Media24Media.com: #पदस्थापना

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स्कूल शिक्षा विभाग में 112 पंचायत एवं नगरीय निकाय शिक्षकों का संविलियन, पदस्थापना पूर्ण

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रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के निर्णय के अनुरूप स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत पंचायत एवं नगरीय निकाय संवर्ग के शिक्षकों के संविलियन की प्रक्रिया निरंतर जारी है। आज 112 शिक्षकों का संविलियन किया गया है, जिनमें 100 शिक्षक पंचायत संवर्ग से तथा 12 शिक्षक नगरीय निकाय संवर्ग से हैं।

स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि “राज्य सरकार शिक्षकों के सेवा हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। पंचायत एवं नगरीय निकाय संवर्ग के शिक्षकों का स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन एक ऐतिहासिक और न्यायसंगत निर्णय है। लंबे समय से लंबित प्रकरणों का निराकरण कर शिक्षकों को उनका अधिकार देना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। इससे न केवल शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।”

लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा दिनांक 23 दिसंबर 2025 को जारी संविलियन आदेश/निर्देश के अनुक्रम में संभागीय संयुक्त संचालक एवं जिला शिक्षा अधिकारियों से पालन प्रतिवेदन प्राप्त किया गया है।

शासन के निर्णय अनुसार 08 वर्ष अथवा उससे अधिक सेवा पूर्ण करने वाले लगभग एक लाख 28 हज़ार 800 शिक्षक (पंचायत/नगरीय निकाय) तथा 02 वर्ष सेवा पूर्ण करने वाले लगभग 16 हजार शिक्षक (पंचायत/नगरीय निकाय) का स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन किया जा चुका है।

इसके अतिरिक्त पंचायत विभाग एवं नगरीय प्रशासन विभाग से प्राप्त ऐसे प्रकरण, जिनमें लंबी अनुपस्थिति, न्यायालयीन प्रकरण अथवा अन्य कारणों से पूर्व में संविलियन नहीं हो पाया था, उनका राज्य स्तरीय समिति द्वारा परीक्षण किया गया।

राज्य स्तरीय समिति द्वारा परीक्षण उपरांत प्राप्त पालन प्रतिवेदन के अनुसार धमतरी जिले से 01, खैरागढ़- छुईखदान- गंडई से 04, बलरामपुर से 03, बलौदाबाजार से 01, रायगढ़ से 05 शिक्षक का पंचायत अथवा नगरीय निकाय संवर्ग से स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन किया गया है। इसी प्रकार राजनांदगांव से 01, सरगुजा से 83, सारंगढ़- बिलाईगढ़ से 02, सुकमा से 01, जांजगीर-चांपा से 02, जशपुर से 01, गरियाबंद से 04, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही से 01, बिलासपुर से 01, कोंडागांव से 01 तथा कोरिया जिले से 01 शिक्षक का पंचायत अथवा नगरीय निकाय संवर्ग से स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन किया गया है।

संभागीय एवं जिला शिक्षा अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार संबंधित संभाग एवं जिला स्तर पर संवर्ग के पदों पर संविलियन आदेश जारी कर शिक्षकों की स्कूल शिक्षा विभाग में पदस्थापना कर दी गई है।

छत्तीसगढ़ : राज्य के स्कूलों में शिक्षा गुणवत्ता सुधार हेतु प्राचार्यों की पदोन्नति एवं पदस्थापना

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के टी संवर्ग में वर्ष 2013 तथा ई संवर्ग में वर्ष 2016 के बाद पहली बार बड़ी संख्या में प्राचार्यों की पदोन्नति की गई है। लंबे समय से शासकीय हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों में प्राचार्य के पद रिक्त होने के कारण शैक्षणिक गुणवत्ता प्रभावित हो रही थी। 

इस समस्या के समाधान हेतु स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 30 अपै्रल 2025 को जारी आदेश के अनुसार टी संवर्ग में 12 वर्ष तथा ई संवर्ग में 09 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण करने वाले पात्र शिक्षकों को प्राचार्य पद पर पदोन्नति प्रदान की गई। इस प्रक्रिया के तहत टी संवर्ग में 1335 तथा ई संवर्ग में 1478 व्याख्याताओं/प्रधान पाठकों को प्राचार्य बनाया गया।

2504 पदोन्नत प्राचार्य की पदस्थापना

इन पदोन्नतियों के विरुद्ध दायर याचिकाओं पर माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा स्थगन आदेश दिए जाने से पदस्थापना की कार्यवाही रोक दी गई थी। न्यायालय द्वारा याचिकाएँ खारिज किए जाने के बाद शासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया अनुसार पदस्थापना पुनः आरंभ की गई। शासन के पत्र दिनांक 10 अगस्त 2025 के अनुसार काउंसिलिंग के माध्यम से प्राचार्यों की पदस्थापना की गई, जिसमें टी संवर्ग की काउंसिलिंग 20 अगस्त 2025 से 23 अगस्त 2025 तक हुई और कुल 1222 प्राचार्यों का पदस्थापना आदेश जारी किया गया। इसी प्रकार ई संवर्ग की काउंसिलिंग 21 नवंबर से 24 नवंबर 2025 तक आयोजित की गई, जिसके अनुसार 1284 पदोन्नत प्राचार्यों की पदस्थापना आदेश जारी किए जा रहे हैं।

हर विद्यालय में मजबूत नेतृत्व सुनिश्चित करना

स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि लंबे समय से प्राचार्य पद रिक्त होने से स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। उन्होंने कहा, “गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए विद्यालयों में सक्षम नेतृत्व आवश्यक है। बड़े पैमाने पर की गई यह पदोन्नति और पदस्थापना राज्य के विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत प्रदान करेगी तथा विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्रदान करेगी।” उन्होंने यह भी कहा कि यह कदम स्कूल शिक्षा विभाग के व्यापक सुधार अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य हर विद्यालय में मजबूत नेतृत्व सुनिश्चित करना है।

प्राचार्यों के रिक्त पदों की पूर्ति होने से विद्यालयों में प्रशासनिक और शैक्षणिक व्यवस्था अधिक सुचारू होगी। इससे शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में सुधार होने के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की अपेक्षा है।

शासन ने की बड़ी पहल : 917 पदोन्नत प्राचार्यों की काउंसलिंग 17 से 21 नवंबर तक चलेगी प्रक्रिया

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रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार राज्य में 917 प्रधान पाठक (ई-संवर्ग) को प्राचार्य, उ.मा.वि. के पद पर पदोन्नत किया गया है। इन पदोन्नत प्राचार्यों की पदस्थापना हेतु काउंसलिंग की प्रक्रिया 17 नवम्बर से 21 नवम्बर 2025 तक प्रतिदिन शासकीय शिक्षा महाविद्यालय, सेक्टर-29, अटल नगर में आयोजित की जाएगी।

काउंसलिंग की प्रक्रिया 17 नवम्बर से 21 नवम्बर 2025 तक प्रतिदिन 250 पदोन्नत प्राचार्य शामिल होंगे। इसके लिए 125-125 प्राचार्यों की दो पालियाँ निर्धारित की गई हैं। चयनित एवं उपस्थित होने वाले सभी पदोन्नत प्राचार्यों की सूची तथा रिक्त पदों की जानकारी स्कूल शिक्षा विभाग की वेबसाइट https://eduportal.cg.nic.in/ पर उपलब्ध करा दी गई है। यह जानकारी लोक शिक्षण संचालनालय के अधिकारियों द्वारा दी गई है।

छत्तीसगढ़ में 10,538 शालाओं का युक्तियुक्तकरण पूर्ण – 16,165 शिक्षक एवं प्राचार्य हुए समायोजित

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी युक्तियुक्तकरण निर्देशों के प्रावधानों के तहत राज्य में व्यापक युक्तियुक्तकरण की कार्यवाही की गई है।

इस प्रक्रिया के अंतर्गत एक ही परिसर में संचालित 10,372 शालाओं तथा ग्रामीण क्षेत्रों में एक किलोमीटर से कम दूरी पर और शहरी क्षेत्रों में 500 मीटर से कम दूरी पर संचालित 166 शालाओं को मिलाकर कुल 10,538 शालाओं का युक्तियुक्तकरण किया गया है।

इस बड़े कदम के फलस्वरूप 16,165 शिक्षकों एवं प्राचार्यों का समायोजन किया गया है। अब प्रदेश का कोई भी विद्यालय शिक्षक-विहीन नहीं है।

उल्लेखनीय है कि पहले जहां 5,936 विद्यालय एकल-शिक्षकीय थे, वहीं युक्तियुक्तकरण के बाद केवल 1,207 प्राथमिक शालाएँ शिक्षकों की अनुपलब्धता के कारण एकल-शिक्षकीय रह गई हैं।

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अतिशेष शिक्षकों का चिन्हांकन विषयवार किया गया है। यदि किसी संस्था में किसी एक विषय का शिक्षक अतिशेष पाया गया, किन्तु उसी संस्था में सेटअप के आधार पर किसी अन्य विषय का पद रिक्त था, तो ऐसे अतिशेष शिक्षक का युक्तियुक्तकरण करते हुए आवश्यकता के आधार पर रिक्त विषय के पद पर उस विषय के शिक्षक की पदस्थापना की गई है।

युक्तियुक्तकरण निर्देशों के अंतर्गत, शालाओं में पदस्थापना तिथि के आधार पर अतिशेष शिक्षकों का चिन्हांकन किया गया है। इस दौरान विषय, विकलांगता तथा परिवीक्षा अवधि जैसे कारकों का भी विशेष ध्यान रखा गया।

इसके अलावा, अतिशेष शिक्षकों की गणना उनकी सेवा पुस्तिका में दर्ज मूल विषय के आधार पर की गई है।

जिन शिक्षकों ने युक्तियुक्तकरण के पश्चात कार्यमुक्त होकर नवीन पदस्थापना स्थल में कार्यभार ग्रहण कर लिया है, उनके वेतन आहरण की कार्यवाही पूर्व पदस्थ संस्था से प्राप्त अंतिम वेतन प्रमाणपत्र के आधार पर की जा रही है।

इसी तरह, युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के दौरान विभिन्न शिक्षकों से प्राप्त अभ्यावेदन (जिनमें न्यायालयीन प्रकरण भी सम्मिलित हैं) पर शासन गंभीरता से परीक्षण कर रहा है। इन प्रकरणों की जांच संभागीय आयुक्त की समिति, संचालनालय स्तरीय समिति एवं शासन स्तरीय समिति में की जा रही है और शीघ्र ही इनका निराकरण कर लिया जाएगा।


युक्तियुक्तकरण से एकल शिक्षकीय खरगा स्कूल को मिला दो शिक्षक, पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार होने से विद्यार्थियों और पालकों के चेहरे खिले

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रायपुर। शिक्षा युक्तियुक्तकरण किए जाने शिक्षकविहीन और एकल शिक्षकीय स्कूलों में सकारात्मक बदलाव आया है। युक्तियुक्तकरण के जरिए अब कोई भी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं है, जहां एकल शिक्षकीय विद्यालय था, वहां शिक्षकों की पदस्थापना होने से पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार हुआ है।

बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड अंतर्गत एक छोटा सा गाँव खरगा जहां का प्राथमिक स्कूल एकल शिक्षकीय था, यहां मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किए गए युक्तियुक्तकरण से दो शिक्षकों की नियुक्ति हुई है, जिससे पढ़ाई के स्तर में सुधार हुआ है। स्कूल में विगत कुछ वर्षों से केवल एक शिक्षक था, जिसके कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी, लेकिन राज्य सरकार द्वारा किए गए युक्तियुक्तकरण से अब इस छात्रों की किस्मत बदल गई, जिससे अभिभावकों में खुशी की लहर है और उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार जताया है।

कोटा विकासखंड अंतर्गत एक छोटा सा गाँव खरगा का एकल शिक्षकीय प्राथमिक स्कूल में पहले केवल एक शिक्षक संतोष खांडे अपनी सेवाएं दे रहे थे युक्तयुक्तिकरण में शिक्षक मुकेश कुमार यादव की नियुक्ति की गई है। अब दो शिक्षकों की नियुक्ति होने से पढ़ाई के स्तर में सुधार हुआ है साथ ही शिक्षकों द्वारा बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ अन्य गतिविधियों में जोड़ने से विद्यार्थी और अभिभावक खुश हैं। पालक धनकुमारी ने बताया कि उनका बच्चा यहां के स्कूल में कक्षा तीसरी में पढ़ रहा है, दो शिक्षकों की पदस्थापना से उनकी पढ़ाई पहले से बेहतर हुई है। इसी तरह अभिभावक राजेंद्र चतुर्वेदी, श्रवण कुमार और अनिल कुर्रे ने भी दो शिक्षकों की नियुक्ति को बच्चों के हित में बताते हुए कहा कि इससे बच्चों की पढ़ाई के स्तर में सुधार हुआ है, दो शिक्षक आने से बच्चे भी खुश हैं और मन लगाकर पढ़ाई कर रहे हैं, पालकों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार जताया। बच्चों ने भी खुशी जाहिर करते हुए बताया कि दो शिक्षक के यहां आने से उनकी विभिन्न विषयों की पढ़ाई अच्छे से हो पा रही है जो पहले एक शिक्षक होने के कारण ठीक से नहीं हो पाती थी। छात्रा अराध्या मनहर ने कहा कि दो शिक्षक आने से उनकी सभी विषयों की पढ़ाई अच्छे ढंग से हो रही है।


व्याख्याताओं एवं प्रधान पाठकों को प्राचार्य पद पर पदोन्नति एवं पदस्थापना आदेश जारी

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रायपुर। व्याख्याता, व्याख्याता (एल.बी.) एवं प्रधान पाठक, पूर्व माध्यमिक शाला को प्राचार्य (टी संवर्ग), उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के पद पर पदोन्नति हेतु छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग, रायपुर में पदोन्नति समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक उपरांत 1335 पदोन्नति आदेश जारी किए गए। यह आदेश स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव से प्राप्त अनुमोदन के आधार पर जारी किया गया है।

काउंसिलिंग प्रक्रिया के माध्यम से पदस्थापना की स्थिति इस प्रकार रही - कुल 1335 पदोन्नत प्राचार्यों में से 1222 ने संस्था चयन कर पदस्थापना सुनिश्चित की। शेष 113 में से 20 पदोन्नत प्राचार्य काउंसिलिंग में अनुपस्थित रहे, 20 ने पदोन्नति लेने से इंकार किया, 02 ने विद्यालय चयन से इंकार किया तथा 91 सेवानिवृत्त, मृत, निलंबित एवं अन्य श्रेणी में रहे।

इस प्रकार कुल 1222 व्याख्याताओं, व्याख्याता (एल.बी.) एवं प्रधान पाठकों को प्राचार्य (टी संवर्ग), उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के पद पर पदोन्नति उपरांत पदस्थापना आदेश जारी किए गए हैं।

मंत्री गजेन्द्र ने कहा है कि इस पद स्थापना में पूर्ण पारदर्शिता का पालन किया गया। साय सरकार जीरो टॉलरेंस के लिए कटिबद्ध है। पात्र कर्मचारियों ने काउंसलिंग स्थल पर अपने स्थान का स्वयं चयन किया एवं चयन उपरांत उक्त स्थान पर अपनी पद स्थापना की सहमति प्रदान की।


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