Media24Media.com: #भूमिस्वामियों

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #भूमिस्वामियों. Show all posts
Showing posts with label #भूमिस्वामियों. Show all posts

जनता के हित में छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा निर्णय – शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की गाइडलाइन दरों का वैज्ञानिक पुनरीक्षण, किसानों और आम नागरिकों को मिलेगा सीधा लाभ उत्पन्न न हों।

No comments Document Thumbnail

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने पूरे राज्य के लिए गाइडलाइन दरों का व्यापक, वैज्ञानिक और तर्कसंगत पुनरीक्षण करते हुए ऐतिहासिक कदम उठाया है। यह निर्णय जनता के हित, पारदर्शिता, उचित बाजार मूल्यांकन और नागरिकों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

गाइडलाइन नियम 2000 के अनुसार दरों का प्रतिवर्ष पुनरीक्षण आवश्यक है, परंतु वर्ष 2017-18 के बाद से दरों में किसी प्रकार का संशोधन नहीं हुआ था। इस कारण वास्तविक बाजार मूल्य और गाइडलाइन दरों में भारी अंतर पैदा हो गया था—जिसका प्रतिकूल प्रभाव किसानों, भूमिस्वामियों, संपत्ति धारकों और आम नागरिकों पर पड़ रहा था।

राज्य में गाइडलाइन दरों के पिछले ढांचे नगरीय क्षेत्रों में दरों में भारी विसंगतियाँ थीं। एक ही सड़क, वार्ड या आसपास के क्षेत्रों में अनुपातहीन अंतर दिखाई देता था। एक ही सड़क पर स्थित संपत्तियों की दरें अलग-अलग थीं, जिससे नागरिकों को वास्तविक मूल्यांकन में कठिनाई होती थी। ग्रामीण क्षेत्रों में भी एक ही मार्ग पर स्थित गाँवों की दरों में अतार्किक भिन्नता थी, जिससे किसानों को मुआवज़ा और बैंक लोन में नुकसान होता था। पिछले सात वर्षों में बने नए हाईवे, कॉलोनी, औद्योगिक क्षेत्र आदि की दरें निर्धारित नहीं थीं, जिससे नागरिकों को संपत्ति मूल्य जानने में कठिनाई हो रही थी।

वाणिज्यिक कर (पंजीयन) मंत्री ओ पी चौधरी के दिशानिर्देश पर गाइडलाइन दरों को पुर्ननिर्धारित करते हुए पूरी प्रक्रिया को वैज्ञानिक, पारदर्शी और जनसुलभ बनाया गया है। नगरीय क्षेत्रों में गाइडलाइन को रोड-वाइज तैयार किया गया है, ताकि एक सड़क और समान परिस्थितियों वाले क्षेत्रों की दरें समान हों। अत्यधिक कंडिकाओं को समायोजित कर संख्या कम की गई, ताकि नागरिकों को मूल्य समझने में सरलता हो। ग्रामीण क्षेत्रों में सभी गाँवों की दरों को नक्शे में प्रविष्ट कर, समान मार्ग और समान परिस्थितियों वाले गाँवों की दरें यथासंभव समान और तर्कसंगत की गईं।वर्तमान दरों की वैज्ञानिक मैपिंग कर रैशनलाइज़्ड बेस रेट तैयार किए गए और इन्हीं के आधार पर नई दरें प्रस्तावित की गईं है।

नवीन दरें – जनता को सीधा लाभ

नगरीय क्षेत्रों में लगभग 20% की तर्कसंगत वृद्धि की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के हित में दरों में 50% से 300% तक वृद्धि की गई है—जिससे किसानों को भूमि अधिग्रहण आदि में 3 गुना तक अधिक मुआवज़ा मिलेगा।

नवीन दरों से किसानों/भूमिस्वामियों को उनकी भूमि का अधिक एवं न्यायसंगत मुआवज़ा प्राप्त होगा। संपत्ति के विरुद्ध बैंक से अधिक राशि का लोन स्वीकृत होगा। आम नागरिकों के लिए अपनी संपत्ति की गाइडलाइन दर स्पष्ट और समझने में आसान होगी।

वाणिज्यिक कर (पंजीयन) मंत्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि गाइडलाइन दरों का यह व्यापक और वैज्ञानिक पुनरीक्षण जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पूरी पारदर्शिता के साथ किया गया है। उन्होंने कहा कि 2017-18 के बाद दरों में संशोधन न होने से राज्य में वास्तविक बाजार मूल्य और गाइडलाइन दरों में गंभीर असंतुलन पैदा हो गया था, जिससे किसान, भूमिस्वामी और सामान्य नागरिक प्रतिकूल रूप से प्रभावित हो रहे थे। नई गाइडलाइन दरें रोड-वाइज और वैज्ञानिक मैपिंग के आधार पर तैयार की गई हैं, ताकि हर क्षेत्र में दरें तर्कसंगत, समान और समझने में सरल हों। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में 50% से 300% तक की वृद्धि किसानों को उचित मुआवज़ा और अधिक बैंक लोन प्राप्त करने में बड़ा लाभ देगी, जबकि नगरीय क्षेत्रों में 20% की तार्किक वृद्धि मूल्य-विसंगतियाँ दूर करेगी। चौधरी ने कहा कि विभाग भविष्य में भी विकास, नई बसाहटों, बाजार प्रवृत्तियों और क्षेत्रीय आवश्यकताओं के आधार पर नियमित समीक्षा करता रहेगा, ताकि किसी भी नागरिक को उनकी संपत्ति के वास्तविक मूल्य से वंचित न होना पड़े।

उल्लेखनीय है कि लंबे अंतराल के बाद गाइडलाइन दरों का यह व्यापक और महत्त्वपूर्ण संशोधन किया गया है। भविष्य में भी विभाग द्वारा जिले स्तर पर उस क्षेत्र में हो रहे विकास, नए निर्माण, क्षेत्रीय परिस्थितियों, बाजार प्रवृत्तियों तथा नई बसाहटों/कॉलोनियों के विस्तार का नियमित आकलन किया जाता रहेगा। इसी आधार पर गाइडलाइन दरों में समय-समय पर आवश्यक, तर्कसंगत और जनहितकारी संशोधन किए जाते रहेंगे, ताकि नागरिकों को उनकी संपत्ति के वास्तविक मूल्य का लाभ निर्बाध रूप से मिलता रहे और किसी भी प्रकार की मूल्य-विसंगतियाँ उत्पन्न न हों।

"गाइडलाइन दरों का वैज्ञानिक और तर्कसंगत पुनरीक्षण राज्य के किसानों, भूमिस्वामियों और आम नागरिकों के हित में उठाया गया अत्यंत महत्त्वपूर्ण कदम है। पिछले कई वर्षों से दरों में संशोधन न होने के कारण वास्तविक बाजार मूल्य और गाइडलाइन दरों में बड़ा अंतर पैदा हो गया था। नई दरें न केवल न्यायसंगत मूल्यांकन सुनिश्चित करेंगी, बल्कि किसानों को भूमि अधिग्रहण में अधिक मुआवज़ा, नागरिकों को संपत्ति का सही मूल्य और बैंक से अधिक ऋण प्राप्त करने में भी सहायता प्रदान करेंगी। शासन की मंशा स्पष्ट है—हर नागरिक को उसकी संपत्ति का उचित मूल्य मिले और किसी भी प्रकार की विसंगतियाँ या भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। यह निर्णय प्रदेश के आर्थिक परिवेश को अधिक पारदर्शी, संतुलित और जनहितकारी बनाएगा।" - मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.