Media24Media.com: # स्वच्छ भारत मिशन

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label # स्वच्छ भारत मिशन. Show all posts
Showing posts with label # स्वच्छ भारत मिशन. Show all posts

एक दिन, एक घंटा, एक साथ : 25 सितम्बर 2025 को राष्ट्रव्यापी स्वैच्छिक श्रमदान

No comments Document Thumbnail

देशभर में उत्साह के साथ ‘स्वच्छता ही सेवा (SHS) 2025’ का 9वां संस्करण आरंभ होने जा रहा है। यह 15 दिवसीय अभियान 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) तक चलेगा। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत आयोजित इस अभियान में करोड़ों लोग उच्च प्रभाव वाले स्वच्छता अभियानों में सामूहिक भागीदारी करेंगे। इसे आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) तथा जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (DDWS) द्वारा संयुक्त रूप से शुरू किया गया है। इस अभियान का मुख्य फोकस होगा क्लीनलिनेस टारगेट यूनिट्स (CTUs) — अर्थात गंदे, अंधेरे और उपेक्षित स्थानों की साफ-सफाई।

कर्टन रेज़र इवेंट में आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने बताया कि SHS 2025 में भी CTUs पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। 2024 में 8 लाख से अधिक CTUs को परिवर्तित कर सार्वजनिक उपयोग के लिए तैयार किया गया था। उन्होंने कहा कि शहरों में अंधेरे कोनों, उपेक्षित व कठिन-से-पहुंच स्थानों, कूड़े के ढेर, रेलवे स्टेशन, नदियों, डंपिंग ग्राउंड, पिछली गलियों और गंदे स्थलों की पहचान कर तेज़ी से साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण किया जाएगा।

मनोहर लाल ने घोषणा की कि दिल्ली के भलस्वा डंपसाइट को रूपांतरण और सौंदर्यीकरण के लिए अपनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि 17 सितम्बर 2025 को वे अधिकारियों के साथ इस स्थल का दौरा करेंगे और कचरा प्रबंधन प्रक्रिया की समीक्षा करेंगे। इसके लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) से अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया गया है।

केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में SHS 2025 ‘स्वच्छोत्सव’ थीम के तहत जिम्मेदारी और उत्सव का संगम है। इसके तीन प्रमुख स्तंभ हैं — CTU रूपांतरण, सफाईमित्र सुरक्षा, और ODF प्लस एवं स्वच्छ सुजल गांव की ओर प्रयास। उन्होंने नागरिकों से 25 सितम्बर को आयोजित ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ श्रमदान में भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने सूरत और नवसारी के सफाईमित्रों के लिए 8–10 करोड़ रुपये के सफाईमित्र सुरक्षा कोष की भी घोषणा की, जिसमें उनके परिवारों को शैक्षिक सहायता और ब्याजमुक्त ऋण प्रदान किए जाएंगे।

स्वच्छोत्सव 2025 पाँच प्रमुख स्तंभों पर आधारित है:

  1. CTUs का रूपांतरण – कठिन, अंधेरे और उपेक्षित स्थलों का उन्मूलन

  2. सार्वजनिक स्थानों की सफाई – सार्वजनिक जगहों पर स्वच्छता अभियान

  3. सफाईमित्र सुरक्षा शिविर – स्वास्थ्य जांच एवं कल्याण शिविर

  4. स्वच्छ हरित पर्व – पर्यावरण अनुकूल और शून्य-कचरा उत्सव

  5. स्वच्छता जनजागरण – ग्राम सभाओं के माध्यम से ODF प्लस मॉडल और स्वच्छ सुजल गांव की घोषणा

SHS 2025 के तहत, 25 सितम्बर को पूरे देश में नागरिकों, युवाओं, एनजीओ, सामुदायिक संगठनों और प्रभावशाली व्यक्तियों की भागीदारी से श्रमदान और प्लॉगिंग ड्राइव आयोजित की जाएगी। शिविरों के दौरान स्थानीय सफाईमित्रों का सम्मान भी किया जाएगा।

अभियान की तैयारियों के लिए 3 सितम्बर 2025 को MoHUA और DDWS के मंत्रियों की बैठक हुई। इसके बाद 9 सितम्बर को राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की बैठक, 10 सितम्बर को कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में सचिव समिति की बैठक और 12 सितम्बर को राज्य, ज़िला और स्थानीय स्तर की समन्वय समितियों की पहली बैठक आयोजित की गई। इसके अलावा, DDWS सचिव की अध्यक्षता में सभी केंद्रीय मंत्रालयों के नोडल अधिकारियों और फील्ड यूनिट्स के साथ बैठक भी की गई।

स्वच्छता के संग सशक्तिकरण : दीदियां संभाल रही गांव-शहर में स्वच्छता की जिम्मेदारी

No comments Document Thumbnail

रायपुर। स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के साथ ही बाजार परिसर, समुदायिक स्थलों, चौक-चौराहों की साफ-सफाई कार्य जारी है। इसी कड़ी में स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखण्ड रामचन्द्रपुर के ताम्बेश्वरनगर के बाजार परिसर में सफाई करते हुए कचरा संग्रहण किया गया।

ग्रामीण एवं नगरीय निकाय में डोर-टू-डोर सूखा एवं गीला कचरा घरों से एकत्रित किया जा रहा है, ताकि कचरे का निपटारा योजनाबद्ध तरीके से किया जा सके। समूहों की महिलाएं डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के साथ अपशिष्ट प्रबंधन के कार्यों को क्रियान्वयन कर रही हैं। साथ ही दीदियों के द्वारा जन-जागरूकता बढ़ाने के लिये आम नागरिकों को स्वच्छ भारत मिशन के महत्वों को बताते हुए गीले एवं सूखे कचरे को अलग करने के बारे में जानकारी देते हुए अपने आस-पास के क्षेत्र में सफाई रखने का आग्रह किया गया।

स्वच्छाग्राही दीदियां बताती है कि पहले लोग कचरा लेने पर गंभीरता से नहीं लेते थे। लेकिन अब जागरूकता बढ़ी है। लोगों को समझ है कि गिला और सूखा कचरा अलग करने में सफाई में आसानी होती है। साथ ही बिमारियों से बचाव भी होता है। वे बताती हैं कि हम महिलाएं पहले सिर्फ अपने घरों का ही काम करती थी। लेकिन अब गांव, शहर का साफ-सफाई का जिम्मा भी हमें मिला है। इससे हमें आय भी मिलती है।

शासन-प्रशासन का प्रयास है कि प्रधानमंत्री के मंशानुरूप स्वच्छता के क्षेत्र में जिला, राज्य, देश मिसाल बने। इसके लिए हर नागरिक को स्वच्छता के क्षेत्र में सहयोग करते हुए सक्रिय भागीदारी निभानी होगी।


Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.