Media24Media.com: # Shardiya Navratri 2025

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नवरात्रि के पहले दिन शैलपुत्री माता की करें पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग, आरती और व्रत कथा

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 Shardiya Navratri 2025 : शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ आज सोमवार से हो चुका है। पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप माता शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि नवरात्रि के प्रथम दिन कलश स्थापना के बाद शैलपुत्री माता की विधि-विधान से पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन से दुखों का नाश होता है। पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने के कारण पार्वती जी को शैलपुत्री कहा जाता है।


मां शैलपुत्री का स्वरूप

माता शैलपुत्री का स्वरूप अत्यंत शांत, सरल और करुणामयी है। उनके दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल का पुष्प रहता है। उनकी सवारी वृषभ है, इसलिए उन्हें वृषभारूढ़ा भी कहा जाता है। साधना करने वालों के मूलाधार चक्र को जागृत करने वाली देवी शैलपुत्री भक्तों को स्थिरता, सुरक्षा और मानसिक शांति प्रदान करती हैं।

पूजा विधि

  • ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें।
  • चौकी पर गंगाजल छिड़ककर मां शैलपुत्री की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
  • विधिवत कलश स्थापना करें।
  • मां शैलपुत्री के ध्यान मंत्र का जाप करें और व्रत का संकल्प लें।
  • षोडशोपचार विधि से पूजन करें।
  • माता को सफेद, पीले या लाल फूल चढ़ाएं, कुमकुम का तिलक करें और धूप-दीप प्रज्वलित करें।
  • पांच देसी घी के दीपक जलाकर आरती करें।
  • पूजा के बाद कथा, दुर्गा स्तुति, दुर्गा चालीसा या सप्तशती का पाठ करें।
  • परिवार सहित ‘जय माता दी’ के जयकारे लगाएं।

मंत्र

“ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः”

वंदे वाञ्छितलाभाय चंद्रार्धकृतशेखराम्।
वृषारूढ़ां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥

या देवी सर्वभूतेषु मां शैलपुत्री रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

भोग

मां शैलपुत्री को सफेद रंग के व्यंजन प्रिय हैं।

  • खीर
  • खाजा
  • सफेद लड्डू
  • दूध-दही से बने व्यंजन

इनका भोग लगाने से घर में सुख-शांति आती है और माता की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की श्रद्धापूर्वक पूजा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सभी संकटों से मुक्ति मिलती है।

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