Media24Media.com: #बंगाल की खाड़ी

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छत्तीसगढ़ में मौसम बदला-ठंड बढ़ी, बस्तर में हल्की बारिश की संभावना

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ में ठंड एक बार फिर बढ़ने लगी है और इसके साथ मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। प्रदेश में रात का तापमान लगातार गिरा है, लेकिन बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसम तंत्र के कारण अगले दो दिनों में तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है।


राजधानी रायपुर में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि माना एयरपोर्ट क्षेत्र में तापमान 11 डिग्री के करीब पहुंच गया। प्रदेश में सबसे ठंडा अंबिकापुर रहा, जहां पारा 8.7 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। मौसम विभाग के अनुसार, 30 नवंबर से अगले दो दिनों में प्रदेशभर में रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री तक बढ़त दर्ज की जा सकती है।

चक्रवाती तूफान 'दितवाह' का प्रभाव

मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि चक्रवाती तूफान ‘दितवाह’ दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तरी श्रीलंका क्षेत्र के ऊपर सक्रिय है।
इसके रविवार सुबह तक उत्तरी तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिण आंध्रप्रदेश के तटीय हिस्सों तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।

इसके अप्रत्यक्ष प्रभाव के चलते रविवार को बस्तर संभाग के कुछ हिस्सों में बहुत हल्की वर्षा हो सकती है। मौसम में यह स्थिति अगले दो दिन बनी रह सकती है।

रायपुर का आज का मौसम

  • आसमान साफ रहने का अनुमान
  • अधिकतम तापमान : लगभग 28°C
  • न्यूनतम तापमान : 13°C

 

 

महानदी विवाद सुलझाने की राह पर दोनों राज्य, दिसंबर में सीएम मुलाक़ात संभव

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नई दिल्ली : भारत की एक प्रमुख नदी, महानदी, जो छत्तीसगढ़ से निकलकर ओडिशा होकर बंगाल की खाड़ी तक जाती है, लंबे समय से विवाद का कारण बनी हुई है।


इस लंबे विवाद को बातचीत से हल करने के लिए 30 अगस्त 2025 को नई दिल्ली में एक अहम बैठक हुई। इसमें छत्तीसगढ़ और ओडिशा के मुख्य सचिवों और जल संसाधन विभाग के सचिवों ने हिस्सा लिया। बैठक में दोनों राज्यों ने माना कि यह समस्या बहुत पुरानी और कठिन है, लेकिन लोगों और दोनों राज्यों के भले के लिए इसका समाधान मिल-बैठकर निकालना ही होगा।

बैठक में यह भी तय हुआ कि सितंबर 2025 से दोनों राज्यों की तकनीकी समितियाँ, जिनमें इंजीनियर और विशेषज्ञ होंगे, हर हफ़्ते बैठक करेंगी। ये समितियाँ मुख्य मुद्दों को पहचानेंगी और उनका हल निकालने की कोशिश करेंगी। साथ ही, वे यह भी देखेंगी कि कैसे दोनों राज्यों के बीच बेहतर तालमेल बनाया जा सकता है।

अक्टूबर 2025 में दोनों राज्यों के मुख्य सचिव एक और बैठक करेंगे। इसमें जल संसाधन सचिव भी शामिल होंगे। अगर सब कुछ ठीक रहा, तो दिसंबर तक दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री भी मुलाक़ात कर सकते हैं और आगे की दिशा तय करेंगे।

अंत में दोनों राज्यों ने यह वादा किया कि वे ईमानदारी और खुले मन से बातचीत करेंगे, ताकि महानदी जल विवाद का हल ऐसा निकले जो सबके लिए लाभकारी हो।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह पहल सफल रही, तो यह न सिर्फ ओडिशा और छत्तीसगढ़ के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक मिसाल होगी कि बड़े और पुराने विवाद भी आपसी बातचीत और सहयोग से सुलझाए जा सकते हैं।

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