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महासमुंद की मृणाल विदानी और ओजल चंद्राकर को मिला बेस्ट इनोवेशन अवार्ड

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 महासमुंद । छत्तीसगढ़ की सबसे प्रिय भाजी चेंच भाजी से फोरेंसिक पाउडर बनाने वाली महासमुंद शहर की मृणाल विदानी और ओजल चंद्राकर को पांचवें इंटरनेशनल फोरेंसिक कांफ्रेस में देश के जाने माने साइंटिस्टों के हाथों बेस्ट इनेवेशन का पुरस्कार मिला है। इस तरह मृणाल और ओजल का नाम अब देश के सुपर यंग साइंटिस्टों में शामिल हो चुका है। इसी कार्यक्रम में मृणाल विदानी को अपने एक नया इनोवेशन के लिए बेस्ट प्रजेंटेशन का अवार्ड भी हासिल हुआ है।


इस इंटरनेशनल कार्यक्रम का संचालन मृणाल विदानी ने किया। इस समारोह में देश के ख्यातिनाम साइंटिस्ट जी के गोस्वामी रिटायर्ड आईपीएस डा. परमजीत सिंग एडिशनल डायरेक्टर आरएफएसएल उदयपुर, डा. अजय शर्मा डायरपेक्टर जयपुर एफएसल, मिस्टर करण सोनी साइबर एक्सपर्ट चंडीगढ़ पुलिस, डा. दीपक कुमार साइबर एस्पर्ट आई 4 सी, डा. रंजीत शर्मा, मिस्टर कुंतल ने उन्हें अवार्ड दिया. इस अवसर पर अपने नये इनोवेशन के लिए मृणाल विदानी को बेस्ट ओरल प्रजेंटेशन का पुरस्कार भी मिला है।

बताना जरूरी है कि राजस्थान के जयपुर स्थित विवेकानंद ग्लोबल युनिवर्सिटी में मृणाल विदानी फोरेंसिक साइंस में मास्टर्स अंतिम सेमेस्टर की पढ़ाई कर रही है और ओजल अभी फोरेंसिक बैचलर में तीसरे साल की पढ़ाई कर रही हैं। दोनों ही छात्राएं महासमुंद की मूल निवासी हैं। मृणाल विदानी और ओजल चंद्राकर द्वारा हाल ही मैं चेच भाजी से तैयार फोरेंसिक पाउडर को भारत सरकार ने कापीराईट मिला है। इसके लिए विवकानंद ग्लोबल युनिवर्सिटी में 7 से 9 नवंबर तक आयेजित पांचवें इंटरनेशनल काफ्रेस में उन्हें बेस्ट इनोवेशन का पुरस्कार मिला है।

मृणाल विदानी को अब तक छत्तीसढ़ के प्राकृतिक कोसे से फोरेंसिक ब्रश बनाने, चेंच भाजी से फोरेंसिक पाउडर बनाने तथा खरसी से फोरेंसिक पाउडर बनाने के लिए भारत सरकार से कापीराईट मिल चुका है। जबकि ओजल को चेंच भाजी और खरसी से फोरेंसिक पाउडर बनाने के लिए दो कापीराइट भारत सरकार ने दिया है।
मृणाल विदानी ने उक्त समारोह में अपनी एक नई इनोवेशन को लेकर पीपीटी प्रजेंट किया है जिसे बेस्ट प्रजेंटेशन का पुरस्कार मिला है।

इस बार मृणाल जो इनोवेशन कर रही है वह सेनहा मतलब सेम्हर की रुई से फोरेंसिक ब्रश और पाउडर बनाने का है। वह इसकी तैयारी कर रही है और उसके प्रोफेसर भी कापीराईट की फाइल तैयार करने में जुटे हुए हैं। कालेज के पैट्रोन आईरपीएस डा. के राम, फाउंडर एवं वाइस चेयरमेन, डा. के आर बगारिया, फाउंडर एवं आरपीसी मेंबर, डा. ललित पवार चेयरपर्सन, डा. ओंकार बगारिया सीएफएंडओ, प्रोफेसर, डा. एम आर बगारिया, डा. एन डी माथुर प्रेसिंडेट, प्रोफेसर डा. डीवीएस भागवानुलु प्रो प्रेसिडेंट रिसर्च अफेयर्स,डीन प्रोफेसर कैलाश अग्रवाल, प्रोफेसर एस एसडागा फार्मर एडिशनल डायरेक्टर सीएफएसएल, प्रोफेसर जीके मथुर फार्मर एडीशनल डायरेक्टर सीएफएसएल, प्रोफेसर उमेमा अहमद एच ओडी समेत कालेज के तमाम प्रोफेसरों ने दोनों छात्राओं के साथ-साथ छत्तीसगढ़ को बधाईयां दी है और कहा है कि छत्तीसगढ़ की धरती वास्तव में सोना उगलती है।

महासमुंद में भी दोनों बच्चियों की उपलब्धि पर उनके परिजनों, जिले के कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिभा तिवारी पांडेय, सांसद रूप कुमारी चौधरी, पूर्व सांसद एवं छ्त्तीसगढ़ वेयर हाउस कार्पोरेशन के अध्यक्ष चंदूलाल साहू, पूर्व विधायक डा. विमल चोपड़ा व विनोद चंद्राकर, विधायक योगदेश्वर राजू सिन्हा, जिला भाजपा अध्यक्ष येत राम साहू तथा प्रेस क्लब महासमुंद परिवार समेत शहर के लोगों ने विवेकानद ग्लोबल युनिवर्सिटी का आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि हमारी बेटियों की प्रतिभाओं को शालीनता के साथ विश्व पटल पर रखने वाला यह पहला कालेज है जो गुरुकुल की तरह बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार देते हुए तरह-तरह के इनोवेशन के लिए तैयार करता है।

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