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जस्टिस महापात्र ने संभाली छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की कमान, बने 16वें मुख्य न्यायाधीश

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रायपुर :  राज्यपाल रमेन डेका ने न्यायाधिपति  कृष्न राम महापात्र  (Krushna Ram Mohapatra) को आज लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ दिलाई। इसके पूर्व  कृष्न राम महापात्र उड़ीसा हाईकोर्ट के वरिष्ठ जज के पद पर कार्यरत थे। राज्यपाल डेका ने मुख्य न्यायाधीश  कृष्न राम महापात्र को राष्ट्रपति द्वारा जारी मूल वारंट की प्रति सौंपी। राज्यपाल ने मुख्य न्यायाधीश  महापात्र को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। 


इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा, स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री  तोखन साहू, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व राज्यपाल  रमेश बैस, राज्य सभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक  सुनील सोनी,  अनुज शर्मा एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।


समारोह में मुख्य न्यायाधीश  महापात्र की धर्मपत्नी अनिता महापात्र सहित छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधीशगण उपस्थित थे। शपथ ग्रहण समारोह का संचालन प्रदेश के मुख्य सचिव विकास शील द्वारा किया गया तथा उन्होंने राष्ट्रपति द्वारा जारी वारंट का वाचन किया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव  सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव गृह विभाग निहारिका बारिक, पुलिस महानिदेशक  अरूण देव गौतम, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, महाधिवक्ता  विवेक शर्मा, उच्च न्यायालय बिलासपुर के रजिस्ट्रार जनरल  रजनीश श्रीवास्तव सहित राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारीगण एवं हाईकोर्ट के अधिवक्तागण उपस्थित थे। 

उल्लेखनीय है कि  महापात्र छत्तीसगढ़ के 16 वें मुख्य न्यायाधीश होंगे।

पूर्व डिप्टी CM प्यारेलाल कंवर परिवार हत्याकांड में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 2 की उम्रकैद बरकरार, 3 बरी

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 रायपुर/बिलासपुर। चर्चित ट्रिपल मर्डर केस में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है, जबकि तीन आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। यह मामला अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री प्यारेलाल कंवर के परिवार से जुड़ा है।


करीब पांच साल बाद आए इस फैसले में हाईकोर्ट ने निचली अदालत के निर्णय में आंशिक संशोधन किया। इससे पहले ट्रायल कोर्ट ने सभी पांच आरोपियों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हालांकि, साक्ष्यों के पुनर्मूल्यांकन के बाद हाईकोर्ट ने हरभजन सिंह कंवर, उसकी पत्नी धनकुंवर और सुरेंद्र कुमार कंवर को दोषमुक्त कर दिया। वहीं परमेश्वर और रामप्रसाद की सजा को यथावत रखा गया है।

जमीन विवाद से जुड़ा था मामला

यह सनसनीखेज वारदात वर्ष 2021 में कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र स्थित भैंसा गांव में हुई थी। जमीन विवाद के चलते परिवार के भीतर ही खूनी साजिश रची गई थी। आरोपियों ने घर में घुसकर प्यारेलाल कंवर के छोटे बेटे हरीश कंवर, उनकी पत्नी और चार वर्षीय बेटी की धारदार हथियार से हत्या कर दी थी। हमले में तीनों के सिर, गर्दन और चेहरे पर ताबड़तोड़ वार किए गए थे।

जांच में सामने आई पारिवारिक रंजिश

घटना के बाद पुलिस जांच में पारिवारिक रंजिश का खुलासा हुआ। आरोपियों में मृतक का बड़ा भाई, अन्य रिश्तेदार और उनके सहयोगी शामिल पाए गए। पुलिस ने एक महिला समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने सभी को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जिसके खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की गई थी।

कौन थे प्यारेलाल कंवर

प्यारेलाल कंवर अविभाजित मध्यप्रदेश के प्रमुख आदिवासी नेताओं में गिने जाते थे। उन्होंने लंबे समय तक रामपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और वर्ष 1997-98 में तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के कार्यकाल में उपमुख्यमंत्री पद संभाला था। उनके बेटे हरीश कंवर को क्षेत्र में उनका राजनीतिक उत्तराधिकारी माना जाता था।

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