Media24Media.com: #अमेरिका और ईरान

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #अमेरिका और ईरान. Show all posts
Showing posts with label #अमेरिका और ईरान. Show all posts

डील नहीं, अब जंग के संकेत? बहरीन-कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर ईरानी हमला

No comments Document Thumbnail

 वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। शांति समझौते की संभावनाओं के बीच बुधवार को ईरान ने कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए ड्रोन और मिसाइल हमले किए। इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के केशम द्वीप समेत कई रणनीतिक ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की।


अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ईरान द्वारा दागी गई अधिकांश मिसाइलें अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकीं या रास्ते में ही नष्ट कर दी गईं। वहीं बहरीन की ओर दागी गई तीन मिसाइलों को अमेरिका और बहरीन की संयुक्त वायु रक्षा प्रणाली ने सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर लिया।

CENTCOM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा अमेरिकी 5वीं फ्लीट के मुख्यालय और क्षेत्र में स्थित एयरबेस पर हमले के दावे किए गए हैं, लेकिन अमेरिकी सेना पर किया गया कोई भी हमला सफल नहीं रहा। अमेरिकी सेना पूरी तरह सतर्क है और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयार है।

हमलों के बाद कुवैत में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। देश के कई हिस्सों में अलार्म बजाए गए और नागरिकों को सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई। कुवैती सेना ने एक्स पर जारी संदेश में कहा कि वायु रक्षा प्रणाली मिसाइल और ड्रोन हमलों को निष्क्रिय करने में जुटी हुई है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करें।

क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब अमेरिका और ईरान की अगली रणनीति पर टिकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द नहीं संभले तो यह टकराव पूरे पश्चिम एशिया में व्यापक अस्थिरता का कारण बन सकता है।

चीन को डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी: ईरान को हथियार भेजे तो होंगे गंभीर नतीजे

No comments Document Thumbnail

 वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि वह ईरान को हथियारों की आपूर्ति करता है, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। ट्रंप ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि अमेरिका इस मुद्दे को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देख रहा है।


ट्रंप ने कहा कि वर्तमान में अमेरिका और ईरान के बीच गहन वार्ता चल रही है, लेकिन किसी भी समझौते से अधिक महत्वपूर्ण अमेरिका की सुरक्षा है। उन्होंने दो टूक कहा, “चाहे कुछ भी हो, जीत अमेरिका की ही होगी।”

इस बीच, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री गतिविधियों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। अमेरिकी सूत्रों के अनुसार, ईरान द्वारा समुद्र में माइंस (बारूदी सुरंगें) बिछाए जाने की आशंका के चलते अमेरिकी माइन-स्वीपर जहाजों की तैनाती की गई है। वहीं, ईरान का दावा है कि वह इस क्षेत्र से किसी भी सैन्य जहाज को गुजरने नहीं दे रहा है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने चीन को “रेड सिग्नल” देते हुए कहा कि अगर चीन ईरान को हथियार भेजता है, तो उसे “बड़ी समस्याओं” का सामना करना पड़ेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और युद्धविराम भी अस्थिर नजर आ रहा है।

अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि चीन, ईरान को कंधे से दागे जाने वाले एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम (MANPADS) या उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम उपलब्ध करा सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल ही में अमेरिकी लड़ाकू विमान F-15E Strike Eagle और ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर को निशाना बनाने में ऐसे हथियारों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है।

हालांकि, चीन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। वॉशिंगटन स्थित चीनी दूतावास ने बयान जारी कर कहा कि चीन ने इस संघर्ष में किसी भी पक्ष को हथियार नहीं दिए हैं और अमेरिका से “बेबुनियाद आरोपों से बचने” की अपील की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि चीन वास्तव में ईरान को हथियार भेजता है, तो इससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है और इसका असर वैश्विक कूटनीतिक समीकरणों पर भी पड़ेगा। इसके अलावा, अगले महीने प्रस्तावित ट्रंप के चीन दौरे और उनकी शी जिनपिंग से होने वाली मुलाकात पर भी इसका असर पड़ सकता है।

“You’re Fired!” ईरान ने ट्रंप का उड़ाया मजाक, पूछा- क्या खुद से ही बात कर रहे हैं?

No comments Document Thumbnail

 तेहरान/वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान की सेना के शीर्ष प्रवक्ता ने एक बार फिर Donald Trump पर तीखा हमला बोला है। Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) से जुड़े खातम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल Ebrahim Zolfaghari ने ट्रंप का मजाक उड़ाते हुए कहा—“हे ट्रंप, तुम्हें फायर किया जाता है… तुम इस वाक्य से परिचित होगे।”


यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद युद्धविराम की चर्चाएं तेज हैं। ईरानी प्रवक्ता ने अमेरिकी दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या ट्रंप खुद से ही बातचीत कर रहे हैं।

रणनीतिक ताकत बनी ‘विफलता’

Ebrahim Zolfaghari ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि जिस “रणनीतिक शक्ति” की बात अमेरिका करता रहा, वह अब “रणनीतिक विफलता” में बदल चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका अपने खोखले वादों के सहारे वैश्विक महाशक्ति बनने का दावा करता है, जबकि हकीकत इससे अलग है।

उन्होंने कहा,

“अगर अमेरिका सच में इतना ताकतवर होता, तो अब तक इस संकट से बाहर निकल चुका होता। अपनी हार को समझौते का नाम मत दो—तुम्हारा खोखले वादों का युग खत्म हो चुका है।”

वार्ता पर भी उठाए सवाल

ईरानी प्रवक्ता ने कथित तौर पर पाकिस्तान के जरिए भेजी गई 15 सूत्रीय युद्धविराम योजना पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि ईरान का रुख पहले दिन से साफ है और आगे भी रहेगा—
“हम जैसे लोग आप जैसे लोगों के साथ कभी समझौता नहीं करेंगे।”

होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ा तनाव

इससे पहले भी Ebrahim Zolfaghari ने Strait of Hormuz को लेकर ट्रंप पर कटाक्ष किया था। बढ़ते तनाव के बीच उन्होंने अंग्रेजी में “You’re Fired” कहकर ट्रंप का मजाक उड़ाया, जो उनके रियलिटी शो दौर की मशहूर लाइन रही है।

बढ़ती बयानबाजी से तनाव गहरा

ईरान और अमेरिका के बीच इस तरह की तीखी बयानबाजी से संकेत मिल रहे हैं कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक टकराव और गहराता जा रहा है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्धविराम की कोशिशें जारी हैं, लेकिन जमीनी हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं।

होर्मुज बना जंग का मैदान! ट्रंप का दावा– ईरानी नेवी की 10 से ज्यादा बोट्स तबाह

No comments Document Thumbnail

 Strait of Hormuz Crisis : अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि Strait of Hormuz में सुरंगें (माइन्स) बिछाई गईं तो अमेरिका इसका “करारा जवाब” देगा। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई में ईरानी नेवी की माइन्स बिछाने वाली 10 से अधिक नौकाएं नष्ट कर दी गई हैं।


समुद्र तक पहुंची जंग

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का बुधवार को 12वां दिन है। Israel और United States द्वारा Iran के अंदर एयर स्ट्राइक किए जाने के बाद ईरान ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से जवाब दे रहा है। अब यह संघर्ष समुद्र तक पहुंच गया है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक वीडियो जारी कर दावा किया कि उसने ईरान की उन नौकाओं पर हमला किया जो समुद्र में माइन्स बिछाने की तैयारी कर रही थीं। अमेरिका का कहना है कि इस कार्रवाई से होर्मुज में ईरानी नौसैनिक गतिविधियों को बड़ा झटका लगा है।

ईरान की चेतावनी

वहीं ईरान के एक सैन्य कमांडर ने दावा किया कि होर्मुज में माइन्स बिछाने की तैयारी शुरू हो चुकी है और “दुश्मन देशों के जहाजों को यहां से गुजरने नहीं दिया जाएगा।”

रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के पास करीब 6000 समुद्री माइन्स होने की बात कही जा रही है। इनमें कुछ ऐसे एडवांस माइन्स भी बताए जा रहे हैं जो सेंसर से सक्रिय होते हैं और उन्हें ढूंढना बेहद मुश्किल होता है।

ट्रंप की सख्त चेतावनी

Donald Trump ने कहा कि ईरान को तुरंत माइन्स हटानी चाहिए, वरना उसे “खतरनाक अंजाम” भुगतना पड़ सकता है।

दुनिया पर पड़ सकता है असर

Strait of Hormuz दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है। यहां से लगभग 20% वैश्विक तेल आपूर्ति गुजरती है। अगर यहां तनाव बढ़ता है या यह मार्ग बंद होता है तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था, तेल कीमतों और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.