Media24Media.com: #नक्सल उन्मूलन अभियान

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बीजापुर में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई, 65 लाख नकद समेत भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद

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 Bijapur जिले में चलाए जा रहे विशेष नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। बीजापुर पुलिस, डीआरजी, एसटीएफ, कोबरा और Central Reserve Police Force की संयुक्त कार्रवाई में माओवादियों के पुराने ठिकानों और डंप से भारी मात्रा में नकदी, हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है।


पुलिस अधीक्षक डॉ. Jitendra Kumar Yadav ने बताया कि हालिया कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने 65 लाख 52 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके साथ ही एलएमजी, एसएलआर, कार्बाइन, .303 और .315 रायफल समेत कुल 32 हथियार और बड़ी मात्रा में जिंदा कारतूस जब्त किए गए हैं।

एक महीने से चल रहा था सघन अभियान

पुलिस के अनुसार बीजापुर के अतिसंवेदनशील और दुर्गम इलाकों में पिछले एक महीने से लगातार सर्चिंग और एरिया डोमिनेशन अभियान चलाया जा रहा था। ग्रामीणों के सहयोग, आत्मसमर्पित माओवादी कैडरों से पूछताछ और मजबूत खुफिया तंत्र के आधार पर जंगलों में छिपाए गए नक्सली डंप का पता लगाया गया।

संयुक्त बलों ने पामेड़ थाना क्षेत्र के कवरगुट्टा जंगल और नेशनल पार्क इलाके में छिपाकर रखे गए करीब 140 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट और यूरिया को सुरक्षा मानकों के तहत नष्ट भी किया।

बरामद हथियार और गोला-बारूद

बरामद सामग्री में प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • 1 एलएमजी रायफल
  • 4 एसएलआर रायफल
  • 1 कार्बाइन रायफल
  • 5 .303 रायफल
  • 1 .315 रायफल
  • 7 बीजीएल लॉन्चर
  • 1 पिस्टल
  • 33 AK-47 कारतूस
  • 219 एसएलआर कारतूस
  • 181 .303 कारतूस
  • 118 .315 कारतूस
  • 84 बीजीएल सेल

इसके अलावा आईईडी निर्माण से जुड़े उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक सामग्री और दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी बरामद की गई हैं।

अब तक 20 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त

पुलिस के मुताबिक वर्ष 2024 से अब तक जिले में चलाए गए अभियानों के दौरान 517 हथियार, 1092 आईईडी और करीब 20 करोड़ 8 लाख 52 हजार रुपये की संपत्ति बरामद की जा चुकी है। इसमें 7 करोड़ 28 लाख 52 हजार रुपये नकद और लगभग 8.20 किलोग्राम सोना शामिल है, जिसकी अनुमानित कीमत 12.80 करोड़ रुपये बताई गई है।

इसी अवधि में संयुक्त अभियानों के दौरान 234 माओवादी मारे गए, 1192 गिरफ्तार किए गए, जबकि 1003 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर पुनर्वास का रास्ता अपनाया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लगातार चल रही कार्रवाइयों से नक्सलियों की हथियार आपूर्ति, लॉजिस्टिक नेटवर्क और आईईडी निर्माण क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा है। जिला बीजापुर को नक्सलमुक्त बनाने के लक्ष्य के तहत आगे भी इसी तरह के अभियान जारी रहेंगे।

 
 
 

नक्सल उन्मूलन अभियान को मजबूती, 5 इनामी नक्सली एसपी कार्यालय में हुए सरेंडर

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 कांकेर। जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत आत्मसमर्पण का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है, जहां 5 हथियारबंद इनामी नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है।


जानकारी के अनुसार, उइकाटोला के जंगलों से निकलकर ये नक्सली कांकेर एसपी कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने औपचारिक रूप से सरेंडर किया। आत्मसमर्पण करने वालों में एसीएम मंगेश, एसीएम गणेश उइका, एसीएम राजे, एसीएम हिड़मे उर्फ जमाली और एसीएम मंगती शामिल हैं।

बताया जा रहा है कि ये सभी नक्सली अपने साथ एक एसएलआर और दो .303 राइफल जैसे हथियार भी लेकर पहुंचे थे, जिन्हें पुलिस के समक्ष जमा कराया गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन पांचों नक्सलियों के आत्मसमर्पण से कांकेर जिले के मोहला-अवन्धी संयुक्त एरिया कमेटी क्षेत्र में नक्सल प्रभाव कम करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

17 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण, पुलिस ने दिए प्रोत्साहन के चेक

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 नारायणपुर। नक्सल उन्मूलन अभियान और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की सक्रियता के बीच नारायणपुर जिले की लंका और डूंगा पंचायत में 17 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वालों में जनताना सरकार के सदस्य, पंचायत मिलिसिया डिप्टी कमांडर और न्याय शाखा अध्यक्ष सहित अन्य छोटे ओहदे वाले माओवादी शामिल हैं।


जानकारी के अनुसार, ये माओवादी हथियार और सामग्रियों का परिवहन, आईईडी लगाने और फोर्स मूवमेंट की सूचना देने जैसे महत्वपूर्ण कार्य करते थे। इन्हें नक्सलियों के लिए “स्लीपर सेल” का दर्जा भी दिया जा सकता था।

प्रोत्साहन और सुविधाएँ:

नारायणपुर पुलिस अधीक्षक (IPS) रोबिनसन गुड़िया ने सभी आत्मसमर्पित माओवादी को 50-50 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि के चेक प्रदान किए। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल उन्मूलन नीति के तहत इन्हें सभी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी।

IPS रोबिनसन गुड़िया ने कहा, “अबूझमाड़ के दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले मूल निवासियों को माओवादी विचारधारा से बचाना और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना हमारा मुख्य उद्देश्य है। सभी माओवादी संगठनों से अपील है कि वे हथियार और हिंसात्मक गतिविधियों का पूरी तरह त्याग कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ें।”

पुलिस महानिरीक्षक IPS सुन्दरराज पी. ने बताया कि वर्ष 2025 में माओवादी नेतृत्व को सुरक्षा बलों द्वारा भारी क्षति पहुंचाई गई है और अब उनके पास आत्मसमर्पण के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।

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