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सुकमा के दूरस्थ नियद नेल्ला नार योजना गांवों तक पहुंचे, कोई पात्र हितग्राही न छूटे : वन मंत्री कश्यप

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रायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने आज सुकमा जिले के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक परिणाम धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए, जिससे प्रत्येक पात्र हितग्राही को योजनाओं का पूर्ण लाभ समय पर मिल सके।

मंत्री कश्यप ने कहा कि शासन की मंशा है कि ग्रामीण अंचलों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने सुकमा के दूरस्थ और अंदरूनी क्षेत्रों में शासकीय योजनाओं के सेचुरेशन (पूर्ण कवरेज) पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही योजना के लाभ से वंचित न रह जाए। मंत्री कश्यप ने कहा कि प्रत्येक विभाग अपने कार्य की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें और योजनाओं की स्थिति का फीडबैक सीधे ग्रामीणों से प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि दूर गांव से अपनी समस्या लेकर आने वाले ग्रामीणों की समस्याओं का उचित निराकरण सुनिश्चित किया जाए। 

बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, एनआरएलएम, स्वच्छ भारत मिशन, लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, खाद्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, जल जीवन मिशन तथा माओवादी पीड़ित और आत्मसमर्पित माओवादी परिवारों के पुनर्वास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री कश्यप ने इन योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन हेतु दिशा-निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक के अंत में जिला पंचायत सीईओ मुकुन्द ठाकुर ने मंत्री कश्यप को मार्गदर्शन और सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

बैठक में महिला आयोग की सदस्य सुश्री दीपिका सोरी, कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव, एसपी किरण चव्हाण, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि धनीराम बारसे, नगर पालिका परिषद सुकमा अध्यक्ष हुंगाराम मरकाम, जिला पंचायत सदस्य कोरसा सन्नू, हुंगाराम मरकाम सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा सभी विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।


निर्माण विभागों के कार्यपालन अभियंताओं को चेतावनी, लंबित निरीक्षण प्रतिवेदनों का जवाब देने 7 दिन की मोहलत

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रायपुर। मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) आर. पुराम ने आज वीडियों कॉन्फ्रेसिंग के जरिए राज्य के निर्माण विभागों के सभी संभागों के कार्यपालन अभियंताओं की बैठक लेकर लंबित निरीक्षण प्रतिवेदनों के निराकरण की अद्यतन स्थिति की गहन समीक्षा की गई। बड़ी संख्या में लंबित निरीक्षण प्रतिवेदन के मद्देनजर उन्होंने सभी कार्यपालन अभियंताओं को इसके निराकरण के लिए एक सप्ताह की मोहलत देते हुए कहा कि इसमें चूक करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई के लिए नामजद प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा जाएगा।

बैठक में पुराम ने 30 जून 2025 की स्थिति में लोक निर्माण विभाग से संबंधित 493, जल संसाधन के 308, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के 203, नगरीय प्रशासन एवं विकास के 11, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क एवं मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के 73, छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड और छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज के 86 लंबित निरीक्षण प्रतिवेदनों की संभागवार समीक्षा की और संबंधित कार्यपालन अभियंताओं को तत्परता से इसका परीक्षण कर उत्तर भिजवाने के निर्देश दिए।

गौरतलब है कि राज्य शासन द्वारा मुख्य तकनीकी परीक्षक के कार्यों के त्रैमासिक प्रगति की समीक्षा की जाती है। संगठन द्वारा स्थल निरीक्षण किये जाने के पश्चात् निरीक्षण प्रतिवेदन जारी किया जाता है, जिसका जवाब संबंधित कार्य विभागों से प्राप्त कर निरीक्षण प्रतिवेदनों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।


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