ रुपये जारी होने के बाद योजना के तहत वितरित कुल राशि बढ़कर लगभग 21,350.50 करोड़ रुपये हो जाएगी। यह योजना प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है।

छोटी जरूरतों से लेकर घरेलू खर्च में मिल रही मदद

महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता से महिलाएं अपनी व्यक्तिगत जरूरतों, बच्चों की शिक्षा, घरेलू खर्च और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में योगदान दे रही हैं। सरकार का मानना है कि महिलाओं के हाथों में सीधे आर्थिक सहायता पहुंचने से परिवार में उनकी आर्थिक भागीदारी और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत हो रही है।

ऑनलाइन चेक कर सकेंगी किस्त का स्टेटस

हितग्राही महिलाएं महतारी वंदन योजना की किस्त और भुगतान से जुड़ी जानकारी आधिकारिक वेबसाइट mahtarivandan.cgstate.gov.in पर देख सकती हैं। इसके अलावा प्ले स्टोर पर उपलब्ध योजना के मोबाइल ऐप के माध्यम से भी भुगतान की स्थिति और अन्य जानकारियां प्राप्त की जा सकती हैं।

सड़क किनारे पसरे पर अचानक पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, मीरा के पसरे से खरीदा ‘आशीर्वाद का दीया’

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : राजधानी रायपुर के तेलीबांधा मरीन ड्राइव में सड़क किनारे पसरा लगाकर मिट्टी के दीये बेच रही मीरा के लिए आज का दिन अचानक बेहद खास बन गया। रोज की तरह वह अपने छोटे से पसरे पर दीये सजाकर ग्राहकों की प्रतीक्षा कर रही थी। इसी बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का काफिला अचानक उसके पसरे के पास जाकर रुक गया।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मीरा के पसरे पर रखे मिट्टी के दीयों को देखा और ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के लिए वहीं से एक दीया खरीदा। मुख्यमंत्री ने महिला को एक हजार रुपए प्रदान किए। मुख्यमंत्री का यह सहज भाव स्थानीय स्तर पर छोटे व्यवसाय के माध्यम से आजीविका अर्जित करने वाली मीरा के श्रम, स्वाभिमान और स्वावलंबन के सम्मान का सुंदर संदेश भी दे गया।


मुख्यमंत्री का सड़क किनारे लगे छोटे से पसरे पर अचानक पहुंचना आसपास मौजूद लोगों के लिए भी सुखद आश्चर्य का अवसर बन गया। बिना किसी औपचारिकता के मुख्यमंत्री ने मीरा से उसके कामकाज और परिवार का हालचाल पूछा। 

बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री साय ने मीरा से पूछा कि उसे केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं। मुख्यमंत्री के सवाल पर मीरा ने बताया कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के अंतर्गत उसका बैंक खाता खुल चुका है। उसने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना के अंतर्गत उसे हर महीने एक हजार रुपए की राशि प्राप्त हो रही है।

महिला के मुंह से योजनाओं का लाभ मिलने की बात सुनकर मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाएं तभी सार्थक होती हैं, जब उनका लाभ जरूरतमंद व्यक्ति तक सीधे पहुंचे, उसे संबल दे और उसके जीवन को बेहतर बनाने में सहायक बने। शासन की प्राथमिकता यही है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पूरी सहजता और पारदर्शिता के साथ पहुंचे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री जनधन योजना ने गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़कर आर्थिक समावेशन का मजबूत आधार तैयार किया है। बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ने के कारण आज विभिन्न योजनाओं की राशि सीधे हितग्राहियों के खातों तक पहुंच रही है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की माताओं-बहनों को प्रतिमाह एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। यह राशि उनके छोटे-बड़े दैनिक खर्चों में सहयोग देने के साथ उनमें आर्थिक आत्मविश्वास भी बढ़ा रही है। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सड़क किनारे पसरा लगाने वाले छोटे विक्रेता हों, कुम्हार हों, शिल्पकार हों अथवा स्थानीय उत्पाद तैयार करने वाली हमारी माताएं और बहनें - इन सभी के परिश्रम में आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की शक्ति निहित है। अपने हुनर और मेहनत से आजीविका अर्जित करने वाले ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को अपनाना केवल किसी वस्तु की खरीद नहीं है। उसके पीछे किसी परिवार का श्रम, किसी कारीगर का हुनर और किसी छोटे व्यवसायी के आत्मसम्मान से जुड़ी आजीविका होती है। जब हम स्थानीय विक्रेताओं और कारीगरों से सामान खरीदते हैं तो हमारे इस छोटे से प्रयास से उनके परिवार और उनकी आजीविका को संबल मिलता है।

सेवा और जनभागीदारी का प्रतीक बनेगा ‘आशीर्वाद का दीया’

मुख्यमंत्री साय द्वारा मीरा से खरीदा गया मिट्टी का यह दीया ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का हिस्सा बनेगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से सेवा, जनकल्याण और विकास के प्रति सामूहिक संकल्प को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी संस्कृति में दीया केवल प्रकाश का माध्यम नहीं, बल्कि आशा और सकारात्मक संकल्प का प्रतीक है। मिट्टी का एक छोटा-सा दीया जब जलता है तो अपने आसपास के अंधकार को दूर करता है। इसी तरह समाज का प्रत्येक व्यक्ति जब सेवा का एक छोटा-सा संकल्प लेकर आगे बढ़ता है तो सामूहिक प्रयास से बड़े और सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने कहा कि ‘आशीर्वाद का दीया’ इसी भावना को अभिव्यक्त करता है। यह सेवा और विकास के प्रति हमारे संकल्प तथा जनभागीदारी के सामर्थ्य का प्रतीक है। प्रदेश के नागरिक जब इस भावना से जुड़ेंगे तो सेवा का यह संकल्प घर-घर और जन-जन तक पहुंचेगा।

सेवा को जन-जन का संकल्प बनाने का अभियान

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष राष्ट्र और जनसेवा को समर्पित किए हैं। प्रधानमंत्री जी के जन्मदिवस 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित किया जा रहा है। यह अभियान सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और विकास के प्रति प्रतिबद्धता को जनभागीदारी के माध्यम से और मजबूत करने का अवसर है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे सेवा संकल्प अभियान से पूरे उत्साह और आत्मीयता के साथ जुड़ें। अपने गांव, शहर और आसपास स्वच्छता के कार्यों में सहभागी बनें, पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आएं, जरूरतमंदों की सहायता करें और अपनी क्षमता के अनुरूप जनसेवा का कोई न कोई संकल्प अवश्य लें। उन्होंने कहा कि सेवा का कोई कार्य छोटा नहीं होता। किसी जरूरतमंद की सहायता, अपने आसपास स्वच्छता, एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करना, स्थानीय कारीगर से कोई वस्तु खरीदना अथवा समाज के हित में किया गया छोटा-सा प्रयास भी जनसेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है।

एक छोटे से दीये में समाया बड़ा संदेश

तेलीबांधा मरीन ड्राइव के सड़क किनारे लगे एक छोटे से पसरे से मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय द्वारा खरीदा गया मिट्टी का यह दीया कई मायनों में खास बन गया। इसमें एक ओर मेहनत से आजीविका अर्जित कर रही महिला के श्रम और स्वावलंबन का सम्मान जुड़ा, तो दूसरी ओर सहज बातचीत में जनधन और महतारी वंदन जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी पहुंच भी सामने आई। इसके साथ ही यही दीया अब ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के माध्यम से सेवा, जनभागीदारी और विकास के संकल्प का प्रतीक बनेगा। इस अवसर पर विधायक  पुरंदर मिश्रा उपस्थित थे।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.