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नारी शक्ति पर सियासी वार: बिल फेल, PM मोदी ने मांगी माफी और विपक्ष को दी चेतावनी

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 नई दिल्ली। लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के पारित न हो पाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने बिल के गिरने पर देश की माताओं और बहनों से माफी मांगते हुए इसके लिए विपक्षी दलों को जिम्मेदार ठहराया।


प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारे प्रयास के बावजूद यह विधेयक पारित नहीं हो सका। इसके लिए मैं सभी माताओं-बहनों से क्षमाप्रार्थी हूं। देश की नारी शक्ति सब देख रही है।”

विपक्ष पर तीखा हमला

पीएम मोदी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम और समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाया कि उनकी “स्वार्थ की राजनीति” के कारण यह विधेयक पारित नहीं हो पाया।

उन्होंने कहा कि कुछ दलों ने विधेयक गिरने पर खुशी जताई, जो “नारी के स्वाभिमान और आत्मसम्मान पर चोट” है। “नारी सब कुछ भूल सकती है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती,” उन्होंने कहा।

“विपक्ष को सजा मिलेगी”

प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण का विरोध करने वाले दल “नारी शक्ति को हल्के में ले रहे हैं।” उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि “इस पाप की सजा उन्हें जरूर मिलेगी” और जनता उन्हें जवाब देगी।

विधेयक के आंकड़े

महिला आरक्षण से जुड़े 131वें संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता थी। कुल 528 वोटों में से 352 वोट जरूरी थे, लेकिन विधेयक के पक्ष में 298 वोट ही पड़े, जबकि 230 सांसदों ने विरोध किया।

प्रस्ताव की मुख्य बातें

इस विधेयक के तहत 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन के बाद लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 816 करने और 2029 के आम चुनाव से महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने का प्रस्ताव था। इसके साथ ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी महिलाओं को समान आरक्षण देने की योजना थी।

“नारी शक्ति के सपनों को झटका”

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस विधेयक के गिरने से महिलाओं के सपनों को ठेस पहुंची है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार भविष्य में भी महिला सशक्तिकरण के लिए प्रयास जारी रखेगी।

उन्होंने कहा, “यह कानून किसी से कुछ छीनने के लिए नहीं, बल्कि सभी को अवसर देने के लिए था। हमारा संकल्प अडिग है और हम नारी शक्ति को उनका अधिकार दिलाने के लिए लगातार प्रयास करते रहेंगे।”

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