Media24Media.com: #भाजपा प्रदेश प्रवक्ता

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #भाजपा प्रदेश प्रवक्ता. Show all posts
Showing posts with label #भाजपा प्रदेश प्रवक्ता. Show all posts

एक परिवार के इर्द-गिर्द घूम रही कांग्रेस, कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटा : भाजपा

No comments Document Thumbnail

 रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने कांग्रेस के संगठन सृजन पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि 140 साल पुरानी हो चली कांग्रेस को अब फिर संगठन सृजन के लिए विवश होना पड़ रहा है, एक राजनीतिक दल के लिए वैचारिक कंगाली और दयनीय दशा की इससे बड़ी मिसाल शायद ही कहीं देखने को मिले। ठाकुर ने कहा कि एक परिवार के आंगन में सत्ता-सिंहासन को कैद करके रख देने की नितांत अलोकतांत्रिक और परिवारवादी मानसिकता ने कांग्रेस को आज इस हालत में पहुँचा दिया है।


भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व का छत्तीसगढ़ के अपने नेताओं से भरोसा उठ चुका है, शायद इसी कारण से यहाँ जिला अध्यक्ष बनाने के लिए फैसले दिल्ली में लिए जा रहे हैं और इस काम के लिए ऑब्जर्वर भेजे जा रहे हैं। यहाँ के नेताओं की आपसी सिर-फुटव्वल के कारण कांग्रेस कई धड़ों में बँटी हुई साफ नजर आ रही है और अब कांग्रेस हाईकमान को जिला अध्यक्षों की नियुक्ति तक के काम में सीधी दखल देनी पड़ रही है। कांग्रेस का गुटीय घमासान अब कांग्रेस में राजनीतिक आपदा का रूप ले चुका है। कांग्रेस हाईकमान को कभी भी आदिवासी नेतृत्व पर भरोसा नहीं रहा है, शायद इसीलिए बैज को फ्री हैंड नहीं दिया गया और दिल्ली से ऑब्जर्वर भेजे जा रहे हैं।

ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस नेता एक परिवार के चरण छूने में खप गए, खप रहे हैं; लेकिन अपने कार्यकर्ताओं के मन को कभी छू नहीं पाए। यह स्थिति छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश में है और इसीलिए पिछले 2014 से कांग्रेस धीरे-धीरे देश के कुछ राज्यों तक ही सिमटकर रह गई है। इससे कार्यकर्ताओं में भारी हताशा और निराशा है और अब वे कांग्रेस पार्टी का साथ नहीं दे रहे हैं।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ठाकुर कहा कि प्रदेश के कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट भी यहाँ के कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को एकजुट नहीं कर पा रहे हैं। पायलट के तमाम 'पायलट प्रोजेक्ट' छत्तीसगढ़ में जिस तरह एक-एक करके फेल हो रहे हैं, उससे यह साफ हो रहा है कि कांग्रेस नेतृत्वविहीन हो चली है और हर मौके पर यह पोल खुलती जा रही है। आज हालत यह है कि किसी एक का नेतृत्व कांग्रेस को स्वीकार नहीं है।

ठाकुर ने कहा कि लगातार दौरे पर दौरे करके भी पायलट एक तो अपने ही सामने बैठकों में नेताओं और कार्यकर्ताओं के आपसी संघर्ष को देखने के लिए विवश हैं; दूसरे, प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी तक की घोषणा तक नहीं करा पाए हैं। कांग्रेस में जो द्वंद्व की स्थिति है, उससे प्रदेश के नेता ही निपट नहीं पा रहे है तो सचिन पायलट इन हालात में कैसे कांग्रेस की नैया पार लगा पाएंगे और कैसे गुटीय संघर्ष की काजल-कोठरी में खुद को बेदाग व सुरक्षित रख पाएंगे?

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.