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‘मौसम-चूहे-दीमक’ बयान पड़ा भारी: 7 करोड़ के धान घोटाले में DMO अभिषेक मिश्रा निलंबित

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 कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में सामने आए बड़े धान घोटाले के मामले में राज्य शासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए जिला विपणन अधिकारी (डीएमओ) अभिषेक मिश्रा को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई 26 हजार क्विंटल धान की भारी कमी और इस संबंध में मीडिया को दिए गए उनके विवादित बयान के बाद की गई है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्य स्तर के प्रबंध संचालक द्वारा 3 फरवरी 2026 को निलंबन आदेश जारी किया गया। आदेश में उल्लेख है कि डीएमओ द्वारा धान शॉर्टेज को लेकर मौसम, चूहे और दीमक को जिम्मेदार ठहराना भ्रामक, गैर-जिम्मेदाराना और पद की गरिमा के विपरीत पाया गया।


यह मामला वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान से जुड़ा है, जिसे चारभाठा धान संग्रहण केंद्र में रखा गया था। वर्ष 2026 की नई धान खरीदी से पहले पुराने स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराया गया, जिसमें करीब 26 हजार क्विंटल धान की कमी सामने आई। इस धान की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 7 करोड़ रुपये आंकी गई है।

प्रारंभिक जांच में कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं। संग्रहण केंद्र के तत्कालीन प्रभारी प्रितेश पांडेय की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उन्हें पहले ही निलंबित किया जा चुका है। इसके अलावा केंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरों से छेड़छाड़ के संकेत भी मिले हैं, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

धान शॉर्टेज को लेकर डीएमओ द्वारा दिए गए बयान के बाद विपक्षी दलों, किसान संगठनों और आम नागरिकों ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही थी। मामले को बढ़ते जनआक्रोश और प्रशासनिक लापरवाही से जोड़कर देखा जा रहा है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है। दोषियों के विरुद्ध अमानत में खयानत, कूट रचना सहित अन्य गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज किए जाने की संभावना है। शासन स्तर पर यह भी संकेत दिए गए हैं कि जांच पूरी होने के बाद आगे और कार्रवाई की जा सकती है।

महासमुंद : बागबाहरा मंडी सचिव निलंबित, अवैध धान परिवहन मामले में कार्रवाई

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महासमुंद। छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड ने बागबाहरा कृषि उपज मंडी समिति के सचिव कुशल राम ध्रुव को गंभीर लापरवाही एवं कर्तव्य में उदासीनता के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

जारी आदेश के अनुसार विपणन वर्ष 2025-26 में 28 दिसंबर 2025 को ग्राम टेमरी निवासी कृषक राधेश्याम साहू के घर के पास ओडिशा राज्य से अवैध रूप से धान ट्रक से लाकर खाली किया जा रहा था। इस दौरान 03 ट्रैक्टर में धान पलटा गया। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बागबाहरा के द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार मंडी प्रशासन द्वारा नियमानुसार आवश्यक पंचनामा, जप्ती एवं अन्य वैधानिक कार्रवाई नहीं की गई एवं मंडी के सुपूर्द नहीं किया गया।

कलेक्टर खाद्य शाखा के प्रतिवेदन के आधार पर प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन मंडी बोर्ड द्वारा यह कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में ध्रुव का मुख्यालय छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन बोर्ड, संभागीय कार्यालय रायपुर रहेगा। इस दौरान वे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते के पात्र होंगे। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि निलंबन अवधि में ध्रुव के स्थान पर मंडी निरीक्षक दिनेश कुमार साहू को कृषि उपज मंडी समिति बागबाहरा के सचिव का प्रभार आगामी आदेश तक सौंपा गया है।

अनियमितता पर सख्त कार्यवाही : नारायणपुर महिला महाविद्यालय के प्राचार्य सहित सहायक प्राध्यापक निलंबित

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रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्यवाही करते हुए शासकीय आदर्श महिला महाविद्यालय, नारायणपुर के छह प्राध्यापकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्यवाही पी.एम. उषा मद से आबंटित राशि के दुरुपयोग तथा शासन के निर्धारित वित्तीय नियमों का पालन नहीं करने के आरोपों के बाद की गई है।

जारी आदेश के अनुसार सामग्री क्रय में गड़बड़ी, प्रक्रियागत अनियमितता एवं छत्तीसगढ़ वित्तीय नियम संहिता 2002 (संशोधित 2025) के उल्लंघन की पुष्टि प्रथम दृष्टया होने पर यह निर्णय लिया गया। इसके तहत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.योगेंद्र पटेल,सहायक प्राध्यापक भूषण जय गोयल,किशोर कुमार कोठारी, हरीश चंद बैद एवं नोहर राम के नाम शामिल हैं। निलंबन आदेश के तहत सभी संबंधित अधिकारियों को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9(1)(क) के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय क्षेत्रीय अपर संचालक, कार्यालय जगदलपुर (छ.ग.) निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस पूरे प्रकरण की विभागीय जांच पृथक से की जाएगी, जिससे दोषियों के विरुद्ध आगे कठोर कार्रवाई संभव हो सके। शासन के इस कदम को सार्वजनिक धन के दुरुपयोग पर शून्य सहनशीलता की नीति के रूप में देखा जा रहा है।

पीएम-उषा मद में अनियमितता पर शासन का सख्त रुख, लोहराकोट कालेज के प्राचार्य और पिथौरा कॉलेज के चार सहायक प्राध्यापक निलंबित

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रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने महासमुंद जिला के शासकीय महाविद्यालय लोहराकोट के प्राचार्य और पिथौरा के चार सहायक प्राध्यापकों को सामग्री क्रय से जुड़े गंभीर आर्थिक अनियमितता के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। 

जारी आदेश के अनुसार प्राचार्य डॉ. एस.एस. तिवारी पर पीएम-उषा मद के अंतर्गत आवंटित राशि में गड़बड़ी तथा वित्तीय नियमों के उल्लंघन का प्रथम दृष्टया दोष पाया गया है।इसी तरह पिथौरा महाविद्यालय में पीएम-उषा मद से प्राप्त राशि के अंतर्गत मिड-डे के दौरान जेम पोर्टल के माध्यम से किए गए क्रय में छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियम, 2002 एवं संशोधित 2025 के प्रावधानों का पालन नहीं किया गया। प्रारंभिक जांच में यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के उल्लंघन के दायरे में पाया गया है।

निलंबित किए गए सहायक प्राध्यापकों में डॉ. सीमा अग्रवाल, डॉ. बृहस्पतु सिंह विशाल, श्री पीठी सिंह ठाकुर एवं डॉ. एस.एस. दीवान सभी शासकीय महाविद्यालय पिथौरा के नाम शामिल हैं। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत की गई है।

निलंबन अवधि के दौरान सभी का मुख्यालय क्षेत्रीय अपर संचालक, उच्च शिक्षा कार्यालय, रायपुर निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। प्रकरण में विभागीय जांच की कार्यवाही पृथक से की जाएगी। यह आदेश उच्च शिक्षा विभाग के अवर सचिव द्वारा छत्तीसगढ़ राज्यपाल के नाम से जारी किया गया है। शासन की इस कार्रवाई को शासकीय संस्थानों में पारदर्शिता, जवाबदेही और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

निर्वाचन कार्य में लापरवाही एवं अनुशासनहीनता पऱ बड़ी कार्रवाई,प्रधानपाठक एवं दो सहायक शिक्षक निलंबित

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रायपुर। अनुशासनहीनता क़ो बढ़ावा देने, शराब पीकर विद्यालय आने, शाला समय में अनुपस्थित, निर्वाचन कार्य में बी.एल.ओ. की ड्यूटी लगाये जाने के बाद भी जिम्मेदारीपूर्वक कर्तव्य का निर्वहन नहीं करने सम्बन्धी शिकायत पर बलौदाबाजार जिले में कड़ी कार्यवाही करते हुए प्रभारी प्राचार्य एवं दो सहायक शिक्षक क़ो निलंबित कर दिया गया है।

प्राप्त जानकारी विकासखंड सिमगा अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला मोटियारीडीह में पदस्थ प्रधानपाठक उमेश कुमार वर्मा एवं सहायक शिक्षक (एल.बी.) संदीप कुमार साहू द्वारा मद्यपान कर शाला आने एवं शाला समय में अनुपस्थित पाये गए।इसी तरह विकासखंड सिमगा अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला दर्रीपारा केसदा में पदस्थ सहायक शिक्षक (एल.बी.) मिथलेश कुमार वर्मा का निर्वाचन कार्य में बी.एल.ओ की ड्यूटी लगाये जाने के बाद भी जिम्मेदारीपूर्वक कर्तव्य का निर्वहन नहीं किया गया। 

प्रधान पाठक एवं शिक्षकों के उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 9 के विपरीत मानते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने प्रधानपाठक उमेश कुमार वर्मा, सहायक शिक्षक (एल.बी.) संदीप कुमार साहू एवं मिथलेश कुमार वर्मा क़ो तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय कसडोल एवं पलारी नियत किया गया है। निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता क़ी पात्रता होगी।


गरियाबंद में दो निजी अस्पतालों का आयुष्मान पंजीयन निलंबित

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गरियाबंद। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं नर्सिंग होम एक्ट के तहत निरीक्षण दल द्वारा सोमेश्वर हॉस्पिटल और लाइफ लाइन हॉस्पिटल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान दोनों अस्पतालों में कई गंभीर कमियाँ पाई गईं, जिनमें इन हाउस लैब की समस्या, खराब अधोसंरचना, रैम्प का न होना, बीएमडब्ल्यू का अनापत्ति प्रमाण पत्र का न होना, ओपीडी से आईपीडी का परिवर्तन औचित्यपूर्ण नहीं होना, क्वालिफाइड ड्यूटी डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ की अनुपलब्धता, रजिस्टर का ठीक से संधारित नहीं होना, एक्सपाइरी दवाईयां मिलने जैसी गंभीर लापरवाहियां पाई गई।

इन गंभीर अनियमितताओं को ध्यान में रखते हुए सोमेश्वर हॉस्पिटल का पंजीयन 03 माह तथा लाइफ लाइन हॉस्पिटल का पंजीयन 06 माह के लिए आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से पंजीयन निलंबित किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने यह स्पष्ट किया है कि भविष्य में अन्य अस्पतालों में भी इस प्रकार की कमियाँ पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।


स्वास्थ्य विभाग ने रिश्वत लेते पकड़े गए एक चिकित्सा अधिकारी को किया निलंबित

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रायपुर। स्वास्थ्य विभाग ने रिश्वत लेते पकड़े गए एक चिकित्सा अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, डॉ. राजेन्द्र कुमार पटेल, पद प्रभारी खंड चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डभरा, जिला सक्ती को भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।

एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) बिलासपुर द्वारा 17 अक्टूबर 2025 को डॉ. पटेल को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद वे 48 घंटे से अधिक समय तक पुलिस अभिरक्षा में रहे। इस आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के प्रावधानों के तहत यह कार्रवाई की गई है।

राज्य शासन ने आदेश जारी करते हुए डॉ. पटेल को 17 अक्टूबर 2025 से प्रभावशील निलंबित किया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं, संभाग बिलासपुर को निर्धारित किया गया है। इस अवधि में वे मूलभूत नियम के अंतर्गत जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त करने के पात्र होंगे।

CG NEWS : व्यापारियों से वसूली के मामले में कार्रवाई, श्रम निरीक्षक निलंबित

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 रायपुर : व्यापारियों से पैसा वसूलने के मामले में त्वरित एवं बड़ी कार्रवाई करते हुए बलौदाबाजार श्रमायुक्त द्वारा भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के चलते श्रम निरीक्षक रामचरन कौशिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।


कलेक्टर दीपक सोनी द्वारा गठित जांच समिति की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में पाया गया कि श्रम पदाधिकारी बलौदाबाजार में पदस्थ श्रम निरीक्षक रामचरन कौशिक द्वारा कार्यक्षेत्र में भ्रमण के दौरान कथित रूप से अवैध वसूली और अनियमितताएं की गई हैं। श्रम आयुक्त, छत्तीसगढ़ द्वारा रिपोर्ट क़े आधार पर श्रम निरीक्षक रामचरन कौशिक को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत निलंबित किया गया है।

निलंबन अवधि के दौरान कौशिक को जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी तथा निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय श्रमायुक्त कार्यालय, नवा रायपुर, अटल नगर निर्धारित किया गया है।

भ्रष्टाचार के आरोप पर श्रम निरीक्षक निलंबित, शिकायत के आधार पर त्वरित कार्रवाई

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रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन श्रम विभाग अंतर्गत कार्यालय श्रम पदाधिकारी बलौदाबाजार में कार्यरत श्रम निरीक्षक रामचरन कौशिक को भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। श्रम निरीक्षक व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से अवैध उगाही के आरोप लगाए गए थे।

श्रम आयुक्त, छत्तीसगढ़ द्वारा 24 अक्टूबर को एक जांच समिति गठित की गई। समिति की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में पाया गया कि श्रम निरीक्षक कौशिक द्वारा कार्यक्षेत्र में भ्रमण के दौरान कथित रूप से अवैध वसूली और अनियमितताएँ की गई हैं। इसी के आधार पर उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत निलंबित किया गया है।

निलंबन अवधि के दौरान कौशिक को जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी तथा निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय श्रमायुक्त कार्यालय, नवा रायपुर, अटल नगर निर्धारित किया गया है। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और जिला पदाधिकारियों को आदेश की सूचना प्रेषित कर अनुपालन कराने निर्देशित किया गया है।

श्रमायुक्त कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार संबंधी किसी भी प्रकार की शिकायत पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी तथा जांच आगे भी जारी रहेगी।

हर्बल उत्पाद के प्रचार-प्रसार में संलग्न शिक्षिका निलंबित

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रायपुर। जिला शिक्षा अधिकारी दुर्ग ने वेब पोर्टल पर प्रकाशित समाचार “दुर्ग में शिक्षक बने हर्बल गुरू, स्कूल की जगह अब फिटनेस और फार्मूला बेचने में व्यस्त” को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई गई। जांच में यह मिला कि कुछ शिक्षक हर्बल उत्पादों के प्रचार-प्रसार, हर्बल लाइफ सदस्यता दिलाने, स्कूल समय में ऑफिस मीटिंग करने तथा ऑनलाइन सेशन लेने में संलग्न पाए गए, जिससे शैक्षणिक गतिविधियाँ प्रभावित हो रही थीं।

जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, धमधा ने शासकीय विद्यालयों में पदस्थ लोमन वर्मा, व्याख्याता (शास.उ.मा.वि. घोटवानी), बलदाउ पटेल, सी.ए.सी. संकुल केन्द्र बोरी (मूल पद-शिक्षक एल.बी.), मुकेश चतुर्वेदी, शिक्षक (एल.बी.) शास. पूर्व माध्यमिक शाला दनिया एवं  खिलेश्वरी चतुर्वेदी, सहायक शिक्षक शासकीय प्राथमिक शाला फुण्डा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से हर्बल उत्पादों के प्रचार-प्रसार में संलग्न पाए गए।

प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने खिलेश्वरी चतुर्वेदी, सहायक शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही, लोमन वर्मा, व्याख्याता के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु अनुशंसा सहित प्रस्ताव संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय, नवा रायपुर को प्रेषित किया गया है। इसी प्रकार, बलदाउ पटेल एवं मुकेश चतुर्वेदी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु अनुशंसा सहित प्रस्ताव संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग दुर्ग की ओर भेजा गया है।

जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि शासकीय सेवकों का दायित्व विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। सेवा आचरण नियमों के विपरीत इस प्रकार की गतिविधियों को कतई सहन नहीं किया जाएगा। भविष्य में ऐसे कृत्यों में संलग्न पाए जाने वाले शासकीय सेवकों के विरुद्ध और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।


स्टूडेंट्स को धमकाया, शराब पीकर पहुंचे शिक्षक पर गिरी गाज - निलंबित

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 महासमुंद। शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला बम्हनी पिथौरा में पदस्थ व्याख्याता (एलबी) संजय नंद को लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक ने निलंबित कर दिया है।


संजय नंद पर आरोप था कि वे विद्यालय में अनियमित रूप से उपस्थित रहते थे, शराब पीकर कक्षा में आते थे और विद्यार्थियों को डराने-धमकाने का काम करते थे।


शिकायत की जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद संचालक ने उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की।

अनियमित उपस्थिति पर सहायक शिक्षक निलंबित

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रायपुर। जिला शिक्षा अधिकारी ने शासकीय कार्य के प्रति लापरवाही और अनुशासनहीनता बरतने पर गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के प्राथमिक शाला बरझोरकी टोला, विकासखंड मरवाही के सहायक शिक्षक (एल.बी.) सुधीर कुमार राय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

निलंबन आदेश में उल्लेख किया गया है कि विकासखंड शिक्षा अधिकारी मरवाही के पत्र के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। राय पर आरोप था कि वे शाला में अनियमित रूप से उपस्थित रहते थे और अन्य व्यक्ति से अध्यापन कार्य करवाते थे। उनके ठेकेदारी कार्य में संलग्न रहने तथा मीडिया में इस संबंध में समाचार प्रकाशित होने के बाद शाला का निरीक्षण कराया गया। निरीक्षण के दौरान वे शाला में अनुपस्थित पाए गए।

जांच प्रतिवेदन में बच्चों और उपस्थित व्यक्तियों के बयान से आरोप सही पाए गए। पाया गया कि  राय समय पर शाला नहीं आते और नियमित रूप से अनुपस्थित रहते हैं, जो कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 का उल्लंघन है।

निलंबन की अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी गौरेला रहेगा तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।


CG NEWS : प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी एल.पी. पटेल निलंबित

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 नवा रायपुर । छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग ने अनुशासनहीनता और अमर्यादित आचरण को गंभीरता से लेते हुए सारंगढ़-बिलाईगढ़ के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी  एल.पी. पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह निलंबन छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के अंतर्गत किया गया है।


माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा मार्च 2025 में आयोजित हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षाओं के दौरान जिले में कलेक्टर द्वारा गठित उड़नदस्ता दल में पटेल ने बिना अनुमोदन के बदलाव कर दिए थे। इसके अतिरिक्त, उन्होंने तत्कालीन प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी को धमकाने, अभद्र भाषा के प्रयोग और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने जैसे कृत्य किए। उनके इस आचरण पर कलेक्टर, सारंगढ़-बिलाईगढ़ द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिसका उत्तर संतोषजनक नहीं पाया गया।

पटेल का यह व्यवहार छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 का उल्लंघन माना गया है। शासन ने उन्हें निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय कार्यालय, संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग बिलासपुर नियत किया है। जिला शिक्षा अधिकारी, रायगढ़ को सारंगढ़-बिलाईगढ़ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

अधिक शुल्क वसूली का मामला: प्रभारी प्राचार्य तरसियुस तिग्गा निलंबित

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 रायपुर : जिला जशपुर के विकासखंड बगीचा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कुरडेग में पदस्थ प्रभारी प्राचार्य तरसियुस तिग्गा को छात्रों से अनधिकृत रूप से अतिरिक्त शुल्क वसूलने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई कलेक्टर जशपुर की अनुशंसा पर संभागायुक्त नरेन्द्र दुग्गा द्वारा की गई।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, तिग्गा द्वारा कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों से शासन द्वारा निर्धारित शुल्क दर से अधिक शुल्क वसूला गया। इस संबंध में प्राप्त शिकायत पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बगीचा द्वारा जांच कराई गई। जांच प्रतिवेदन में आरोप प्रथम दृष्टया सत्य पाए गए।

जांच में सामने आया कि तिग्गा ने पदीय मर्यादाओं की अवहेलना करते हुए विद्यार्थियों से अतिरिक्त शुल्क लेकर शासन के नियमों का उल्लंघन किया है। यह आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के विपरीत पाया गया।

उक्त कृत्य को दृष्टिगत रखते हुए तरसियुस तिग्गा को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के अंतर्गत निलंबित किया गया है। निलंबन की अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा तथा उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, जशपुर निर्धारित किया गया है।

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