Media24Media.com: #अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय

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अनुशासन, नवाचार और अपनी संस्कृति से जुड़ाव - यही है सफल भविष्य की कुंजी: मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के छठवें दीक्षांत समारोह का आयोजन पूर्व राष्ट्रपति  रामनाथ कोविंद के मुख्य आतिथ्य में गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल  रमेन डेका ने की। अति विशिष्ट अतिथि के तौर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, विशिष्ट अतिथि उपमुख्यमंत्री  अरुण साव तथा उच्च शिक्षा मंत्री  टंकराम वर्मा शामिल हुए। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य डॉ. दिवाकर नाथ वाजपेयी उपस्थित रहे। समारोह में 64 शोद्यार्थियों को शोध उपाधि, 92 गोल्ड मेडल एवं 36950 स्नातक एवं स्नातकोत्तर उपाधि दी गई। 


 

 
विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि पूर्व राष्ट्रपति  रामनाथ कोविंद ने स्नातक छात्रों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने युवा पीढ़ी की ऊर्जा और आत्मविश्वास की सराहना करते हुए कहा कि भारत आज दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में अग्रणी है और वर्तमान युवा इसका ऐतिहासिक साक्षी और भागीदार हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय से स्नातक होना शिक्षा की पूर्णता नहीं है, बल्कि इक्कीसवीं सदी में सफलता के लिए निरंतर सीखना, कौशल निखारना और आत्मविकास अनिवार्य है।

 
पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि देश के विश्वविद्यालयों में बेटियाँ शिक्षा के क्षेत्र में कई बार बेटों से आगे निकल रही हैं और इस विश्वविद्यालय के स्वर्ण पदक विजेताओं में भी बेटियों की संख्या उल्लेखनीय है। उन्होंने विद्यार्थियों, विशेषकर पदक विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि केवल उनकी मेहनत का परिणाम नहीं है, बल्कि इसके पीछे माता-पिता का त्याग, परिवार का सहयोग और गुरुओं का अमूल्य मार्गदर्शन भी निहित है। यह हर विद्यार्थी के लिए एक सुनहरा यादगार पल है, जिसे वे जीवनभर याद रखेंगे। उन्होंने कहा कि-“कभी यह मत सोचिए कि आप पीछे रह गए हैं। यदि आप प्रयास करना नहीं छोड़ते, तो आप हमेशा पहले स्थान पर हो सकते हैं।” उन्होंने छात्रों से अपने सपनों को साकार करने के लिए परिश्रम करने, भारतीय संस्कृति, मूल्यों और जड़ों से जुड़े रहने और योग व विज्ञान जैसी भारतीय विरासत को अपनाने का आह्वान किया। 

 
राज्यपाल  रमेन डेका ने कहा कि जीवन में अनेक चुनौतियाँ आती हैं, जिनमें कभी-कभी हम गिरते भी हैं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण यह है कि हर बार स्वयं को संभालकर फिर से खड़ा होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में गिरावट से भयभीत न हों और हमेशा उठने का साहस रखें। राज्यपाल ने अनुशासन को जीवन में सफलता की मजबूत नींव बताते हुए कहा कि जीवन एक सुंदर यात्रा है, और इसे उद्देश्यपूर्ण, सकारात्मक और सार्थक ढंग से जीना प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर ध्यान आकर्षित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि आज तनाव एक बड़ी चुनौती बन चुका है। इसलिए योग, ध्यान और नियमित शारीरिक गतिविधि को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से यह भी आग्रह किया कि वे जीवन में ऐसा कार्य चुनें जिसमें तनाव कम हो, पारदर्शिता हो और जिससे स्वयं, समाज और राष्ट्र का सकारात्मक परिवर्तन संभव हो। 
 
मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि  सफलता केवल डिग्री से नहीं, बल्कि सीखने की निरंतर इच्छा से तय होती है। दुनिया तेजी से बदल रही है, और जो युवा अपनी संस्कृति की जड़ों से जुड़े रहते हुए तकनीक, नवाचार और मेहनत का मार्ग चुनते हैं, वहीं कल का भारत गढ़ेंगे। जीवन में अवसर हमेशा बाहर नहीं मिलते, कई बार हमें स्वयं अवसर बनाना होता है। अनुशासन, लगन और सकारात्मक दृष्टि ही वह शक्ति है, जो हर साधारण क्षण को असाधारण उपलब्धि में बदल देती है। उन्होंने कहा कि मैं विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि यह पीढ़ी छत्तीसगढ़ को और पूरे देश को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी।
 
मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि यह समारोह केवल औपचारिक आयोजन नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के सपनों, संकल्पों और संघर्षों का उत्सव है। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप बहुविषयक अध्ययन, कौशल आधारित शिक्षण, चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम, अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट और आधुनिक पाठ्यचर्या जैसी व्यवस्थाओं को लागू करने की सराहना की, जिससे छात्र वैश्विक अवसरों का लाभ उठा सकें। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि विवि में डिजिटलईजेशन के माध्यम से विश्वविद्यालय द्वारा प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा फॉर्म, ट्रांसक्रिप्ट और डिग्री प्रमाणपत्र जैसी सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया है। इस नई प्रणाली से छात्रों को सरल, पारदर्शी और त्वरित सेवाएँ मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि पीएम उषा कार्यक्रम के तहत वित्तीय सहायता नए प्रयोगशालाओं, स्मार्ट कक्षाओं, डिजिटल लाइब्रेरी और आधुनिक अकादमिक अवसंरचना के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी इससे विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और नवाचार को सुनिश्चित कर सकेगा। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालयों को राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कृषि विज्ञान, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक संरचना, भाषा-साहित्य और तकनीकी नवाचार जैसे क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शोध को प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को ज्ञान, अनुशासन और प्रेरणा का एक उत्सव प्रदान किया और अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय की उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और नवाचार की प्रतिबद्धता को उजागर किया।
 
उपमुख्यमंत्री  अरुण साव ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी के मार्गदर्शन में बने इस राज्य ने शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि दीक्षांत समारोह छात्रों के परिश्रम, संघर्ष और लगन का सम्मान है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है तथा 20 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिससे शैक्षणिक अधोसंरचना और अधिक मजबूत होगी। अतिथियों ने विश्वविद्यालय की त्रैमासिक पत्रिका कन्हार का भी विमोचन किया। कार्यक्रम में स्वागत भाषण विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य डॉ. अरूण दिवाकर नाथ वाजपेयी ने दिया। 
 
कार्यक्रम में विधायक सर्वश्री  अमर अग्रवाल, धर्मजीत सिंह, धरमलाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, अटल श्रीवास्तव, दिलीप लहरिया, क्रेडा के अध्यक्ष  भूपेन्द्र सवन्नी, महापौर पूजा विधानी, कुलसचिव डॉ. तारणीश गौतम सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद थे।
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