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पक्के घर का सपना हुआ साकार : मुख्यमंत्री साय ने लेमरू में हितग्राही धरम सिंह के नए आवास में कराया गृह प्रवेश

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 रायपुर : सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज कोरबा जिले के लेमरू पहुंचकर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राही धरम सिंह के नव निर्मित आवास का उद्घाटन एवं गृह प्रवेश कराया। वर्षों तक कच्चे मकान में कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने वाले धरम सिंह के परिवार के लिए यह दिन किसी उत्सव से कम नहीं रहा। मुख्यमंत्री ने परिवार के सदस्यों से आत्मीय मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और नए घर के लिए शुभकामनाएं दीं।


मुख्यमंत्री साय ने आवास का अवलोकन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और नई उम्मीद लेकर आई है। उन्होंने कहा कि सरकार अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने बच्चों को अच्छी शिक्षा प्राप्त कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।


मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत सोलर पैनल स्थापना हेतु डीएमएफ मद से हितग्राही अंशदान की 60 हजार रुपये की राशि प्रदान की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गरीब और जरूरतमंद परिवारों को केवल आवास ही नहीं, बल्कि बेहतर जीवन के लिए आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री के आगमन से धरम सिंह का परिवार भावुक हो उठा। परिवार ने आत्मीय स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से मिले लाभों के लिए आभार व्यक्त किया। पूरे गांव में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने कहा कि अब योजनाओं का लाभ वास्तव में जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है और लोगों का शासन के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है।

इस अवसर पर उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री आवास योजना - साय सरकार के प्रयासों से साकार हुआ सपना

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ में साय सरकार के संवेदनशील नेतृत्व और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से अब गरीब परिवारों का पक्के घर का सपना तेजी से साकार हो रहा है। इसका एक प्रेरणादायक उदाहरण जनपद पंचायत गौरेला के ग्राम पंचायत गोरखपुर में देखने को मिला, जहां श्री मन्नू राठौर और उनकी पत्नी श्रीमती बिमला राठौर ने योजना का लाभ लेकर अपने जीवन की दिशा ही बदल दी।


कभी कच्चे और जर्जर मकान में जीवन यापन करने वाला यह परिवार हर मौसम में कठिनाइयों का सामना करता था। बरसात में टपकती छत, गर्मी और सर्दी में असुरक्षित वातावरण ने उनके जीवन को बेहद चुनौतीपूर्ण बना रखा था। सीमित आय के कारण पक्का घर बनाना उनके लिए एक दूर का सपना था।

वित्तीय वर्ष 2024-25 में उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 1 लाख 20 हजार रुपये की स्वीकृति मिली। यह आर्थिक सहायता उनके जीवन में नई उम्मीद बनकर आई। योजना से प्राप्त राशि और अपनी मेहनत के बल पर मन्नू राठौर ने धीरे-धीरे अपने सपनों का पक्का घर तैयार कर लिया।

आज उनका परिवार एक सुरक्षित, स्वच्छ और मजबूत मकान में निवास कर रहा है। बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिला है, वहीं पूरे परिवार के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आया है। श्रीमती बिमला राठौर बताती हैं कि अब उन्हें बारिश या तूफान की कोई चिंता नहीं रहती और वे अपने घर में गर्व और सम्मान के साथ जीवन व्यतीत कर रही हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास निरंतर जारी है। साय सरकार की प्रतिबद्धता के चलते ही आज हजारों जरूरतमंद परिवारों को न केवल पक्का आवास मिल रहा है, बल्कि उनके जीवन में स्थायित्व, सुरक्षा और सम्मान भी सुनिश्चित हो रहा है।

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में सुशासन और अंत्योदय का संकल्प हो रहा सिद्ध : किरण देव

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 रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मात्र 10 माह 4 दिनों की अल्प अवधि में 5 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कर देश में सर्वाधिक आवास बनाने का राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित करने पर छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार को बधाई दी है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रभावी नेतृत्व की बड़ी उपलब्धि बताया।


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार ने औसतन प्रतिदिन 1600 से अधिक आवासों का निर्माण कर देश के सामने एक नई मिसाल पेश की है। यह उपलब्धि इसलिए भी ऐतिहासिक है, क्योंकि प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रारंभ से अब तक पहली बार छत्तीसगढ़ ने किसी एक वित्तीय वर्ष में इतनी बड़ी संख्या में गरीब परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराई है। यह राज्य सरकार की स्पष्ट नीति, मजबूत प्रशासनिक समन्वय और जमीनी स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों की कड़ी मेहनत का परिणाम है।

उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना में जिलों और जनपद पंचायतों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए बताया कि बिलासपुर जिले में 29,235, महासमुंद में 27,224, बलरामपुर में 27,012, कोरबा में 26,839 और रायगढ़ में 26,707 आवासों का निर्माण किया गया। वहीं मस्तूरी, आरंग, डभरा, बिल्हा, पाली और जैजैपुर जैसी जनपद पंचायतों का योगदान भी उल्लेखनीय रहा, जहां प्रत्येक जनपद में 7,500 से अधिक आवास पूर्ण किए गए हैं।

किरण देव ने इस उपलब्धि को गरीबों के सम्मान और समावेशी विकास का प्रतीक बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार के लिए प्रधानमंत्री आवास केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि गरीब परिवारों की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य की नींव है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार ने आवास निर्माण को आजीविका, कौशल प्रशिक्षण और महिला सशक्तीकरण से जोड़कर इसे समग्र विकास का सशक्त माध्यम बनाया है।

उन्होंने कहा कि यह कीर्तिमान छत्तीसगढ़ की सुशासन आधारित विकास नीति की सफलता को दर्शाता है। पूर्व की बाधाओं को पार करते हुए साय सरकार ने ‘अंत्योदय’ के लक्ष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, जिसके परिणामस्वरूप आज छत्तीसगढ़ समावेशी और सतत विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

साय सरकार की प्रथम कैबिनेट के दो वर्ष पूर्ण: 18 लाख पीएम आवास को दी गई थी स्वीकृति

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपनी प्रथम मंत्रिपरिषद बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 18 लाख आवासों की स्वीकृति के निर्णय के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आज एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का शुभारंभ किया गया। 

कार्यक्रम में कवर्धा जिले के जनमन आवास योजना के हितग्राहियों तथा नारायणपुर जिले के आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के लिए संचालित विशेष परियोजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राहियों को आजीविका डबरी के स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव  निहारिका बारीक सिंह, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक एवं आयुक्त महात्मा गांधी नरेगा तारन प्रकाश सिन्हा तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वर्ष 2016 से 2026 की अवधि के लिए 26.27 लाख आवासों के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 24.37 लाख आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से 17.14 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं। मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में मात्र दो वर्षों में लगभग 8 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है, जो योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा विगत दो वर्षों के अल्प कार्यकाल में ही लगभग 8 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया है। यह उपलब्धि राज्य में आवास निर्माण की गति को दर्शाती है। विशेष रूप से पिछले 6 महीनों में प्रतिदिन औसतन 2000 आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया, जो प्रशासनिक दक्षता और सतत निगरानी का परिणाम है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का शुभारंभ अप्रैल 2016 में किया गया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराना है। इस योजना के अंतर्गत प्रति आवास 1.20 लाख रूपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। साथ ही, योजना का अन्य योजनाओं से अभिसरण किया गया है, जिसके तहत मनरेगा से 90 दिवस की मजदूरी तथा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) से 12 हजार रूपए की सहायता शौचालय निर्माण हेतु दी जाती है, जिससे हितग्राही को संपूर्ण आवास सुविधा प्राप्त हो सके।

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत प्रदेश में 10,000 आजीविका डबरी निर्माण का कार्य मोर गांव-मोर पानी महाअभियान के अंतर्गत क्रियान्वित किया जा रहा है। इन डबरियों का निर्माण पात्र हितग्राहियों की निजी भूमि पर किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राही भी सम्मिलित हैं। सभी डबरियों को मई 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

आजीविका डबरी परियोजना से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन, सिंचाई सुविधा में वृद्धि, मत्स्य पालन, बत्तख पालन, वृक्षारोपण एवं सिघाड़ा उत्पादन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे ग्रामीण परिवारों को स्थायी आजीविका के अतिरिक्त अवसर प्राप्त होंगे और उनकी आय में वृद्धि होगी। इस प्रकार, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और मनरेगा के अभिसरण से राज्य सरकार ग्रामीण विकास, आवास सुरक्षा, रोजगार सृजन और जल संरक्षण के लक्ष्यों को एक साथ साकार कर रही है, जो छत्तीसगढ़ के समावेशी और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


चार आवास मित्रों और एक रोजगार सहायक की सेवाएं समाप्त, प्रधानमंत्री आवास योजना अपूर्ण मकानों को पूर्ण दर्शाने के मामले में कार्रवाई

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रायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवासों की निर्माण की स्थिति की गलत रिपोर्टिंग के मामले में कलेक्टर के निर्देश पर जिला पंचायत गरियाबंद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने इस मामले में दोषी पाए गए 4 ग्राम पंचायतों के आवास मित्रों एवं एक ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। जिला प्रशासन ने इस मामले कड़ा रूख अपनाते हुए जनपद पंचायत के कई अन्य अधिकारियों सहित संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं सचिव को भी कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत गरियाबंद के निर्देशानुसार योजना अंतर्गत निर्मित आवासों की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करने के लिए जिला स्तरीय टीम को विभिन्न ग्राम पंचायतों में भेजा गया था। टीम ने ग्राम पंचायत खजूरपदर, उसरीजोर, सरईपानी, नवापारा, बजाड़ी, मुचबहाल और धोबनमाल का दौरा कर आवासों की स्थिति की विस्तृत जांच की।

निरीक्षण में पाया गया कि कुछ हितग्राहियों के आवास अभी भी अपूर्ण अवस्था में थे, जबकि आवास मित्र एवं रोजगार सहायकों द्वारा अन्य व्यक्तियों के आवास का जियोटैग कर उन्हें पूर्ण दिखाया गया था। इस गलत रिपोर्टिंग को गरियाबंद कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत ने गंभीरता से लेते हुए ग्राम पंचायत सरईपानी, नवापारा, बजाड़ी और मुचबहाल के आवास मित्रों तथा ग्राम पंचायत धोबनमाल के रोजगार सहायक की सेवाएं समाप्त कर दी गईं।

इसके साथ ही आवास निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग में लापरवाही को लेकर मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत मैनपुर; विकासखण्ड समन्वयक, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण; तकनीकी सहायक (मनरेगा); तथा ग्राम पंचायत सरईपानी, नवापारा, बजाड़ी, मुचबहाल एवं धोबनमाल के सरपंच/सचिव को भी कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इस मामले में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तकनीकी सहायक को बिना परीक्षण किए जियोटैगिंग के सत्यापन में लापरवाही बरतने पर नोटिस दिया गया है।

कलेक्टर ने कहा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा हितग्राहियों को लाभ दिलाने के लिए मॉनिटरिंग सिस्टम को और सख्त किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ में आवास योजनाओं से साकार हो रहा 'सबके लिए पक्का घर' का सपना

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रायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में जनकल्याण की नई मिसाल कायम की है। शासन की प्रतिबद्धता और सतत निगरानी के परिणामस्वरूप राज्य के विभिन्न जिलों में जरूरतमंद परिवारों को पक्के मकान मिल रहे हैं। सरगुजा जिला इस दिशा में अग्रणी बनकर उभरा है, जहाँ योजना की कुल प्रगति दर 75.29 प्रतिशत दर्ज की गई है।

वर्ष 2016 से 2026 तक सरगुजा जिले में कुल 1,02,087 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 76,863 आवासों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। प्रारंभिक वर्षों में उल्लेखनीय सफलता दर्ज करते हुए 2016-17 से 2019-20 तक लगभग 90 प्रतिशत से अधिक आवासों का निर्माण पूरा किया गया। वर्तमान में 2024-25 के दौरान 32,087 आवासों में से 15,404 का निर्माण संपन्न हुआ है, जबकि 2025-26 के लिए 4,096 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनकी पहली किस्त 1 नवम्बर से जारी कर दी गई है।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना (PM-JANMAN) के तहत सरगुजा जिले में 2,565 आवास स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से 1,188 आवास पूर्ण हो चुके हैं, जबकि मुख्यमंत्री आवास योजना (MMAY-G) में 1,024 स्वीकृत आवासों में से 167 का निर्माण संपन्न हो चुका है।

राज्य सरकार द्वारा आवास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है और “सबके लिए आवास” का लक्ष्य तेजी से साकार हो रहा है। जिला प्रशासन द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वाले हितग्राहियों को सम्मानित कर अन्य लाभार्थियों को समय-सीमा में आवास पूर्ण करने हेतु प्रेरित किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल ग्रामीण अंचलों में सामाजिक सुरक्षा, सम्मान और स्थायी आवास सुनिश्चित करने की दिशा में एक सशक्त कदम है।

दीपावली में उजाला और आत्मसम्मान का संगम, 30 हजार घरों में पहली बार जलेंगे खुशियों के दीप

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 रायुपर : इस दीपावली में छत्तीसगढ़ के हजारों परिवारों के घरों में खुशियों का ऐसा उजाला फैलेगा, जो केवल दीपों की रोशनी से नहीं, बल्कि "अपना घर” होने के गर्व और आत्मसम्मान से जगमगाएगा।


प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत रायगढ़ जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए 30 हजार से अधिक आवासों का निर्माण पूर्ण कर लिया है। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा और जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता से यह सब संभव हो पाया है। प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी के विशेष प्रयासो से लाभर्थियों के अपना घर पाने का सपना पूरा हुआ है और इस बार की दीवाली में नए घर का आंगन दिए से रोशन होने जा रहा है।


रायगढ़ जिले में वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत आवासों में से इन 30 हजार से अधिक घरों का निर्माण समय पर पूरा होना न केवल प्रशासनिक दक्षता का उदाहरण है, बल्कि यह ग्रामीण हितग्राहियों के जीवन में स्थायित्व और सम्मान का नया अध्याय भी जोड़ रहा है। इस बार दीपावली उनके लिए वास्तव में विशेष होगी, क्योंकि इस बार दीये उन घरों में जलेंगे, जिनकी दीवारें खुद उनकी मेहनत, उम्मीदों और सरकारी योजनाओं की संवेदनशीलता की कहानी कह रही हैं।

मिशन मोड में दिखाई दी रायगढ़ की प्रतिबद्धता

कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के नेतृत्व में रायगढ़ जिले ने प्रधानमंत्री आवास योजना को केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक “जन-आंदोलन” का स्वरूप दे दिया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की टीमों ने गांव-गांव जाकर कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की, हितग्राहियों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया, और हर स्तर पर माइक्रो प्लानिंग से काम को गति दी। जिन क्षेत्रों में निर्माण कार्य धीमा पाया गया, वहां तत्काल समीक्षा बैठकें लेकर कारणों का विश्लेषण किया गया और जिम्मेदार अमले पर सख्त कार्रवाई की गई।परिणामस्वरूप रायगढ़ जिला आज प्रदेश में सबसे आगे खड़ा है, जहां 5 हजार, 10 हजार, 15 हजार, 20 हजार और 25 हजार आवास निर्माण के सभी चरणों में लक्ष्य सबसे पहले पूरे किए गए।

आवास योजना से बढ़ा रोजगार, सशक्त हुई महिलाएं

प्रधानमंत्री आवास योजना ने सिर्फ छत नहीं दी बल्कि इसने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा दी है। जिले में महिला स्व-सहायता समूहों को सेटरिंग प्लेट निर्माण और आपूर्ति कार्य में जोड़ा गया है, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय और आत्मनिर्भरता दोनों मिल रही हैं।

वहीं युवाओं को राज मिस्त्री के रूप में प्रशिक्षित कर निर्माण कार्यों में शामिल किया जा रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े हैं और गांवों में श्रम की गरिमा को भी नया सम्मान मिला है। रायगढ़ में यह योजना अब ग्रामीण समृद्धि और महिला सशक्तिकरण की प्रेरक कहानी बन चुकी है।

बिरहोर परिवारों के लिए उजाला बनी पीएम जनमन योजना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर प्रारंभ की गई प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत रायगढ़ जिले ने भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर परिवारों के लिए स्वीकृत 173 आवासों में से अब तक 150 आवास पूरे किए जा चुके हैं, जो कुल लक्ष्य का 82 प्रतिशत है। शेष आवासों का कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही पूर्ण हो जाएगा।

इन पक्के घरों ने बिरहोर परिवारों के जीवन में केवल स्थायित्व ही नहीं, बल्कि सामाजिक जुड़ाव और आत्मविश्वास का उजाला भी भर दिया है। इस दीपावली, उनके घरों में भी दीये जलेंगे, यह केवल प्रकाश का नहीं, बल्कि सम्मान का उत्सव होगा।

रायगढ़ प्रदेश का अग्रणी जिला

कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन में रायगढ़ लगातार प्रदेश में अग्रणी रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने केवल घर नहीं दिए, बल्कि जीवन में स्थायित्व, गरिमा और आत्मविश्वास दिया है। अब इन घरों में हर त्योहार पर खुशियों की गूंज सुनाई देगी, बच्चों की हंसी, दीयों की रोशनी और संतोष की मुस्कान यही इस योजना की सच्ची सफलता है।

दीपावली की नई सुबह, ‘अपना घर’ की रोशनी से रोशन होगा

यह दीपोत्सव केवल दीपों का नहीं, बल्कि सरकारी योजना की संवेदनशीलता और जनता की उम्मीदों के मिलन का पर्व होगा। इन 30 हजार से अधिक घरों की चमक में छिपा है प्रशासन की निष्ठा, हितग्राहियों की मेहनत और उस सपने की पूर्ति, जो हर गरीब परिवार ने कभी अपने लिए देखा था।

प्रधानमंत्री आवास योजना : प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री साय के हर गरीब के सिर पर पक्का छत हो रहा है साकर कर रहा

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 रायपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में “सबका साथ, सबका विकास और सबको आवास” के संकल्प को साकार करने की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत जिले में हजारों परिवारों का पक्का मकान का सपना अब साकार हो चुका है। सूरजपुर जिले की बड़ी उपलब्धि हासिल की है, 22 माह में 28 हजार 255 मकान पूर्ण कराए गए हैं और हितग्राहियों के खाते में 343.88 करोड़ की राशि खातों में सीधे हस्तांतरित की गई है।


अब तक 28 हजार 255 मकान पूर्ण कराए गए

सूरजपुर जिले आवास उपलब्धता को वर्षवार देखे तो वित्तीय वर्ष 2016-17 से अब तक जिले में लगातार प्रगति दर्ज की गई है । प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 2016-17 आवास स्वीकृत 6112 में से 5990 आवास पूर्ण करा लिया गया है। इसी प्रकार वर्ष 2017-18 स्वीकृत 5910 आवासों में से 5807 आवास पूर्ण, वर्ष 2018-19 स्वीकृत 9079 आवास में से, 8845 आवास पूर्ण, वर्ष 2019-20 स्वीकृत 6500 आवासें में से, 6162 आवास पूर्ण, वर्ष 2020-21 स्वीकृत 7000 आवासों में से 6253 आवास पूर्ण, वर्ष 2022-23 में स्वीकृत 2966 आवासों में से, 2722 आवास पूर्ण, वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 32001 आवासों में से, 19250 आवास पूर्ण और वर्ष 2025-26 में 2679 आवास स्वीकृत किए गए हैं।

केंद्र शासन द्वारा शुरू किए गए ‘आवास प्लस 2.0’ के तहत अब तक जिले में 1.40 लाख से अधिक परिवारों का सर्वे कार्य पूर्ण किया गया है। जिले के उल्लेखनीय उपलब्धि के तहत पिछले सिर्फ 22 माह में 28,255 परिवारों के मकान पूर्ण किए गए हैं तथा विगत 22 माह में ही 343.88 करोड़ की राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की गई है।

जिले के 5 आत्म समर्पित एवं पीड़ित नक्सल परिवारों को आवास से किया लाभान्वित

आवास योजना के तहत् ही मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत 633 आवास स्वीकृत है जिसके विरुद्ध 123 आवास पूर्ण हो चुके है। साथ ही विशेष परियोजना में जिले के 5 आत्म समर्पित एवं पीड़ित नक्सल परिवारों को आवास से लाभान्वित किया गया है।

मनरेगा द्वारा 90 मानव दिवस की मजदूरी के साथ अन्य योजनाओं का लाभ

प्रधानमंत्री मोदी के सबको आवास उपलब्ध करने के लिए प्रारंभ की गई यह योजना आज ग्रामीण भारत के सपनों को हकीकत में बदल रही है। वहीं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में इस योजना को गति देते हुए हर पात्र परिवार तक पक्के आवास की सुविधा पहुंचाने का कार्य तेज़ी से जारी है। इसके साथ ही अभिसरण माध्यम से मनरेगा द्वारा 90 मानव दिवस की मजदूरी राशि, स्वयं सहायता समूह में लाभार्थी को जोड़ा जा रहा है, शौचालय, उज्जवला, नल जल कनेक्शन एवं विद्युत कनेक्शन जैसी सुविधाएं दी जा रही है।

आवास निर्माण के लिए स्वयं सहायता समूह के द्वारा लोन

सूरजपुर जिले द्वारा प्रदेश में अभिनव पहल स्थापित की गई है कि जिस लाभार्थी को आवास निर्माण के दौरान राशि की कमी पड़ रही है उन्हें स्वयं सहायता समूह के द्वारा लोन स्वीकृत कर, आवास निर्माण कराने में सहूलियत प्रदाय किया जा रहा है। इसके अंतर्गत अब तक 122.65 लाख रुपए ग्रामीणों को आबंटित की जा चुकी है। राज्य स्तर पर जिले की इस संबंध में सराहना की गई है। स्वयं सहायता समूह द्वारा शेटरिंग एवं अन्य सामग्री भी कम दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। योजनांतर्गत आरसेटी के माध्यम से ग्रामीणों को प्रशिक्षण भी प्रदाय किया जा रहा है। राज्य स्तर एवं जिला स्तर पर हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है ताकि हितग्राही की पहुंच प्रशासन तक आसान हो और अपनी समस्या का समाधान घर बैठे प्राप्त कर सके। राज्य स्तर की हेल्पलाइन नंबर 18002331290 एवं जिला स्तर हेल्पलाइन नंबर +91-9244049285 है।

पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से योजना को नई दिशा

जिला प्रशासन सूरजपुर द्वारा सतत मॉनिटरिंग, ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से योजना को नई दिशा दी गई है। प्रधानमंत्री मोदी के “हर गरीब के सिर पर पक्का छत” के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में सूरजपुर जिला एक प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है।

प्रधानमंत्री आवास योजना : कच्चे मकान से मिला छुटकारा, अब पक्के मकान में हो रहा गुजारा

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रायपुर, गरीबी और कठिनाइयों से जूझ रही सुकमा जिले के गादीरास पंचायत निवासी मुन्नीबाई  पेद्दी पति पेंटा पेद्दी की ज़िंदगी में प्रधानमंत्री आवास योजना ने नई रोशनी भर दी है। पहले जहां उनका परिवार मिट्टी की कमजोर झोपड़ी में रहता था, वहीं अब वे अपने दो कमरों के पक्के मकान में गरिमा और सुरक्षा के साथ जीवन जी रही हैं।

मुन्नी बाई, जो परिवार की मुखिया हैं, मेहनत-मजदूरी और खेती-किसानी से बच्चों का पालन-पोषण करती रही हैं। पुराने कच्चे घर में हर मौसम उनके लिए चुनौती था। बरसात में टपकती छत, गर्मी में तपता टीन, और सर्दियों में कड़कड़ाती ठंड। बच्चों को कई बार बरसात में भीगकर बीमार होना पड़ता था।

वर्ष 2024-25 में जब सरपंच ने उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी दी और आवेदन करवाया, तब उनकी उम्मीदों को नए पंख मिले। योजना के तहत स्वीकृत राशि से उन्होंने एक पक्का मकान तैयार कराया, जिसमें रसोईघर, शौचालय और बिजली की सुविधा भी है। खुशी से झूमती हुई मुन्नी बाई कहती हैं पहले हमारा घर सिर्फ बारिश और धूप से बचाव के लिए था, अब ये हमारे आत्मसम्मान की पहचान बन गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का धन्यवाद कि उन्होंने हमें पीएम आवास बनवाने के लिए राशि प्रदान की।

यह कहानी सिर्फ मुन्नी बाई की नहीं, बल्कि सुकमा जैसे दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में निवासरत हजारों परिवारों की कहानी है जिन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना ने कच्चे घर से पक्के घर तक का सफर तय कराया है। जिला प्रशासन का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य सिर्फ छत उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व की नींव रखना है।


प्रधानमंत्री आवास योजना को गति देने अभिनव पहल, ग्रामीण युवाओं को मिला राजमिस्त्री का निःशुल्क प्रशिक्षण

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रायपुर,  प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण रूप से क्रियान्वित करने के लिए बलरामपुर जिला प्रशासन ने अभिनव पहल की है। कलेक्टर बलरामपुर-रामानुजगंज के मार्गदर्शन में जिले के ग्रामीण युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार एवं निर्माण कार्यों में दक्ष बनाने की योजना लागू की गई है।

ग्रामीण स्व-रोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) के माध्यम से जिले के वाड्रफनगर, रामचंद्रपुर, बलरामपुर, राजपुर एवं शंकरगढ़ जनपद पंचायतों में कुल 5 प्रशिक्षण बैच (प्रत्येक में 35 प्रशिक्षार्थी) प्रारंभ किए गए हैं। इस तरह 175 युवाओं को 30 दिवसीय निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण का लाभ दिलाया गया। जिसमें ले-आउट, नींव से छत तक निर्माण की तकनीकी ज्ञान, निर्माण सामग्री का अनुपात एवं गुणवत्ता निर्धारण, सुरक्षा मानक तथा फील्ड प्रैक्टिकल शामिल है।

इस पहल से न केवल प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत घरों का निर्माण तेज़ी और गुणवत्ता के साथ तेजी से पूरा पूरा कराया जा रहा है। ग्रामीण युवाओं को राजमिस्त्री का प्रशिक्षण की व्यवस्था कर स्वरोजगार के अवसर भी सृजित किए जा रहे हैं। इससे स्थानीय स्तर पर दक्ष श्रमिकों की उपलब्धता बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए विशेष रूप से महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं या उनके परिजन, मनरेगा में 100 दिवस कार्य कर चुके श्रमिक और इच्छुक ग्रामीण युवाओं को शामिल किया गया। जिला पंचायत सीईओ बलरामपुर ने बताया कि, हमारा लक्ष्य है कि सभी प्रधानमंत्री आवास समय-सीमा में और गुणवत्ता के साथ पूरे हों। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को अपने गांव में ही रोजगार दिलाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी बड़ा कदम है।

जिला प्रशासन ने अधिक से अधिक युवाओं से अपील की है कि वे इस प्रशिक्षण का लाभ उठाकर न केवल एक नया कौशल सीखें, बल्कि जिले के विकास में भी योगदान दें। इच्छुक उम्मीदवार अपने ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत अथवा सीधे ग्रामीण स्व-रोजगार प्रशिक्षण संस्थान बलरामपुर से संपर्क कर सकते हैं।


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सूरजपुर जिले में 211 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन

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रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सूरजपुर जिले के तिलसिवां में आयोजित छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव कार्यक्रम का वर्चुअल रूप से शुभारंभ किया और 211 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने सूरजपुर के नए बस स्टैंड स्थित अटल परिसर में भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया तथा किसान मेला सह जैविक मेला का वर्चुअली शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री साय ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर हम सभी रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं। यह अवसर छत्तीसगढ़ की गौरवशाली यात्रा का प्रतीक है। बीते 25 वर्षों में राज्य ने विकास के अनेक आयामों को स्पर्श किया है और अब हमें नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ना है। उन्होंने सभी नागरिकों से एकजुट होकर प्रदेश को प्रगति की नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का आह्वान किया। 

मुख्यमंत्री साय ने स्व. अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता अटल जी को नमन करता हूँ। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण कर यहां के लोगों को नई पहचान दी। वे देश और प्रदेश के युवाओं के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत रहेंगे। मुख्यमंत्री ने वाजपेयी जी के राजनीतिक जीवन, काव्य प्रतिभा और राष्ट्रहित में किए गए कार्यों का भी स्मरण किया।

मुख्यमंत्री साय ने राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि विगत 20 महीनों में मोदी की गारंटी के तहत अनेक जनकल्याणकारी कदम उठाए गए हैं। इनमें धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से, 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता, तेंदूपत्ता संग्राहकों को पुनः चरण पादुका वितरण, किसानों को धान बोनस, 5 लाख 62 हजार भूमिहीन कृषि मजदूरों को 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद, श्रद्धालुओं के लिए रामलला दर्शन योजना, बुजुर्गों के लिए 19 तीर्थ स्थलों की यात्रा और अटल डिजिटल सेवा केंद्रों की स्थापना शामिल है। 

मुख्यमंत्री साय ने नक्सल उन्मूलन पर बोलते हुए कहा कि देश के गृहमंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में प्रदेश से नक्सलवाद समाप्त करने के प्रयास तेज गति से चल रहे हैं और मार्च 2026 तक बस्तर से नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि कुख्यात नक्सली बसवराजू का सफाया किया गया है तथा बड़ी संख्या में सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने वर्चुअल माध्यम से सभा को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य ने स्थापना के 25 वर्षों में विकास की नई ऊँचाइयाँ हासिल की हैं। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा के अनावरण पर उपस्थित सभी लोगों को बधाई और शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की ही देन है। उन्हीं के द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत की गई, जिससे गांव-गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ा गया और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि  छत्तीसगढ़ सरकार निरंतर जनहित एवं बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। सड़क, पुल-पुलियों, पेयजल आपूर्ति और शहरी विकास के क्षेत्र में हुए कार्यों से न केवल ग्रामीण अंचलों में कनेक्टिविटी बढ़ी है, बल्कि नगरीय निकायों में भी आधारभूत संरचना का तेजी से विस्तार हुआ है।

मुख्यमंत्री साय ने सूरजपुर जिले को 211 करोड़ 33 लाख रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। इसमें 78 करोड़ 78 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुए 37 कार्यों का लोकार्पण किया गया, जिनमें लोक निर्माण विभाग के 04, लोक निर्माण विभाग (सेतु) के 03, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 20, नगरीय निकाय विभाग के 04, आदिवासी विकास विभाग के 03 तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के 03 कार्य शामिल हैं। इसके साथ ही 132 करोड़ 55 लाख रुपये की लागत से होने वाले 55 कार्यों का भूमि पूजन किया गया, जिनमें लोक निर्माण विभाग के 14, लोक निर्माण विभाग (सेतु) के 04, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 22, जल संसाधन विभाग सूरजपुर के 07, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के 04, पुलिस विभाग का 01 तथा आदिवासी विकास विभाग के 03 कार्य सम्मिलित हैं।

समारोह में मुख्यमंत्री साय ने किसान मेला सह जैविक मेला सह प्रदर्शनी सह प्रशिक्षण का भी शुभारंभ किया। आयोजित मेले में कृषि यंत्रों, जैविक खाद, कीटनाशक एवं बीज की नवीनतम किस्मों के साथ-साथ विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी लगाई गई। किसानों को फसल चक्र परिवर्तन, फसल विविधीकरण, जैविक एवं प्राकृतिक खेती और जल संरक्षण जैसे विषयों पर जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने रोजगार से जुड़े ऐसे आयोजनों को युवाओं के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण बताते हुए सभी हितग्राहियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर विभिन्न विभागों की योजनाओं से हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। मछली पालन विभाग से आइस बॉक्स व नाव-जाल, समाज कल्याण विभाग से मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, स्वास्थ्य विभाग से वयवंदन, आयुष्मान एवं सिकल सेल कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास की चाबी और चेक, महिला एवं बाल विकास विभाग से एलआईसी बॉण्ड, महिला समूहों को ऋण चेक व बकरी पालन हेतु ऋण, कृषि विभाग से सिंचाई पंप, रामतिल बीज और नलकूप-पंप अनुदान प्रदान किए गए। साथ ही एसईसीएल भटगांव क्षेत्र के 25 हितग्राहियों को रोजगार स्वीकृति आदेश भी वितरित किए गए।

कार्यक्रम में पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री राजा पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चन्द्रमणी पैकरा, श्रीमती रेखा राजवाड़े, श्री लवकेश पैकरा, सूरजपुर जिले के रेडक्रॉस सोसाइटी अध्यक्ष श्री बाबूलाल अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।


विभागों में नवाचार को बढ़ावा दें - उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

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 रायपुर : दुर्ग जिले के प्रभारी मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज लोक निर्माण विभाग कार्यालय, दुर्ग के सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि विभागों में नवाचार को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी ऐसे कारगर और प्रभावी नवाचार करें, जिनसे विभागीय कार्य खुद अपनी गुणवत्ता और उपलब्धियों के माध्यम से प्रदर्शित हों, ताकि कार्यों के लिए अलग से सफाई या औपचारिकता की जरूरत न पड़े।


उन्होंने जोर देकर कहा कि क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के पत्र और सुझावों को गंभीरता से लिया जाए, क्योंकि वे जनता के बीच रहकर वास्तविक स्थिति और जरूरतों से अवगत होते हैं। बैठक में दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चन्द्राकर, दुर्ग शहर विधायक गजेन्द्र यादव, वैशाली नगर विधायक श्री रिकेश सेन, साजा विधायक ईश्वर साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे सहित वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे।


प्रभारी मंत्री शर्मा ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ तय समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्मित आवासों का अवलोकन जिला पंचायत के अधिकारियों, महाविद्यालयों के विद्यार्थियों, विधायकों एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ किया जाए, ताकि हितग्राहियों से सीधे प्रतिक्रिया प्राप्त की जा सके। नगरीय निकायों में कचरा निष्पादन के लिए जनप्रतिनिधियों के सुझाव के आधार पर प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने तथा गौ अभ्यारण्य हेतु वन और पशुपालन विभाग द्वारा जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर तय स्थान पर कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।उन्होंने सट्टा और नशे की सामाजिक बुराइयों पर सख्त कार्रवाई करने, पंचायत, समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग और सामाजिक संस्थाओं के समन्वित प्रयास से जनजागरूकता अभियान चलाने, गौवंश तस्करी पर पूर्ण रोक लगाने और घुसपैठियों पर निगरानी के साथ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साइबर क्राइम नियंत्रण में स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। अविवादित राजस्व प्रकरणों का पंचायत स्तर पर निपटारा करने और आरआई सर्किलों में राजस्व शिविर आयोजित कर लंबित मामलों का समाधान करने पर जोर दिया।

स्वास्थ्य विभाग को प्रधानमंत्री वय वंदना योजना पर विशेष ध्यान देने और कृषि विभाग को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ जिले के सभी किसानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। साथ ही दहलन-तिलहन फसलों की पैदावारी बढ़ाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने तथा पशु चिकित्सा विभाग द्वारा मोबाइल वैन से पशुओं के त्वरित उपचार की व्यवस्था को और सुदृढ़ करने पर बल दिया।उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर देते हुए जल जीवन मिशन के तहत ग्राम पंचायतों में सीसी रोड निर्माण पूर्ण होने के बाद कार्य योजना को पंचायत को हस्तांतरित करने को कहा। बैठक में यह जानकारी दी गई कि जिले में अब तक 28,476 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 1,764 सोखपिट हितग्राहियों ने स्वयं अपने स्तर पर बनाए हैं। निर्माणाधीन आवासों में ‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत 1,00,411 पौधरोपण किया गया है। जिले में 16 अटल डिजिटल सुविधा केंद्र निर्माणाधीन हैं और 72 बर्तन बैंक स्थापित हो चुके हैं।

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत 14.97 लाख हितग्राहियों का पंजीयन पूर्ण किया गया है, जबकि प्रधानमंत्री वय वंदना योजना में 27,366 पंजीयन हुए हैं। ऑनलाइन परामर्श से 2,148 हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं को लाभ मिला है और जिले में 47 प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र संचालित हो रहे हैं। स्वामित्व योजना के तहत 381 ग्रामों का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है और 339 ग्रामों के जियो-रेफरेंसिंग कार्य भी संपन्न हो चुके हैं।प्रधानमंत्री सूर्य घर मुक्त बिजली योजना के तहत जिले में 3,854 पंजीयन हुए हैं और 804 सौर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं।

बैठक के प्रारंभ में पिछली बैठक की कार्यवाही की समीक्षा की गई और विधायकों द्वारा आवश्यक सुझाव भी प्रस्तुत किए गए। बैठक में कलेक्टर अभिजीत सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल, एडीएम श्री विरेन्द्र सिंह सहित सभी विभागों के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री आवास योजना 2025: हर परिवार को मिलेगा पक्का घर, जानिए आवेदन की पूरी प्रक्रिया, पात्रता और ज़रूरी दस्तावेज़

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भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) का उद्देश्य है 2025 तक हर परिवार को पक्का घर उपलब्ध कराना। यह योजना शहरी और ग्रामीण – दोनों क्षेत्रों के लिए लागू है।


योजना के दो प्रमुख भाग

PMAY-Urban (PMAY-U): शहरी झुग्गीवासियों, किराए पर रहने वालों और कच्चे मकानों में रह रहे परिवारों को पक्का घर मुहैया कराना।

PMAY-Gramin (PMAY-G): ग्रामीण इलाकों में भूमिहीन मजदूरों, गरीब किसानों, अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के लिए मकान निर्माण सहायता।

पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria):

आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए।
परिवार में किसी के नाम पर पहले से पक्का मकान नहीं होना चाहिए।
महिला स्वामित्व को प्राथमिकता दी जाती है।

आय वर्ग अनुसार पात्रता:

वर्ग वार्षिक आय सीमा
EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) ₹3 लाख तक
LIG (निम्न आय वर्ग) ₹3–6 लाख
MIG-I (मध्यम आय वर्ग-I) ₹6–12 लाख
MIG-II (मध्यम आय वर्ग-II) ₹12–18 लाख

जरूरी दस्तावेज़:

आधार कार्ड
आय प्रमाण पत्र
निवास प्रमाण पत्र
बैंक पासबुक की कॉपी
पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो
संपत्ति न होने का स्व-घोषणा पत्र
प्रॉपर्टी दस्तावेज़ (यदि प्लॉट है)
मोबाइल नंबर

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

pmaymis.gov.in वेबसाइट खोलें।
“Citizen Assessment” सेक्शन पर क्लिक करें।
आधार नंबर से सत्यापन करें।
मांगी गई सभी जानकारियां भरें – जैसे:
नाम, लिंग, जन्मतिथि
आय स्तर
वर्तमान आवासीय स्थिति आदि
दस्तावेज़ अपलोड करें।
सबमिट करें और एप्लिकेशन स्लिप डाउनलोड करें।

ऑफलाइन आवेदन कैसे करें?

अपने नजदीकी CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) या नगर पंचायत / नगर निगम कार्यालय जाएं।

वहाँ से फॉर्म प्राप्त करें और आवश्यक दस्तावेज़ संलग्न कर जमा करें।

नोट:
इस योजना के तहत आवेदन की प्रक्रिया जारी है। पात्र परिवार समय रहते आवेदन करें ताकि 2025 तक पक्के घर का सपना पूरा हो सके।

प्रधानमंत्री आवास योजना बनी ग्रामीण महिला समूहों की आजीविका का आधार

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 रायपुर : प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अब सिर्फ आवास प्रदान करने तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह ग्रामीण महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बन रही है। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के पुसौर विकासखंड अंतर्गत बड़े हल्दी और मिड़मिड़ा की महिलाओं ने इस योजना को स्वरोजगार का जरिया बना लिया है।


यहां की सुधा महिला ग्राम संगठन और चंद्रहासिनी महिला संकुल ने महिला स्व-सहायता समूहों के सहयोग से निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाले सेंटरिंग सामान की खरीदी कर, उसे प्रधानमंत्री आवास निर्माण स्थलों में किराए पर उपलब्ध कराना शुरू किया है। इससे उन्हें नियमित आय प्राप्त हो रही है और उनके जीवनस्तर में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।

संगठन की शुरुआत वर्ष 2019 में केवल 10 समूहों के साथ हुई थी, जो अब बढ़कर 18 समूहों तक पहुंच गई है। इनसे लगभग 200 महिलाएं प्रत्यक्ष रूप से जुड़ चुकी हैं। संगठन ने 4 लाख 20 हजार रुपये का लोन लेकर सेंटरिंग सामग्री की खरीदी की है, जिसे पीएम आवास निर्माण में उपयोग किया जा रहा है।

महिलाओं का कहना है कि बिहान योजना के अंतर्गत मिली सहायता और पीएम आवास की बढ़ती संख्या के कारण उन्हें रोजगार के स्थायी अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार प्रकट करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने की राह दिखाई है।

मुख्यमंत्री ने बिरहोर महिलाओं को सौंपी पक्के आवास की चाबी

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 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायगढ़ में समीक्षा बैठक के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति की महिलाओं सहित पाँच महिलाओं को पक्के मकानों की चाबियाँ सौंपी। इस अवसर पर उन्होंने धर्मजयगढ़ विकासखंड के कीदा गांव की बिरहोर जनजाति की दिलमत बाई, गुरुवारी बाई और शानीरो बाई को उनके नए आवास की चाबियाँ प्रदान की।

महिलाओं को सौंपी पक्के आवास की चाबी

इसके साथ ही रायगढ़ जिले के बनोरा गांव की गीतांजलि सिदार और कुकुर्दा गांव की गुलाबी यादव को भी आवास योजना का लाभ मिला। मुख्यमंत्री के हाथों आवास की चाबी प्राप्त कर सभी हितग्राहियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री साय और सरकार के प्रति आभार जताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना गरीबों को पक्का घर उपलब्ध कराने की एक महत्वपूर्ण और जनहितैषी योजना है। सरकार की प्राथमिकता है कि हर पात्र व्यक्ति को सम्मानपूर्वक जीवन जीने के लिए आवास मिले। इसके तहत अब तक बड़ी संख्या में जरूरतमंद परिवारों को लाभ पहुंचाया गया है और छूटे हुए पात्र हितग्राहियों को आवास प्लस 2 योजना के माध्यम से आवास मिलेंगेे।

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