Media24Media.com: #जैव विविधता

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #जैव विविधता. Show all posts
Showing posts with label #जैव विविधता. Show all posts

पर्यटन विकास के लिए जीपीएम जिले को सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार

No comments Document Thumbnail

रायपुर। नैसर्गिक सुंदरता और जैव विविधता से परिपूर्ण गौरेला-पेंड्रा- मरवाही जिले ने पर्यटन संरक्षण और विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। जिले को ‘इको-टूरिज्म साइट 2025’ का राज्य स्तरीय सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार प्रदान किया गया है। यह सम्मान विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय पुरस्कार समारोह में पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल एवं पर्यटन मंडल की अध्यक्ष नीलू शर्मा द्वारा कलेक्टर लीना मंडावी को प्रदान किया गया।

यह पुरस्कार जिले की सबसे ऊँची पर्वत चोटी राजमेरगढ़ पर्यटन क्षेत्र में पर्यावरणीय पर्यटन विकास के लिए किए गए उत्कृष्ट प्रयासों की सराहना स्वरूप दिया गया है। राजमेरगढ़ अपनी प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध जैव विविधता और सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है और अब प्रदेश के ईको-टूरिज्म मानचित्र पर विशेष स्थान बना चुका है।

कलेक्टर लीना मंडावी ने कहा कि यह सम्मान जिले के नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों और प्रशासनिक टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। राजमेरगढ़ को एक मॉडल ईको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करना अब हकीकत की ओर बढ़ रहा है। इस उपलब्धि को लेकर जिले में खुशी का माहौल है। पर्यटन मंत्री एवं कलेक्टर ने जिलेवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि सतत् और जिम्मेदार पर्यटन से आर्थिक, सामाजिक एवं पर्यावरणीय समृद्धि के नए आयाम स्थापित होंगे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आह्वान - 'वेटलैण्ड मित्र' बनें, जैविक विरासत को बचाएं

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : जैव विविधता एवं आर्द्रभूमियों (वेटलैण्ड्स) के संरक्षण के उद्देश्य से आज नवा रायपुर स्थित दण्डकारण्य अरण्य भवन में एक उच्चस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, उपमुख्यमंत्रीद्वय अरुण साव एवं विजय शर्मा सहित कैबिनेट के सभी मंत्री एवं विधायकगण उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना केवल आधारभूत ढांचे के विकास से नहीं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और जैविक विविधता की रक्षा से ही पूर्ण होती है। उन्होंने आह्वान किया कि हर जनप्रतिनिधि व नागरिक जैव विविधता एवं वेटलैण्ड संरक्षण के लिए व्यक्तिगत दायित्व समझें और 'वेटलैण्ड मित्र' बनकर इस अभियान को जनांदोलन में परिवर्तित करें।

कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि जैव विविधता और वेटलैण्ड्स का संरक्षण केवल पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, बल्कि यह हमारी भावी पीढ़ियों की सुरक्षा का सवाल भी है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से जैव विविधता के संरक्षण में भागीदारी सुनिश्चित करने और “वेटलैण्ड मित्र” बनकर जनजागरण फैलाने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ जैव विविधता बोर्ड के अध्यक्ष राकेश चतुर्वेदी ने व्यापक प्रस्तुति दी। उन्होंने 1992 के अर्थ सम्मिट, जैव विविधता अधिनियम 2002, राष्ट्रीय जैव विविधता बोर्ड की भूमिका और जैव विविधता प्रबंधन समितियों की संरचना एवं कार्यों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ देश का तीसरा राज्य है, जहां जैव विविधता प्रबंधन समितियाँ प्रभावी रूप से कार्य कर रही हैं।

आर्द्रभूमि संरक्षण के संदर्भ में प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण कुमार पाण्डेय ने बताया कि वेटलैण्ड्स पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण की कार्यप्रणाली और जिला स्तरीय आर्द्रभूमि संरक्षण समितियों के गठन की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि इन समितियों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर वेटलैण्ड्स की निगरानी एवं संरक्षण को मजबूती मिल रही है।

कार्यक्रम में यह जानकारी दी गई कि राज्य का गिधवा-परसदा पक्षी अभ्यारण्य अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित रामसर साइट बनने की पात्रता रखता है। इसके अतिरिक्त, बलौदाबाजार जिले के खोखरा ग्राम को छत्तीसगढ़ की पहली रामसर साइट के रूप में सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया प्रगति पर है।

कार्यशाला के अंत में सभी जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से “वेटलैण्ड मित्र” के रूप में जुड़कर जैव विविधता और आर्द्रभूमियों के संरक्षण हेतु सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई। यह भागीदारी राज्य में पर्यावरणीय चेतना को जनआंदोलन का रूप देने में सहायक होगी।

इस अवसर पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव (वन) ऋचा शर्मा, छत्तीसगढ़ वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव, जैव विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव राजेश कुमार चंदेले सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित थे।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.