Media24Media.com: # हाथी दांत

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label # हाथी दांत. Show all posts
Showing posts with label # हाथी दांत. Show all posts

हाथी दांत तस्करी का पर्दाफाश: उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में 3 आरोपी गिरफ्तार

No comments Document Thumbnail

 गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व की एंटी-पोचिंग टीम ने हाथी दांत की तस्करी का पर्दाफाश किया है। टीम ने जंगली हाथी का दांत बेचने की फिराक में घूम रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान एक बेशकीमती हाथी दांत सहित शिकार में उपयोग होने वाले आधुनिक और पारंपरिक उपकरणों का बड़ा जखीरा बरामद किया गया।


वन विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई गोपनीय सूचना के आधार पर की गई। सूचना मिली थी कि कुल्हाड़ीघाट निवासी पदमन के पास जंगली हाथी का दांत छिपाकर रखा गया है। सहायक संचालक जगदीश प्रसाद दरों के निर्देशन में वनक्षेत्रपाल दिनेश चौधरी के नेतृत्व में टीम गठित कर आरोपी के घर और बाड़ी की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान टीम उस समय हैरान रह गई जब पता चला कि आरोपी ने पिछले चार वर्षों से हाथी के दांत को अपने घर की दीवार में छिपाकर रखा हुआ था।

आदतन शिकारी भी गिरफ्त में
गिरफ्तार आरोपियों में पुसऊराम (ग्राम सिहार) का नाम भी शामिल है, जिसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया है। वह इसी वर्ष दडईपानी क्षेत्र में हुए सांबर शिकार मामले में मुख्य आरोपी रहा है और फिलहाल जमानत पर बाहर था। जमानत के दौरान फिर से वन्यजीव अपराध में संलिप्त पाए जाने पर विभाग ने इसे गंभीरता से लिया है।

जब्त हुआ शिकार का सामान
कार्रवाई के दौरान टीम ने आरोपियों के पास से एक ठोस हाथी दांत, 2 धनुष, 12 तीर, चिड़िया मारने का विशेष धनुष, जंगली सुअर का दांत व बालों का गुच्छा, 2 गुलेल और घुरू जैसे उपकरण जब्त किए हैं। ये सभी सामग्री शिकार गतिविधियों में उपयोग की जाती है।

हाथी-मानव द्वंद्व से जुड़ी कड़ी की जांच
पूछताछ में आरोपी सुखचंद (ग्राम कठवा) ने खुलासा किया कि उसने यह हाथी दांत वर्ष 2021 में सिहार निवासी गंगाराम से लिया था। उल्लेखनीय है कि गंगाराम की मौत सितंबर 2022 में हाथी-मानव द्वंद्व के दौरान हो गई थी। आरोपियों के अनुसार, गंगाराम को यह दांत खेत में पड़ा मिला था, हालांकि वन विभाग इस दावे को संदिग्ध मान रहा है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए हाथी दांत का सैंपल डीएनए जांच के लिए भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून भेजा जा रहा है, ताकि संबंधित हाथी की पहचान और उसकी मौत के कारणों का पता लगाया जा सके।

वन विभाग ने तीनों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.