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रायगढ़, बालोद और महासमुंद में संशोधित गाइडलाइन दरें 20 फरवरी से लागू

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रायपुर। प्रदेश में 20 नवम्बर 2025 से लागू नवीन गाइडलाइन दरों के तहत आवश्यकतानुसार पुनरीक्षण की प्रक्रिया जारी है। राज्य शासन द्वारा जिला मूल्यांकन समितियों को निर्देश दिए गए थे कि स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप संशोधन प्रस्ताव केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजे जा रहे हैं।

इसी क्रम में रायगढ़, बालोद और महासमुंद जिलों की जिला मूल्यांकन समितियों से संशोधित प्रस्ताव प्राप्त हुए। इन प्रस्तावों पर विचार के लिए महानिरीक्षक पंजीयन की अध्यक्षता में केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित जिलों से प्राप्त गाइडलाइन दरों के प्रस्तावों का विस्तृत परीक्षण किया गया तथा समग्र विचार-विमर्श के उपरांत रायगढ़, बालोद और महासमुंद जिलों के संशोधित प्रस्तावों को अनुमोदन प्रदान किया गया।

केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा अनुमोदित नई गाइडलाइन दरें रायगढ़, बालोद और महासमुंद जिलों में 20 फरवरी 2026 से प्रभावशील होंगी। आम नागरिक, संपत्ति क्रेता-विक्रेता तथा अन्य संबंधित हितधारक नवीन दरों की जानकारी संबंधित जिला पंजीयन कार्यालयों एवं विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं।

राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि शेष जिलों की जिला मूल्यांकन समितियों से प्राप्त संशोधित प्रस्तावों पर भी शीघ्र कार्रवाई करते हुए क्रमशः नई गाइडलाइन दरें जारी की जाएंगी। यह कदम प्रदेश में संपत्ति मूल्यांकन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तार्किक और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

छत्तीसगढ़ कैबिनेट की बैठक : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में लिए गए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय -

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां सिविल लाईन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए - 

मंत्रिपरिषद ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के विरुद्ध पंजीबद्ध आपराधिक प्रकरणों के निराकरण/वापसी संबंधी प्रक्रिया को अनुमोदित किया है। 

मंत्रिपरिषद ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के विरुद्ध दर्ज प्रकरणों की समीक्षा एवं परीक्षण के लिए, जिन्हें न्यायालय से वापस लिया जाना है, मंत्रिपरिषद उप समिति के गठन को स्वीकृति दी है। यह समिति परीक्षण उपरांत प्रकरणों को मंत्रिपरिषद के समक्ष प्रस्तुत करेगी। यह निर्णय छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत पुनर्वास नीति-2025 के प्रावधानों के अनुरूप है, जिसके अंतर्गत आत्मसमर्पित नक्सलियों के अच्छे आचरण तथा नक्सलवाद उन्मूलन में दिए गए योगदान को ध्यान में रखकर उनके विरुद्ध दर्ज प्रकरणों के निराकरण पर विचार का प्रावधान है।

आत्मसमर्पित नक्सलियों के प्रकरण वापसी की प्रक्रिया के लिए जिला स्तरीय समिति के गठन का प्रावधान किया गया है। यह समिति आत्मसमर्पित नक्सली के अपराधिक प्रकरणों की वापसी के लिए रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को प्रस्तुत करेगी। पुलिस मुख्यालय अभिमत सहित प्रस्ताव भेजेगा। शासन द्वारा विधि विभाग का अभिमत प्राप्त कर मामलों को मंत्रिपरिषद उप समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। उपसमिति द्वारा अनुशंसित प्रकरणों को अंतिम अनुमोदन हेतु मंत्रिपरिषद के समक्ष रखा जाएगा। केंद्रीय अधिनियम अथवा केंद्र सरकार से संबंधित प्रकरणों के लिए भारत सरकार से आवश्यक अनुज्ञा प्राप्त की जाएगी। अन्य प्रकरणों को न्यायालय में लोक अभियोजन अधिकारी के माध्यम से वापसी की प्रक्रिया हेतु जिला दण्डाधिकारी को प्रेषित किया जाएगा

मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के विभिन्न कानूनों को समयानुकूल और नागरिकों के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से 14 अधिनियमों में संशोधन हेतु छत्तीसगढ़ जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) (द्वितीय) विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। 

उल्लेखनीय है कि कई अधिनियमों में उल्लंघन पर जुर्माना या कारावास के प्रावधान होने से न्यायिक प्रक्रिया लंबी हो जाती है, जिससे आम नागरिक और व्यवसाय दोनों अनावश्यक रूप से प्रभावित होते हैं। ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस और ईज ऑफ लिविंग को बढ़ावा देने के लिए इन प्रावधानों का सरलीकरण आवश्यक है। इससे पहले, राज्य सरकार द्वारा 8 अधिनियमों के 163 प्रावधानों में संशोधन करते हुए छत्तीसगढ़ जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम, 2025 अधिसूचित किया गया है। अब 11 विभागों के 14 अधिनियमों के 116 प्रावधानों को भी सरल और अधिक प्रभावी बनाने के लिए यह विधेयक लाया जाएगा। 

इस विधेयक में छोटे उल्लंघनों के लिए प्रशासकीय शास्ति का प्रावधान रखा गया है, जिससे मामलों का त्वरित निपटारा होगा, न्यायालयों का बोझ कम होगा और नागरिकों को तेजी से राहत मिल सकेगी। साथ ही, कई अधिनियमों में दंड राशि लंबे समय से अपरिवर्तित होने के कारण प्रभावी कार्यवाही बाधित होती थी, इस विधेयक से वह कमी भी दूर होगी। इन संशोधनों से सुशासन को बढ़ावा मिलेगा।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां जन विश्वास विधेयक का द्वितीय संस्करण लाया जा रहा है। 

मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रथम अनुपूरक अनुमान वर्ष 2025-2026 का विधानसभा में उपस्थापन बावत् छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक, 2025 का अनुमोदन किया गया। 

रेलवे स्टेशन से एयरपोर्ट तक सुगम यातायात की कवायद, बनेगा करीब डेढ़ किमी लंबा फोरलेन फ्लाईओवर, शहर का ट्रैफिक होगा स्मूथ

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रायपुर। उप मुख्यमंत्री, लोक निर्माण तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव की पहल पर राजधानी रायपुर के यातायात को व्यवस्थित करने तथा रेलवे स्टेशन से एयरपोर्ट तक सुगम यातायात के लिए शहर के बीच कई फ्लाईओवर्स की कार्ययोजना को धरातल पर उतारा जा रहा है। उप मुख्यमंत्री साव के अनुमोदन के बाद लोक निर्माण विभाग ने आज जी.ई. रोड पर बहुप्रतीक्षित गुरू तेगबहादुर उद्यान से तेलीबांधा में नेताजी सुभाष चौक से गुरूनानक चौक तक फ्लाईओवर के लिए 173 करोड़ रुपए की स्वीकृति दे दी है। इसके निर्माण से गुरू तेगबहादुर उद्यान से नेताजी सुभाष चौक से गुरूनानक चौक तक जी.ई. रोड पर शहर का यातायात सुगम हो जाएगा। इससे लोगों को काफी राहत मिलेगी। 

रायपुर शहर के यातायात को व्यवस्थित करने चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में इस फ्लाईओवर के निर्माण को शामिल किया गया था। करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे इस फोरलेन (16.61 मीटर चौड़ा) फ्लाईओवर के निर्माण से शंकर नगर चौक, केनाल रोड क्रासिंग व गुरूनानक चौक में यातायात की समस्या से निजात मिलेगी। इस फ्लाईओवर से नगर घड़ी चौक से यातायात सीधे तेलीबांधा थाने तक पहुंच जाएगी तथा नगर घड़ी चौक का ट्रैफिक तेलीबांधा चौक से पहले बांयी ओर मुड़कर अटल एक्सप्रेस-वे से सीधे एयरपोर्ट तक पहुंच जाएगा। 

एक्सप्रेस-वे के फुंडहर चौक में भी फ्लाईओवर प्रस्तावित है। फुंडहर चौक से आगे अटल एक्सप्रेस-वे को व्ही.आई.पी. रोड (एयरपोर्ट रोड) से जोड़ने के लिए राज्य शासन द्वारा पहले ही फ्लाईओव्हर निर्माण की स्वीकृति दी जा चुकी है। इसका निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के लिए कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने पी.टी.एस. चौक में फ्लाईओवर निर्माण का प्रस्ताव आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में शामिल करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए हैं। इन फ्लाईओवर्स के निर्माण से रेलवे स्टेशन से एयरपोर्ट तक यातायात सुगम हो जाएगा।


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