Media24Media.com: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने FCNR(B), ECB और OFCB योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने FCNR(B), ECB और OFCB योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की

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केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज नई दिल्ली में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) और सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों (PFIs) के प्रबंध निदेशकों (MDs) एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEOs) के साथ विदेशी मुद्रा गैर-निवासी (बैंक) [FCNR(B)] जमा, एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग्स (ECBs) तथा ओवरसीज फॉरेन करेंसी बॉरोइंग्स (OFCBs) से संबंधित भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की स्वैप योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।

बैठक में वित्तीय सेवा विभाग, आर्थिक कार्य विभाग और राजस्व विभाग के सचिव, मुख्य आर्थिक सलाहकार, भारतीय रिज़र्व बैंक के उप-गवर्नर तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों के प्रमुखों ने वित्त मंत्री को बताया कि RBI की स्वैप योजनाओं के तहत FCNR(B), ECB और OFCB को भारतीय प्रवासी समुदाय (NRI) से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है। बैंकों ने बताया कि ताज़ा FCNR(B) जमाओं पर ब्याज दर की सीमा हटाए जाने के बाद वे आकर्षक रिटर्न दे रहे हैं, जिससे विशेषकर पाँच वर्ष की जमा योजनाओं में रुचि बढ़ी है।

बैंक प्रमुखों ने बताया कि सिंगापुर, हांगकांग, पश्चिम एशिया, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका तथा अन्य देशों में रहने वाले भारतीयों ने इन योजनाओं में विशेष रुचि दिखाई है। उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2026) में ECB के माध्यम से पूंजी जुटाने में और तेजी आएगी।

बैंकों ने बताया कि उन्होंने NRI समुदाय तक पहुँच बढ़ाने के लिए डिजिटल माध्यमों सहित विशेष संपर्क अभियान शुरू किए हैं, जिससे FCNR(B) जमा में लगातार वृद्धि देखी जा रही है।

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि गुजरात के GIFT सिटी स्थित अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (IFSC) की इंटरनेशनल बैंकिंग यूनिट्स (IBUs) का उपयोग यूनाइटेड किंगडम, अमेरिका, पश्चिम एशिया, हांगकांग, सिंगापुर और दक्षिण-पूर्व एशिया सहित विभिन्न क्षेत्रों से विदेशी मुद्रा जुटाने के लिए किया जा रहा है। वित्त मंत्री ने बैंकों से GIFT सिटी में उपलब्ध वित्तीय सेवाओं और संस्थागत ढांचे का अधिकतम उपयोग करने का आग्रह किया।

RBI के उप-गवर्नर ने आश्वस्त किया कि केंद्रीय बैंक जमा जुटाने और पात्र विदेशी उधार को सुगम बनाने के लिए बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों को पूरा सहयोग दे रहा है। उन्होंने कहा कि RBI की दैनिक रिपोर्टिंग व्यवस्था के माध्यम से योजनाओं की प्रगति की पारदर्शी और वास्तविक समय में निगरानी की जा रही है।

वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने योजनाओं को मिली शुरुआती सकारात्मक प्रतिक्रिया की सराहना करते हुए बैंकों से NRI समुदाय के बीच संपर्क अभियान और तेज करने, नए जमा उत्पाद विकसित करने तथा शेष अवधि में विदेशी मुद्रा जुटाने की गति बनाए रखने का आह्वान किया।

गौरतलब है कि RBI ने 5 जून 2026 की मौद्रिक नीति घोषणा में इन स्वैप योजनाओं की शुरुआत की थी। इनके तहत नई FCNR(B) जमाओं के लिए अमेरिकी डॉलर-रुपया फॉरेक्स स्वैप सुविधा तथा पात्र ECB और OFCB के लिए रियायती स्वैप सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इन योजनाओं का उद्देश्य विदेशी पूंजी आकर्षित करना, भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करना और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच बाह्य क्षेत्र की मजबूती बढ़ाना है।

FCNR(B) जमा योजना 30 सितंबर 2026 तक, जबकि ECB और OFCB योजनाएँ 31 दिसंबर 2026 तक लागू रहेंगी।

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