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नगरीय निकायों में जनहित कार्यों को प्राथमिकता दें: मंत्री गजेन्द्र यादव

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रायपुर, प्रदेश के स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव ने लोक निर्माण विभाग कार्यालय दुर्ग में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि नगरीय निकायों में सार्वजनिक महत्व के कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की टेंडर स्वीकृति के बाद विभागीय समन्वय स्थापित कर त्वरित गति से कार्य पूर्ण किए जाएं। बैठक में अहिवारा के विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन, जिला पंचायत अध्यक्ष\ सरस्वती बंजारे, कलेक्टर अभिजीत सिंह और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मंत्री यादव ने बताया कि रीपा केन्द्रों के माध्यम से ग्रामोद्योग विभाग द्वारा लघु उद्योग स्थापित किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इसी प्रकार गौठानों को गौधाम का स्वरूप देकर पशुपालन को बढ़ावा दिया जाएगा और पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने धान उपार्जन केन्द्रों में आवश्यक मरम्मत और निर्माण कार्य तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि हितग्राही मूलक योजनाओं का लाभ वितरण कार्यक्रम जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में आयोजित किया जाए, ताकि योजनाओं का लाभ पारदर्शी और प्रभावी ढंग से मिल सके।

नगरीय निकायों के विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री यादव ने भिलाई नगर निगम में कचरा निष्पादन हेतु तय एजेंसी, दुर्ग में अपशिष्ट प्रबंधन के लिए जेवरा सिरसा की मुरूम खदान का चयन और विभिन्न सड़क व बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने इंदिरा मार्केट में मल्टी लेवल पार्किंग, साइंस कॉलेज रोड, नालंदा परिसर और अन्य सड़कों के निर्माण कार्यों को शीघ्र गति देने के निर्देश दिए।

शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र पर विशेष जोर देते हुए मंत्री यादव ने प्रत्येक नगर निगम में एक मॉडल स्कूल की स्थापना तथा ग्रंथालयों के उन्नयन की बात कही। नालंदा परिसर को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु बेहतर रूप से विकसित किया जाएगा। वहीं, जिला अस्पताल और अन्य शासकीय चिकित्सालयों में जन औषधि की उपलब्धता सुनिश्चित कराने, साथ ही जिला अस्पताल में विभिन्न पदों भर्ती प्रक्रिया कलेक्टर के अनुमोदन से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

वन और पर्यावरण संरक्षण को लेकर मंत्री यादव ने रूआबांधा एवं देवधर मानव निर्मित वन के संबंध में बीएसपी द्वारा एनओसी न देने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने बीएसपी से सीएसआर मद में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और ग्रामीण विकास के लिए किए गए कार्यों का ब्यौरा प्रस्तुत करने को कहा। इसके अलावा, जल संसाधन विभाग को तांदुला नहर से बेमेतरा-बेरला क्षेत्र तक सिंचाई जल पहुंचाने हेतु आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए।

अंत में मंत्री यादव ने कहा कि नगरीय निकायों से लेकर गांवों तक ऐसे सभी कार्य चिन्हित कराए जाएं जिनका सीधा लाभ जनता को मिले। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी ढांचा विकास है और इन सभी क्षेत्रों में योजनाओं की रफ्तार तेज की जाएगी।


बीटीआई ग्राउण्ड शंकर नगर में लगी ग्रामोद्योग प्रदर्शनी को मिल रहा शानदार प्रतिसाद

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रायपुर-  शंकर नगर स्थित बीटीआई ग्राउंड में लगी ग्रामोद्योग प्रदर्शनी को लोगों का उत्साहजनक प्रतिसाद मिल रहा है। प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के उत्कृष्ट बुनकरों, हस्तशिल्पियों, माटी शिल्पियों द्वारा निर्मित उत्पाद जैसे कोसा और काटन की साड़ियां, बेडशीट, ड्रेस मटेरियल, सूट, कॉटन बैग, कोसा शाल, जैकेट, बेलमेटल, काष्ठ-बॉस शिल्प, लौहशिल्प सामग्रियों को खरीदने के लिए प्रतिदिन लोग बड़ी संख्या में यहां पहुंच रहे हैं। हस्तशिल्प और सजावटी सामग्रियां लोगों के आकर्षण का केन्द्र बनी है। घरों सजावट के लिए लोग इन्हें खरीद रहे हैं। 

यहां यह उल्लेखनीय है कि ग्रामोद्योग की यह प्रदर्शनी 7 अगस्त राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस के अवसर पर शुरू हुई थी, जो 31 अगस्त तक चलेगी। हाथकरघा विभाग की ओर से इस प्रदर्शनी में विक्रय हेतु उपलब्ध सामग्रियों पर अधिकतम 60 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। प्रदर्शनी में राज्य के बुनकरों एवं शिल्पकारों द्वारा तैयार विविध उत्पाद प्रदर्शन एवं विक्रय हेतु उपलब्ध कराए गए हैं। 

ग्रामोद्योग विभाग के सचिव सह-संचालक श्याम धावड़े ने बताया कि प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंचकर अपने पसंद के परिधान और वस्त्रों के साथ-साथ हस्तशिल्प सामग्रियों की खरीदी कर रही हैं। यहां गोदना शिल्प, शीसल शिल्प और हाथकरघा वस्त्रों में कोसा सिल्क, टसर सिल्क, कॉटन के ड्रेस मटेरियल, साडिय़ां, टुपट्टे, चादर, बेडशीट तथा खादी वस्त्रों और ग्रामोद्योग द्वारा निर्मित सामग्रियां ने लोगों को आकर्षित किया है। त्योहारों के सीजन में भारी छूट के साथ यह प्रदर्शनी लोगों के लिए एक सौगात है। छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विपणन संघ के सचिव श्री एम.एम. जोशी ने बताया कि ग्रामोद्योग के उत्पादों की प्रदर्शनी में खूब बिक्री हो रही है। लोग यहां लगाए गए विभिन्न स्टॉलों में पहुंचकर किफायती दरों में मिलने वाले पारंपरिक वस्त्र और हस्तशिल्प और सजावटी सामग्रियों को खरीद रहे हैं।


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