Media24Media.com: #भोरमदेव धाम

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मुख्यमंत्री साय ने भोरमदेव धाम में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की मंगलकामना

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सपत्नीक कौशल्या साय के साथ विश्वप्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा मंदिर की परिक्रमा कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और जनकल्याण की मंगलकामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पंच दिवसीय महा चतुर शुद्धि सहस्र कलशम् महाअनुष्ठान में भी सम्मिलित हुए और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता कर प्रदेश की उन्नति, सामाजिक सद्भाव और लोकमंगल की प्रार्थना की।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भोरमदेव छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का गौरवशाली प्रतीक है। ऐसे महाअनुष्ठान हमारी प्राचीन वैदिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक ऊर्जा, सद्भाव और लोककल्याण की भावना को भी सशक्त बनाते हैं।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आगामी 30 जुलाई से भगवान शिव की आराधना का पावन श्रावण मास प्रारंभ होने जा रहा है। पिछले दो वर्षों से उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा के साथ भोरमदेव धाम पहुंचने वाले कांवड़ यात्रियों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत करने का सौभाग्य मिला है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा भारतीय संस्कृति की जीवंत परंपरा का प्रतीक भी है।

इस वर्ष भी श्रद्धालुओं के अभिनंदन के लिए वे स्वयं भोरमदेव धाम पहुंचकर पुष्पवर्षा करेंगे।

उल्लेखनीय है कि श्री महादिव्य देशम फाउंडेशन के तत्वावधान में 25 जुलाई से प्रारंभ यह पंच दिवसीय महाअनुष्ठान कबीरधाम सहित संपूर्ण छत्तीसगढ़ के सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक कल्याण की भावना से आयोजित किया जा रहा है। फाउंडेशन के प्रमुख राजीव राकुल स्वामी (केरल) के अनुसार यह अनुष्ठान प्राण-प्रतिष्ठित मंदिरों के शुद्धिकरण एवं दिव्य ऊर्जा के पुनर्संचार की प्राचीन वैदिक परंपरा पर आधारित है, जिसे भगवान परशुराम स्रोतम तथा आगम शास्त्रों में वर्णित विधि-विधान के अनुसार संपन्न कराया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक पंडरिया भावना बोहरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, वैदिक आचार्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

श्रावण सोमवार पर भोरमदेव धाम में कांवड़ियों का पुष्पवर्षा से स्वागत करेंगे मुख्यमंत्री साय, डिप्टी सीएम शर्मा और अरुण साव भी होंगे शामिल

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 रायपुर। श्रावण मास के आज तीसरे सोमवार को छत्तीसगढ़ का प्रसिद्ध भोरमदेव धाम एक बार फिर आस्था, भक्ति और सनातन संस्कृति का जीवंत केंद्र बनने जा रहा है। इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सुबह हेलीकॉप्टर से भोरमदेव मंदिर परिसर पहुँचकर कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं और कांवड़ियों का पुष्पवर्षा के माध्यम से भव्य स्वागत करेंगे।


यह लगातार दूसरा वर्ष है जब मुख्यमंत्री स्वयं कांवड़ियों का अभिनंदन कर रहे हैं, जो जनभावनाओं के प्रति उनकी आत्मीयता और आस्था के प्रति समर्पण का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और उपमुख्यमंत्री अरुण साव भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।

व्यापक प्रशासनिक तैयारियाँ

श्रावण सोमवार के अवसर पर भोरमदेव धाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुँचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा, भोजन, विश्राम, मार्गदर्शन और प्राथमिक चिकित्सा जैसी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया है।

डिप्टी सीएम विजय शर्मा की पहल पर मंदिर क्षेत्र को विद्युत सज्जा, भजन संध्या और स्वच्छता कार्यक्रमों के माध्यम से भक्तिमय वातावरण में परिवर्तित कर दिया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को दिव्य और आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हो सके।

श्रद्धालुओं की भारी आमद

श्रावण मास में भोरमदेव मंदिर का विशेष धार्मिक महत्व है। कबीरधाम, बेमेतरा, खैरागढ़, राजनांदगांव, बलौदा बाजार, मुंगेली और बिलासपुर सहित आसपास के जिलों से हजारों श्रद्धालु कांवड़ लेकर मंदिर पहुंचते हैं। इसके अलावा, अमरकंटक से मां नर्मदा जल लेकर पदयात्रा करते हुए कई श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं।

सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में श्रद्धालुओं के सम्मान और सेवा की यह परंपरा निरंतर नई ऊँचाइयाँ छू रही है। पुष्पवर्षा कर स्वागत करना सिर्फ एक प्रतीक नहीं, बल्कि यह संदेश है कि छत्तीसगढ़ सरकार धर्म, आस्था और संस्कृति के साथ दृढ़ता से खड़ी है।

भोरमदेव धाम, जिसे "छत्तीसगढ़ का खजुराहो" भी कहा जाता है, आज आस्था, प्रशासनिक सक्रियता और सामाजिक सहभागिता का एक अनुपम उदाहरण बन रहा है। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों की उपस्थिति इस आयोजन को एक प्रेरणादायक परंपरा के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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