Media24Media.com: #फर्जीवाड़े

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किसान की आड़ में अवैध धान व्यापार करने वाले को प्रशासन ने रंगे हाथों पकड़ा

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रायपुर। बस्तर जिले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिशा निर्देशों के अनुसार निरंतर किसानों से धान का उपार्जन किया जा रहा है साथ ही अवैध धान के विक्रय पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा रहा है। जिसका असर आज देखने को मिला जहां कलेक्टर हरिस एस के निर्देश पर अवैध धान परिवहन के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत बकावंड विकासखण्ड के अनुविभागीय दंडाधिकार मनीष वर्मा ने बड़ी कार्रवाई की। 

सोमवार को धान उपार्जन केंद्र करपावंड के औचक निरीक्षण के दौरान प्रशासन ने व्यापारी और किसान की मिलीभगत से चल रहे एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया, जिसमें किसान के टोकन पर व्यापारी का धान खपाने का प्रयास किया जा रहा था। मामले की जांच में यह खुलासा हुआ कि जिस टोकन पर धान बेचा जा रहा था, वह कृषक उपेन्द्र भारती पिता अर्जुन भारती के नाम पर था।

जमीनी हकीकत यह थी कि कृषक उपेन्द्र भारती आजीविका के सिलसिले में हैदराबाद में निवासरत हैं और उनकी जमीन पर खेती उनके भाई लखीधर भारती द्वारा की जा रही थी। लखीधर ने अपनी उपज के लिए 182 क्विंटल का टोकन कटवाया था, लेकिन खेत में वास्तविक उत्पादन केवल 100 क्विंटल ही हुआ। टोकन में बचे 80 क्विंटल के अंतर का गलत फायदा उठाने के लिए व्यापारी राजेश गुप्ता ने साजिश रची। व्यापारी ने मंडी करपावंड से ही धान अपने दो वाहन क्रमांक सीजी 17 केवाय 7204 और सीजी 17 केजे 9389 में लोड करवाया और ड्राइवरों के हाथ में उपेन्द्र भारती के टोकन की फोटोकॉपी थमाकर उन्हें उपार्जन केंद्र भेज दिया।

मौके पर पहुंची प्रशासन की टीम ने जब कड़ाई से पूछताछ की, तो ड्राइवर और किसान के भाई ने पूरा सच स्वीकार कर लिया। उनकी स्वीकारोक्ति के बाद एसडीएम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अवैध धान से भरे दोनों वाहनों को जब्त कर लिया है और उन्हें आगामी कार्यवाही हेतु थाना करपावंड के सुपुर्द कर दिया गया है।

छत्तीसगढ़ में 1 जनवरी 2026 से SIR, फर्जी वोटरों की पहचान कर सूची अद्यतन की जाएगी

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 रायपुर। फर्जीवाड़े को रोकने के लिए छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की तैयारी तेज हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने 1 जनवरी 2026 से SIR शुरू करने का निर्णय लिया है।


मतदाता सूची का मिलान

इस प्रक्रिया में 2003 की मतदाता सूची को 2025 की वोटर लिस्ट से मिलाया जा रहा है। कार्य का संचालन BLO (ब्लॉक लीडिंग ऑफिसर) द्वारा किया जाएगा। इस दौरान फर्जी मतदाताओं की पहचान कर सूची को अद्यतन किया जाएगा।

चुनाव आयोग ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को SIR की पूर्व-पुनरीक्षण गतिविधियां शुरू करने का निर्देश दिया है। इसके लिए भारतीय नागरिकों को शामिल करने हेतु आवश्यक दस्तावेजों के सुझाव भी मांगे गए हैं।

पिछले अनुभव

छत्तीसगढ़ में पिछली बार SIR 2004 में किया गया था, जिसमें फर्जी मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए थे। फिलहाल बिहार में SIR की प्रक्रिया 30 सितंबर तक जारी है। छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश में SIR की तैयारी लगभग पूरी कर ली है।

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